वाराणसी में मंगलवार को कचहरी परिसर में पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) के खिलाफ हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर मार्च किया और "त्राहिमाम, माफिया से धर्म बचाओ" जैसे नारे लगाए। विरोध करने वालों का आरोप है कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जनभावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें भी रखीं। गौरतलब है कि वाराणसी के प्रसिद्ध रथयात्रा मेले और अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी (अध्यक्ष) पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) ही हैं। इसी को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न संगठनों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। बृजेश सिंह की बाहुबली छवि को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं होती रही हैं, और अब श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट तथा रथयात्रा मेले के प्रबंधन को लेकर उनके खिलाफ विरोध के स्वर और तेज होते दिख रहे हैं। इसी बीच, वाराणसी के अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी भी नए ट्रस्ट और ट्रस्टियों से नाराज होकर शिकायत लेकर जिला मुख्यालय पहुँचे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वाराणसी में मंगलवार को कचहरी परिसर में पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) के खिलाफ हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर मार्च किया और "त्राहिमाम, माफिया से धर्म बचाओ" जैसे नारे लगाए। विरोध करने वालों का आरोप है कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जनभावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें भी रखीं। गौरतलब है कि वाराणसी के प्रसिद्ध रथयात्रा मेले और अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी (अध्यक्ष) पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) ही हैं। इसी को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न संगठनों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। बृजेश सिंह की बाहुबली छवि को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं होती रही हैं, और अब श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट तथा रथयात्रा मेले के प्रबंधन को लेकर उनके खिलाफ विरोध के स्वर और तेज होते दिख रहे हैं। इसी बीच, वाराणसी के अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी भी नए ट्रस्ट और ट्रस्टियों से नाराज होकर शिकायत लेकर जिला मुख्यालय पहुँचे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- सरकार ने सोलर सिस्टम स्थापित करने के संबंध में एक नया नियम लागू किया है।1
- वाराणसी में मंगलवार को कचहरी परिसर में पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) के खिलाफ हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर मार्च किया और "त्राहिमाम, माफिया से धर्म बचाओ" जैसे नारे लगाए। विरोध करने वालों का आरोप है कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जनभावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी माँगें भी रखीं। गौरतलब है कि वाराणसी के प्रसिद्ध रथयात्रा मेले और अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी (अध्यक्ष) पूर्व एमएलसी बृजेश कुमार सिंह (अरुण) ही हैं। इसी को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न संगठनों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। बृजेश सिंह की बाहुबली छवि को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं होती रही हैं, और अब श्री जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट तथा रथयात्रा मेले के प्रबंधन को लेकर उनके खिलाफ विरोध के स्वर और तेज होते दिख रहे हैं। इसी बीच, वाराणसी के अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी भी नए ट्रस्ट और ट्रस्टियों से नाराज होकर शिकायत लेकर जिला मुख्यालय पहुँचे हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- वाराणसी के चौबेपुर रेप केस में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में आरोपित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्हें जमीनी विवाद के चलते झूठा फंसाया जा रहा है। आरोपित पक्ष