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डिंडोरी जिले के दुल्लूपुर गांव में नाचते-गाते समय हुए विवाद के बाद एक धारदार हथियार से हमला किया गया है। इस हमले में घायल हुए व्यक्ति का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी है।

2 hrs ago
user_Santosh Ahirwar
Santosh Ahirwar
Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

डिंडोरी जिले के दुल्लूपुर गांव में नाचते-गाते समय हुए विवाद के बाद एक धारदार हथियार से हमला किया गया है। इस हमले में घायल हुए व्यक्ति का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी है।

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  • डिंडोरी जिले के दुल्लूपुर गांव में नाचते-गाते समय हुए विवाद के बाद एक धारदार हथियार से हमला किया गया है। इस हमले में घायल हुए व्यक्ति का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी है।
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    डिंडोरी जिले के दुल्लूपुर गांव में नाचते-गाते समय हुए विवाद के बाद एक धारदार हथियार से हमला किया गया है। इस हमले में घायल हुए व्यक्ति का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी है।
    user_Santosh Ahirwar
    Santosh Ahirwar
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के समनापुर स्थित जनपद पंचायत में एक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और हितग्राही शामिल हुए, जहाँ उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शासन की जनहितकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया, जिसके बाद संबंधित विभागों को उन पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू नेताम, मंडल अध्यक्ष शिवराम राजपूत, मंडल अध्यक्ष माधव टेकाम, अशोक संत, जनपद अध्यक्ष पंवती कुशराम, उपाध्यक्ष नीतूलखनबर्मन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज जैन, रोहित उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का प्रयास किया गया, जिसके तहत ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
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    डिंडोरी जिले के समनापुर स्थित जनपद पंचायत में एक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और हितग्राही शामिल हुए, जहाँ उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त किए गए।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शासन की जनहितकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया, जिसके बाद संबंधित विभागों को उन पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू नेताम, मंडल अध्यक्ष शिवराम राजपूत, मंडल अध्यक्ष माधव टेकाम, अशोक संत, जनपद अध्यक्ष पंवती कुशराम, उपाध्यक्ष नीतूलखनबर्मन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज जैन, रोहित उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का प्रयास किया गया, जिसके तहत ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
    user_लखन बर्मन
    लखन बर्मन
    पत्रकार Dindori, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से भीमनगर की गलियों में पहुँचे और 12वीं बोर्ड की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर जाकर उन्हें बधाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी और उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात की, साथ ही परिवार के साथ एक सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद, चांदनी ने अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से यह उपलब्धि हासिल की है, जो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से भीमनगर की गलियों में पहुँचे और 12वीं बोर्ड की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर जाकर उन्हें बधाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी और उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात की, साथ ही परिवार के साथ एक सेल्फी भी ली।

मुख्यमंत्री ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद, चांदनी ने अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से यह उपलब्धि हासिल की है, जो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में डिंडोरी नगर परिषद परिसर में 12 से 14 जून 2026 तक आयोजित जन कल्याण 2026 शिविर का सफल समापन हुआ। यह आयोजन नगर परिषद डिंडोरी की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें परिषद के सभापतिगण, पार्षदगण और एल्डरमेन की गरिमामयी उपस्थिति रही। समापन अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 27 पात्र हितग्राहियों को हितलाभ और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इन लाभार्थियों में प्रधानमंत्री आवास योजना के 12, नवीन नल कनेक्शन के 06, पीएम स्वनिधि योजना के 06, पात्रता पर्ची के 02 और संबल अनुग्रह सहायता के 01 हितग्राही शामिल थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इन जन कल्याण शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और पात्र व्यक्तियों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों से शासन की इन जनहितकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान भी किया। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों का निराकरण करके पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में पार्षद श्री रजनीश राय, श्री रीतेश जैन, श्री ज्योतिरादित्य भलावी, श्रीमती स्मिता बर्मन, एल्डरमैन श्री सुदील बरमैया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, निकाय के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में हितग्राही मौजूद रहे। अंत में, जन कल्याण 2026 शिविर के सफल आयोजन में सहयोग और सहभागिता के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर का समापन किया गया।
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    कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में डिंडोरी नगर परिषद परिसर में 12 से 14 जून 2026 तक आयोजित जन कल्याण 2026 शिविर का सफल समापन हुआ। यह आयोजन नगर परिषद डिंडोरी की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें परिषद के सभापतिगण, पार्षदगण और एल्डरमेन की गरिमामयी उपस्थिति रही। समापन अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 27 पात्र हितग्राहियों को हितलाभ और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।

