पुलिस ने ब्याज माफियाओं की कमर तोड़ दी करोड़ों के वाहन व कृषि यंत्र जब्त, खाली चेक-स्टांप बरामद झालावाड़ जिले में सूदखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्याज माफियाओं की कमर तोड़ दी। झालावाड़ के डग थाना क्षेत्र में पुलिस ने आरोपी सुनील गोयल के ठिकानों पर दबिश देकर करोड़ों रुपए के वाहन, कृषि यंत्र और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।पुलिस को आरोपी के ठिकानों से बड़ी संख्या में खाली साइन किए हुए चेक और खाली स्टांप भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनसे मोटा ब्याज वसूलता था और उनकी संपत्तियां अपने नाम करवा लेता था।पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में बिना लाइसेंस पैसा उधार देकर अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के तहत सभी थाना अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।कार्रवाई के दौरान आरोपी के मकान, गोदाम और कृषि फार्म से 70 ट्रैक्टर, 61 मोटरसाइकिल, 7 कार, 3 पिकअप, 1 ट्रक और 2 टैंपो बरामद किए गए। इसके अलावा 107 थ्रेसर, 29 ट्रॉली, सीड ड्रिल सहित बड़ी मात्रा में कृषि यंत्र भी जब्त किए गए हैं। पुलिस को 147 हस्ताक्षरित खाली चेक, खाली स्टांप, 39 मकानों के पट्टे, वाहनों की आरसी और जमीन की रजिस्ट्रियां भी मिली हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाते हैं। *बाड़े में छुपा रखे थे वाहन* पुलिस के अनुसार आरोपी सुनील गोयल गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध तरीके से मुनाफा कमा रहा था। वह कर्ज के बदले लोगों से खाली चेक और स्टांप पर साइन करवाकर मनमानी वसूली करता था। इतना ही नहीं, फाइनेंस कंपनियों से लिए गए वाहनों को भी उसने अपने बाड़े में छुपाकर रखा हुआ था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी की संपत्ति जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अगर बीकानेर में भी इस तरह के ब्याज माफिया है,जो गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाता हो तो एसपी बीकानेर संपर्क कर सकता है।
पुलिस ने ब्याज माफियाओं की कमर तोड़ दी करोड़ों के वाहन व कृषि यंत्र जब्त, खाली चेक-स्टांप बरामद झालावाड़ जिले में सूदखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्याज माफियाओं की कमर तोड़ दी। झालावाड़ के डग थाना क्षेत्र में पुलिस ने आरोपी सुनील गोयल के ठिकानों पर दबिश देकर करोड़ों रुपए के वाहन, कृषि यंत्र और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।पुलिस को आरोपी के ठिकानों से बड़ी संख्या में खाली साइन किए हुए चेक और खाली स्टांप भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनसे मोटा ब्याज वसूलता था और उनकी संपत्तियां अपने नाम करवा लेता था।पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में बिना लाइसेंस पैसा उधार देकर अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के तहत सभी थाना अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।कार्रवाई के दौरान आरोपी के मकान, गोदाम और कृषि फार्म से 70 ट्रैक्टर, 61 मोटरसाइकिल, 7 कार, 3 पिकअप, 1 ट्रक और 2 टैंपो बरामद किए गए। इसके अलावा 107 थ्रेसर, 29 ट्रॉली, सीड ड्रिल सहित बड़ी मात्रा में कृषि यंत्र भी जब्त किए गए हैं। पुलिस को 147 हस्ताक्षरित खाली चेक, खाली स्टांप, 39 मकानों के पट्टे, वाहनों की आरसी और जमीन की रजिस्ट्रियां भी मिली हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाते हैं। *बाड़े में छुपा रखे थे वाहन* पुलिस के अनुसार आरोपी सुनील गोयल गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध तरीके से मुनाफा कमा रहा था। वह कर्ज के बदले लोगों से खाली चेक और स्टांप पर साइन करवाकर मनमानी वसूली करता था। इतना ही नहीं, फाइनेंस कंपनियों से लिए गए वाहनों को भी उसने अपने बाड़े में छुपाकर रखा हुआ था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी की संपत्ति जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अगर बीकानेर में भी इस तरह के ब्याज माफिया है,जो गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाता हो तो एसपी बीकानेर संपर्क कर सकता है।
