मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद 23 जून के अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। इस घटना से नाराज़ मुख्यमंत्री ने घटना की रिपोर्ट भी मांगी है और संकेत दिया है कि अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। मंगलवार को उन्हें हाथरस में ₹548 करोड़ की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करना था। इसके बाद आगरा में उन्हें विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में शामिल होना था, लेकिन अब ये कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। यह अग्निकांड उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री योगी अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। लखनऊ पहुंचकर वे सीधे अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली। इसके उपरांत, उन्होंने केजीएमयू जाकर घायल बच्चों और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। अलीगढ़ में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसमूह से कहा था कि उनकी इच्छा वहीं रुकने की थी, लेकिन लखनऊ में हुई दुर्घटना में कुछ बच्चे अग्निकांड की चपेट में आए हैं, और कुछ बच्चों की दुखद मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है। मुख्यमंत्री ने घायलों के उचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद 23 जून के अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। इस घटना से नाराज़ मुख्यमंत्री ने घटना की रिपोर्ट भी मांगी है और संकेत दिया है कि अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। मंगलवार को उन्हें हाथरस में ₹548 करोड़ की 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करना था। इसके बाद आगरा में उन्हें विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में शामिल होना था, लेकिन अब ये कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। यह अग्निकांड उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री योगी अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। लखनऊ पहुंचकर वे सीधे अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने घटना की पूरी जानकारी ली। इसके उपरांत, उन्होंने केजीएमयू जाकर घायल बच्चों और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। अलीगढ़ में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसमूह से कहा था कि उनकी इच्छा वहीं रुकने की थी, लेकिन लखनऊ में हुई दुर्घटना में कुछ बच्चे अग्निकांड की चपेट में आए हैं, और कुछ बच्चों की दुखद मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है। मुख्यमंत्री ने घायलों के उचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं।
- ऊंचाहार रायबरेली के ग्राम पंचायत अरखा के निवासियों ने पिछले तीन सप्ताह से बिजली की गंभीर समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी, ऊंचाहार को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गाँव का 63 केवी ट्रांसफार्मर तीन सप्ताह से जला हुआ है, जिसके कारण पूरा गाँव अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई है। रात के अंधेरे में महिलाओं को खाना बनाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भीषण गर्मी में बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत और भी खराब हो गई है। उनकी शिकायत है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को 2-3 बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित करने के बावजूद, अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से त्वरित समाधान की अपील करते हुए गाँव में 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर और 200 मीटर तार की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर रिंकू कुमार, राकेश कुमार, जितेन्द्र गौतम, बाबादल सिंह, रिंकू, सुरेश कुमार, मोह गनी, राकेश कुमार, मोह अख्तर मंसूरी, मुकेश कुमार, विमलेश, अरविन्द, इकरार, तालिब और अमन मौर्य सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।1
- कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में बीती रात एक महिला की फांसी लगाने से मौत हो गई। मृतक महिला बबली का शव उसके कच्चे घर में धन्नी से प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला। बबली के मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को मारकर फांसी पर लटका दिया गया है। बबली की माता ने यह भी बताया कि दामाद और सास उनसे 50 हजार रुपये और एक दोपहिया बाइक की मांग करते थे। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की यह मांग पूरी न होने पर ही बबली की हत्या की गई है। सूचना मिलने पर पिपरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- कौशाम्बी जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां और बेटे की मौत हो गई। महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवां के पास एक एम्बुलेंस और कार के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें कार सवार एक ही परिवार के सदस्य थे। इस हादसे में कार सवार पिता और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बताया जा रहा है कि कार में माता-पिता और उनके दो बच्चे सवार थे, और यह परिवार प्रतापगढ़ का निवासी है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना एम्बुलेंस चालक की लापरवाही के चलते हुई।1