इन लाभार्थियों में प्रधानमंत्री आवास योजना के 12, नवीन नल कनेक्शन के 06, पीएम स्वनिधि योजना के 06, पात्रता पर्ची के 02 और संबल अनुग्रह सहायता के 01 हितग्राही शामिल थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इन जन कल्याण शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और पात्र व्यक्तियों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों से शासन की इन जनहितकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान भी किया। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों का निराकरण करके पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

इस कार्यक्रम में पार्षद श्री रजनीश राय, श्री रीतेश जैन, श्री ज्योतिरादित्य भलावी, श्रीमती स्मिता बर्मन, एल्डरमैन श्री सुदील बरमैया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, निकाय के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में हितग्राही मौजूद रहे। अंत में, जन कल्याण 2026 शिविर के सफल आयोजन में सहयोग और सहभागिता के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर का समापन किया गया।
    user_Neeraj rajak
    Neeraj rajak
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • उमरिया जिले की पाली पुलिस और घुनघुटी चौकी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹35 लाख मूल्य के चोरी हुए औद्योगिक उपकरण बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह घटना 11 जून की रात ग्राम अमिलिहा में निर्माणाधीन पुल परियोजना में कार्यरत टीवीसीएल कंपनी के कैंप में हुई थी, जहाँ पुल निर्माण में उपयोग की जाने वाली पीक्यूसी मशीन के पाँच अत्याधुनिक सेंसर चोरी कर लिए गए थे। इन सेंसरों की चोरी से निर्माण कंपनी में हड़कंप मच गया था। आरोपियों ने पहले काम मांगने के बहाने कैंप में प्रवेश किया और मौका मिलते ही लाखों रुपये के उपकरण लेकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल जांच शुरू की गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम विदिशा जिले पहुँची, जहाँ आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी जंगल की ओर भाग निकले, लेकिन भागने की हड़बड़ी में उनके कब्जे से चोरी का सामान भरा बैग मौके पर छूट गया। पुलिस ने बैग जब्त कर उसमें रखे सभी पाँच सेंसर बरामद कर लिए। कंपनी के अधिकारियों ने भी बरामद उपकरणों की पहचान कर चोरी हुए सेंसरों के रूप में उनकी पुष्टि की है। हालाँकि, दोनों आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल लाखों रुपये का मशरूका बरामद कराया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अपराधियों के लिए अब जिले में बच निकलना आसान नहीं है।
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    उमरिया जिले की पाली पुलिस और घुनघुटी चौकी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹35 लाख मूल्य के चोरी हुए औद्योगिक उपकरण बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह घटना 11 जून की रात ग्राम अमिलिहा में निर्माणाधीन पुल परियोजना में कार्यरत टीवीसीएल कंपनी के कैंप में हुई थी, जहाँ पुल निर्माण में उपयोग की जाने वाली पीक्यूसी मशीन के पाँच अत्याधुनिक सेंसर चोरी कर लिए गए थे। इन सेंसरों की चोरी से निर्माण कंपनी में हड़कंप मच गया था।

आरोपियों ने पहले काम मांगने के बहाने कैंप में प्रवेश किया और मौका मिलते ही लाखों रुपये के उपकरण लेकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल जांच शुरू की गई।

तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम विदिशा जिले पहुँची, जहाँ आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी जंगल की ओर भाग निकले, लेकिन भागने की हड़बड़ी में उनके कब्जे से चोरी का सामान भरा बैग मौके पर छूट गया। पुलिस ने बैग जब्त कर उसमें रखे सभी पाँच सेंसर बरामद कर लिए। कंपनी के अधिकारियों ने भी बरामद उपकरणों की पहचान कर चोरी हुए सेंसरों के रूप में उनकी पुष्टि की है।

