आदिवासी बहुल शहडोल जिले में सोशल मीडिया के डिजिटल धोखे का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ इंस्टाग्राम पर महंगी और आलीशान लाइफस्टाइल की फर्जी पहचान बनाकर एक युवक ने कॉलेज की फर्स्ट ईयर की छात्रा को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। खुद को बड़ी-बड़ी कोठियों का मालिक बताने वाले इस युवक की हकीकत जब सामने आई, तो हर कोई दंग रह गया, क्योंकि वह असल में घरों में पुट्टी-पुताई का काम करने वाला एक मजदूर निकला। जैतपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा को मुरैना जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्वालियर जिले के रहने वाले करण धानुक के रूप में हुई है। करण ने इंस्टाग्राम पर अपनी असल पहचान छिपाकर 'करण राजपूत' नाम से एक फर्जी आईडी बना रखी थी। पेशे से पुट्टी और पुताई का काम करने वाला करण, जब बड़े-बड़े आलीशान बंगलों और कोठियों में काम करने जाता था, तो वहीं की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो खींचकर अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करता था, जिससे वह सोशल मीडिया पर खुद को बेहद संपन्न और रईस दिखाता था। इंस्टाग्राम की इसी झूठी और चमक-दमक वाली लाइफस्टाइल को सच मानकर जैतपुर क्षेत्र की 18 साल की कॉलेज छात्रा उसके जाल में फंस गई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आरोपी ने छात्रा को अपने साथ चलने के लिए मना लिया। योजना के मुताबिक, करण ट्रेन और बस बदलकर ग्वालियर से शहडोल के जैतपुर पहुंचा और छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर फरार हो गया। बेटी के घर न लौटने पर परेशान परिजनों ने जैतपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जैतपुर थाना प्रभारी जेपी शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी जांच (साइबर सेल) और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम मुरैना जिले के एक सुदूर गांव में पहुंची और छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही शातिर आरोपी करण धानुक मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस टीम ने कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छात्रा को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। फिलहाल, पुलिस आरोपी करण की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
आदिवासी बहुल शहडोल जिले में सोशल मीडिया के डिजिटल धोखे का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ इंस्टाग्राम पर महंगी और आलीशान लाइफस्टाइल की फर्जी पहचान बनाकर एक युवक ने कॉलेज की फर्स्ट ईयर की छात्रा को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। खुद को बड़ी-बड़ी कोठियों का मालिक बताने वाले इस युवक की हकीकत जब सामने आई, तो हर कोई दंग रह गया, क्योंकि वह असल में घरों में पुट्टी-पुताई का काम करने वाला एक मजदूर निकला। जैतपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा को मुरैना जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्वालियर जिले के रहने वाले करण धानुक के रूप में हुई है। करण ने इंस्टाग्राम पर अपनी असल पहचान छिपाकर 'करण राजपूत' नाम से एक फर्जी आईडी बना रखी थी। पेशे से पुट्टी और पुताई का काम करने वाला करण, जब बड़े-बड़े आलीशान बंगलों और कोठियों में काम करने जाता था, तो वहीं की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो खींचकर अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करता था, जिससे वह सोशल मीडिया पर खुद को बेहद संपन्न और रईस दिखाता था। इंस्टाग्राम की इसी झूठी और चमक-दमक वाली लाइफस्टाइल को सच मानकर जैतपुर क्षेत्र की 18 साल की कॉलेज छात्रा उसके जाल में फंस गई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आरोपी ने छात्रा को अपने साथ चलने के लिए मना लिया। योजना के मुताबिक, करण ट्रेन और बस बदलकर ग्वालियर से शहडोल के जैतपुर पहुंचा और छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर फरार हो गया। बेटी के घर न लौटने पर परेशान परिजनों ने जैतपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जैतपुर थाना प्रभारी जेपी शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी जांच (साइबर सेल) और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम मुरैना जिले के एक सुदूर गांव में पहुंची और छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही शातिर आरोपी करण धानुक मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस टीम ने कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छात्रा को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। फिलहाल, पुलिस आरोपी करण की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
