हर थाने में बनेगी मिनी फील्ड यूनिट, घटना की सूचना मिलते ही पहुंचेगी टीम - फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर जोर औरैया। अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए औरैया पुलिस ने साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में ‘मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स)’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनपद के प्रत्येक थाने में मिनी फील्ड यूनिट का गठन किया गया है। प्रत्येक थाना स्तर पर दो-दो पुलिसकर्मियों को इसके लिए चयनित कर प्रशिक्षण दिया गया है। किसी भी घटना की सूचना मिलने पर यह दो सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आवश्यक साक्ष्यों के संकलन में सहयोग करेगी। कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को बताया गया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में पारंपरिक साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से एकत्र करना और उनकी गुणवत्ता बनाए रखना विवेचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जनपद की फॉरेंसिक टीम ने कार्यशाला में मौजूद पुलिसकर्मियों को साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों, घटनास्थल के निरीक्षण तथा फॉरेंसिक उपकरणों के सही इस्तेमाल के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। पुलिसकर्मियों को मौके पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से संकलित करने की प्रक्रिया से भी अभ्यस्त कराया गया। पुलिस की इस पहल से घटनास्थल पर त्वरित और व्यवस्थित साक्ष्य संकलन सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इससे विवेचना अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी तथा न्यायालय में अभियोजन को मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
हर थाने में बनेगी मिनी फील्ड यूनिट, घटना की सूचना मिलते ही पहुंचेगी टीम - फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर जोर औरैया। अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए औरैया पुलिस ने साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में ‘मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स)’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनपद के प्रत्येक थाने में मिनी फील्ड यूनिट का गठन किया गया है। प्रत्येक थाना स्तर पर दो-दो पुलिसकर्मियों को इसके लिए चयनित कर प्रशिक्षण दिया गया है। किसी भी घटना की सूचना मिलने पर यह दो सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आवश्यक साक्ष्यों के संकलन में सहयोग करेगी। कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को बताया गया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में पारंपरिक साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से एकत्र करना और उनकी गुणवत्ता बनाए रखना विवेचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जनपद की फॉरेंसिक टीम ने कार्यशाला में मौजूद पुलिसकर्मियों को साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों, घटनास्थल के निरीक्षण तथा फॉरेंसिक उपकरणों के सही इस्तेमाल के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। पुलिसकर्मियों को मौके पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से संकलित करने की प्रक्रिया से भी अभ्यस्त कराया गया। पुलिस की इस पहल से घटनास्थल पर त्वरित और व्यवस्थित साक्ष्य संकलन सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इससे विवेचना अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी तथा न्यायालय में अभियोजन को मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
- हर थाने में बनेगी मिनी फील्ड यूनिट, घटना की सूचना मिलते ही पहुंचेगी टीम - फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर जोर औरैया। अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के लिए औरैया पुलिस ने साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में ‘मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स)’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनपद के प्रत्येक थाने में मिनी फील्ड यूनिट का गठन किया गया है। प्रत्येक थाना स्तर पर दो-दो पुलिसकर्मियों को इसके लिए चयनित कर प्रशिक्षण दिया गया है। किसी भी घटना की सूचना मिलने पर यह दो सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आवश्यक साक्ष्यों के संकलन में सहयोग करेगी। कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को बताया गया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में पारंपरिक साक्ष्यों के साथ-साथ फॉरेंसिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित तरीके से एकत्र करना और उनकी गुणवत्ता बनाए रखना विवेचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जनपद की फॉरेंसिक टीम ने कार्यशाला में मौजूद पुलिसकर्मियों को साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों, घटनास्थल के निरीक्षण तथा फॉरेंसिक उपकरणों के सही इस्तेमाल के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। पुलिसकर्मियों को मौके पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से संकलित करने की प्रक्रिया से भी अभ्यस्त कराया गया। पुलिस की इस पहल से घटनास्थल पर त्वरित और व्यवस्थित साक्ष्य संकलन सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इससे विवेचना अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी तथा न्यायालय में अभियोजन को मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।1
