जिले के 11 केंद्रों में 79.11 प्रतिशत विद्यार्थियों की रही उपस्थिति,आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 काहुआ आयोजन *प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा संपन्न* रायगढ़।मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 का आयोजन रविवार 10 मई को रायगढ़ जिले के 11 परीक्षा केंद्रों में सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जिला प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों में सुरक्षा, पेयजल, बैठक व्यवस्था एवं अनुशासन की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। प्रवेश परीक्षा के लिए जिलेभर से कुल 3705 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें 1365 बालक एवं 2340 बालिकाएं शामिल थीं। परीक्षा में कुल 2931 विद्यार्थी उपस्थित रहे। इनमें 1011 बालक एवं 1920 बालिकाएं शामिल रहीं। जिले का कुल उपस्थिति प्रतिशत 79.11 दर्ज किया गया, जबकि बालिकाओं की उपस्थिति 82.05 प्रतिशत रही, जो छात्राओं की बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को दर्शाता है। प्रयास आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की एक महत्वाकांक्षी पहल है। वर्ष 2010 में रायपुर से प्रारंभ हुई यह योजना वर्तमान में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं जगदलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित हो रही है। प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 17 प्रयास संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें लगभग 7120 सीटें स्वीकृत हैं और 6064 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल, सीए/सीएस, क्लैट, एनडीए सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग दी जाती है। विद्यार्थियों को आवास, भोजन, गणवेश, पुस्तकें, प्रयोगशाला, खेल सामग्री एवं अन्य सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिमाह 2 हजार रुपए की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। विद्यालयों में आधुनिक फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी एवं कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध है। आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, एआईआईएमएस एवं एमबीबीएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। विशेष रूप से आईआईटी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 40 हजार रुपए तक की सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है। प्रयास आवास विद्यालय से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेबसाईट प्रयास पोर्टल पर प्राप्त कर सकते है।
जिले के 11 केंद्रों में 79.11 प्रतिशत विद्यार्थियों की रही उपस्थिति,आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 काहुआ आयोजन *प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा संपन्न* रायगढ़।मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 का आयोजन रविवार 10 मई को रायगढ़ जिले के 11 परीक्षा केंद्रों में सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जिला प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों में सुरक्षा, पेयजल, बैठक व्यवस्था एवं अनुशासन की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। प्रवेश परीक्षा के लिए जिलेभर से कुल 3705 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था, जिनमें 1365 बालक एवं 2340 बालिकाएं शामिल थीं। परीक्षा में कुल 2931 विद्यार्थी उपस्थित रहे। इनमें 1011 बालक एवं 1920 बालिकाएं शामिल रहीं। जिले का कुल उपस्थिति प्रतिशत 79.11 दर्ज किया गया, जबकि बालिकाओं की उपस्थिति 82.05 प्रतिशत रही, जो छात्राओं की बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को दर्शाता है। प्रयास आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की एक महत्वाकांक्षी पहल है। वर्ष 2010 में रायपुर से प्रारंभ हुई यह योजना वर्तमान में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर एवं जगदलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित हो रही है। प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 17 प्रयास संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें लगभग 7120 सीटें स्वीकृत हैं और 6064 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल, सीए/सीएस, क्लैट, एनडीए सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग दी जाती है। विद्यार्थियों को आवास, भोजन, गणवेश, पुस्तकें, प्रयोगशाला, खेल सामग्री एवं अन्य सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिमाह 2 हजार रुपए की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। विद्यालयों में आधुनिक फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी एवं कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध है। आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, एआईआईएमएस एवं एमबीबीएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। विशेष रूप से आईआईटी में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 40 हजार रुपए तक की सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है। प्रयास आवास विद्यालय से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेबसाईट प्रयास पोर्टल पर प्राप्त कर सकते है।
