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कफन प्रथा और मृत्यु भोज खत्म — समाज ने लिया ऐतिहासिक निर्णय रायपुर में आयोजित सतनामी समाज के विशाल सम्मेलन में सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। सम्मेलन में कफन प्रथा और मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सर्वसम्मति बनी, जिनका उद्देश्य समाज में एकता, सादगी और सुधार को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में प्रदेशभर से मंत्री, विधायक, सामाजिक पदाधिकारी और हजारों समाजजन शामिल हुए।
सत्य के अंजोर न्यूज
कफन प्रथा और मृत्यु भोज खत्म — समाज ने लिया ऐतिहासिक निर्णय रायपुर में आयोजित सतनामी समाज के विशाल सम्मेलन में सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। सम्मेलन में कफन प्रथा और मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सर्वसम्मति बनी, जिनका उद्देश्य समाज में एकता, सादगी और सुधार को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में प्रदेशभर से मंत्री, विधायक, सामाजिक पदाधिकारी और हजारों समाजजन शामिल हुए।
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- छत्तीसगढ़ी भाखा सिरिफ बोली नई, बल्कि हमर पहचान, संस्कृति अउ अस्मिता के आधार आय। फिर काबर ये ला आधिकारिक रूप म मान्यता देय म देरी होवत हे?1
- दिनांक: 03/05/2026 SKS इस्पात कंपनी में दुर्घटना से मजदूर की मौत, संगठन के हस्तक्षेप से मिला मुआवजा दिनांक 02/05/2026 को SKS इस्पात कंपनी में कार्यरत जिला जांजगीर-चांपा निवासी पुष्पेंद्र साहू की कार्यस्थल पर हुई दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। मृतक पुष्पेंद्र साहू अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के पश्चात मृतक के परिजनों ने न्याय एवं उचित मुआवजे की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से सहायता की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए धरसीवां खंड के सेनानी अपने संगठन के साथ मृतक परिवार के समर्थन में कंपनी गेट पर पहुंचे और देर रात 12 बजे तक पीड़ित परिवार के साथ डटे रहे। इस दौरान संगठन द्वारा कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजा देने की मांग की गई तथा स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि न्याय नहीं मिला तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। संगठन के दबाव एवं प्रयासों के बाद कंपनी प्रबंधन को मृतक परिवार को 22 लाख 50 हजार रुपये का मुआवजा, बीमा राशि से लगभग 14 लाख रुपये तथा 12 हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने के लिए सहमत होना पड़ा। मृतक के परिजनों ने संगठन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में मजदूरों के हक और अधिकार के लिए इस प्रकार की लड़ाई बेहद आवश्यक है और संगठन का यह प्रयास सराहनीय है। संदेश: यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। संगठनों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।2
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- ब्रेकिंग न्यूज राजिम उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया बयान, पश्चिम बंगाल,असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में कल आने वाले चुनाव परिणाम को लेकर दिया बयान, कहा जनता के रुझानों से स्पष्ट है भाजपा एनडीए की सरकार बन रही है, कोपरा नगर पंचायत में अटल परिसर के लोकार्पण में पहुंचे हुवे थे उपमुख्यमंत्री अरुण साव,1
- *खोमन गुरुजी की अनूठी पहल : पक्षी घर बनाकर दिया जीव-जंतुओं के प्रति सद्भावना का संदेश अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर खोमन गुरुजी ने एक प्रेरणादायी एवं सराहनीय नवाचार करते हुए पक्षियों के लिए सुंदर पक्षी घर का निर्माण कराया,1
- राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लंबे समय बाद राजनांदगांव पहुंचे। उनके आगमन पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव से अपने भावनात्मक जुड़ाव को लेकर बड़ा बयान दिया। राजनांदगांव लंबे समय तक डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि रहा है। लंबे अंतराल के बाद शहर पहुंचने पर उन्होंने राजनांदगांव नहीं आ पाने का कारण भी बताया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके कारण आने में विलंब हुआ। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “रमन कहीं भी रहे, मन राजनांदगांव में ही रहता है। यहां से कहीं जाता नहीं।” उनके इस बयान ने मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और समर्थकों ने इसे राजनांदगांव के प्रति उनके लगाव से जोड़कर देखा। डॉ. रमन सिंह के इस दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह नजर आया। लंबे समय बाद उनके राजनांदगांव पहुंचने से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।6
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- छुरा-राजिम मार्ग पर दर्दनाक हादसा: बाइक-ट्रक भिड़ंत में पिता-पुत्र की मौत, इलाके में शोक गरियाबंद | जिले के छुरा-राजिम मुख्य मार्ग पर एक हृदयविदारक सड़क हादसे में पिता-पुत्र दोनों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पत्तियां निवासी चोवाराम पटेल अपने बेटे भरत पटेल के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि चोवाराम पटेल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनका बेटा भरत पटेल गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल भरत को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। पुलिस की देरी पर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि सूचना के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची, जिससे नाराजगी बढ़ गई। लगातार बढ़ रहे हादसे छुरा-राजिम मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसे प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन जानलेवा हादसे सामने आ रहे हैं। अपील वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें—एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।4
- निजामडीह में अब भी अंधेरा, बिजली पानी से वंचित ग्रामीणों ने दी चेतावनी, 3 मई रविवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार साल्हेवारा वनांचल क्षेत्रों में विकास के दावों के बीच खैरागढ़ विकासखंड के साल्हेवारा बकरकट्टा क्षेत्र) अंतर्गत ग्राम निजामडीह की जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई है, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और रात के समय जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। वहीं, पीने के साफ पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे महिलाओं को दूर-दराज तक पानी लाना पड़ता है या दूषित पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हाल ही में क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय के दौरे से ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी, लेकिन उनका आरोप है कि केवल आश्वासन देकर वापस लौट गए। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। गांव के लोगों ने साफ कहा है कि अब वे सिर्फ वादों से संतुष्ट नहीं होंगे। यदि जल्द ही बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे आगे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाता है।1