- लुखरिया कन्नौज के रहने वाले युवकसुमित जिला लेवल पर वॉलीबॉल में रचा इतिहास सामने वाले टीम के छोटा दिए पसीने एक अकेलेयुवक ने1
- इटावा में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के विरोध में आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन इटावा में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले के विरोध में आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन इटावा। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के विरोध में जिला मुख्यालय इटावा पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों को लेकर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट सुंदरम बौद्ध ने की। कार्यक्रम में जोन प्रभारी शिव प्रकाश विश्वकर्मा, भीम आर्मी जिला संयोजक मनीष शाक्य, जिला महासचिव राघवेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष आनंद स्वरूप, लकी जाटव, जयप्रकाश भाईचारा, सोनू गौतम, अतुल सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख रूप से पंचायत सहायकों के मानदेय में वृद्धि किए जाने की मांग उठाई गई। साथ ही 68,500 शिक्षक भर्ती मामले में ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रकरण की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी में हुए हमले की स्पष्ट एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग भी रखी। इसके अलावा चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के मामले में भी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ज्ञापन में उठाई गई मांगें सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।3
- *जनपद औरैया थाना बेला क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बबनौटी मोड़ के पास एक स्कूली बस के अनियन्त्रित होकर पलटने के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा दी गयी बाईट ।* 👇1
- स्कूली बस अचानक पलटी, पांच बच्चे घायल, ब्रेक फेल, एएसपी की बड़ी जानकारी औरैया जिले के थाना बेला क्षेत्र में बेला-कानपुर मार्ग पर बबनौटी मोड़ के पास बुधवार सुबह एक स्कूली बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में करीब तीस बच्चे सवार बताये गये है, जिनमें से पांच बच्चे इस हादसे में घायल हो गए। समय रहते ग्रामीणों और पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने बस को सीज कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही बबनौटी मोड़ के पास पहुंची, चालक का गाड़ी पर नियंत्रण छूट गया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। इसी बीच थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर बस में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद न पहुंचती तो हादसा और गंभीर हो सकता था। राहत कार्य के तुरंत बाद सभी घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। घटना की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी पी.पुनीत मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे की वजह ब्रेक फेल होना बताई जा रही है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।1
- जुआ खेलते सात लोग गिरफ्तार, 26,830 रुपये व ताश की गड्डी बरामद अजीतमल। थाना अजीतमल पुलिस ने जुआ खेलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 26,830 रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते बरामद किए हैं। मामले में जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी अजीतमल के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 सितंबर की शाम करीब 7:50 बजे अजीतमल पुलिस टीम ने ग्राम मोहारी बंबा के पास झाड़ियों में कुछ लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा। पुलिस ने मौके से नवल सिंह (45) निवासी मोहारी, विकास कुमार (35) निवासी मोहारी, सर्वेश कुमार (35) निवासी पटेल नगर अजीतमल, नौशाद (43) निवासी गांधी नगर अजीतमल, शिव कुमार (32) निवासी भूरेपुर कला, कुंवर सिंह (50) निवासी गोपियापुर थाना बकेवर जिला इटावा और पवन कुमार (28) निवासी विलावा अजीतमल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना अजीतमल में मु0अ0सं0 365/2026, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह, उपनिरीक्षक संजीव कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अंकित कुमार, कांस्टेबल रामप्रकाश और आशीष कुमार शामिल रहे।1