- मजहब अलग थे, पर दोस्ती सच्ची थी… वो अपनी दोस्त की चिता तक पहुंची जहां सिर्फ इंसानियत थी ,💔1
- लोग बूंद बूंद को तरस रहे है1
- ek tarikh1
- श्रीडूंगरगढ़ के रीड़ी गांव में किसान परिवार की अनूठी बारात निकली जो किसी लग्जरी गाड़ियों में नहीं ट्रैक्टरों पर सवार होकर दुल्हन लाने के लिए निकले। दूल्हे राजा भी खुद ट्रैक्टर चलाकर अपने ससुराल पहुंचे इस पूरी बारात में 85 ट्रैक्टरों को सजाकर एक बड़ी बारात को निकाला गया और यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि लग्जरी गाड़ियों में ही बरात नहीं निकलती किसान के रोजगार का जो साधन है ट्रैक्टर वह काफी महत्वपूर्ण है और इसी को लेकर बारात ट्रैक्टरों पर सवार होकर निकाली गई इस बारात को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा3
- रियांबड़ी (नागौर) नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र के ग्राम थांवला,,समाज को नई दिशा देने वाली एक अनोखी शादी ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। थांवला निवासी मनीष प्रजापत और रामपूरा के राजेन्द्र प्रजापत ने दहेज प्रथा को ठुकराते हुए सिर्फ ₹1 और नारियल में विवाह कर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। थांवला से निकली बारात जब जोधपुर पहुंची, तो इस सादगीपूर्ण विवाह ने सभी को प्रभावित कर दिया। बिना किसी दिखावे और खर्च के, यह शादी संस्कारों और आदर्शों की मिसाल बन गई। दुल्हन के पिता पांचाराम प्रजापति (छोटी पादू, रियां बड़ी क्षेत्र) ने भी इस पहल को अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। खास बात यह रही कि छोटे दूल्हे ने भी बड़े साढ़ू से प्रेरणा लेते हुए सिर्फ ₹1 और नारियल ही स्वीकार किया, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ। इस अनूठे विवाह को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने खुलकर प्रशंसा की।दूल्हा मनीष प्रजापत RBI में कार्यरत हैं, जिन्होंने यह साबित किया कि रिश्ते दहेज से नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और संस्कारों से बनते हैं।3
- मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान का ग्राम रथ पंचायत समिति डीडवाना की ग्राम पंचायत बालिया और रामसाबास पहुंचा जहां ग्रामीणों ने बड़ी ही उत्सुकता से रथ का स्वागत किया। प्रशासन के सभी अधिकारियों की मौजूदगी में उपस्थित जन सैलाब को ग्रामीण विकास की योजनाओं के बारे में बताया गया।प्रशासक वसीम अकरम प्रशासक नवाज शरीफ पटवारी पन्नाराम ग्राम विकास अधिकारी प्रवेंद्र शर्मा निर्मल शर्मा समाजसेवी मोहसिन अब्दुल शमीम के साथ अन्य उपस्थित रहे ।1
- Post by रमेश सिंह1
- पत्रकार इकबाल खान मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के दौरान सामने आई एक बेहद मार्मिक तस्वीर ने सभी को भावुक कर दिया। रेस्क्यू टीम को एक मां और उसका मासूम बच्चा एक-दूसरे से लिपटे हुए मृत अवस्था में मिले, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग भी खुद को संभाल नहीं सके। बताया जा रहा है कि हादसा अचानक आए तेज आंधी-तूफान के कारण हुआ, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। घटना के बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर से पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।1