- कौशाम्बी जिला मुख्यालय के समदा में न्यायालय में विचाराधीन एक भूमि पर दबंग द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि इस मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी कौशाम्बी से की गई है, लेकिन जिला प्रशासन ने इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की है। शिकायतकर्ता शमशाद खान के मुताबिक, उनके पिता ने समदा गाँव में आराजी संख्या 21 की भूमि खरीदी थी। बाद में इस भूमि को राज्य सरकार ने ले लिया, और इस मामले में उनका राज्य सरकार के साथ मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। शमशाद खान ने बताया कि वर्ष 2016 में कोर्ट ऑफ रेवेन्यू प्रयागराज ने आदेश दिया था कि यह भूमि किसी को भी आवंटित न की जाए। इसके बावजूद, जगदीश प्रसाद शिवहरे नामक व्यक्ति कथित तौर पर इसी आराजी संख्या 21 की जमीन पर जबरन अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर रहा है, जबकि उसकी अपनी आराजी संख्या 19 और 20 है। शमशाद खान का आरोप है कि न्यायालय में वाद के दौरान हो रहे इस अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायत जिलाधिकारी कौशाम्बी से करने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है और जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की है।3
- कौशाम्बी के महेवाघाट थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एंबुलेंस और एक कार की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। यह हादसा सरसवां पीएचसी के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में कार सवार एक महिला और उसके छह माह के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ जनपद के रहने वाले फैजल अपनी पत्नी सयामा फारूखी, छह माह के पुत्र अब्बास और पुत्री मनाल फारूखी के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान राजापुर की ओर से आ रही एक एंबुलेंस से उनकी कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची महेवाघाट पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान सयामा फारूखी और छह माह के मासूम अब्बास की मौत हो गई, जबकि फैजल और उनकी पुत्री मनाल फारूखी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इस दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार को माना जा रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।4
- कौशांबी जिले के सिराथू ब्लॉक के ग्राम कैमा रामपुर धमावा गौराहार में समर्थ किसान पार्टी (सकिपा) द्वारा सोमवार को एक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके तहत पार्टी नेता अजय सोनी की अध्यक्षता में गौराहार में एक बैठक हुई। इस बैठक में ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की बदहाली और उनसे हो रही दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। लोगों ने बताया कि जिले के कई मार्गों, विशेषकर सिराथू धाता मार्ग से दिन-रात सैकड़ों की तादाद में बालू के ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें लगातार खराब और जर्जर हो रही हैं। अजय सोनी ने इस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जिले भर में रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्राम कैमा और धमांवा के पास की सड़कों का जिक्र किया, जो ओवरलोड वाहनों की आवाजाही के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इन खराब सड़कों के चलते लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार होकर घायल हो रहे हैं। सोनी ने सरकारी स्तर पर ओवरलोड वाहनों की रोकथाम के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठाया, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बैठक के माध्यम से सकिपा नेताओं ने कौशांबी जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि जिले भर में रोजाना अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों को चिह्नित किया जाए और उन पर समुचित कार्यवाही की जाए। सकिपा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस बैठक में अशोक सोनी, भारत सिंह, लाल बहादुर यादव, जुम्मन अली और नरेंद्र मिश्र सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।2
- रायबरेली के ऊँचाहार/जगतपुर थाना क्षेत्र के छीछेमऊ गाँव में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहाँ स्थित एक तालाब में एक बुजुर्ग का शव तैरता हुआ मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुँची स्थानीय पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त की कोशिशें शुरू कीं। मृतक बुजुर्ग की पहचान 65 वर्षीय शंभू के रूप में हुई है, जो पूरे दमन मजरे रामगढ़ टिकरिया के निवासी थे। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग शंभू छीछेमऊ गाँव में अपनी रिश्तेदारी में आए हुए थे और इसी दौरान वे अचानक लापता हो गए थे। बाद में उनका शव इसी तालाब से बरामद हुआ। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि बुजुर्ग की मौत हादसे में डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई और वजह है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार और रिश्तेदारों में गहरा कोहराम मचा हुआ है।1
- रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में बंदरों के आतंक की एक घटना सामने आई है, जहाँ सोमवार को मकदूमपुर गाँव में मुमताज पुत्र आतिफ नूर पर चार-पांच बंदरों ने हमला कर उसे काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब मुमताज अपने खेत में खेलने गया था। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने घायल मुमताज को तत्काल ऊंचाहार सीएचसी पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों ने पुष्टि की कि बंदर के काटने से घायल हुए बच्चे को उपचार के लिए लाया गया है और उसका इलाज जारी है। पूरे ऊंचाहार क्षेत्र के गाँवों में बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है।1