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डॉ. रमन सिंह का भावुक बयान—राजनांदगांव से मेरा नाता कभी नहीं टूटता राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लंबे समय बाद राजनांदगांव पहुंचे। उनके आगमन पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव से अपने भावनात्मक जुड़ाव को लेकर बड़ा बयान दिया। राजनांदगांव लंबे समय तक डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि रहा है। लंबे अंतराल के बाद शहर पहुंचने पर उन्होंने राजनांदगांव नहीं आ पाने का कारण भी बताया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके कारण आने में विलंब हुआ। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “रमन कहीं भी रहे, मन राजनांदगांव में ही रहता है। यहां से कहीं जाता नहीं।” उनके इस बयान ने मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और समर्थकों ने इसे राजनांदगांव के प्रति उनके लगाव से जोड़कर देखा। डॉ. रमन सिंह के इस दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह नजर आया। लंबे समय बाद उनके राजनांदगांव पहुंचने से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।

6 hrs ago
user_Jaideep Sharma
Jaideep Sharma
राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
6 hrs ago

डॉ. रमन सिंह का भावुक बयान—राजनांदगांव से मेरा नाता कभी नहीं टूटता राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लंबे समय बाद राजनांदगांव पहुंचे। उनके आगमन

पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव से अपने भावनात्मक जुड़ाव को लेकर बड़ा बयान दिया। राजनांदगांव लंबे समय तक

डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि रहा है। लंबे अंतराल के बाद शहर पहुंचने पर उन्होंने राजनांदगांव नहीं आ पाने का कारण भी बताया। डॉ. रमन सिंह ने

कहा कि उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके कारण आने में विलंब हुआ। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “रमन कहीं भी रहे, मन राजनांदगांव में ही रहता है। यहां से

कहीं जाता नहीं।” उनके इस बयान ने मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और समर्थकों ने इसे राजनांदगांव के प्रति उनके लगाव से जोड़कर देखा। डॉ. रमन सिंह के इस

दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह नजर आया। लंबे समय बाद उनके राजनांदगांव पहुंचने से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।

