ओटगन में बर्बर हमला: युवक के दोनों पैर व हाथ तोड़े, युवती भी घायल — कार्रवाई पर उठे सवाल ओटगन में बर्बर हमला: युवक के दोनों पैर व हाथ तोड़े, युवती भी घायल — कार्रवाई पर उठे सवाल संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735 रायपुर (ग्रामीण) तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम ओटगन में हुई बर्बर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवक के दोनों पैर और एक हाथ तोड़ दिए गए, वहीं बीच-बचाव करने पहुंची एक युवती भी हमले की शिकार हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच ग्राम तुलसी रोड (तुलसी-सियालदह मार्ग) पर हुई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले से घात लगाकर पीड़ित पर हमला किया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, बीच-बचाव करने पहुंची युवती को भी गंभीर चोटें आई हैं। ⚖️ गंभीर घटना, लेकिन कार्रवाई पर सवाल: स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। सवाल उठ रहा है कि जब किसी व्यक्ति के हाथ-पैर तोड़ दिए जाएं, तो क्या इस तरह के मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? ❗ मीडिया और प्रशासन की भूमिका पर सवाल ग्रामीणों का कहना है कि— छोटी-छोटी घटनाओं में तुरंत कार्रवाई और प्रचार होता है लेकिन ऐसे गंभीर मामलों में न तो पर्याप्त मीडिया कवरेज मिलता है और न ही प्रशासनिक सक्रियता दिखती है इस कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ⚠️ काउंटर केस को लेकर भी नाराजगी: पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि थाना में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। उनका कहना है कि— कई मामलों में विरोधी पक्ष पहले ही आवेदन दे देता है! जिससे असली पीड़ित की शिकायत कमजोर पड़ जाती है! 📢 न्याय की मांग: पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि— मामले की निष्पक्ष जांच हो: आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए! पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए! 🔎 अब नजर प्रशासन पर: यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही का भी मुद्दा बन गया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। सवाल पूछता है संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल? रही बात जांच की तो हमेशा गरीबों पर ही जांच होती है, पैसे वाले तो पैसों के बल पर छूट जाते हैं, फंस जाता है गरीब मजदूर ? अपराधी के साथ तो नेता मंत्री बैठे हैं, लेकिन गरीब मजदूर के साथ कौन ?
ओटगन में बर्बर हमला: युवक के दोनों पैर व हाथ तोड़े, युवती भी घायल — कार्रवाई पर उठे सवाल ओटगन में बर्बर हमला: युवक के दोनों पैर व हाथ तोड़े, युवती भी घायल — कार्रवाई पर उठे सवाल संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735 रायपुर (ग्रामीण) तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम ओटगन में हुई बर्बर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवक के दोनों पैर और एक हाथ तोड़ दिए गए, वहीं बीच-बचाव करने पहुंची एक युवती भी हमले की शिकार हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच ग्राम तुलसी रोड (तुलसी-सियालदह मार्ग) पर हुई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले से घात लगाकर पीड़ित पर हमला किया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, बीच-बचाव करने पहुंची युवती को भी गंभीर चोटें आई हैं। ⚖️ गंभीर घटना, लेकिन कार्रवाई पर सवाल: स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। सवाल उठ रहा है कि जब किसी व्यक्ति के हाथ-पैर तोड़ दिए जाएं, तो क्या इस तरह के मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? ❗ मीडिया
और प्रशासन की भूमिका पर सवाल ग्रामीणों का कहना है कि— छोटी-छोटी घटनाओं में तुरंत कार्रवाई और प्रचार होता है लेकिन ऐसे गंभीर मामलों में न तो पर्याप्त मीडिया कवरेज मिलता है और न ही प्रशासनिक सक्रियता दिखती है इस कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ⚠️ काउंटर केस को लेकर भी नाराजगी: पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि थाना में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। उनका कहना है कि— कई मामलों में विरोधी पक्ष पहले ही आवेदन दे देता है! जिससे असली पीड़ित की शिकायत कमजोर पड़ जाती है! 📢 न्याय की मांग: पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि— मामले की निष्पक्ष जांच हो: आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए! पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए! 🔎 अब नजर प्रशासन पर: यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही का भी मुद्दा बन गया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। सवाल पूछता है संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल? रही बात जांच की तो हमेशा गरीबों पर ही जांच होती है, पैसे वाले तो पैसों के बल पर छूट जाते हैं, फंस जाता है गरीब मजदूर ? अपराधी के साथ तो नेता मंत्री बैठे हैं, लेकिन गरीब मजदूर के साथ कौन ?
