सुशासन तिहार में रेत माफियाओं पर तहसीलदार की ताबडतोड कार्रवाई, RTO-खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल.! सुशासन तिहार में रेत माफियाओं पर तहसीलदार की ताबडतोड कार्रवाई, RTO-खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल.! गोबरा नवापारा। महानदी का सीना छलनी कर शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगा रहे रेत माफियाओं पर राजस्व विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सुशासन तिहार के दौरान बेखौफ होकर अवैध रेत परिवहन कर रहे दर्जनों हाइवा तहसीलदार की टीम ने धर दबोचे। लेकिन इस कार्रवाई ने RTO और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार सुबह से ही गोबरा नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर एक्शन मोड में थे। सूचना मिलते ही टीम ने मुख्य मार्गों पर घेराबंदी कर बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध रेत लेकर भाग रहे दर्जनों हाइवा पकड़े। अचानक हुई कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया। सवाल यह है कि रोजाना सैकड़ों ओवरलोड रेत हाइवा नेशनल हाईवे और शहर से गुजरते हैं, फिर भी जिम्मेदार RTO और खनिज विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं। न तो नियमित जांच होती है, न ही नाकेबंदी। विभाग की इसी ढिलाई के चलते रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि सुशासन तिहार जैसे सरकारी अभियान के दौरान भी अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी था।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन संभव ही नहीं है। महानदी से अवैध खनन के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और शासन को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। फिलहाल जब्त हाइवा पर खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
सुशासन तिहार में रेत माफियाओं पर तहसीलदार की ताबडतोड कार्रवाई, RTO-खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल.! सुशासन तिहार में रेत माफियाओं पर तहसीलदार की ताबडतोड कार्रवाई, RTO-खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल.! गोबरा नवापारा। महानदी का सीना छलनी कर शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगा रहे रेत माफियाओं पर राजस्व विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सुशासन तिहार के दौरान बेखौफ होकर अवैध रेत परिवहन कर रहे दर्जनों हाइवा तहसीलदार की टीम ने धर दबोचे। लेकिन इस कार्रवाई ने RTO और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार सुबह से ही गोबरा नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर एक्शन मोड में थे। सूचना मिलते ही टीम ने मुख्य मार्गों पर घेराबंदी कर बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध रेत लेकर भाग रहे दर्जनों हाइवा पकड़े। अचानक हुई कार्रवाई से
माफियाओं में हड़कंप मच गया। सवाल यह है कि रोजाना सैकड़ों ओवरलोड रेत हाइवा नेशनल हाईवे और शहर से गुजरते हैं, फिर भी जिम्मेदार RTO और खनिज विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं। न तो नियमित जांच होती है, न ही नाकेबंदी। विभाग की इसी ढिलाई के चलते रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि सुशासन तिहार जैसे सरकारी अभियान के दौरान भी अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी था।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन संभव ही नहीं है। महानदी से अवैध खनन के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और शासन को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। फिलहाल जब्त हाइवा पर खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
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- सुशासन तिहार में रेत माफियाओं पर तहसीलदार की ताबडतोड कार्रवाई, RTO-खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल.! गोबरा नवापारा। महानदी का सीना छलनी कर शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगा रहे रेत माफियाओं पर राजस्व विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सुशासन तिहार के दौरान बेखौफ होकर अवैध रेत परिवहन कर रहे दर्जनों हाइवा तहसीलदार की टीम ने धर दबोचे। लेकिन इस कार्रवाई ने RTO और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार सुबह से ही गोबरा नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर एक्शन मोड में थे। सूचना मिलते ही टीम ने मुख्य मार्गों पर घेराबंदी कर बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध रेत लेकर भाग रहे दर्जनों हाइवा पकड़े। अचानक हुई कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया। सवाल यह है कि रोजाना सैकड़ों ओवरलोड रेत हाइवा नेशनल हाईवे और शहर से गुजरते हैं, फिर भी जिम्मेदार RTO और खनिज विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं। न तो नियमित जांच होती है, न ही नाकेबंदी। विभाग की इसी ढिलाई के चलते रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि सुशासन तिहार जैसे सरकारी अभियान के दौरान भी अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी था।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन संभव ही नहीं है। महानदी से अवैध खनन के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और शासन को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। फिलहाल जब्त हाइवा पर खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।2
- रायपुर में आयोजित सतनामी समाज के विशाल सम्मेलन में सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। सम्मेलन में कफन प्रथा और मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सर्वसम्मति बनी, जिनका उद्देश्य समाज में एकता, सादगी और सुधार को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में प्रदेशभर से मंत्री, विधायक, सामाजिक पदाधिकारी और हजारों समाजजन शामिल हुए।1
- दिनांक: 03 मई 2026 आज छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की संयुक्त मासिक बैठक राजिम सदन कोटा रोड तिल्दा नेवरा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में क्षेत्र के पदाधिकारी, सक्रिय कार्यकर्ता एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संगठन को मजबूत एवं विस्तार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य रूप से सदस्यता अभियान को तेज करने, गांव-गांव तक संगठन की पहुंच बढ़ाने, युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सामाजिक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यकर्ताओं एवं सेनानियों को नई जिम्मेदारियां (पदभार) सौंपे गए, जिससे संगठन को और अधिक सशक्त एवं व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही, जनहित के मुद्दों, क्षेत्रीय विकास, सांस्कृतिक संरक्षण एवं छत्तीसगढ़ की अस्मिता को बनाए रखने जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने एकजुट होकर संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने, जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता देने तथा छत्तीसगढ़ के हक और अधिकारों की रक्षा हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। जारीकर्ता: छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना भूपेंद्र सिंह ठाकुर मीडिया प्रभारी, तिल्दा खंड3