- Dhanesh Barihaऔदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़मेरा सभी से निवेदन है सोशल मीडिया के दिखाई देने वाली चीजों पर भरोसा न करें8 hrs ago
- Dhanesh Barihaऔदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़सोशल मीडिया फेसबुक इंस्टाग्राम पर भरोसा नहीं कर सकते9 hrs ago
- Kamlesh MansureBhainsdehi, Betulकालेज की लडकी है और पुताई मास्टर कुछ बाते हजम नहीं होती अधिकतर बच्चों वाली हरकत कार ही दी लडकी ने10 hrs ago
- AkashPowayan, Shahjahanpur🙏9 hrs ago
- U wovEtawah, Uttar Pradesh😡10 hrs ago
- Abidआगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश🤝11 hrs ago
- Jageshwsr0radafPanna, Madhya Pradesh😂16 hrs ago
- गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में 15 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा में सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र में बेहतर परीक्षा परिणाम लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन इन सुविधाओं के अनुरूप परीक्षा परिणाम भी बेहतर आने चाहिए। कलेक्टर डॉ. देवांगन ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान होना चाहिए और उन्हें स्वयं अनुशासित रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जब शिक्षक का पढ़ाया हुआ विद्यार्थी कामयाब होता है, तो गर्व से सिर ऊंचा उठता है। उन्होंने शिक्षकों की प्रतिभा और काबिलियत का सही उपयोग करने, विद्यार्थियों को संवारने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें दिग्भ्रमित होने से बचाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि पढ़ाने का तरीका सरल और रोचक होना चाहिए, क्योंकि मेहनत का परिणाम दिखना चाहिए और इसके साथ लगातार अभ्यास भी आवश्यक है। बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने कलेक्टर के निर्देशों और अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने तथा बेहतर परीक्षा परिणाम लाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन एवं एमबीयू की स्थिति, अपार आईडी निर्माण, जाति प्रमाण पत्र, जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों की जानकारी, विद्यालयों की साफ-सफाई और प्रवेश उत्सव की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी, डाइट के प्राचार्य श्री जेपी पुष्प और सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- अनूपपुर जिले के कोतमा स्थित जमुना क्षेत्र के भालूमाडा वार्ड नंबर 15 में एक घर से एक सर्प को सफलतापूर्वक पकड़ा गया है। बताया गया है कि यह कार्य 'C.G सर्प' नामक इकाई द्वारा किया जाता है, जो घरों से सर्पों को पकड़ने में विशेषज्ञ है।1
- शहडोल की नंदिनी गुप्ता को पीएमईजीपी योजना का लाभ प्राप्त हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप वह आत्मनिर्भर बन गई हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।1
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियों के मद्देनजर वन विभाग अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश वन विभाग के 30 वन कर्मियों ने पश्चिम बंगाल में आयोजित छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस प्रशिक्षण में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से वन रक्षक लवकेश प्रसाद कुशवाहा, धीरेंद्र शुक्ल, कैलाश चौधरी, लवकेश गुप्ता और रवि कुमार वर्मा सहित कई कर्मी शामिल थे, जहाँ उन्होंने हाथी प्रबंधन और मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हाथियों के व्यवहार, उनकी निगरानी और आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों के पहुँचने पर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में ट्रांसेक्ट सर्वे, गोबर विश्लेषण के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों का आकलन, हाथियों की प्रोफाइलिंग, कैम्प हाथियों का प्रबंधन तथा वन्यजीवों के व्यवहार संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने विभिन्न परिस्थितियों में हाथियों के साथ सुरक्षित और प्रभावी तरीके से कार्य करने के उपाय भी बताए। इस दौरान, गोरुमारा, कर्सिओंग, बैकुंठपुर और जलपाईगुड़ी वन मंडलों के आईएफएस अधिकारियों, वाइल्डलाइफ स्क्वाड, क्विक रिस्पॉन्स टीम और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद आयोजित किए गए। इन संवादों में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने, ग्रामीणों को जागरूक करने और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की रणनीतियों पर चर्चा हुई। यह उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिछले लगभग आठ वर्षों से जंगली हाथियों का नियमित विचरण बना हुआ है और वर्तमान में यह क्षेत्र हाथियों के लिए एक स्थायी आवास के रूप में विकसित हो चुका है। वन विभाग का मानना है कि यह स्थिति यहाँ के समृद्ध और संतुलित पारिस्थितिक तंत्र का संकेत है, हालाँकि हाथियों की मौजूदगी से रिजर्व से लगे गांवों में मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाएं भी बनी रहती हैं। वन विभाग को विश्वास है कि इस विशेष प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव भविष्य में हाथियों के बेहतर प्रबंधन, ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।2
