NH-30 पर मौत का खतरा! ठेकेदार की लापरवाही या प्रशासन की अनदेखी? बरेला टोल नाके के पास NH-30 पर एक बार फिर लापरवाही का बड़ा खेल सामने आया है। सड़क किनारे लगी ग्रिल और मिट्टी को अलग करने के काम में महिलाओं को लगाया गया है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क किनारे महिलाएं काम कर रही हैं और मौके पर न पर्याप्त बैरिकेडिंग दिखाई दे रही है, न सुरक्षा घेरा और न ही कोई पुख्ता सेफ्टी इंतजाम। यानी सड़क पर दौड़ती गाड़ियों और मजदूरों के बीच महज चंद फीट का फासला—ऐसे में अगर कोई वाहन अनियंत्रित हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? सबसे शर्मनाक बात ये है कि प्रशासन और ठेकेदार को पहले हुए खौफनाक हादसे से भी कोई सबक नहीं मिला! 18 जनवरी को जबलपुर-मंडला रोड पर सिग्मा सिटी के पास सड़क किनारे ग्रिल पेंटिंग का काम करने के बाद मजदूर खाना खा रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया था। इस दर्दनाक हादसे में करीब पांच महिलाओं की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद अगर आज भी उसी तरह मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ जारी है, तो सवाल बेहद गंभीर है—क्या प्रशासन किसी और मौत का इंतजार कर रहा है? क्या ठेकेदार के लिए मजदूरों की जान से ज्यादा जरूरी काम पूरा करना है? आखिर NH-30 पर सुरक्षा नियम कब लागू होंगे?
NH-30 पर मौत का खतरा! ठेकेदार की लापरवाही या प्रशासन की अनदेखी? बरेला टोल नाके के पास NH-30 पर एक बार फिर लापरवाही का बड़ा खेल सामने आया है। सड़क किनारे लगी ग्रिल और मिट्टी को अलग करने के काम में महिलाओं को लगाया गया है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क किनारे महिलाएं काम कर रही हैं और मौके पर न पर्याप्त बैरिकेडिंग दिखाई दे रही है, न सुरक्षा घेरा और न ही कोई पुख्ता सेफ्टी इंतजाम। यानी सड़क पर दौड़ती गाड़ियों और मजदूरों के बीच महज चंद फीट का फासला—ऐसे में अगर कोई वाहन अनियंत्रित हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? सबसे शर्मनाक बात ये है कि प्रशासन
और ठेकेदार को पहले हुए खौफनाक हादसे से भी कोई सबक नहीं मिला! 18 जनवरी को जबलपुर-मंडला रोड पर सिग्मा सिटी के पास सड़क किनारे ग्रिल पेंटिंग का काम करने के बाद मजदूर खाना खा रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया था। इस दर्दनाक हादसे में करीब पांच महिलाओं की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद अगर आज भी उसी तरह मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ जारी है, तो सवाल बेहद गंभीर है—क्या प्रशासन किसी और मौत का इंतजार कर रहा है? क्या ठेकेदार के लिए मजदूरों की जान से ज्यादा जरूरी काम पूरा करना है? आखिर NH-30 पर सुरक्षा नियम कब लागू होंगे?
