मोहन बड़ोदिया के ग्राम मोहना में अंतर्राष्ट्रीय वर्षा वन दिवस के अवसर पर समाजसेवियों और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान, विभिन्न स्थानों पर छायादार और फलदार पौधे लगाए गए, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना करने के लिए वृक्षारोपण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। इसी भावना के साथ, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की रक्षा करने और उनके पूर्ण विकास तक उनकी देखभाल सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस अवसर पर लोगों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से आगे आएं। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरित वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करने की शपथ ली।
मोहन बड़ोदिया के ग्राम मोहना में अंतर्राष्ट्रीय वर्षा वन दिवस के अवसर पर समाजसेवियों और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान, विभिन्न स्थानों पर छायादार और फलदार पौधे लगाए गए, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना करने के लिए वृक्षारोपण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित
देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। इसी भावना के साथ, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की रक्षा करने और उनके पूर्ण विकास तक उनकी देखभाल सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस अवसर पर लोगों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और प्रकृति के संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से आगे आएं। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरित वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करने की शपथ ली।
- आगर मालवा जिले के सुसनेर में माहेश्वरी समाज द्वारा महेश नवमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर, समाज के सदस्यों ने राधा दामोदर मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली, जो पर्व के पारंपरिक उल्लास का प्रतीक थी।1
- इंदौर के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान अब सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। उन्होंने एक कार्यक्रम में उन लोगों को संबोधित करते हुए कहा जिन्होंने उन्हें 'काफिर' बताया है, कि "हमारी सड़क पर मत चलिए, लाड़ली बहना का पैसा मत लीजिए और सरकार की योजनाओं का लाभ न ले।" मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर राजनीतिक सियासी घमासान मचा रहा है।1
- भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एयरपोर्ट पर नज़र आ रहे हैं। इस वायरल वीडियो में एक व्यक्ति उनके करीब आने की कोशिश करता दिखाई देता है। इस पर रोहित शर्मा उस व्यक्ति के कंधे पर हाथ रखकर उसे पीछे कर देते हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह व्यक्ति रोहित शर्मा का बॉडीगार्ड था, जो प्रशंसकों को उनके पास आने से रोक रहा था। यह सब होने के बाद, रोहित शर्मा ने अपने फैंस के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।1
- देवास जिले के उदयनगर क्षेत्र के ग्राम नरसिंहपुरा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ माँ की ममता लालच के आगे हार गई और लालच की जीत हुई। जानकारी के अनुसार, तेंदूपत्ता की राशि ही पारिवारिक रिश्तों की मौत की मुख्य वजह बन गई है।1
- पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी ने वरिष्ठ पार्षद और कांग्रेस नेता हिफाज़ुर्रहमान भैय्या मियां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके निवास पर पहुंचे, जो नगर के किले में स्थित है। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने भैय्या मियां के साथ अपने पुराने संबंध को याद करते हुए बताया कि वह उन्हें तब से जानते हैं जब वे अर्जुन सिंह जी के मंत्रिमंडल में मंत्री थे। उन्होंने भैय्या मियां को एक सुलझा हुआ और अच्छा व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल थे। शोक सभा को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह मेमदाखेड़ी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन दशरथ सिंह, जो पूर्व भूमि विकास बैंक संचालक हैं, ने किया। इस दौरान सामूहिक श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।1
