छातापुर:बिहार के सुपौल के गरीब मजदूर महेश मंडल की प्रेरणादायक कहानी! ✍️📚 बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले महेश मंडल ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और जुनून से एक अलग पहचान बनाई है। मजदूरी करते हुए वे अब तक 85 किताबें लिख चुके हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 22 पुस्तकें भी शामिल हैं। महेश मंडल का सपना है कि उनकी लिखी हुई किताबें देश के हर घर तक पहुंचें, ताकि अधिक से अधिक लोग उन्हें पढ़ सकें और प्रेरणा ले सकें। यह कहानी साबित करती है कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए हालात नहीं, बल्कि मजबूत इरादे मायने रखते हैं। महेश मंडल के इस जज़्बे को सलाम! 🇮🇳📚 #maheshmandal #BiharNews #BiharViral #therajneetiktimes छातापुर:बिहार के सुपौल के गरीब मजदूर महेश मंडल की प्रेरणादायक कहानी! ✍️📚 बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले महेश मंडल ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और जुनून से एक अलग पहचान बनाई है। मजदूरी करते हुए वे अब तक 85 किताबें लिख चुके हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 22 पुस्तकें भी शामिल हैं। महेश मंडल का सपना है कि उनकी लिखी हुई किताबें देश के हर घर तक पहुंचें, ताकि अधिक से अधिक लोग उन्हें पढ़ सकें और प्रेरणा ले सकें। यह कहानी साबित करती है कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए हालात नहीं, बल्कि मजबूत इरादे मायने रखते हैं। महेश मंडल के इस जज़्बे को सलाम! 🇮🇳📚 #maheshmandal #BiharNews #BiharViral #therajneetiktimes
छातापुर:बिहार के सुपौल के गरीब मजदूर महेश मंडल की प्रेरणादायक कहानी! ✍️📚 बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले महेश मंडल ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और जुनून से एक अलग पहचान बनाई है। मजदूरी करते हुए वे अब तक 85 किताबें लिख चुके हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 22 पुस्तकें भी शामिल हैं। महेश मंडल का सपना है कि उनकी लिखी हुई किताबें देश के हर घर तक पहुंचें, ताकि अधिक से अधिक लोग उन्हें पढ़ सकें और प्रेरणा ले सकें। यह कहानी साबित करती है कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए हालात नहीं, बल्कि मजबूत इरादे मायने रखते हैं। महेश मंडल के इस जज़्बे को सलाम! 🇮🇳📚 #maheshmandal #BiharNews #BiharViral #therajneetiktimes छातापुर:बिहार के सुपौल के गरीब मजदूर महेश मंडल की प्रेरणादायक कहानी! ✍️📚 बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले महेश मंडल ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और जुनून से एक अलग पहचान बनाई है। मजदूरी करते हुए वे अब तक 85 किताबें लिख चुके हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 22 पुस्तकें भी शामिल हैं। महेश मंडल का सपना है कि उनकी लिखी हुई किताबें देश के हर घर तक पहुंचें, ताकि अधिक से अधिक लोग उन्हें पढ़ सकें और प्रेरणा ले सकें। यह कहानी साबित करती है कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए हालात नहीं, बल्कि मजबूत इरादे मायने रखते हैं। महेश मंडल के इस जज़्बे को सलाम! 🇮🇳📚 #maheshmandal #BiharNews #BiharViral #therajneetiktimes
- खबर-दरभंगा | बिरौल: उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलिया में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनसे झाड़ू लगवाई जाती है, गंदगी के बीच पढ़ाई कराई जाती है और स्कूल संचालन डीईओ के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। विवाद बढ़ने पर डायल-112 पुलिस को बुलाना पड़ा।1
- pani jama hene se sabhi ko presani ho rha h mukhiya ko presani bataya diyan nhi de rha h1
- मेन केनाल में 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी, पोस्टमार्टम के बाद होगा मौत का खुलासा नरपतगंज (अररिया)। नरपतगंज थाना क्षेत्र के चंदा मेन केनाल के समीप शनिवार सुबह पानी में डूबा एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। मृतक की पहचान फुलकाहा थाना क्षेत्र के मिल्की डुमरिया वार्ड संख्या-8 निवासी संजय यादव (50), पिता स्वर्गीय रामानंद यादव के रूप में हुई है। मृतक के पुत्र प्रशांत कुमार यादव ने बताया कि उनके पिता शुक्रवार से घर से लापता थे। परिजनों ने रातभर उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। शनिवार सुबह चंदा मेन केनाल के समीप पानी में उनका शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही नरपतगंज थानाध्यक्ष संजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की गई। थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि मृतक शौच के लिए जाने के दौरान फिसलकर मेन केनाल के पानी में गिर गए, जिससे डूबने के कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।4
- लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए निर्मली जाने वाली ग्रामीण सड़क की जर्जर स्थिति से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। हल्की बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को निर्मली बाजार एवं अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ती है। प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, मरीज तथा अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग मुश्किल बन गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाएगी। इस संबंध में पूछे जाने पर पिपरा प्रखंड के बीपीआरओ मणिकांत कुमार ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन से ग्रामीणों को अब सड़क की मरम्मत होने की उम्मीद जगी है।2
- मधेपुरा विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान से पहले बिखेरा गया कागज का टुकड़ा, फिर की गई सफाई मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाया गया सफाई अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। अभियान की तस्वीरें वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वायरल तस्वीरों में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के सामने पहले से साफ-सुथरी सड़क पर झाड़ू लगाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फोटो से पहले साफ जगह पर कागज के टुकड़े बिखेरे गए और फिर झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों को यदि स्वच्छता अभियान चलाना ही था तो विश्वविद्यालय परिसर के उन स्थानों की सफाई की जाती, जहां लंबे समय से गंदगी और कबाड़ जमा है। इनमें पुराने कैंटीन का परिसर, ऑडिटोरियम के आसपास का क्षेत्र, जिमखाना, गांधी पार्क, कीर्ति पार्क और चुल्हाय पार्क जैसे स्थान शामिल हैं। पूरे परिसर में सफाई कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।4
- खबर-आज दिनांक 31.07.2026 को समाहरणालय, सुपौल में लहटन चौधरी सभागार में आयोजित जिला जनता दरबार में जिलाधिकारी, सुपौल श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0 ने आवेदकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने हेतु निदेशित किया गया। जिला जनता दरबार में आज कुल 70 आवेदन लिए गए। उक्त अवसर पर श्री इन्द्रवीर कुमार, उप विकास आयुक्त, सुपौल, श्री अनित कुमार, निदेशक, NEP डी0आर0डी0ए0, सुपौल, श्री विकास कुमार कर्ण, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, सुपौल, श्री मुकेश कुमार, वरीय उप समाहर्ता, सुपौल एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- 🌪️ अररिया के सिसौना (जोकीहाट) में दिखा चक्रवात का खौफनाक नज़ारा, कैमरे में हुआ कैद! 🌪️ अररिया के सिसौना (जोकीहाट) में दिखा चक्रवात का खौफनाक नज़ारा, कैमरे में हुआ कैद! #Araria #Jokihat #Sisauna #Cyclone #WeatherUpdate #Bihar #BreakingNews #ViralVideo #Storm1