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जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ का धरना–प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

2 hrs ago
user_Mp news 24live
Mp news 24live
Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ का धरना–प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ का धरना–प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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    जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ का धरना–प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बढ़ते दुष्कर्म मामलों को लेकर कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ सड़कों पर,महिला सुरक्षा पर सवाल,कांग्रेस ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
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    बढ़ते दुष्कर्म मामलों को लेकर कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ सड़कों पर,महिला सुरक्षा पर सवाल,कांग्रेस ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जयगुरुदेव जिला छतरपुर वमीठा में होगा भव्य सत संग । *कल से होगा खजुराहो में बाबा उमाकांत जी महाराज सत्संग एवं नामदान* खजुराहो : आने वाले खराब समय से बचने का रास्ता देने वाले और जीवात्मा के कल्याण का रास्ता बताने वाले वक्ता गुरु परम् पूज्य परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज द्वारा ( समय परिस्थिति अनुकूल रहने पर ) सतसंग व नामदान कार्यक्रम-दिनांक*: 17 जनवरी 2026, शनिवार को दोपहर 2 बजे से एवं 18 जनवरी 2026, दिन रविवार को समय दोपहर 11 बजे से स्थान खजुराहो रेलवे स्टेशन के सामने, बमीठा- खजुराहो रोड, कान्हा पैलेस के पास, जिला छतरपुर (म.प्र) में होगा।
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    जयगुरुदेव 
जिला  छतरपुर वमीठा में होगा भव्य सत संग ।
*कल से होगा खजुराहो में  बाबा उमाकांत जी महाराज सत्संग एवं नामदान*
खजुराहो : आने वाले खराब समय से बचने का रास्ता देने वाले और जीवात्मा के कल्याण का रास्ता बताने वाले वक्ता गुरु परम् पूज्य परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज द्वारा ( समय परिस्थिति अनुकूल रहने पर ) सतसंग व नामदान कार्यक्रम-दिनांक*: 17 जनवरी 2026, शनिवार को दोपहर 2 बजे से एवं 18 जनवरी 2026, दिन रविवार को समय दोपहर 11 बजे से स्थान खजुराहो रेलवे स्टेशन के सामने, बमीठा- खजुराहो रोड, कान्हा पैलेस के पास, जिला छतरपुर (म.प्र) में होगा।
    user_हरिकृष्ण सोनी
    हरिकृष्ण सोनी
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by शिलूयादव झागर पंचायत मुंगावली
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    Post by शिलूयादव झागर पंचायत मुंगावली
    user_शिलूयादव झागर पंचायत मुंगावली
    शिलूयादव झागर पंचायत मुंगावली
    मुंगावली, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ललितपुर जिले के गंगोरा गाओ में दो मोटरसाइकिल सामने से टकराई 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। कल शाम तकरीबन 6:30 बजे गंगोरा में दो मोटरसाइकिल सामने से टकरा गई जिसमें तीन लोग घायल हो गए। मोटरसाइकिल चालक छोटू जो मडवारी के रहने वाले इनको थोड़ी गंभीरचोट आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस बुलाकर घायलो को तत्काल जिला अस्पताल ललितपुर पहुंचाया। जिससे उन्हें तुरंत उपचार मिल गया।
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    ललितपुर जिले के गंगोरा गाओ में दो मोटरसाइकिल सामने से टकराई 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। 
कल शाम तकरीबन 6:30 बजे गंगोरा में दो मोटरसाइकिल सामने से टकरा गई जिसमें तीन लोग घायल हो गए। मोटरसाइकिल चालक छोटू जो मडवारी के रहने वाले इनको थोड़ी गंभीरचोट आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस बुलाकर घायलो को तत्काल जिला अस्पताल ललितपुर पहुंचाया। जिससे उन्हें तुरंत उपचार मिल गया।
    user_Bharat Yadav
    Bharat Yadav
    Lalitpur, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🌹🙏💯💯🙏🎈🎈🎈
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    🇮🇳🇮🇳🇮🇳🌹🙏💯💯🙏🎈🎈🎈
    user_Moti ray
    Moti ray
    Salesperson Sagar Nagar, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • आचार्य श्री सुनील सागर महाराज : युग-प्रवर्तक जैन चेतना का प्रकाशस्तंभ आज के भौतिकवादी और विचलित समय में जहाँ आध्यात्मिक मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं, वहीं आचार्य श्री सुनील सागर महाराज जैसे संत मानव समाज को आत्मबोध, संयम और सांस्कृतिक चेतना की ओर पुनः लौटने का मार्ग दिखा रहे हैं। वे केवल जैन समाज के ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। मध्यप्रदेश के सागर जिले के तिगोड़ा ग्राम में 7 अक्टूबर 1977 को जन्मे आचार्य श्री ने मात्र 20 वर्ष की आयु में 1997 में आचार्य सन्मति सागर महाराज से दीक्षा लेकर संसारिक मोह से ऊपर उठकर त्याग, तप और साधना का व्रत ग्रहण किया। दस वर्षों की कठोर तपस्या के पश्चात 2007 में औरंगाबाद में उन्हें आचार्य पद से विभूषित किया गया। यह केवल पद नहीं था, बल्कि आध्यात्मिक नेतृत्व की एक नई जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने असाधारण निष्ठा से