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उत्तराखंड के देहरादून में लेबर चौक पर 23 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे एक दर्दनाक बस हादसा हुआ। इस भीषण दुर्घटना में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। घायलों में से कुछ का इलाज वर्तमान में अस्पताल में जारी है। इस त्रासदी के बाद, किसान मज़दूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोबीन अहमद ने घोषणा की है कि वे आज (घटना के अगले दिन) अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जानेंगे और साथ ही घटनास्थल का भी दौरा करेंगे। संगठन ने मजदूर भाइयों के पीड़ित परिवारों को सरकार से हर संभव सहायता दिलाने के लिए सभी प्रयास करने का संकल्प लिया है।
किसान मजदूर महासंग्राम संगठन
उत्तराखंड के देहरादून में लेबर चौक पर 23 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे एक दर्दनाक बस हादसा हुआ। इस भीषण दुर्घटना में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। घायलों में से कुछ का इलाज वर्तमान में अस्पताल में जारी है। इस त्रासदी के बाद, किसान मज़दूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोबीन अहमद ने घोषणा की है कि वे आज (घटना के अगले दिन) अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जानेंगे और साथ ही घटनास्थल का भी दौरा करेंगे। संगठन ने मजदूर भाइयों के पीड़ित परिवारों को सरकार से हर संभव सहायता दिलाने के लिए सभी प्रयास करने का संकल्प लिया है।
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- यह टिप्पणी अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा (दान) चोरी मामले में चल रही एसआईटी जांच और इससे जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में की गई। पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने लखनऊ में एक विवादित बयान देते हुए दावा किया कि लुटेरे राम मंदिर और उनके दरबार से करोड़ों रुपये, सोना और चांदी लूट ले गए। उन्होंने तीखे सवाल उठाए, "करोड़ों-करोड़ रुपया लुटेरे राम के मंदिर से लूट ले गए, चांदी और सोना भी उड़ा ले गए, लेकिन वह भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाया तो आपका भला क्या कर सकता है? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी रक्षा क्या करेगा?" मौर्य के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश फैल गया है। अयोध्या के संत महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मौर्य के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने जनता की भावनाओं से खिलवाड़ का बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसे लेकर यह भी पूछा जा रहा है कि क्या शासन-प्रशासन ऐसे पूर्व मंत्री के खिलाफ कार्यवाही करेगा, जिनके बयान करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत कर रहे हैं, खासकर वे लोग जो स्वयं को भगवान राम को "लेकर आने वाले" बताते हैं।1
- उत्तराखंड के देहरादून में लेबर चौक पर 23 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे एक दर्दनाक बस हादसा हुआ। इस भीषण दुर्घटना में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। घायलों में से कुछ का इलाज वर्तमान में अस्पताल में जारी है। इस त्रासदी के बाद, किसान मज़दूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोबीन अहमद ने घोषणा की है कि वे आज (घटना के अगले दिन) अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जानेंगे और साथ ही घटनास्थल का भी दौरा करेंगे। संगठन ने मजदूर भाइयों के पीड़ित परिवारों को सरकार से हर संभव सहायता दिलाने के लिए सभी प्रयास करने का संकल्प लिया है।1
- एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति ने अपने मंगेतर को 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य कृत्य के बाद मंगेतर की मौके पर ही मौत हो गई।1
- देहरादून स्थित उत्तराखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी के 22 प्रकोष्ठों की नई टीम के पदाधिकारियों की एक परिचयात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री धामी ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की रीति-नीति को जन-जन तक पहुँचाएँ और सरकार की उपलब्धियों से जनता को अवगत कराएँ। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन की मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं को धरातल पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इस बैठक के दौरान, आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं को तैयार रहने और पार्टी द्वारा सौंपी जाने वाली जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया।1
- एक हादसे के दौरान कुछ टीवी चैनलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घटनास्थल का दौरा और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई दिखाई गई, लेकिन सोशल मीडिया और जमीनी वीडियो ने एक अलग ही तस्वीर पेश की। इन वीडियो में लोग आग और धुएं से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदते साफ दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि राहत और बचाव दल समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और मौके पर बुनियादी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी कमी थी। इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि यदि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी, तो लोगों को अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग क्यों लगानी पड़ी? वहीं, स्थानीय लोगों और घटना में बचे हुए पीड़ितों के बयान भी प्रशासनिक दावों से बिल्कुल अलग हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे समय में मीडिया की भूमिका सिर्फ सरकारी दावों को दिखाने की नहीं, बल्कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जवाबदेही पर सवाल उठाने की होनी चाहिए। पीड़ितों और उनके परिजनों को इस मामले में स्पष्ट जवाब चाहिए, केवल प्रचार नहीं।1
- माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार, टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बुधवार को तहसील धनोल्टी के सकलाना क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण एवं राहत कार्यों की जमीनी स्थिति का आकलन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने चिफल्डी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रहे ट्रॉली पुल, भुत्सी में बान्दल नदी पर निर्माणाधीन लाल पुल और सकलाना क्षेत्र के रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के प्री-फैब्रिकेटेड भवन का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। चिफल्डी में ग्रामीणों ने यातायात की समस्या से अवगत कराते हुए पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग की, जिससे लगभग दस गांव प्रभावित हो रहे हैं। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता गणेश नौटियाल ने बताया कि पुल का स्पान बढ़ाया गया है और इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को कड़ी चेतावनी दी और 30 जून तक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, क्योंकि पुल निर्माण में देरी के कारण सरकार को वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त व्यय करना पड़ रहा है और गत आपदा के दौरान हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचानी पड़ी थी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए। इसके बाद, जिलाधिकारी ने भुत्सी के सीतापुर में बान्दल नदी पर बन रहे 27 मीटर स्पान और 1.5 मीटर चौड़ाई वाले लाल पुल का निरीक्षण किया, जिसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। लोक निर्माण विभाग ने एक सप्ताह में पुल पर आवाजाही शुरू करने और 15 दिनों में शेष सिविल कार्य पूरा करने की जानकारी दी। इस अवसर पर ग्रामीणों ने नदी के कटाव से कृषि भूमि को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की, जबकि ग्राम तोलिया काटल की प्रधान कविता देवी ने वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग रखी। सकलाना के रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान मधु देवी ने विद्यालय में नई कक्षाओं के निर्माण के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने बताया कि पिछली आपदा में विद्यालय की चार कक्षाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसके बाद नई कक्षाओं का निर्माण समय पर कराया गया। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन की गुणवत्ता की सराहना करते हुए बताया कि खनिज न्यास मद से 50 लाख रुपये की लागत से छह कक्ष और एक कंप्यूटर लैब का निर्माण किया गया है। वर्तमान में 169 छात्र-छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं, और पुल निर्माण पूरा होने पर छात्र संख्या बढ़ने की संभावना है। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क और आपदा सुरक्षा से संबंधित विभिन्न समस्याओं को भी जिलाधिकारी के सामने रखा, जिसमें सौंदाना गांव के विस्थापित परिवारों के लिए संपर्क मार्ग निर्माण, बरसात के दौरान वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था और वर्ष 2022 एवं 2025 की आपदाओं में क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की मांग शामिल थी। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, तहसीलदार को आपदा से प्रभावित परिवारों को लंबित किराया सहायता उपलब्ध कराने और खतरे की जद में रह रहे परिवारों की सूची तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की प्रशंसा की और कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसकी मुख्यमंत्री द्वारा नियमित समीक्षा की जाती है। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों पर ग्रामीणों की संतुष्टि को सकारात्मक बताते हुए अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को बेहतर समन्वय से काम करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रेरणादायी बताया और सरकार द्वारा बेहतर सुविधाओं के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखने की बात कही।2
- जनपद टिहरी गढ़वाल को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत टिहरी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 4.54 ग्राम अवैध स्मैक (हेरोइन) बरामद की है। जानकारी के अनुसार, कोतवाली कीर्तिनगर पुलिस द्वारा 23 जून की रात चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान मलेथा चेक पोस्ट के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 4.54 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर अभियुक्त के खिलाफ कोतवाली कीर्तिनगर में मु0अ0सं0 22/2026, धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि अभियुक्त नशा तस्करी की गतिविधियों में शामिल था और पहाड़ी क्षेत्रों में युवाओं को स्मैक की आपूर्ति करता था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान 31 वर्षीय रोहित शाह, निवासी कर्णप्रयाग, जनपद चमोली (जो हाल में श्रीकोट, श्रीनगर में रहता है) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा अभियुक्त के नशा तस्करी नेटवर्क, आपूर्ति श्रृंखला और इस अपराध में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह किन-किन क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने स्पष्ट किया है कि जनपद में नशे के खिलाफ यह अभियान पूरी दृढ़ता और सख्ती के साथ जारी रहेगा तथा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नशा तस्करों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। टिहरी पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशा समाज और युवा पीढ़ी का सबसे बड़ा शत्रु है। यदि आपके आसपास चरस, स्मैक, नशे के इंजेक्शन या अन्य मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त या तस्करी की कोई सूचना हो तो तत्काल अपने निकटतम थाना/चौकी अथवा मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।1
- देहरादून के पोंधा स्थित मझोन गांव में पद्मश्री सम्मानित और भारत के महान निशानेबाज जसपाल राणा की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस भावपूर्ण अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, विधायक पंकज सिंह, सहदेव सिंह पुंडीर और खजान दास सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने जसपाल राणा के निधन को भारतीय निशानेबाजी और खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने जसपाल राणा के अमूल्य योगदानों को याद किया और इस दुखद घड़ी में शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।1