- NH-30 पर मौत का खतरा! ठेकेदार की लापरवाही या प्रशासन की अनदेखी? बरेला टोल नाके के पास NH-30 पर एक बार फिर लापरवाही का बड़ा खेल सामने आया है। सड़क किनारे लगी ग्रिल और मिट्टी को अलग करने के काम में महिलाओं को लगाया गया है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क किनारे महिलाएं काम कर रही हैं और मौके पर न पर्याप्त बैरिकेडिंग दिखाई दे रही है, न सुरक्षा घेरा और न ही कोई पुख्ता सेफ्टी इंतजाम। यानी सड़क पर दौड़ती गाड़ियों और मजदूरों के बीच महज चंद फीट का फासला—ऐसे में अगर कोई वाहन अनियंत्रित हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? सबसे शर्मनाक बात ये है कि प्रशासन और ठेकेदार को पहले हुए खौफनाक हादसे से भी कोई सबक नहीं मिला! 18 जनवरी को जबलपुर-मंडला रोड पर सिग्मा सिटी के पास सड़क किनारे ग्रिल पेंटिंग का काम करने के बाद मजदूर खाना खा रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया था। इस दर्दनाक हादसे में करीब पांच महिलाओं की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद अगर आज भी उसी तरह मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ जारी है, तो सवाल बेहद गंभीर है—क्या प्रशासन किसी और मौत का इंतजार कर रहा है? क्या ठेकेदार के लिए मजदूरों की जान से ज्यादा जरूरी काम पूरा करना है? आखिर NH-30 पर सुरक्षा नियम कब लागू होंगे?2
- ग्राम पंचायत इमलिया टिकारी में पहली बार आया निशुल्क चिकित्सा वाहन के कारण जो लोग पीड़ित अवस्था में घर पर थे जो अस्पताल नहीं जा सकते थे उनका निशुल्क इलाज कराया गया3
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- दमोह में गूंजी शिक्षकों की मांग: TET और ई-अटेंडेंस के विरोध में PMUM शिक्षक संघ की न्याय यात्रा1
- “बांदकपुर में पानी का कहर! लकवाग्रस्त दादी को लेकर दादा जाएं तो जाएं कहां? 💔🌊” बांदकपुर, दमोह में सिर्फ 3 घंटे की बारिश ने कई घरों को डुबो दिया। करीब 75 साल की लकवाग्रस्त दादी घर के अंदर पानी के बीच बैठी हैं और बुजुर्ग दादा उन्हें लेकर कहीं जा भी नहीं पा रहे। घर का अनाज और सामान सब बर्बाद हो गया। चारों तरफ पानी… सामने बेबसी… अब इन बुजुर्गों को मदद की जरूरत है। 🤲 📞 मदद के लिए: 8898556746 #Bandakpur #DamohNews #GroundReport #BarishKaKahar #SachHameshaNews1
- गोटेगांव में नगर के प्रमुख मार्गो सेनाचते-गाते, झूमते हुए हुआ गणेश जी का भव्य स्वागत 🙏 🙏 गोटेगांव में नाचते-गाते, झूमते हुए हुआ गणेश जी का भव्य स्वागत 🙏 गोटेगांव। कलारी मोहल्ला गणेश उत्सव समिति द्वारा भगवान श्री गणेश जी का ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालु नाचते-गाते और झूमते हुए गणपति बप्पा की अगवानी करते नजर आए। पूरे मोहल्ले में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।1
- गोटेगांव नगर के हरदौल वार्ड की मुख्य सड़क कीचड़ से सरोवर, वार्डवासी परेशान बारिश के बाद जर्जर सड़क पर जलभराव, आवागमन हुआ। राहगीर और स्कूली बच्चे परेशान ।1
- चलती कार में स्टंट का वीडियो वायरल, जबलपुर पुलिस ने कार चालक पर की चालानी कार्रवाई जबलपुर। सोशल मीडिया पर चलती कार में युवकों द्वारा स्टंट करने का वीडियो वायरल होने के बाद जबलपुर पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार चालक के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर सोशल मीडिया सेल द्वारा सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान जबलपुर के मार्ग पर दो कारों की खिड़कियों से बाहर निकलकर युवकों के स्टंट करने का वीडियो सामने आया। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने के बाद थाना माढ़ोताल पुलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रही कार के नंबर के आधार पर जांच शुरू की। कार क्रमांक MP 20 CE 6620 के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वाहन साहिल गोस्वामी को बेचा गया था। पुलिस ने साहिल गोस्वामी, उम्र 20 वर्ष, निवासी स्नेहनगर पटेल मोहल्ला, यादव कॉलोनी को तलाश कर पूछताछ की। पूछताछ में साहिल ने बताया कि उसने करीब एक वर्ष पहले कार खरीदी थी और दो दिन पहले जीरो डिग्री के पास अपने दोस्तों को कार में बैठाकर चला रहा था। इसी दौरान उसके दोस्तों द्वारा चलती कार में स्टंट किया गया। पुलिस ने कार चालक साहिल गोस्वामी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए ₹3,500 का चालान किया। साथ ही उसे भविष्य में चलती गाड़ी में किसी भी तरह का स्टंट नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई। पुलिस के अनुसार साहिल ने दोबारा इस तरह का कृत्य नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया है। सराहनीय भूमिका: वाहन चालक की तलाश कर त्वरित कार्रवाई करने में प्रधान आरक्षक लालजी, प्रतीक बागरी तथा आरक्षक श्रावण और विनय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1