धरियावद उपखंड के ग्राम पंचायत झडोली के डरागांव में वन विभाग ने अवैध रूप से गीली लकड़ी का परिवहन कर रहे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। यह कार्रवाई प्रतापगढ़ के उपवन संरक्षक सुरेश अग्रवाल और बांसी के सहायक वन संरक्षक विक्रम सिंह राठौड़ के निर्देशन में वनों की सुरक्षा, अवैध कटान और परिवहन की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। अभियान के अंतर्गत, धरियावद के क्षेत्रीय वन अधिकारी रामलाल भील और नाका झडोली के स्टाफ ने अल सुबह डरागांव में नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक गाड़ी आती हुई दिखाई दी, जिसे रोकने के लिए टॉर्च से इशारा किया गया। चालक ने गाड़ी को कुछ दूरी पर रोककर वापस मोड़ने का प्रयास किया, जिससे गाड़ी सड़क से नीचे उतरकर एक खेत में फंस गई। स्टाफ को अपनी ओर आते देख चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। मौके पर पहुंचकर स्टाफ ने गाड़ी की जांच की तो वह महिंद्रा बोलेरो पिकअप निकली, जिसमें गीली सागवान के गट्टे भरे हुए थे। वन विभाग ने जेसीबी मशीन की सहायता से फंसे हुए पिकअप को बाहर निकाला और उसे राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत जब्त कर रेंज परिसर लाया गया, जहाँ आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। इस कार्रवाई के दौरान टीम में झडोली के नाका प्रभारी मोड़ सिंह, सहायक वनपाल महेंद्र सिंह चौहान, वनरक्षक प्रभुलाल धमलात, वनरक्षक गौतम गायरी और वन मित्र केसरा उपस्थित रहे। वन विभाग के सहायक वनपाल पवन मेघवाल ने एक प्रेस नोट जारी कर इस पूरी घटना की जानकारी दी।
धरियावद उपखंड के ग्राम पंचायत झडोली के डरागांव में वन विभाग ने अवैध रूप से गीली लकड़ी का परिवहन कर रहे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। यह कार्रवाई प्रतापगढ़ के उपवन संरक्षक सुरेश अग्रवाल और बांसी के सहायक वन संरक्षक विक्रम सिंह राठौड़ के निर्देशन में वनों की सुरक्षा, अवैध कटान और परिवहन की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। अभियान के अंतर्गत, धरियावद के क्षेत्रीय वन अधिकारी रामलाल भील और नाका झडोली के स्टाफ ने अल सुबह डरागांव में नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक गाड़ी आती हुई दिखाई दी, जिसे रोकने के लिए टॉर्च से इशारा किया गया। चालक ने गाड़ी को कुछ दूरी पर रोककर वापस मोड़ने का प्रयास किया, जिससे गाड़ी सड़क से नीचे उतरकर एक खेत में फंस गई। स्टाफ को अपनी ओर आते देख चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। मौके पर पहुंचकर स्टाफ ने गाड़ी की जांच की तो वह महिंद्रा बोलेरो पिकअप निकली, जिसमें गीली सागवान के गट्टे भरे हुए थे। वन विभाग ने जेसीबी मशीन की सहायता से फंसे हुए पिकअप को बाहर निकाला और उसे राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत जब्त कर रेंज परिसर लाया गया, जहाँ आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। इस कार्रवाई के दौरान टीम में झडोली के नाका प्रभारी मोड़ सिंह, सहायक वनपाल महेंद्र सिंह चौहान, वनरक्षक प्रभुलाल धमलात, वनरक्षक गौतम गायरी और वन मित्र केसरा उपस्थित रहे। वन विभाग के सहायक वनपाल पवन मेघवाल ने एक प्रेस नोट जारी कर इस पूरी घटना की जानकारी दी।
- धरियावद उपखंड के ग्राम पंचायत झडोली के डरागांव में वन विभाग ने अवैध रूप से गीली लकड़ी का परिवहन कर रहे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। यह कार्रवाई प्रतापगढ़ के उपवन संरक्षक सुरेश अग्रवाल और बांसी के सहायक वन संरक्षक विक्रम सिंह राठौड़ के निर्देशन में वनों की सुरक्षा, अवैध कटान और परिवहन की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। अभियान के अंतर्गत, धरियावद के क्षेत्रीय वन अधिकारी रामलाल भील और नाका झडोली के स्टाफ ने अल सुबह डरागांव में नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक गाड़ी आती हुई दिखाई दी, जिसे रोकने के लिए टॉर्च से इशारा किया गया। चालक ने गाड़ी को कुछ दूरी पर रोककर वापस मोड़ने का प्रयास किया, जिससे गाड़ी सड़क से नीचे उतरकर एक खेत में फंस गई। स्टाफ को अपनी ओर आते देख चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। मौके पर पहुंचकर