- ओटगन में बर्बर हमला: युवक के दोनों पैर व हाथ तोड़े, युवती भी घायल — कार्रवाई पर उठे सवाल संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735 रायपुर (ग्रामीण) तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम ओटगन में हुई बर्बर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवक के दोनों पैर और एक हाथ तोड़ दिए गए, वहीं बीच-बचाव करने पहुंची एक युवती भी हमले की शिकार हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच ग्राम तुलसी रोड (तुलसी-सियालदह मार्ग) पर हुई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले से घात लगाकर पीड़ित पर हमला किया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, बीच-बचाव करने पहुंची युवती को भी गंभीर चोटें आई हैं। ⚖️ गंभीर घटना, लेकिन कार्रवाई पर सवाल: स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। सवाल उठ रहा है कि जब किसी व्यक्ति के हाथ-पैर तोड़ दिए जाएं, तो क्या इस तरह के मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? ❗ मीडिया और प्रशासन की भूमिका पर सवाल ग्रामीणों का कहना है कि— छोटी-छोटी घटनाओं में तुरंत कार्रवाई और प्रचार होता है लेकिन ऐसे गंभीर मामलों में न तो पर्याप्त मीडिया कवरेज मिलता है और न ही प्रशासनिक सक्रियता दिखती है इस कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ⚠️ काउंटर केस को लेकर भी नाराजगी: पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि थाना में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। उनका कहना है कि— कई मामलों में विरोधी पक्ष पहले ही आवेदन दे देता है! जिससे असली पीड़ित की शिकायत कमजोर पड़ जाती है! 📢 न्याय की मांग: पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि— मामले की निष्पक्ष जांच हो: आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए! पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए! 🔎 अब नजर प्रशासन पर: यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही का भी मुद्दा बन गया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। सवाल पूछता है संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल? रही बात जांच की तो हमेशा गरीबों पर ही जांच होती है, पैसे वाले तो पैसों के बल पर छूट जाते हैं, फंस जाता है गरीब मजदूर ? अपराधी के साथ तो नेता मंत्री बैठे हैं, लेकिन गरीब मजदूर के साथ कौन ?2
- रायपुर जिला के धरसीवां खड़ सिलयारी भारत गैस सिलेंडर एजेंसी में 2से3किलो वजन कम पाया गया भ्रष्टाचार का मामला सामने आया 29/03/2026 धरसींवा खंड़ गांव सिलयारी चौकी कुरूद गैस सिलेंडर बिक्री जेमा 2 किलो वजन कम, आज आवेदन दे हन जेन आपदा ला अवसर बनाए के बुता करत हे वोकर ऊपर पुलिस प्रशासन का कारवाही करही।। गैस के सिलेंडर म कम भराव आऊं उपभोक्ता मन ल सिलेंडर नई मिल पावत हे । आप मन से निवेदन हबय की देवेन्द्र भारत गैस वितरण सिलयारी आज के तारिक 28/03/2026 दिन शनिवार के गैस सिलेंडर रिफिलिंग गाड़ी गांव बरतोरी म आय रिहिस उहि बखत गांव के लोगन मन गैस भरवाए बर गे रिहिस फेर बहुत लोगन मन के गैस कार्ड म गैस भरवाय ककरो ककरो छप्पन दिन पांच महिना होगे हे तभो ले ओमन ला सिलेंडर उपलब्ध नई करें जात हे। जबकि सरकारी आदेश के अनुसार 45 दिन के बाद ओ कार्ड म सिलेंडर ले सकत हे। आऊ कुछ लोगन मन गैस भरवाय हे तेकर उचित मानक भराव 14.200 किलो रिथे तेमा 2,3 किलो तक भराव कम पाय जावत हे जेकर विरोध गांव वाले मन करिस त ओ गाड़ी वाले हा ओ जगह लें भाग गे जेकर जेकर गाड़ी नंबर RJ43GA7630 हरे जब ओकर पिछा करेन त ओ गाड़ी वाले ह गांव तर्रा में रवि निर्मलकर द्वारा गाड़ी ला रोकवाय गिस जबकि गांव तर्रा ह ओकर क्षेत्र म नई आवय। त गैस एजेंसी संचालक ल फोन करके पुरा जानकारी के मुवावना कराय गिस एकर पहली भी गांव वाले मन के द्वारा शिकायत करे गे रिहीस तभो ले ये मामला म कोई सुधार नई करिस आऊ उल्टा ग्रामीण मन ल अपन पद आऊ पावर के रौब दिखावत रिहिस ओकर बाद गांव वाले मन ल पुलिस चौकी सिलयारी म बुलाए गिस आऊं खुद नहीं आईस। मामला : बरतोरी धरसीवां जिला रईपुर ग्रामीण बुता करईया :- जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी आऊं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना जिला रईपुर ग्रामीण।।4
- जिला कलेक्टर के निर्देश पर,,,अवैध ईट भट्ट जबरदस्त कार्यवाहीं @@@1
- Post by CG RIGHT TIMES NEWS1
