मानसून की पहली ही बारिश ने सतना नगर निगम के 'स्मार्ट सिटी' होने के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। वार्ड नंबर 14 से सामने आई एक हैरान कर देने वाली तस्वीर के अनुसार, सीवर लाइन का चैंबर पूरी तरह से ब्लास्ट हो गया। बारिश के पानी के साथ ही सारा दूषित और गंदा कचरा सड़कों पर फैल गया, जिससे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यह गंदा पानी अब सड़कों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के घरों के अंदर भी घुस रहा है। इससे पूरे इलाके में भारी दुर्गंध और गंदगी फैल गई है। इस बदतर स्थिति ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है, जो सोशल मीडिया पर 'स्मार्ट सिटी' व्यवस्था पर तंज कसते हुए इसे नगर निगम की घोर लापरवाही करार दे रहे हैं। पहली ही बारिश में बुनियादी सुविधाओं के इस हाल ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का सवाल है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सीवर जैसी बुनियादी व्यवस्था पहली बारिश का दबाव क्यों नहीं झेल पाई, और क्या नगर निगम ने मानसून से पहले सीवर लाइनों की सफाई और मरम्मत का काम नहीं किया था। इस गंभीर समस्या के मद्देनजर, स्थानीय निवासी अब प्रशासन से तत्काल इसके समाधान और इलाके को गंदगी से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं।
मानसून की पहली ही बारिश ने सतना नगर निगम के 'स्मार्ट सिटी' होने के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। वार्ड नंबर 14 से सामने आई एक हैरान कर देने वाली तस्वीर के अनुसार, सीवर लाइन का चैंबर पूरी तरह से ब्लास्ट हो गया। बारिश के पानी के साथ ही सारा दूषित और गंदा कचरा सड़कों पर फैल गया, जिससे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यह गंदा पानी अब सड़कों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के घरों के अंदर भी घुस रहा है। इससे पूरे इलाके में भारी दुर्गंध और गंदगी फैल गई है। इस बदतर स्थिति ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है, जो सोशल मीडिया पर 'स्मार्ट सिटी' व्यवस्था पर तंज कसते हुए इसे नगर निगम की घोर लापरवाही करार दे रहे हैं। पहली ही बारिश में बुनियादी सुविधाओं के इस हाल ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का सवाल है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सीवर जैसी बुनियादी व्यवस्था पहली बारिश का दबाव क्यों नहीं झेल पाई, और क्या नगर निगम ने मानसून से पहले सीवर लाइनों की सफाई और मरम्मत का काम नहीं किया था। इस गंभीर समस्या के मद्देनजर, स्थानीय निवासी अब प्रशासन से तत्काल इसके समाधान और इलाके को गंदगी से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं।
- सतना जिले के नागौद थाना पुलिस ने खेत से हुई एक सबमर्सिबल मोटर और सिंचाई उपकरणों की चोरी का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से चोरी गए करीब 35 हजार रुपये मूल्य के सभी सामान बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार, ग्राम कचनार निवासी रामचन्द्र मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खेत में बोरवेल में लगी 5 एचपी की सीआरआई कंपनी की सबमर्सिबल मोटर, 130 फीट केबल, 130 फीट रस्सी और 13 प्लास्टिक कॉलम पाइप अज्ञात चोर चुरा ले गए थे। इस शिकायत पर नागौद थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सलैया निवासी सूर्यकांत लोधी ने कचनार में ठेके पर ली गई जमीन पर चोरी का सबमर्सिबल पंप, पाइप, केबल और रस्सी छिपाकर रखे हैं। पुलिस ने दबिश देकर सूर्यकांत से पूछताछ की, जिसने अपने साथियों गोलू लोधी और जयगोपाल लोधी के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने चोरी हुए 13 प्लास्टिक पाइप, सबमर्सिबल पंप, केबल और रस्सी बरामद कर लिए, जिनकी कुल कीमत लगभग 35 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सूर्यकांत लोधी (20 वर्ष, निवासी सलैया, थाना नागौद), गोलू उर्फ दस्तक लोधी (19 वर्ष, निवासी सिजहटी, थाना जसो) और जयगोपाल लोधी (21 वर्ष, निवासी सिजहटी, थाना जसो) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक रीवा जोन के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सतना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी नागौद के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। निरीक्षक अशोक पाण्डेय, उपनिरीक्षक प्रहलाद कुशवाहा, प्रधान आरक्षक मिथलेश मिश्रा, आरक्षक मुनेश सिंह, सैनिक रमेश वर्मा एवं मिठाई लाल ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- आज बुधवार, दिनांक 01/07/2026 को जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के प्रातःकालीन श्रृंगार के अद्भुत दर्शन हुए हैं। यह श्रृंगार अत्यंत मनमोहक और अलौकिक था। जय हो माई की।2