ने अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में यूपी 112 आपातकालीन सेवा में तैनात एक सिपाही का युवती के साथ बदसलूकी, अभद्रता और गाली-गलौज करने का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वायरल ऑडियो में सिपाही कथित तौर पर देर रात युवती पर उसकी मां से बात कराने का दबाव बना रहा था, और इसी दौरान उसने युवती से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। मामले की गंभीरता और पुलिस महकमे की छवि पर उठे सवालों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने इस पर कड़ा एक्शन लिया है। एसपी ने आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच के भी कड़े आदेश जारी किए गए हैं।1
- बनारस तहसील के लेखपालों पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उन पर बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोग इस मामले में लेखपालों की संपत्ति की जांच की आवश्यकता पर ज़ोर दे रहे हैं और यह जानने की मांग कर रहे हैं कि उनकी इस कथित अवैध संपत्ति की जांच आखिर कब शुरू होगी।1
- क्राइम ब्रांच कमिश्नरेट वाराणसी की एस०ओ०जी० टीम द्वारा आँनलाइन साइट / टेलीग्राम झूठा प्रलोभन देकर आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने वाले संगठित गिरोह के तकनीकी रुप से शातिर 13 नफर अभियुक्तो को गिरफ्तार किया, क्राइम ब्रांच कमिश्नरेट वाराणसी की एस०ओ०जी० टीम द्वारा आँनलाइन साइट / टेलीग्राम झूठा प्रलोभन देकर आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने वाले संगठित गिरोह के तकनीकी रुप से शातिर 13 नफर अभियुक्तो को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 17 अदद टच स्क्रीन मोबाइल व 10 अदद लैपटाप व 01 अदद क्रिप्टो करेन्सी डिजीटल बॉलेट/लेजर बरामद किया गया श्रीमान् पुलिस आयुक्त महोदय कमिश्नेरट वाराणसी एवं अपर पुलिस आयुक्त, अपराध महोदय द्वारा अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के क्रम में श्रीमान पुलिस उपायुक्त अपराध महोदय व श्रीमान अपर पुलिस उपायुक्त, अपराध कमि० वाराणसी महोदय के पर्यवेक्षण मे अपराधियों के विरुद्ध "जीरो टालरेन्स" की नीति अपनाते हुए कठोर दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने तथा अभियोगो में वांछित अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु एस०ओ०जी टीम द्वारा आपरेशन चक्रव्यूह के तहत चेकिंग में ऑनलाइन साइट / टेलीग्राम ग्रुप व प्रसिद्ध यूट्यूबर व सोशल मीडिया इन्फ्लुएन्सर की फर्जी वीडियो द्वारा विज्ञापन बनाकर व उन्हे फर्जी सोशल मीडिया साइट्स से प्रचार प्रसार कर भोली भालि जनता को झूठा प्रलोभन देकर आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने वाले संगठित गिरोह के तकनीकी रूप से शातिर 13 नफर अभियुक्तो को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से 17 अदद टच स्क्रीन मोबाइल व 10 अदद लैपटाप व 01 अदद क्रिप्टो करेन्सी डिजीटल बाँलेट लेजर बरामद किया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता - 01. रितेश दिवाकर शुक्ला पुत्र दिवाकर शुक्ला निवासी स्थायी पता F602 हारमनी बिल्डिंग, अपोजिट डी मार्ट, यशवन्त विहार टाउनसिप नालासुपारा ईस्ट पालघर, थाना अचोले महाराष्ट्र, हाल पता- मकान नं0 201 सिद्धी हाइट्स थाना कैण्ट, वाराणसी एवं ग्राम दिवालवरपुर थाना कपसेठी वाराणसी 02. रवि यादव पुत्र सूर्यबली यादव निवासी मकान नं0 401 F बिंग तुलसी टावर, यशवन्त विवा टाउनसिप नालासुपारा ईस्ट पालघर, थाना अचोले महाराष्ट्र, स्थायी पता- ग्राम करमा थाना चोलापुर वाराणसी, 03. अर्पित तिवारी पुत्र शिवाकान्त तिवारी निवासी स्थायी पता ग्राम खेड़ी दौडापुर थाना दौडापुर जनपद सुल्तानपुर, हाल पता- रुम नम्बर 14 चन्द्रेश्वर महादेव चौल, बल्लईपाडा रोड. नालासुपारा ईस्ट थाना अचोले महाराष्ट्र, 04. अमन सिंह पुत्र नागेन्द्र सिंह निवासी स्थायी पता ग्राम खडखडा डंगरा डीह सिंधौरा बाजार, थाना फुलपुर वाराणसी, हाल पता 103 लक्ष्मीछाया अपार्टमेन्ट गालानगर, सिडरीनगर नालासुपारा ईस्ट, थाना अचोले जनपद पालाधर महाराष्ट्र 05. विकास पटेल पुत्र नक्षत्रधारी पटेल निवासी ग्राम जमालापुर थाना जमालापुर जौनपुर, हाल पता- कमरा नं0 403 जीवदानी छाया अपार्टमेन्ट बल्लईपाडा रोड. संतोष भवन नालासुपारा ईस्ट थाना पेल्हार जनपद पालघर महाराष्ट्र 06. जियाउलहक पुत्र