- *केसदा की फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा: एक मजदूर की मौत, दूसरा कोमा में, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल* संवाददाता- विजय शंकर तिवारी देश दुनिया की हर खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे https://www.prabhatnews24.in/single/kesda-ki-factory-mein-dardnak-hadsa-ek-majdur-ki-maut-dusra-gambhir-roop-se-ghayal-suraksha-vyavastha-per-uthe-gambhir-sawal और भी हर तरह की खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे What's group से जुड़े https://chat.whatsapp.com/F6JIC5Pbn6DEU4I5RyeKDD खबर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 6260187193 सत्य के पुजारी - विजय तिवारी 🙏🙏🙏🙏🙏 जहां सच है वहां हम है।1
- आरंग में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ — मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल सराहनीय आरंग। क्षेत्रीय विकास और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध करते हुए माननीय कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने जन्मदिन के पावन अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए “निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर” का आयोजन किया। यह शिविर आरंग स्थित पीएम श्री अरुंधती देवी शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर मंत्री श्री साहेब ने कहा कि “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है” और हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनसेवा का एक सशक्त माध्यम है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सके। इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन क्योरबे एवं श्री नारायणा हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से किया गया, जिसमें अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में बी.पी. (ब्लड प्रेशर), शुगर (मधुमेह), ईसीजी सहित विभिन्न प्रकार की आवश्यक जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। इसके अलावा विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श एवं आवश्यक दवाइयां भी प्रदान की गईं। सुबह से ही शिविर में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। आरंग क्षेत्र के साथ-साथ दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस शिविर का लाभ लेने पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि ऐसे शिविर उनके लिए बहुत मददगार साबित होते हैं, क्योंकि उन्हें बड़े शहरों तक जाकर महंगे इलाज कराने में कठिनाई होती है। यहां उन्हें एक ही स्थान पर जांच, परामर्श और दवाइयां सब कुछ निःशुल्क मिल गया। शिविर में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवा सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। खासतौर पर बुजुर्गों के लिए यह शिविर काफी राहतभरा साबित हुआ, क्योंकि उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा आसानी से मिल गई। कई लोगों को प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारी का पता चला, जिससे उन्हें समय रहते उपचार शुरू करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब स्वयं शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का भी उत्साहवर्धन किया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा में लगे सभी लोगों का यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है। शिविर में उपस्थित नागरिकों ने मंत्री जी के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से आम जनता को सीधा लाभ मिलता है और यह जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। कई लोगों ने यह भी मांग की कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शिविर में सैकड़ों मरीजों का पंजीयन किया गया और सभी को व्यवस्थित तरीके से सेवाएं प्रदान की गईं। पूरे आयोजन में स्वच्छता, व्यवस्था और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने लोगों को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री साहेब ने सभी सहयोगी संस्थाओं, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। कुल मिलाकर यह स्वास्थ्य शिविर न केवल चिकित्सा सेवाओं का केंद्र बना, बल्कि यह जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी साबित हुआ। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की इस पहल ने यह संदेश दिया कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।1
- ये नया भारत हैं अब सब संभव हैं1
- बड़ा हादसा,, @@@ गैस,, कांड,,1