- कुत्तों की पूजा पर हो रही जमकर सियासत, नसबंदी से पहले की जा रही है आरती , अब आरोप-प्रत्यारोप हुए तेज जगदलपुर।जगदलपुर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की शुरुआत ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां एक ओर नगर निगम ने एबीसी सेंटर की शुरुआत कुत्तों की पूजा, तिलक और दूध पिलाकर की, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए सीधे महापौर पर निशाना साध दिया है। निगम के इस अनोखे शुभारंभ में महापौर संजय पांडेय समेत जनप्रतिनिधियों ने कुत्तों को तिलक लगाया, दूध पिलाया और पूजा-अर्चना के साथ अभियान की शुरुआत की लेकिन ये तस्वीरें सामने आते ही सियासत गरमा गई। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष ने इसे हास्यास्पद बताते हुए तंज कसा उन्होंने कहा कि अगर कुत्तों की पूजा ही करनी है, तो एक डॉग हाउस बनाकर वहीं सभी कुत्तों को रखिए, रोज पूजा करिए, दूध पिलाइए इससे नसबंदी पर खर्च होने वाला जनता का पैसा भी बचेगा उन्होंने इसे कोरा दिखावा करार दिया और महापौर को घेरते हुए कहा कि ये सिर्फ दिखाने की राजनीति है, जमीनी समाधान नहीं। वहीं महापौर संजय पांडेय ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए उन्होंने कहा कि जीव सेवा और सनातन परंपरा से जुड़े हर काम में कांग्रेस को दर्द होता है. महापौर ने कुत्तों को सनातन परंपरा में राहु-केतु और भगवान कालभैरव से जोड़ते हुए पूजा को सही ठहराया और कहा कि यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है। महापौर यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस के 10 साल के शासन पर भी सवाल उठाए कहा कि तब नसबंदी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस काम नहीं हुआ और अब जब पहल हो रही है, तो राजनीति की जा रही है1
- हाथी शावक की मौत, चौबीस घंटे में दूसरी घटना , वन विभाग सजग नहीं, लोगो ने जताई चिंता रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद वन विभाग सजग नहीं है, इन हाथियों के साथ लगातार विचरण करने वाले शावकों की मौत लगातार हो रही है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनने से हाथी शावको की मौत रुकने का नाम नहीं ले रही है।1
- चंद्रपुर बस स्टैंड में बड़ा हादसा — हवा भरने वाला टैंक फटा, 23 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, चंद्रपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बस स्टैंड के पास माधव मेडिकल के सामने आज दोपहर करीब 3 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि हवा भरने वाला टैंक अचानक तेज धमाके के साथ फट गया, जिसकी चपेट में आने से 23 वर्षीय युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- #sarangarhnews : ब..लवा कां!!ड || 20 लोगो पर FIR FIR against 20 people in riot case बिलाईगढ़ में हुआ दो पक्षों में हुआ खूनी संघर्ष,,,, बच्चे समेत कई लोगों को आई चोट,,,, मारपीट का वीडियो हो रहा हुआ वायरल,,,,बताया जा रहा है की तालाब में मछली मारने की बात को लेकर हुआ था विवाद शुरू ,,,,, दोनों पक्षों के रिपोर्ट के आधार पर कुल 20 लोगों के खिलाफ मामला हुआ दर्ज,,,, अलग से किया गया प्रतिबंधित धारा पर भी कार्यवाही,,,, वीडियो मे साफ देखा जा सकता हैँ की किस तरह से दोनों गुटों मे चल रहा मारपीट,,, फिलहाल एक पक्ष छपोरा निवासी हैँ तो वही दूसरा पक्ष बिलाईगढ़ हैँ का बताया जा रहा हैँ,,,,1
- आधी रात अज्ञात व्यक्तियों ने मचाया तांडव जैजैपुर से मालखरौदा के बीच पड़ने वाले सभी गांव में सड़क किनारे खड़े वाहनों के तोड़े शीशे। आधी रात अज्ञात व्यक्तियों ने मचाया तांडव जैजैपुर से मालखरौदा के बीच पड़ने वाले सभी गांव में सड़क किनारे खड़े वाहनों के तोड़े शीशे।1
- कोरबा झोराघाट में कटघोरा पुलिस का बड़ा एक्शन : स्टंटबाज और शराबी बाइक चालकों पर चला डंडा, 23 युवकों की कटी चालान, पिकनिक स्पॉट पर मचा हड़कंप1
- सुशासन तिहार 2026 कोरबा जिले के पहंदा शिविर में धान खरीदी केंद्रों में धरमकांटा लगाने की मांग1
- मौत के बाद भी नहीं चेते लोग: प्रतिबंधित पच धारी डैम पर फिर उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था नदारद रायगढ़। एक ओर प्रशासन हादसों को रोकने के लिए डैम और जलाशयों पर प्रतिबंध लगाने के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग नजर आ रही है। रायगढ़ के सर्किट हाउस के पीछे स्थित पच धारी डैम में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद लोगों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। हालात इतने चिंताजनक हैं कि यहां न तो पुलिस की मौजूदगी दिखाई दे रही है और न ही लोगों को रोकने-टोकने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी यहां तैनात किया गया है। कल दोपहर ही एक युवक की डैम में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन सख्ती करेगा और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाएगा, लेकिन स्थानीय लोग अगले ही दिन बड़ी संख्या में लोग डैम पर पहुंच गए। परिवारों, युवाओं और बच्चों की भीड़ पूरे क्षेत्र में देखी गई, जबकि सुरक्षा के नाम पर वहां एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पच धारी डैम लंबे समय से हादसों का केंद्र बना हुआ है। यहां पहले भी कई युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके अलावा चोरी, छेड़छाड़ और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। प्रतिबंध के बावजूद लोगों का डैम पर पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है तो वहां निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं है? यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि डैम क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया जाए, बैरिकेडिंग की जाए और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि किसी और परिवार को अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े।2