- घोटवानी में फिर धधकी आग: दो पैरावट जलकर खाक, 2 घंटे बाद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत घोटवानी में एक बार फिर आगजनी की घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। गांव में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और दो किसानों के पैरावट जलकर खाक हो गए। बताया जा रहा है कि आग की लपटें पास में रखे सुरेश वर्मा के पैरावट तक पहुंच गईं। कुछ ही देर में आग ने दोनों पैरावट को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बाल्टी, पाइप और अन्य संसाधनों के जरिए आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बाद भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं ने गांव में दहशत का माहौल बना दिया है।1
- तिल्दा-नेवरा, रायपुर (छत्तीसगढ़)। थाना तिल्दा नेवरा पुलिस ने ऑपरेशन “निश्चय” के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अपराध क्रमांक 181/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी का नाम जागेश्वर पारधी (19 वर्ष) है, जो ग्राम जलसो, थाना तिल्दा नेवरा का निवासी है। क्या है पूरा मामला? तिल्दा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी बैकुंठ रेलवे अंडरब्रिज के पास नीले-सफेद रंग के बैग में अवैध गांजा रखकर बिक्री के उद्देश्य से बैकुंठ स्टेशन से भाठापारा की ओर जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 1 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 60,000 रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। आगे की कार्रवाई आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। ऑपरेशन “निश्चय” जारी पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन “निश्चय” के तहत क्षेत्र में अवैध गांजा और शराब के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम—प्र.आर. जालम साहू, आरक्षक महेन्द्र वर्मा एवं आरक्षक संदीप सिंह—द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।2
- क्रांति सेना व जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन झुका, बीमा व पेंशन का भी ऐलान धरसीवां/जांजगीर-चांपा। SKS इस्पात कंपनी में कार्यरत जांजगीर-चांपा जिले के निवासी पुष्पेंद्र साहू की 2 मई 2026 को कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना में मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र बताया जा रहा है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद परिजनों ने न्याय और उचित मुआवजे की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से सहायता की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कंपनी गेट पर पहुंचकर देर रात तक पीड़ित परिवार के साथ डटे रहे। इस दौरान संगठन की ओर से कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजा देने की मांग की गई और स्पष्ट चेतावनी दी गई कि न्याय नहीं मिलने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। संगठन के दबाव और लगातार प्रयासों के बाद कंपनी प्रबंधन ने मृतक परिवार को 22 लाख 50 हजार रुपये मुआवजा, लगभग 14 लाख रुपये बीमा राशि तथा 12 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने पर सहमति जताई। मृतक के परिजनों ने संगठनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मजदूरों के हक और अधिकार के लिए इस तरह की लड़ाई बेहद जरूरी है। ⚠️ सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। ✍️ संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल जय जोहार सीजी न्यूज़1
- भारी वाहनों ने राजिम–परसवानी चौबेबांधा पुल की सूरत बिगाड़ी पुल के जॉइंट पर बाहर निकला सरिया दे रहा दुर्घटना को न्योता राजिम। गरियाबंद जिले को धमतरी जिले से जोड़ने वाले राजिम–परसवानी चौबेबांधा पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है। पुल के जॉइंट से सरिया बाहर निकल आई है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। करीब 550 मीटर लंबा यह पुल कई जगहों पर उखड़ा हुआ नजर आ रहा है। कहीं जॉइंट उभरे हुए हैं तो कहीं गहरे गड्ढे बन चुके हैं। एक जॉइंट ऐसा भी है, जहां हर छह महीने में सरिया बाहर निकल आती है। मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत के नाम पर गिट्टी और सीमेंट डालकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है। न तो उचित तरीके से पानी डाला जाता है और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है, जिससे कुछ ही दिनों में फिर से सरिया दिखाई देने लगती है। कई बार बाहर निकली सरिया को काटकर ऊपर से सीमेंट और गिट्टी डाल दी जाती है, लेकिन इस बार सरिया बड़े आकार में बाहर दिख रही है, जो धीरे-धीरे गड्ढे का रूप ले रही है। पुल के कई हिस्सों में गिट्टी और डामर उखड़ चुके हैं, जिससे नुकीले पत्थर साफ दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है—बिना जूते-चप्पल के चलना तो लगभग असंभव है। राहगीरों का कहना है कि पुल की मरम्मत अत्यंत आवश्यक है, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 में लगभग 4.50 करोड़ रुपये की लागत से नाबार्ड की सहायता से इस पुल का निर्माण कराया गया था, ताकि धमतरी जिले को राजिम से जोड़ा जा सकें। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित श्यामाचरण शुक्ल द्वारा इसका भूमि पूजन किया गया था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री (वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष) डॉ. रमन सिंह ने इसका शिलान्यास कर इसे जनता को समर्पित किया। निर्माण के लगभग 21 वर्षों में ही पुल की जर्जर स्थिति राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे पुल की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। पुल के समीप नया मेला ग्राउंड भी स्थित है, जहां पिछले दो वर्षों से प्रसिद्ध कुंभ कल्प मेला आयोजित किया जा रहा है। ऐसे में इस मार्ग का महत्व और बढ़ गया है तथा यहां चौबिसों घंटे आवागमन बना रहता है। बावजूद इसके, पुल की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मेलों के दौरान सड़कों और पुलों की विशेष मरम्मत के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन संबंधित विभाग इस दिशा में उदासीन बना हुआ है। यदि समय रहते पुल की स्थायी मरम्मत नहीं की गई, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस संबंध में ब्रिज एसडीओ संतोष कुमार पेंडोले से संपर्क किया गया, लेकिन उनके मोबाइल नंबर से संदेश प्राप्त हुआ कि इस नंबर पर इनकमिंग कॉल रिसीव नहीं हो रही है।2