हालाँकि, दोनों आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल लाखों रुपये का मशरूका बरामद कराया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अपराधियों के लिए अब जिले में बच निकलना आसान नहीं है।
    user_THEJAYY
    THEJAYY
    Local News Reporter पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उमरिया में आयोजित राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता 2026 का उद्घाटन समारोह एक विवादित सांस्कृतिक प्रस्तुति के कारण चर्चा में आ गया है। अमर शहीद खेल मैदान में हुए इस कार्यक्रम के दौरान फिल्मी गीत “नीचे पान की दुकान, ऊपर गोरी का मकान” पर एक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने आयोजन की गरिमा और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग एवं लोक शिक्षण संचालनालय के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्देश्य अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग के खिलाड़ियों में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। इस आयोजन में प्रदेशभर से खिलाड़ी शामिल हुए थे, लेकिन उद्घाटन समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरा ध्यान खेल से हटाकर इस विवाद की ओर मोड़ दिया। समारोह में मौजूद अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने इस गाने के चयन पर घोर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि स्कूली बच्चों और नाबालिग खिलाड़ियों की मौजूदगी में ऐसे गीत पर नृत्य कराना समझ से परे है, क्योंकि खेल प्रतियोगिताएं बच्चों को प्रेरणा, संस्कार और सकारात्मक सोच प्रदान करने का माध्यम होनी चाहिए। दर्शकों ने बताया कि आधुनिक परिधानों में कलाकारों के नृत्य से कई अभिभावकों ने असहजता महसूस की, उनका मानना है कि जहां से अनुशासन और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जाता है, उसी मंच पर ऐसी प्रस्तुति विरोधाभासी है। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते समय जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों ने इसकी समीक्षा क्यों नहीं की। इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी आर.एस. मरावी ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में चलाए गए गीत की जानकारी नहीं थी और बीच कार्यक्रम में गीत शुरू होने के बाद तत्काल कुछ कह पाना संभव नहीं था। उन्होंने इस संबंध में जिला खेल अधिकारी से जानकारी लेने की बात कही है। हालांकि, आयोजन समिति की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोगों ने मांग की है कि भविष्य में स्कूल और खेल आयोजनों में प्रस्तुत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व समीक्षा अनिवार्य की जाए, ताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके। सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता देश की प्रतिष्ठित स्कूली प्रतियोगिताओं में से एक है, जो खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अवसर प्रदान करती है। इस विवाद ने आयोजन की उपलब्धियों के बजाय व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निगरानी पर बहस छेड़ दी है, और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं।
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    उमरिया में आयोजित राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता 2026 का उद्घाटन समारोह एक विवादित सांस्कृतिक प्रस्तुति के कारण चर्चा में आ गया है। अमर शहीद खेल मैदान में हुए इस कार्यक्रम के दौरान फिल्मी गीत “नीचे पान की दुकान, ऊपर गोरी का मकान” पर एक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने आयोजन की गरिमा और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग एवं लोक शिक्षण संचालनालय के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्देश्य अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग के खिलाड़ियों में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। इस आयोजन में प्रदेशभर से खिलाड़ी शामिल हुए थे, लेकिन उद्घाटन समारोह के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरा ध्यान खेल से हटाकर इस विवाद की ओर मोड़ दिया।

समारोह में मौजूद अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने इस गाने के चयन पर घोर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि स्कूली बच्चों और नाबालिग खिलाड़ियों की मौजूदगी में ऐसे गीत पर नृत्य कराना समझ से परे है, क्योंकि खेल प्रतियोगिताएं बच्चों को प्रेरणा, संस्कार और सकारात्मक सोच प्रदान करने का माध्यम होनी चाहिए। दर्शकों ने बताया कि आधुनिक परिधानों में कलाकारों के नृत्य से कई अभिभावकों ने असहजता महसूस की, उनका मानना है कि जहां से अनुशासन और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जाता है, उसी मंच पर ऐसी प्रस्तुति विरोधाभासी है। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते समय जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों ने इसकी समीक्षा क्यों नहीं की।

इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी आर.एस. मरावी ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में चलाए गए गीत की जानकारी नहीं थी और बीच कार्यक्रम में गीत शुरू होने के बाद तत्काल कुछ कह पाना संभव नहीं था। उन्होंने इस संबंध में जिला खेल अधिकारी से जानकारी लेने की बात कही है। हालांकि, आयोजन समिति की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोगों ने मांग की है कि भविष्य में स्कूल और खेल आयोजनों में प्रस्तुत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व समीक्षा अनिवार्य की जाए, ताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।

सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता देश की प्रतिष्ठित स्कूली प्रतियोगिताओं में से एक है, जो खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अवसर प्रदान करती है। इस विवाद ने आयोजन की उपलब्धियों के बजाय व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निगरानी पर बहस छेड़ दी है, और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उमरिया/बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में घुनघुटी पुलिस ने कोरेक्स कल्फ सीरप की तस्करी में शामिल चार तस्करों को धर दबोचा है।
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    उमरिया/बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में घुनघुटी पुलिस ने कोरेक्स कल्फ सीरप की तस्करी में शामिल चार तस्करों को धर दबोचा है।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    13 hrs ago
  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियों के मद्देनजर वन विभाग अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश वन विभाग के 30 वन कर्मियों ने पश्चिम बंगाल में आयोजित छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस प्रशिक्षण में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से वन रक्षक लवकेश प्रसाद कुशवाहा, धीरेंद्र शुक्ल, कैलाश चौधरी, लवकेश गुप्ता और रवि कुमार वर्मा सहित कई कर्मी शामिल थे, जहाँ उन्होंने हाथी प्रबंधन और मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हाथियों के व्यवहार, उनकी निगरानी और आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों के पहुँचने पर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में ट्रांसेक्ट सर्वे, गोबर विश्लेषण के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों का आकलन, हाथियों की प्रोफाइलिंग, कैम्प हाथियों का प्रबंधन तथा वन्यजीवों के व्यवहार संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने विभिन्न परिस्थितियों में हाथियों के साथ सुरक्षित और प्रभावी तरीके से कार्य करने के उपाय भी बताए। इस दौरान, गोरुमारा, कर्सिओंग, बैकुंठपुर और जलपाईगुड़ी वन मंडलों के आईएफएस अधिकारियों, वाइल्डलाइफ स्क्वाड, क्विक रिस्पॉन्स टीम और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद आयोजित किए गए। इन संवादों में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने, ग्रामीणों को जागरूक करने और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की रणनीतियों पर चर्चा हुई। यह उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिछले लगभग आठ वर्षों से जंगली हाथियों का नियमित विचरण बना हुआ है और वर्तमान में यह क्षेत्र हाथियों के लिए एक स्थायी आवास के रूप में विकसित हो चुका है। वन विभाग का मानना है कि यह स्थिति यहाँ के समृद्ध और संतुलित पारिस्थितिक तंत्र का संकेत है, हालाँकि हाथियों की मौजूदगी से रिजर्व से लगे गांवों में मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाएं भी बनी रहती हैं। वन विभाग को विश्वास है कि इस विशेष प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव भविष्य में हाथियों के बेहतर प्रबंधन, ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
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    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-हाथी संघर्ष की चुनौतियों के मद्देनजर वन विभाग अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश वन विभाग के 30 वन कर्मियों ने पश्चिम बंगाल में आयोजित छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस प्रशिक्षण में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से वन रक्षक लवकेश प्रसाद कुशवाहा, धीरेंद्र शुक्ल, कैलाश चौधरी, लवकेश गुप्ता और रवि कुमार वर्मा सहित कई कर्मी शामिल थे, जहाँ उन्होंने हाथी प्रबंधन और मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हाथियों के व्यवहार, उनकी निगरानी और आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों के पहुँचने पर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में ट्रांसेक्ट सर्वे, गोबर विश्लेषण के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों का आकलन, हाथियों की प्रोफाइलिंग, कैम्प हाथियों का प्रबंधन तथा वन्यजीवों के व्यवहार संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने विभिन्न परिस्थितियों में हाथियों के साथ सुरक्षित और प्रभावी तरीके से कार्य करने के उपाय भी बताए। इस दौरान, गोरुमारा, कर्सिओंग, बैकुंठपुर और जलपाईगुड़ी वन मंडलों के आईएफएस अधिकारियों, वाइल्डलाइफ स्क्वाड, क्विक रिस्पॉन्स टीम और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद आयोजित किए गए। इन संवादों में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने, ग्रामीणों को जागरूक करने और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की रणनीतियों पर चर्चा हुई।

यह उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिछले लगभग आठ वर्षों से जंगली हाथियों का नियमित विचरण बना हुआ है और वर्तमान में यह क्षेत्र हाथियों के लिए एक स्थायी आवास के रूप में विकसित हो चुका है। वन विभाग का मानना है कि यह स्थिति यहाँ के समृद्ध और संतुलित पारिस्थितिक तंत्र का संकेत है, हालाँकि हाथियों की मौजूदगी से रिजर्व से लगे गांवों में मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाएं भी बनी रहती हैं। वन विभाग को विश्वास है कि इस विशेष प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव भविष्य में हाथियों के बेहतर प्रबंधन, ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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