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  • राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लंबे समय बाद राजनांदगांव पहुंचे। उनके आगमन पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव से अपने भावनात्मक जुड़ाव को लेकर बड़ा बयान दिया। राजनांदगांव लंबे समय तक डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि रहा है। लंबे अंतराल के बाद शहर पहुंचने पर उन्होंने राजनांदगांव नहीं आ पाने का कारण भी बताया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके कारण आने में विलंब हुआ। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “रमन कहीं भी रहे, मन राजनांदगांव में ही रहता है। यहां से कहीं जाता नहीं।” उनके इस बयान ने मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और समर्थकों ने इसे राजनांदगांव के प्रति उनके लगाव से जोड़कर देखा। डॉ. रमन सिंह के इस दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह नजर आया। लंबे समय बाद उनके राजनांदगांव पहुंचने से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
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    राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लंबे समय बाद राजनांदगांव पहुंचे। उनके आगमन पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव से अपने भावनात्मक जुड़ाव को लेकर बड़ा बयान दिया।
राजनांदगांव लंबे समय तक डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि रहा है। लंबे अंतराल के बाद शहर पहुंचने पर उन्होंने राजनांदगांव नहीं आ पाने का कारण भी बताया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके कारण आने में विलंब हुआ।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “रमन कहीं भी रहे, मन राजनांदगांव में ही रहता है। यहां से कहीं जाता नहीं।” उनके इस बयान ने मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और समर्थकों ने इसे राजनांदगांव के प्रति उनके लगाव से जोड़कर देखा।
डॉ. रमन सिंह के इस दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह नजर आया। लंबे समय बाद उनके राजनांदगांव पहुंचने से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • घोटवानी में फिर धधकी आग: दो पैरावट जलकर खाक, 2 घंटे बाद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत घोटवानी में एक बार फिर आगजनी की घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। गांव में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और दो किसानों के पैरावट जलकर खाक हो गए। बताया जा रहा है कि आग की लपटें पास में रखे सुरेश वर्मा के पैरावट तक पहुंच गईं। कुछ ही देर में आग ने दोनों पैरावट को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बाल्टी, पाइप और अन्य संसाधनों के जरिए आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बाद भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं ने गांव में दहशत का माहौल बना दिया है।
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    घोटवानी में फिर धधकी आग: दो पैरावट जलकर खाक, 2 घंटे बाद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड
दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत घोटवानी में एक बार फिर आगजनी की घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। गांव में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और दो किसानों के पैरावट जलकर खाक हो गए।
बताया जा रहा है कि आग की लपटें पास में रखे सुरेश वर्मा के पैरावट तक पहुंच गईं। कुछ ही देर में आग ने दोनों पैरावट को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने बाल्टी, पाइप और अन्य संसाधनों के जरिए आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बाद भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।
सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं ने गांव में दहशत का माहौल बना दिया है।
    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • Post by "HASTE RAHO"
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    Post by "HASTE RAHO"
    user_"HASTE RAHO"
    "HASTE RAHO"
    Smile दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    1 day ago
  • निजामडीह में अब भी अंधेरा, बिजली पानी से वंचित ग्रामीणों ने दी चेतावनी, 3 मई रविवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार साल्हेवारा वनांचल क्षेत्रों में विकास के दावों के बीच खैरागढ़ विकासखंड के साल्हेवारा बकरकट्टा क्षेत्र) अंतर्गत ग्राम निजामडीह की जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई है, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और रात के समय जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। वहीं, पीने के साफ पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे महिलाओं को दूर-दराज तक पानी लाना पड़ता है या दूषित पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हाल ही में क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय के दौरे से ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी, लेकिन उनका आरोप है कि केवल आश्वासन देकर वापस लौट गए। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। गांव के लोगों ने साफ कहा है कि अब वे सिर्फ वादों से संतुष्ट नहीं होंगे। यदि जल्द ही बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे आगे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाता है।
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    निजामडीह में अब भी अंधेरा, बिजली
पानी से वंचित ग्रामीणों ने दी चेतावनी,
3 मई रविवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार 
साल्हेवारा 
वनांचल क्षेत्रों में विकास के दावों के बीच खैरागढ़ विकासखंड के साल्हेवारा बकरकट्टा क्षेत्र) अंतर्गत ग्राम निजामडीह की जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई है, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और रात के समय जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। वहीं, पीने के साफ पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे महिलाओं को दूर-दराज तक पानी लाना पड़ता है या दूषित पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
हाल ही में क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय के दौरे से ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी, लेकिन उनका आरोप है कि केवल आश्वासन देकर वापस लौट गए। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।