- ग्राम बाईहेड़ा की हरिजन समाज की गलियों में सड़कों की हालत अत्यंत खराब है, जहाँ सड़कों पर पानी भरा रहता है। इससे बच्चों को निकलने, खेलने और वाहनों (खासकर बाइक) को गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल छोड़ने में भी दिक्कतें आ रही हैं, वहीं वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या के समाधान में सरकार और ग्रामीण सरपंच साहब कोई रुचि नहीं ले रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि सरपंच को 'हरिजन' समाज से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की मुखिया को भी इन समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। यह शिकायत 2 साल पहले भी की गई थी और सरपंच साहब को भी बताया गया था, लेकिन वे 2 साल से केवल आश्वासन दे रहे हैं कि सड़क अब बन जाएगी। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यहाँ जातिवाद का सिलसिला है, और यदि यह किसी और जाति का इलाका होता तो सड़क का निर्माण बहुत पहले ही हो गया होता। सड़क की अत्यधिक खराब स्थिति के साथ-साथ, हरिजन समाज में नल और बिजली (लाइट) जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी है। इस समस्या पर वीडियो बनाकर न्यूज़ चैनलों पर दो-तीन बार साझा भी किया गया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। सरकार से अनुरोध किया गया है कि वे हरिजन समाज की इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान दें, विशेषकर सड़क की बदहाली पर। जय सियाराम।3
- राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में एक 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, और यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। इस गंभीर घटना के बीच, शहर के कथावाचक पंडित हरिनारायण वैष्णव के एक वॉट्सएप मैसेज ने एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने आरोपी का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को 1 लाख रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। पंडित हरिनारायण वैष्णव ने साफ तौर पर पुष्टि की है कि यह पोस्ट उन्होंने ही डाली थी। उन्होंने ऐसे दरिंदे और वहशी व्यक्ति के लिए त्वरित और कठोर न्याय की मांग करते हुए कहा कि यदि पुलिस वाले ऐसे आरोपी का एनकाउंटर करते हैं, तो वे एक लाख रुपये का नकद इनाम देंगे। कथावाचक ने अदालतों से अपील की है कि ऐसे अपराधियों को फांसी दी जाए और यदि ऐसा संभव नहीं है, तो पुलिस को खुली छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कांड करने वाले का एनकाउंटर होने पर शासन को उस पुलिस अधिकारी को पुरस्कृत और पदोन्नत करना चाहिए, जो तत्काल न्याय सुनिश्चित करता है और वर्षों तक अदालती प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ता। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद भी, पंडित वैष्णव का सवाल है कि क्या केवल गिरफ्तारी से न्याय मिल गया? उन्होंने इस विचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी न्याय नहीं है, बल्कि न्याय तो केवल यह है कि ऐसे व्यक्ति को फांसी दी जाए। उन्होंने कठोर कानून बनाने और पुलिस को खुली छूट देने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, क्योंकि ऐसी घटनाओं से पवित्र धरती कलंकित होती है और बालिका का जीवन खराब हो जाता है। खिलचीपुर पुलिस से मिली शिकायत के अनुसार, यह घटना 16 जून की शाम करीब 4:00 बजे की है। पीड़िता अपनी सहेली के साथ दिनेश सेन (25) की खिलौने की दुकान पर गई थी। बाद में पीड़िता अकेले ही एक खिलौना वापस करने के लिए दुकान पर लौटी, और इसी दौरान दुकान संचालक दिनेश सेन पर मासूम बच्ची के साथ गलत हरकत करने का आरोप है। रात में बच्ची के निजी अंगों में दर्द होने पर परिजनों ने पूछताछ की, तो उसने दुकानदार दिनेश की करतूत बताई। घटना से आक्रोशित परिजन 17 जून 2026 को बच्ची को लेकर थाना खिलचीपुर पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी दिनेश सेन के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO एक्ट) 2012 की धारा 5 व 6 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस घिनौने कृत्य की चौतरफा निंदा हो रही है।1
- सुसनेर सिविल अस्पताल में एक गर्भवती महिला के साथ नर्सों द्वारा कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, बीएमओ ने तत्काल प्रभाव से जांच बिठा दी है। बताया गया है कि इस जांच का खुलासा अगले तीन दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।1
- अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अपना शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए ग्रुप-जे मुकाबले में ऑस्ट्रिया के खिलाफ अपनी टीम को 2-0 से जीत दिलाई। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है, और इस महत्वपूर्ण मैच में मेसी ने दोनों गोल दागे। इन दो गोल के साथ, मेसी फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा 18 गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज़े के पिछले 16 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। मेसी के इस ऐतिहासिक और शानदार प्रदर्शन से पूरे फुटबॉल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।1