उमरिया जिले की पाली पुलिस और घुनघुटी चौकी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹35 लाख मूल्य के चोरी हुए औद्योगिक उपकरण बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह घटना 11 जून की रात ग्राम अमिलिहा में निर्माणाधीन पुल परियोजना में कार्यरत टीवीसीएल कंपनी के कैंप में हुई थी, जहाँ पुल निर्माण में उपयोग की जाने वाली पीक्यूसी मशीन के पाँच अत्याधुनिक सेंसर चोरी कर लिए गए थे। इन सेंसरों की चोरी से निर्माण कंपनी में हड़कंप मच गया था। आरोपियों ने पहले काम मांगने के बहाने कैंप में प्रवेश किया और मौका मिलते ही लाखों रुपये के उपकरण लेकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल जांच शुरू की गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम विदिशा जिले पहुँची, जहाँ आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी जंगल की ओर भाग निकले, लेकिन भागने की हड़बड़ी में उनके कब्जे से चोरी का सामान भरा बैग मौके पर छूट गया। पुलिस ने बैग जब्त कर उसमें रखे सभी पाँच सेंसर बरामद कर लिए। कंपनी के अधिकारियों ने भी बरामद उपकरणों की पहचान कर चोरी हुए सेंसरों के रूप में उनकी पुष्टि की है। हालाँकि, दोनों आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल लाखों रुपये का मशरूका बरामद कराया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अपराधियों के लिए अब जिले में बच निकलना आसान नहीं है।
उमरिया जिले की पाली पुलिस और घुनघुटी चौकी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹35 लाख मूल्य के चोरी हुए औद्योगिक उपकरण बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह घटना 11 जून की रात ग्राम अमिलिहा में निर्माणाधीन पुल परियोजना में कार्यरत टीवीसीएल कंपनी के कैंप में हुई थी, जहाँ पुल निर्माण में उपयोग की जाने वाली पीक्यूसी मशीन के पाँच अत्याधुनिक सेंसर चोरी कर लिए गए थे। इन सेंसरों की चोरी से निर्माण कंपनी में हड़कंप मच गया था। आरोपियों ने पहले काम मांगने के बहाने कैंप में प्रवेश किया और मौका मिलते ही लाखों रुपये के उपकरण लेकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और तत्काल जांच शुरू की गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम विदिशा जिले पहुँची, जहाँ आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी जंगल की ओर भाग निकले, लेकिन भागने की हड़बड़ी में उनके कब्जे से चोरी का सामान भरा बैग मौके पर छूट गया। पुलिस ने बैग जब्त कर उसमें रखे सभी पाँच सेंसर बरामद कर लिए। कंपनी के अधिकारियों ने भी बरामद उपकरणों की पहचान कर चोरी हुए सेंसरों के रूप में उनकी पुष्टि की है। हालाँकि, दोनों आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल लाखों रुपये का मशरूका बरामद कराया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अपराधियों के लिए अब जिले में बच निकलना आसान नहीं है।
- Post by पत्रकारिता1
- डिंडोरी जिले के दुल्लूपुर गांव में नाचते-गाते समय हुए विवाद के बाद एक धारदार हथियार से हमला किया गया है। इस हमले में घायल हुए व्यक्ति का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी है।2
- डिंडोरी जिले के समनापुर स्थित जनपद पंचायत में एक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और हितग्राही शामिल हुए, जहाँ उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शासन की जनहितकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया, जिसके बाद संबंधित विभागों को उन पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू नेताम, मंडल अध्यक्ष शिवराम राजपूत, मंडल अध्यक्ष माधव टेकाम, अशोक संत, जनपद अध्यक्ष पंवती कुशराम, उपाध्यक्ष नीतूलखनबर्मन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज जैन, रोहित उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का प्रयास किया गया, जिसके तहत ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से भीमनगर की गलियों में पहुँचे और 12वीं बोर्ड की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर जाकर उन्हें बधाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी और उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात की, साथ ही परिवार के साथ एक सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद, चांदनी ने अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से यह उपलब्धि हासिल की है, जो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।1
- उमरिया/बिरसिंहपुर पाली क्षेत्र में घुनघुटी पुलिस ने कोरेक्स कल्फ सीरप की तस्करी में शामिल चार तस्करों को धर दबोचा है।1
- आदिवासी बहुल शहडोल जिले में सोशल मीडिया के डिजिटल धोखे का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ इंस्टाग्राम पर महंगी और आलीशान लाइफस्टाइल की फर्जी पहचान बनाकर एक युवक ने कॉलेज की फर्स्ट ईयर की छात्रा को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। खुद को बड़ी-बड़ी कोठियों का मालिक बताने वाले इस युवक की हकीकत जब सामने आई, तो हर कोई दंग रह गया, क्योंकि वह असल में घरों में पुट्टी-पुताई का काम करने वाला एक मजदूर निकला। जैतपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा को मुरैना जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान ग्वालियर जिले के रहने वाले करण धानुक के रूप में हुई है। करण ने इंस्टाग्राम पर अपनी असल पहचान छिपाकर 'करण राजपूत' नाम से एक फर्जी आईडी बना रखी थी। पेशे से पुट्टी और पुताई का काम करने वाला करण, जब बड़े-बड़े आलीशान बंगलों और कोठियों में काम करने जाता था, तो वहीं की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो खींचकर अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करता था, जिससे वह सोशल मीडिया पर खुद को बेहद संपन्न और रईस दिखाता था। इंस्टाग्राम की इसी झूठी और चमक-दमक वाली लाइफस्टाइल को सच मानकर जैतपुर क्षेत्र की 