गांव के लोगों ने साफ कहा है कि अब वे सिर्फ वादों से संतुष्ट नहीं होंगे। यदि जल्द ही बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे आगे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाता है।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • “बोरे बासी तिहार” 📍ग्राम खुर्सीटीकूल छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सम्मानित अध्यक्ष माननीय दीपक बैज जी के ग्राम खुर्सीटीकूल आगमन पर डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामपुर चौक में कांग्रेस जनों के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। छत्तीसगढ़ की माटी, मेहनतकशों की पहचान और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक “बोरे बासी तिहार” केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का उत्सव है। यह तिहार उन श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश भाइयों-बहनों को समर्पित है, जिनके पसीने से प्रदेश की तरक्की की नींव मजबूत होती है। कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित कर “बोरे बासी तिहार” की शुरुआत की गई, ताकि मजदूरों के सम्मान, अस्मिता और अधिकार को नई पहचान मिल सके। यह पहल इस बात का प्रतीक है कि मेहनत करने वाला हर व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है। आइए, इस अवसर पर हम सभी श्रमिक साथियों के सम्मान, अधिकार और अस्मिता को सशक्त बनाने का संकल्प लें।
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    “बोरे बासी तिहार”
📍ग्राम खुर्सीटीकूल
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सम्मानित अध्यक्ष माननीय दीपक बैज जी के ग्राम खुर्सीटीकूल आगमन पर डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामपुर चौक में कांग्रेस जनों के साथ आत्मीय अभिनंदन किया।
छत्तीसगढ़ की माटी, मेहनतकशों की पहचान और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक “बोरे बासी तिहार” केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का उत्सव है। यह तिहार उन श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश भाइयों-बहनों को समर्पित है, जिनके पसीने से प्रदेश की तरक्की की नींव मजबूत होती है।
कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित कर “बोरे बासी तिहार” की शुरुआत की गई, ताकि मजदूरों के सम्मान, अस्मिता और अधिकार को नई पहचान मिल सके। यह पहल इस बात का प्रतीक है कि मेहनत करने वाला हर व्यक्ति सम्मान का अधिकारी है।
आइए, इस अवसर पर हम सभी श्रमिक साथियों के सम्मान, अधिकार और अस्मिता को सशक्त बनाने का संकल्प लें।
    user_Kamal Kumar meshram
    Kamal Kumar meshram
    छुरिया, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • Post by News4u36
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    Post by News4u36
    user_News4u36
    News4u36
    Local News Reporter Raipur, Chhattisgarh•
    9 hrs ago
  • सुशासन तिहार में रेत माफियाओं पर तहसीलदार की ताबडतोड कार्रवाई, RTO-खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल.! गोबरा नवापारा। महानदी का सीना छलनी कर शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगा रहे रेत माफियाओं पर राजस्व विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सुशासन तिहार के दौरान बेखौफ होकर अवैध रेत परिवहन कर रहे दर्जनों हाइवा तहसीलदार की टीम ने धर दबोचे। लेकिन इस कार्रवाई ने RTO और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार सुबह से ही गोबरा नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर एक्शन मोड में थे। सूचना मिलते ही टीम ने मुख्य मार्गों पर घेराबंदी कर बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध रेत लेकर भाग रहे दर्जनों हाइवा पकड़े। अचानक हुई कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया। सवाल यह है कि रोजाना सैकड़ों ओवरलोड रेत हाइवा नेशनल हाईवे और शहर से गुजरते हैं, फिर भी जिम्मेदार RTO और खनिज विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं। न तो नियमित जांच होती है, न ही नाकेबंदी। विभाग की इसी ढिलाई के चलते रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि सुशासन तिहार जैसे सरकारी अभियान के दौरान भी अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी था।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन संभव ही नहीं है। महानदी से अवैध खनन के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और शासन को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। फिलहाल जब्त हाइवा पर खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
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    सुशासन तिहार में रेत माफियाओं पर तहसीलदार की ताबडतोड कार्रवाई, RTO-खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल.!
गोबरा नवापारा। महानदी का सीना छलनी कर शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगा रहे रेत माफियाओं पर राजस्व विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सुशासन तिहार के दौरान बेखौफ होकर अवैध रेत परिवहन कर रहे दर्जनों हाइवा तहसीलदार की टीम ने धर दबोचे। लेकिन इस कार्रवाई ने RTO और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार सुबह से ही गोबरा नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर एक्शन मोड में थे। सूचना मिलते ही टीम ने मुख्य मार्गों पर घेराबंदी कर बिना रॉयल्टी पर्ची के अवैध रेत लेकर भाग रहे दर्जनों हाइवा पकड़े। अचानक हुई कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया। सवाल यह है कि रोजाना सैकड़ों ओवरलोड रेत हाइवा नेशनल हाईवे और शहर से गुजरते हैं, फिर भी जिम्मेदार RTO और खनिज विभाग कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं। न तो नियमित जांच होती है, न ही नाकेबंदी। विभाग की इसी ढिलाई के चलते रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि सुशासन तिहार जैसे सरकारी अभियान के दौरान भी अवैध परिवहन बेरोकटोक जारी था।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन संभव ही नहीं है। महानदी से अवैध खनन के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और शासन को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। फिलहाल जब्त हाइवा पर खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • Post by "HASTE RAHO"
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    Post by "HASTE RAHO"
    user_"HASTE RAHO"
    "HASTE RAHO"
    Smile दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    1 day ago
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