निभाया। आचार्य श्री की सबसे बड़ी विशेषता है — प्राकृत भाषा में प्रवचन देने की विलक्षण क्षमता। आज जब प्राचीन भाषाएँ लुप्तप्राय होती जा रही हैं, आचार्य श्री ने प्राकृत को जन-जन की भाषा बना दिया। उनके प्रवचनों में शास्त्र, विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक जीवन के प्रश्नों का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उनका प्रसिद्ध सिद्धांत "3T – टाइमिंग, ट्यूनिंग, ट्रेनिंग" आज के युवा वर्ग के लिए जीवन प्रबंधन का सशक्त सूत्र बन चुका है। वे बताते हैं कि जीवन में सफलता केवल परिश्रम से नहीं, बल्कि सही समय, सही सोच और सही प्रशिक्षण से प्राप्त होती है। यह विचारधारा उन्हें पारंपरिक संत से आगे ले जाकर आधुनिक युग का मार्गदर्शक बनाती है। आचार्य श्री न केवल आध्यात्मिक उन्नयन पर बल देते हैं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास के संरक्षण को भी राष्ट्रधर्म मानते हैं। उनके प्रवचन भारत की आत्मा को जागृत करते हैं और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। उनकी विराट साधना यात्रा का प्रभाव उनके संघ में भी दृष्टिगोचर होता है, जहाँ आज 146 साध्वियाँ और 85 साधु तप, संयम और सेवा के मार्ग पर अग्रसर हैं। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके विचारों की जीवंत धारा है। उनकी अद्वितीय उपलब्धियों को Royal Sunsex International Book of Record में भी दर्ज किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उनका योगदान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व का है। निष्कर्षतः, आचार्य श्री सुनील सागर महाराज हमारे समय के उन दुर्लभ संतों में हैं जो परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु बनकर मानवता को नैतिकता, आत्मशुद्धि और शांति के पथ पर ले जा रहे हैं। वे वास्तव में जैन चेतना के युग-प्रवर्तक प्रकाशस्तंभ हैं।
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    आचार्य श्री सुनील सागर महाराज : युग-प्रवर्तक जैन चेतना का प्रकाशस्तंभ
आज के भौतिकवादी और विचलित समय में जहाँ आध्यात्मिक मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं, वहीं आचार्य श्री सुनील सागर महाराज जैसे संत मानव समाज को आत्मबोध, संयम और सांस्कृतिक चेतना की ओर पुनः लौटने का मार्ग दिखा रहे हैं। वे केवल जैन समाज के ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।
मध्यप्रदेश के सागर जिले के तिगोड़ा ग्राम में 7 अक्टूबर 1977 को जन्मे आचार्य श्री ने मात्र 20 वर्ष की आयु में 1997 में आचार्य सन्मति सागर महाराज से दीक्षा लेकर संसारिक मोह से ऊपर उठकर त्याग, तप और साधना का व्रत ग्रहण किया। दस वर्षों की कठोर तपस्या के पश्चात 2007 में औरंगाबाद में उन्हें आचार्य पद से विभूषित किया गया। यह केवल पद नहीं था, बल्कि आध्यात्मिक नेतृत्व की एक नई जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने असाधारण निष्ठा से निभाया।
आचार्य श्री की सबसे बड़ी विशेषता है — प्राकृत भाषा में प्रवचन देने की विलक्षण क्षमता। आज जब प्राचीन भाषाएँ लुप्तप्राय होती जा रही हैं, आचार्य श्री ने प्राकृत को जन-जन की भाषा बना दिया। उनके प्रवचनों में शास्त्र, विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक जीवन के प्रश्नों का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।
उनका प्रसिद्ध सिद्धांत "3T – टाइमिंग, ट्यूनिंग, ट्रेनिंग" आज के युवा वर्ग के लिए जीवन प्रबंधन का सशक्त सूत्र बन चुका है। वे बताते हैं कि जीवन में सफलता केवल परिश्रम से नहीं, बल्कि सही समय, सही सोच और सही प्रशिक्षण से प्राप्त होती है। यह विचारधारा उन्हें पारंपरिक संत से आगे ले जाकर आधुनिक युग का मार्गदर्शक बनाती है।
आचार्य श्री न केवल आध्यात्मिक उन्नयन पर बल देते हैं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास के संरक्षण को भी राष्ट्रधर्म मानते हैं। उनके प्रवचन भारत की आत्मा को जागृत करते हैं और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
उनकी विराट साधना यात्रा का प्रभाव उनके संघ में भी दृष्टिगोचर होता है, जहाँ आज 146 साध्वियाँ और 85 साधु तप, संयम और सेवा के मार्ग पर अग्रसर हैं। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके विचारों की जीवंत धारा है।
उनकी अद्वितीय उपलब्धियों को Royal Sunsex International Book of Record में भी दर्ज किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उनका योगदान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व का है।
निष्कर्षतः, आचार्य श्री सुनील सागर महाराज हमारे समय के उन दुर्लभ संतों में हैं जो परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु बनकर मानवता को नैतिकता, आत्मशुद्धि और शांति के पथ पर ले जा रहे हैं। वे वास्तव में जैन चेतना के युग-प्रवर्तक प्रकाशस्तंभ हैं।
    user_नीरज वैद्यराज पत्रकार
    नीरज वैद्यराज पत्रकार
    Journalist Sagar, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • ऐरन महोत्सव में दर्शकों का प्लास्टिक के डंडों से स्वागत @highlight #bina24hoursnews
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    ऐरन महोत्सव में दर्शकों का प्लास्टिक के डंडों से स्वागत 
@highlight #bina24hoursnews
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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