- मध्यप्रदेश के मैहर में स्वजातीय स्वर्णकार समाज विकास समिति के प्रदेश स्तरीय चुनाव शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए, जिसमें देवदत्त सोनी को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इन चुनावों में कुल 2118 पंजीकृत मतदाताओं में से 1075 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना के बाद 1072 मत वैध पाए गए और केवल 3 मत निरस्त कर दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए देवदत्त सोनी ने 544 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुरारी लाल सोनी को 65 मतों के अंतर से पराजित किया, जिन्हें 479 मत मिले। तीसरे प्रत्याशी रतन लाल सोनी को 33 मत प्राप्त हुए। वहीं, प्रदेश कोषाध्यक्ष पद पर मोहन लाल सोनी ने 418 मतों के साथ विजय हासिल की, जबकि लक्ष्मण प्रसाद सोनी को 344 मत और दयाशंकर सोनी को 287 मत प्राप्त हुए। प्रदेश सहसचिव पद के लिए जयप्रकाश सोनी ने 438 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि कमलेश कुमार सोनी को 394 मत और विनीत कुमार सोनी को 216 मत मिले। मतगणना पूरी होने के बाद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी विजयी प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित किया। चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों और समाज के लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया और मिठाई खिलाकर अपनी खुशी व्यक्त की। समाज के वरिष्ठजनों ने आशा जताई है कि यह नई टीम समाज के संगठन, एकता और विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगी।4
- सतना जिले के पिथौराबाद पोड़ी क्षेत्र में शराब दुकान के विरोध में स्थानीय जनआक्रोश लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दुकान हटाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक जनपद सदस्य ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। करीब 15 दिन पहले प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर यह चेतावनी दी गई थी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, तय समय बीत जाने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस निष्क्रियता के बाद जनपद सदस्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं और शराब दुकान हटाने की मांग अब और भी तेज हो गई है।1
- सतना जिले के पिथौराबाद में शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है, जिसके चलते एक जनपद सदस्य ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस संबंध में 15 दिन पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके बाद जनपद सदस्य ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रुख किया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिथौराबाद क्षेत्र में संचालित इस शराब दुकान के कारण इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है और महिलाएं, बच्चे एवं आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें और मांगें करने के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। भूख हड़ताल स्थल पर स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार अपना समर्थन दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्षेत्रवासियों की मांग पर क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।2
- जनपद सदस्य रमेश कुशवाहा उर्फ लालाजी शराब दुकान के विरोध में भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। उन्हें मनाने के लिए आबकारी विभाग के अधिकारी उनसे मिलने पहुँचे और उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि, कुशवाहा अपने निर्णय पर अडिग रहे और स्पष्ट किया कि जब तक शराब दुकान को वहाँ से हटाया नहीं जाता, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। अधिकारियों की समझाइश का उन पर कोई असर नहीं हुआ।4
- मानसून की पहली ही बारिश ने सतना नगर निगम के 'स्मार्ट सिटी' होने के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। वार्ड नंबर 14 से सामने आई एक हैरान कर देने वाली तस्वीर के अनुसार, सीवर लाइन का चैंबर पूरी तरह से ब्लास्ट हो गया। बारिश के पानी के साथ ही सारा दूषित और गंदा कचरा सड़कों पर फैल गया, जिससे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यह गंदा पानी अब सड़कों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के घरों के अंदर भी घुस रहा है। इससे पूरे इलाके में भारी दुर्गंध और गंदगी फैल गई है। इस बदतर स्थिति ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है, जो सोशल मीडिया पर 'स्मार्ट सिटी' व्यवस्था पर तंज कसते हुए इसे नगर निगम की घोर लापरवाही करार दे रहे हैं। पहली ही बारिश में बुनियादी सुविधाओं के इस हाल ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का सवाल है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सीवर जैसी बुनियादी व्यवस्था पहली बारिश का दबाव क्यों नहीं झेल पाई, और क्या नगर निगम ने मानसून से पहले सीवर लाइनों की सफाई और मरम्मत का काम नहीं किया था। इस गंभीर समस्या के मद्देनजर, स्थानीय निवासी अब प्रशासन से तत्काल इसके समाधान और इलाके को गंदगी से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं।1