- डिंडोरी जिले के दुल्लूपुर गांव में नाचते-गाते समय हुए विवाद के बाद एक धारदार हथियार से हमला किया गया है। इस हमले में घायल हुए व्यक्ति का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी है।2
- डिंडोरी जिले के समनापुर स्थित जनपद पंचायत में एक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और हितग्राही शामिल हुए, जहाँ उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शासन की जनहितकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया, जिसके बाद संबंधित विभागों को उन पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू नेताम, मंडल अध्यक्ष शिवराम राजपूत, मंडल अध्यक्ष माधव टेकाम, अशोक संत, जनपद अध्यक्ष पंवती कुशराम, उपाध्यक्ष नीतूलखनबर्मन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज जैन, रोहित उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का प्रयास किया गया, जिसके तहत ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से भीमनगर की गलियों में पहुँचे और 12वीं बोर्ड की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर जाकर उन्हें बधाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी और उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात की, साथ ही परिवार के साथ एक सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद, चांदनी ने अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से यह उपलब्धि हासिल की है, जो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।1
- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में उग्र प्रदर्शन किया, जिसके तहत एक पुतला दहन किया गया और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनुराग सिंह अंबुज की अगुवाई में, जिला महासचिव अजय सिंह सोमवंशी के नेतृत्व में और युवा प्रदेश सचिव विक्रम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नामांकन रद्द करने की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत करार देते हुए अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने मांग की कि विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को सत्ता के कथित दबाव में चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की कथित तानाशाही एवं अलोकतांत्रिक प्रवृत्तियों पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि सभी प्रत्याशियों को चुनाव में समान अवसर मिल सके। इसके साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। युवा कांग्रेस ने यह भी कहा कि दुर्भावनापूर्ण मंशा अथवा पक्षपातपूर्ण तरीके से नामांकन पत्र निरस्त करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के विरुद्ध तत्काल निलंबन और विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाए। युवा कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है और किसी भी प्रत्याशी को अनुचित तरीके से चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।4
- उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरही-मानपुर सड़क मार्ग (एसएच-10) पर सोमवार तड़के एक मालवाहक ट्रक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। कटनी से परचून का सामान लेकर ब्यौहारी क्षेत्र के टिहकी गांव की ओर जा रहा यह ट्रक सुबह करीब 3 बजे पनपथा गांव स्थित हाई स्कूल के समीप पहुंचा, तभी उसमें आग लग गई। शुरुआत में चालक को वाहन से धुआं निकलता दिखाई दिया, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और उसकी ऊंची लपटें रात के अंधेरे में दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। चालक ने तत्काल वाहन रोककर अपनी जान बचाई और घटना की सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल टीम और इंदवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, तब तक ट्रक का बड़ा हिस्सा और उसमें लदा अधिकांश परचून का सामान जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, जिस पर पुलिस और संबंधित विभाग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट जैसी संभावनाओं पर विचार कर जांच कर रहे हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग से लाखों रुपये मूल्य का सामान नष्ट होने के कारण ट्रक मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस घटना ने मालवाहक वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।2