जैनुलआब्दीन शेख निवासी स्थायी पता बाजूबीघा, थाना गुरारु, जिला गया बिहार, हालपता - डी 101 साईलीला अपार्टमेन्ट अल्कापुरी रोड, नालासुपारा ईस्ट थाना अचोले रोड, जिला पालघर राज्य महाराष्ट्र 07. सचिन सिंह उर्फ शैलेन्द्र पुत्र मदन सिंह निवासी 4 सचिवालय बिहार विस्तार मानसरोवर जयपुर, 08. गौरव चौहान पुत्र गंगाचरन सिंह निवासी 9A सचिवालय बिहार विस्तार मानसरोवर थाना मुहाना जनपद जयपुर राज्य राजस्थान 09. देवेश चौहान पुत्र गंगाचरन सिंह निवासी 9A सचिवालय बिहार विस्तार मानसरोवर थाना मुहाना जनपद जयपुर राज्य राजस्थान, 10. अनिकेत कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी गेट नं0 50 जयराम नगर थाना राधानगर जनपद फतेहपुर 11. अमित तिवारी पुत्र वरिन्द्र कुमार तिवारी निवासी ग्राम पुरा रामसहाय बिलबार थाना सुजानगंज जनपद जौनपुर, हाल पता महावीर चाल अप्पापाडा मलाड ईस्ट, 12. सौरभ चौहान पुत्र महाराज सिंह निवासी ग्राम रमिकावर थाना बड़पुरा जिला इटावा, 13. राहुल मौर्या योगेन्द्र पुत्र यौगेन्द्र मौर्या निवासी ग्राम हलिया बुलबुल थाना कोतवाली जिला बहराइच हाल पता बसईफाटा बसई ईस्ट नियर प्रेमा हिक्यूजन जिला पालघर महाराष्ट्र1
- सोलर की अर्थिंग में केमिकल भरने की एक विशिष्ट प्रक्रिया होती है, जिसकी शुरुआत 4 इंच के ड्रिल से की जाती है। यह ड्रिल अर्थिंग रॉड की लंबाई के बराबर, यानी जितने फिट की अर्थिंग है, उतना गहरा किया जाता है। ड्रिल पूरा हो जाने के बाद, अर्थिंग रॉड को उसमें डाला जाता है और फिर पूरे छेद को अर्थिंग के विशेष केमिकल या सामग्री से भर दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अर्थिंग की कंडक्टिविटी लंबे समय तक उच्च गुणवत्ता वाली बनी रहे।1
- चंदौली जिले के चहनिया विकास खंड के नादी गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, जहाँ गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नियुक्त सफाईकर्मी लंबे समय से गांव में दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण और छोटे बच्चे स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी केवल कागजों में उपस्थिति दर्ज कराकर वेतन उठा रहे हैं, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं दिख रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी कभी-कभार आते भी हैं तो केवल ग्राम प्रधान या प्रभावशाली लोगों के आसपास ही नजर आते हैं, बाकी पूरे गांव की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। ग्रामीणों ने चहनिया ब्लॉक प्रशासन, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत), जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) और जनपद के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, पूछ रहे हैं कि जब महीनों से सफाई नहीं हो रही तो ये अधिकारी क्या कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नादी गांव की स्थिति दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं केवल फाइलों और फोटो सेशन तक सीमित रह गई हैं, और प्रभावी निरीक्षण तथा जवाबदेही की कमी के कारण यह दुर्दशा हुई है। आरोप है कि चहनिया ब्लॉक के कई गांवों में यही हाल है, जहाँ सफाईकर्मी काम नहीं कर रहे लेकिन उनके वेतन पर कोई रोक नहीं। यह स्थिति निगरानी व्यवस्था की पूर्ण विफलता को दर्शाती है। बरसात का मौसम निकट होने से गंदगी और जाम नालियों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिसे अगर जल्द ठीक नहीं किया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने 'नो वर्क नो पे' नीति लागू करने की मांग की है, उनका कहना है कि काम न करने वाले कर्मचारियों को जनता के पैसे से वेतन देना अनुचित है। उन्होंने जिलाधिकारी चंदौली से नादी गांव सहित चहनिया ब्लॉक के सभी गांवों की सफाई व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच, लापरवाह सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि केवल कागजी रिपोर्ट और बैठकों से गांव साफ नहीं होंगे, बल्कि जमीनी स्तर पर ईमानदारी से कार्य करने की आवश्यकता है। नादी गांव की यह गंभीर तस्वीर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और स्वच्छ भारत मिशन के दावों की पोल खोलती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों को गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।1