18 साल की कॉलेज छात्रा उसके जाल में फंस गई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आरोपी ने छात्रा को अपने साथ चलने के लिए मना लिया। योजना के मुताबिक, करण ट्रेन और बस बदलकर ग्वालियर से शहडोल के जैतपुर पहुंचा और छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर फरार हो गया। बेटी के घर न लौटने पर परेशान परिजनों ने जैतपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जैतपुर थाना प्रभारी जेपी शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी जांच (साइबर सेल) और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम मुरैना जिले के एक सुदूर गांव में पहुंची और छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही शातिर आरोपी करण धानुक मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस टीम ने कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छात्रा को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। फिलहाल, पुलिस आरोपी करण की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।1
- बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की बढ़ती मौजूदगी के चलते मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने के लिए वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी कड़ी में, मध्य प्रदेश वन विभाग के 30 वनकर्मियों ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस समूह में बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 5 वन रक्षक भी शामिल थे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन द नेचर कंज़र्वेंसी और एसएनएपी फाउंडेशन ने किया। बाँधवगढ़ से वनरक्षक लवकेश प्रसाद कुशवाहा, धीरेंद्र शुक्ल, कैलाश चौधरी, लवकेश गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों को हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने के ऑपरेशन, ट्रांसेक्ट सर्वे, गोबर विश्लेषण, हाथियों के व्यवहार अध्ययन, कैम्प, हाथियों के प्रबंधन तथा शारीरिक बनावट के आधार पर उनकी प्रोफाइलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव कराया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों ने गोरुमारा, कर्सिओंग, बैकुंठपुर और जलपाईगुड़ी वन मंडलों के अधिकारियों, क्विक रिस्पॉन्स टीमों तथा स्थानीय समुदायों से भी संवाद कर मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन की रणनीतियों को समझा। यह उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से बाँधवगढ़ क्षेत्र में जंगली हाथियों का नियमित विचरण बना हुआ है और अब यह क्षेत्र उनके स्थायी रहवास के रूप में उभर रहा है। ऐसे में, यह विशेष प्रशिक्षण भविष्य में प्रभावी हाथी प्रबंधन और क्षेत्र के ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक अहम भूमिका निभाएगा।3
- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में डिंडोरी नगर परिषद परिसर में 12 से 14 जून 2026 तक आयोजित जन कल्याण 2026 शिविर का सफल समापन हुआ। यह आयोजन नगर परिषद डिंडोरी की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें परिषद के सभापतिगण, पार्षदगण और एल्डरमेन की गरिमामयी उपस्थिति रही। समापन अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 27 पात्र हितग्राहियों को हितलाभ और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इन लाभार्थियों में प्रधानमंत्री आवास योजना के 12, नवीन नल कनेक्शन के 06, पीएम स्वनिधि योजना के 06, पात्रता पर्ची के 02 और संबल अनुग्रह सहायता के 01 हितग्राही शामिल थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इन जन कल्याण शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और पात्र व्यक्तियों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों से शासन की इन जनहितकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान भी किया। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त आवेदनों का निराकरण करके पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में पार्षद श्री रजनीश राय, श्री रीतेश जैन, श्री ज्योतिरादित्य भलावी, श्रीमती स्मिता बर्मन, एल्डरमैन श्री सुदील बरमैया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, निकाय के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में हितग्राही मौजूद रहे। अंत में, जन कल्याण 2026 शिविर के सफल आयोजन में सहयोग और सहभागिता के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर का समापन किया गया।1
- उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरही-मानपुर सड़क मार्ग (एसएच-10) पर सोमवार तड़के एक मालवाहक ट्रक में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। कटनी से परचून का सामान लेकर ब्यौहारी क्षेत्र के टिहकी गांव की ओर जा रहा यह ट्रक सुबह करीब 3 बजे पनपथा गांव स्थित हाई स्कूल के समीप पहुंचा, तभी उसमें आग लग गई। शुरुआत में चालक को वाहन से धुआं निकलता दिखाई दिया, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और उसकी ऊंची लपटें रात के अंधेरे में दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। चालक ने तत्काल वाहन रोककर अपनी जान बचाई और घटना की सूचना पुलिस एवं फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल टीम और इंदवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, तब तक ट्रक का बड़ा हिस्सा और उसमें लदा अधिकांश परचून का सामान जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, जिस पर पुलिस और संबंधित विभाग तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट जैसी संभावनाओं पर विचार कर जांच कर रहे हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन आग से लाखों रुपये मूल्य का सामान नष्ट होने के कारण ट्रक मालिक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस घटना ने मालवाहक वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।2