- 'मिनी फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स') हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।* अपराध अन्वेषण की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष एवं प्रभावी बनाने तथा आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन में औरैया पुलिस द्वारा एक विशेष पहल की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक औरैया की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार कक्ष में "मिनी फील्ड यूनिट फॉरेंसिक फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। *कार्यशाला के मुख्य बिंदु:* प्रत्येक थाने में मिनी फील्ड यूनिट का गठन: जनपद के प्रत्येक थाना स्तर पर फील्ड यूनिट का गठन किया गया है, जिसमें चयनित दो-दो पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई: यह दो सदस्यीय टीम किसी भी घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार आवश्यक साक्ष्य संकलित करेगी, जिससे घटनाओं के त्वरित एवं सटीक साक्ष्यों में मदद मिलेगी। वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर: कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में केवल पारंपरिक साक्ष्यों पर निर्भर रहने के स्थान पर फॉरेंसिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। विस्तृत प्रशिक्षण: कार्यशाला में उपस्थित पुलिस कर्मियों को जनपद की फारेंसिक टीम द्वारा उपस्थित पुलिस कर्मियों को फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन की आधुनिक विधियों एवं उपकरणों के प्रयोग के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित व अभ्यस्त कराया गया। इस पहल से विवेचना प्रणाली अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण बनेगी, जिससे अपराधियों को मा0 न्यायालय में सजा दिलाने में सुगमता होगी।1
- जनपद कन्नौज को तालग्राम पुलिस टीम द्वारा मिली बड़ी कामयाबी (प्रवेंद्र राजपूत पत्रकार)- तालग्राम जनपद कन्नौज* *दिनांक - 16.09.2026* *थाना तालग्राम पुलिस द्वारा अन्तर्राज्यीय अवैध अंग्रेजी शराब की तस्करी/परिवहन करने वाले 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, कब्जे से मैजिक मोमेन्ट ग्रेन वोडका 120 बोतल, रॉयल ग्रीन 182 बोतल, 96 हॉफ एवं 95 क्वार्टर, कुल 493 अदद अवैध अंग्रेजी शराब(लगभग 300 लीटर) कीमत लगभग ₹2,50,000/-,एवं तस्करी में प्रयुक्त कार बरामद।* पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार के निर्देशन में जनपद में अपराध/अपराधियों एवं मादक पदार्थों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक कन्नौज अजय कुमार के मार्गदर्शन में , क्षेत्राधिकारी नगर शिल्पा वर्मा के पर्यवेक्षण में, प्र0नि0 रंजना पाण्डेय के नेतृत्व में थाना तालग्राम पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर आज दिनांक 16.09.2026 को को ग्राम तिसौली के पास से अभियुक्त मोहित उर्फ मनवीर पुत्र दयानंद निवासी ग्राम आंगपुर, थाना सूरज कुंड, जिला फरीदाबाद, राज्य हरियाणा, उम्र करीब 31 वर्ष को ग्राम गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारशुदा अभियुक्त के कब्जे से 120 बोतल मैजिक मोमेन्ट ग्रेन वोडका, 182 बोतल रॉयल ग्रीन, 04 अदद पेटी रॉयल ग्रीन हॉफ (कुल 96 बोतल) एवं 02 अदद पेटी रॉयल ग्रीन क्वार्टर (कुल 95 क्वार्टर) अवैध अंग्रेजी शराब(लगभग 300 लीटर) अनुमानित कीमत करीब ₹2,50,000/-, 01 अदद मोबाइल फोन एवं 500 रुपये नकद बरामद किये गये तथा अवैध शराब के परिवहन में प्रयुक्त 01 अदद कार संख्या UP 21 BC 2701 को बरामद किया गया। उक्त बरामदगी के आधार पर उपरोक्त अभियुक्त के विरूद्ध मु0अ0सं0 141/2026 धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम एवं धारा 207 एमवी एक्ट थाना तालग्राम पर पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। *नाम पता अभियुक्त –* 1.मोहित उर्फ मनवीर पुत्र दयानंद उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम आंगपुर, थाना सूरज कुंड, जिला फरीदाबाद, राज्य हरियाणा । *पूछताछ का विवरण –* अभियुक्त ने पूछताछ करने पर बताया कि वह हरियाणा राज्य से सस्ते दामों में शराब खरीदकर बिहार राज्य में महगें दामों में शराब बिक्री करता है। इस तरह से किये गये शराब बिक्री से जो रुपये मिलते हैं । उसी से अपना व अपने परिवार का जीवन यापन करता हूं। *बरामदगी का विवरण –* 1. 120 बोतल मैजिक मोमेन्ट ग्रेन वोडका। 2. 182 बोतल रॉयल ग्रीन। 3. 04 अदद पेटी रॉयल ग्रीन हॉफ (कुल 96 बोतल)। 4. 02 अदद पेटी रॉयल ग्रीन क्वार्टर (कुल 95 क्वार्टर)। 5. 01 अदद मोबाइल फोन। 6. 500 रुपये नकद। 7. कार संख्या UP21 BC 2701 (सीजशुदा)। *आपराधिक इतिहास अभियुक्त मोहित उर्फ मनवीर –* 1. मु0अ0सं0 1035/2019 धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम थाना नौएडा सैक्टर-49 कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर। 2. मु0अ0सं0 0119/2026 धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम थाना अरौल पश्चिमी (कमिश्नरेट कानपुर नगर) 3. मु0अ0सं0 141/2026 धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम एवं धारा 207 एमवी एक्ट थाना तालग्राम, कन्नौज। *गिरफ्तार करने वाली टीमः-* 1. प्रभारी निरीक्षक रंजना पाण्डेय, थाना तालग्राम, जनपद कन्नौज। 2. उ0नि0 श्रीराम प्रजापति 3. उ0नि0 तरुण प्रताप सिंह 4. मुख्य आरक्षी संजय सिंह, 5. आरक्षी विष्णु 6. आरक्षी आनन्द कुमार 7. आरक्षी धीरज कुमार 8. आरक्षी मानसिंह 9. आरक्षी केशचन्द्र 10. आरक्षी धीरेन्द्र बहादुर सिंह 11. आरक्षी अभिजीत प्रताप (चालक)4