Shuru
Apke Nagar Ki App…
बाबा के राज में बेजुबान का कत्ल...सोशल मीडिया पर जनाक्रोश... राइफल वायरल हुई दिल को दहला देने वाली तस्वीरें... बाबा के राज में बेजुबान का कत्ल...सोशल मीडिया पर जनाक्रोश... राइफल - एयर गन पर बहस...कटघरे में प्रशासन
ABN News Plus
बाबा के राज में बेजुबान का कत्ल...सोशल मीडिया पर जनाक्रोश... राइफल वायरल हुई दिल को दहला देने वाली तस्वीरें... बाबा के राज में बेजुबान का कत्ल...सोशल मीडिया पर जनाक्रोश... राइफल - एयर गन पर बहस...कटघरे में प्रशासन
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- वायरल हुई दिल को दहला देने वाली तस्वीरें... बाबा के राज में बेजुबान का कत्ल...सोशल मीडिया पर जनाक्रोश... राइफल - एयर गन पर बहस...कटघरे में प्रशासन1
- अम्बेडकर नगर। कमहरिया घाट में नीलगाय के बेरहमी से शिकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, आरोपी कुनमुन फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने वन विभाग की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर तीन टीमों का गठन किया है। वहीं एयर गन या राइफल को लेकर अब बड़ा विवाद और बहस छिड़ गई है।1
- #अंबेडकरनगर के #राजेसुल्तानपुर में सड़क हादसे में दो युवक की #मौत। परिजनों का आरोप पुलिस के डायल 112 वाहन की टक्कर से हुई मौत मृतक नितिन कन्नौजिया का कल था एसआई का पेपर ।वहीं मृतक अमित प्रजापति को अपने बहन का एसआई का पेपर दिलाने जाना था। #वीडियो_रात_कि_है_CHC_जहांगीर_गंज1
- Post by Atul Verma1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- अंबेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कमहरियाघाट की है यह घटना, जहां पर एक व्यक्ति ने एक गन से नीलगाय के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया जिससे नीलगाय की दर्दनाक मौत हो गई।1
- तत्काल प्रशासन ले संज्ञान , बड़ी घटना होने की संभावना प्रबल, रास्ता बंद होने से ग्रामीणो मे आक्रोश *न्यायालय को गुमराह करके किसी सार्वजनिक रास्ते को रोकने का आदेश प्राप्त करना* कानूनन अवैध और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) है। अम्बेडकर नगर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुर्गूपुर मेजर ( जमालपुर) *सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के आने-जाने का रास्ता नहीं रोका जा सकता है।* झूठे तथ्यों के आधार पर लिया गया आदेश, यदि साबित हो जाए, तो रद्द कर दिया जाता है और दोषी पर कार्रवाई की जा सकती है। *महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु:* रास्ता रोकना अवैध: सर्वोच्च न्यायालय ने रांची के एक मामले में कहा कि किसी भी नागरिक के आने-जाने के रास्ते (Public Passage) को बाउंड्री बनाकर या अन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता, भले ही वह जगह निजी जमीन के करीब हो। *न्यायालय को गुमराह करना:* यदि अदालत को गलत तथ्य या फर्जी दस्तावेज देकर आदेश प्राप्त किया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है और यह न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। *अवैध आदेश पर कार्रवाई:* यदि गलत जानकारी देकर रास्ता रोका गया है, तो प्रभावित पक्ष संबंधित उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या अवमानना याचिका दाखिल कर सकता है। *निष्कर्ष:* सार्वजनिक रास्ते को रोकना एक अपराध है। यदि न्यायालय ने गुमराह होकर ऐसा आदेश दिया है, तो उसे उचित कानूनी कार्यवाही के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। *दैनिक जागरण खबर के अनुसार* 👇 *नहीं रोक सकते किसी के आने-जाने का रास्ता', Supreme Court की बड़ी टिप्पणी* *सुप्रीम कोर्ट ने रांची के हिनू में रास्ता विवाद मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी के आने जाने का रास्ता नहीं बंद किया जा सकता है। हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने एसएलपी खारिज कर दी। *गीता देवी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।* झारखंड हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2022 को गीता देवी के घर के सामने बनी बॉउंड्री को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते आने-जाने का रास्ते पर बनी बाउंड्री को तोड़ दिया था। इसके खिलाफ अंजू मिंज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। *क्या है पूरा मामला* बता दें कि गीता देवी हिनू में रहती हैं। कुछ दिनों पहले पाहन की जमीन बताते हुए बॉउंड्री बना दिया गया। कहा गया कि इस पर गांव वाले पूजा करते हैं। निजी जमीन से रास्ता नहीं दिया जा सकता है। तब अदालत ने कहा था कि मामले में पहले दिन से कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जमीन का मालिकाना हक (टाइटल सूट) तय नहीं कर रहा है। इसके लिए सभी पक्षों को सक्षम अदालत में जाना चाहिए। *रास्ता को लेकर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है और यह प्रार्थी का मौलिक अधिकार है।* अदालत ने कहा था कि प्रार्थी 1953 से उक्त रास्ते का इस्तेमाल कर रही हैं। एसएआर कोर्ट के तहत बीस साल से अधिक रास्ता इस्तेमाल करने पर नगर निगम उसे स्ट्रीट (रास्ता) का दर्जा प्रदान कर देता है। *प्रार्थी की ओर से इस पर 2008 में हाई कोर्ट के खंडपीठ के आदेश का हवाला दिया।* इस दौरान हस्तक्षेप कर्ता की ओर से बार- बार आदेश वापस लेने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए उन पर एक लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही वकील के आचरण को अनुकूल नहीं पाते हुए अदालत ने यह मामला बार काउंसिल को भेज दिया था। Suyash Kumar Mishra 87557770009506000647 #india #UttarPradesh #AmbedkarNagar #akbarpur #YogiAdityanath #MYogiAdityanath #police #india #facebook #suyashkumarmishra #suyashmishra #suyashkumar #suyash #viral #video #reels MYogiAdityanath Ambedkarnagar Police Narendra Modi UP Police DM Ambedkarnagar1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1