स्टाफ ने गाड़ी की जांच की तो वह महिंद्रा बोलेरो पिकअप निकली, जिसमें गीली सागवान के गट्टे भरे हुए थे। वन विभाग ने जेसीबी मशीन की सहायता से फंसे हुए पिकअप को बाहर निकाला और उसे राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत जब्त कर रेंज परिसर लाया गया, जहाँ आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। इस कार्रवाई के दौरान टीम में झडोली के नाका प्रभारी मोड़ सिंह, सहायक वनपाल महेंद्र सिंह चौहान, वनरक्षक प्रभुलाल धमलात, वनरक्षक गौतम गायरी और वन मित्र केसरा उपस्थित रहे। वन विभाग के सहायक वनपाल पवन मेघवाल ने एक प्रेस नोट जारी कर इस पूरी घटना की जानकारी दी।1
- पाँच रुपये के एक नोट के बदले अड़तालीस लाख रुपये मिलने के बड़े लालच में फंसकर, एक व्यक्ति ने अपने लाखों रुपये गंवा दिए।1
- ग्रामीण इलाकों में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, जिसके चलते उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। हारून अहमद की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ये ग्रामीण तपते रास्तों पर नंगे पैर चलते हुए, उम्मीदों के सहारे, मीलों का सफर तय कर रहे हैं ताकि उन्हें पीने का पानी मिल सके।1
- जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा के पावन अवसर पर नीमच पाल सोड़ा में एक भव्य जल गंगा कलश यात्रा निकाली गई।1
- सकल जैन समाज बागीदौरा, कलिंजरा, नौगामा और बड़ोदिया ने सोमवार को बागीदौरा मुख्यालय पर एक विशाल मौन रैली का आयोजन किया। यह रैली 20 मई को मध्य प्रदेश के रीवा में हुई एक हृदय विदारक सड़क दुर्घटना के विरोध में निकाली गई, जिसमें दो जैन आर्यिकाओं का दुःखद समाधिमरण हो गया था। सुरेश चंद गाँधी नौगामा ने बताया कि एक कार चालक ने पद विहार कर रही आर्यिका श्री श्रुत मति एवं उपशम मति माताजी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों आर्यिकाओं का देवलोकगमन हो गया। इस घटना को लेकर सम्पूर्ण जैन समाज में भारी आक्रोश है। समाजजनों ने आरोप लगाया कि वारदात की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि घटना को इरादापूर्वक अंजाम दिया गया। इस विरोध में उपखण्ड कार्यालय बागीदौरा में गृहमंत्री अमित शाह के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई और भविष्य में साधु-संतों की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक व्यवस्थाओं की मांग की गई। केसरीमल खोड़निया, भरत गांधी और पिंकेश दोसी ने प्रशासन के समक्ष जैन समाज की समस्याएं रखीं। रैली की अगुवाई चारों गांवों के अध्यक्ष और सेठ द्वारा की गई, जिसमें जैन समाज के लगभग 1100 लोग शामिल हुए। प्रवक्ता सुरेश गाँधी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन भेजा गया है। एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार महोदय ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि इसे उच्च अधिकारियों एवं राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी ज्ञापन की एक प्रति सौंपी गई। कार्यक्रम का संचालन विनोद दोसी बागीदौरा ने किया और आभार मण्डल अध्यक्ष दीपक दोसी ने व्यक्त किया।2
- देश में नौकरी पाने की संभावनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या अब नौकरी मिलना मात्र एक सपना बनकर रह गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, परीक्षा आयोजित करने के दोनों ही तरीके असुरक्षित हो चुके हैं। आरोप है कि NTA, ESB, और MPPSC जैसी किसी भी सरकारी संस्था पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि ये संस्थाएँ निजी कंपनियों के साथ मिलकर हर परीक्षा में धांधली करती आ रही हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए सुझाव दिया गया है कि देश और राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को भी UPSC की परीक्षा के पैटर्न पर ही आयोजित किया जाना चाहिए। यह खास रिपोर्ट मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- राजेंद्र सिंह गुड्डा, जो प्रदीप मेघवाल के घर पहुंचे थे, उन्होंने वहाँ से ही कलेक्टर को फोन पर फटकार लगाई।1
- प्रतापगढ़ जिले के पारसोला स्थित भुंगाभट माइंस के आसपास तेंदुए की हलचल देखी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है।2