मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मैहर रोपवे के पास चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण एक दर्शनार्थी हादसे का शिकार हो गया, जिसमें उसका पैर टूट गया। बताया गया है कि सड़क की खुदाई के बाद गड्ढों को निर्धारित मानकों के अनुसार भरने और मज़बूत करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया था, जिससे बरसात के चलते मिट्टी धंस गई और सड़क बेहद खतरनाक हो गई थी। इसी खतरनाक सड़क पर मां शारदा के दर्शन करने दोपहिया वाहन से पहुंचे एक दर्शनार्थी का वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका पैर टूट गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है; खुदाई वाले स्थानों पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संबंधी संकेतक लगाए गए हैं। बरसात के कारण सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए और सड़क की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मैहर रोपवे के पास चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण एक दर्शनार्थी हादसे का शिकार हो गया, जिसमें उसका पैर टूट गया। बताया गया है कि सड़क की खुदाई के बाद गड्ढों को निर्धारित मानकों के अनुसार भरने और मज़बूत करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया था, जिससे बरसात के चलते मिट्टी धंस गई और सड़क बेहद खतरनाक हो गई थी। इसी खतरनाक सड़क पर मां शारदा के दर्शन करने दोपहिया वाहन से पहुंचे एक दर्शनार्थी का वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका पैर टूट गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है; खुदाई वाले स्थानों पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संबंधी संकेतक लगाए गए हैं। बरसात के कारण सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए और सड़क की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- मैहर तहसील के काँसा गांव में उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई जब आरआई सहित राजस्व अमला, पुलिस के साथ एक कथित विवादित जमीन को नापने पहुंचा। पीड़ित रामानंद का आरोप है कि वह वर्षों से अपने पिताजी की जमीन पर सब्जियों की खेती कर रहे हैं, जिसका विवाद उनकी बुआ के साथ चल रहा है। रामानंद के अनुसार, उनकी बुआ के इशारे पर मैहर का राजस्व अमला बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर पहुंचा। रामानंद ने दावा किया कि उनकी और उनकी पत्नी की अनुपस्थिति के बावजूद, उनकी सब्जियों को तहस-नहस कर दिया गया और उनके घर में घुसकर जमीन की नाप-जोख की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमानुसार बरसात के मौसम में सीमांकन का कोई प्रावधान ही नहीं है, और जमीन की नाप के लिए जरीब के बजाय फीते का उपयोग किया गया, जो निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, इस कार्यवाही की सूचना एक पक्ष को नहीं दी गई। काँसा में हुई इस कार्यवाही ने राजस्व अमले पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और शासकीय पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया जा रहा है।4
- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के महाप्रबंधक (GM) उमेश साहू के खिलाफ ठेकेदारों ने उनके कार्यालय का घेराव किया है। ठेकेदारों ने जीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके विरोध में वे अनशन पर बैठे हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में, अभी तक कोई भी जिले का जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी घटनास्थल पर उपस्थित नहीं है।3
- अमरपाटन में एक प्रधानाध्यापक पर जानलेवा हमला हुआ है, जहाँ हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित प्रवीण कुमार मिश्रा, जो संकुल रामगढ़ के अंतर्गत डोमा में प्रधानाचार्य के पद पर पदस्थ हैं, ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि वे रामू पाण्डेय के मेडिकल स्टोर पर दवाई खरीदने गए थे और अपनी कार में बैठने ही वाले थे, तभी एक आरोपी पीछे से आया और उनके सिर पर वार कर दिया। हमलावर ने डंडे से उनके सिर सहित उनकी गाड़ी में भी तोड़-फोड़ की। इस हमले से बचने के लिए प्रवीण कुमार मिश्रा अपनी जान बचाकर वहाँ से भागे, और इस दौरान उन्हें पीठ में भी चोटें आईं। इस घटना के बाद, प्रवीण कुमार मिश्रा ने थाना अमरपाटन पहुँचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई है।4
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के तहत, अमदरा पुलिस ने मैहर जिले के टिसकिली और कुठिलगवां गांवों में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना (भा.पु.से.) के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में जिलेभर में संचालित व्यापक जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत शनिवार को जिले के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। सोमवार को अमदरा थाना क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्तमान समय में तेज़ी से बढ़ रहे साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि साइबर ठग फर्जी कॉल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया, नकली एपीके फाइल, फर्जी निवेश योजनाएं, टास्क फ्रॉड, यूपीआई/क्यूआर कोड, फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर और ओटीपी प्राप्त करके लोगों से ठगी करते हैं। एस.आई. लक्ष्मण प्रसाद बुनकर ने सभी नागरिकों से अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचने और ओटीपी, पिन, सीवीवी या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत काट दें और किसी भी प्रकार के लालच या दबाव में न आएं। कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि "डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए ऐसे झांसे में बिल्कुल न फंसें। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा अपने परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। अमदरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सभी अपना योगदान दे सकें।4
- प्रदेश अध्यक्ष राजेश दुबे ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- मैहर मां शारदा देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहाँ मैहर रोपवे के पास चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण एक दर्शनार्थी हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि सड़क की खुदाई के बाद गड्ढों को निर्धारित मानकों के अनुसार भरने और मजबूत करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया था। बरसात के चलते मिट्टी धंसने से सड़क बेहद खतरनाक हो गई है। इसी खतरनाक सड़क पर, मां शारदा के दर्शन करने दोपहिया वाहन से पहुंचे एक दर्शनार्थी का वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में दर्शनार्थी का पैर टूटने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। खुदाई वाले स्थानों पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संबंधी संकेतक लगाए गए हैं। बरसात के कारण सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर हालातों को देखते हुए, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए तथा सड़क की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मैहर रोपवे के पास चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य में ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण एक दर्शनार्थी हादसे का शिकार हो गया, जिसमें उसका पैर टूट गया। बताया गया है कि सड़क की खुदाई के बाद गड्ढों को निर्धारित मानकों के अनुसार भरने और मज़बूत करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया था, जिससे बरसात के चलते मिट्टी धंस गई और सड़क बेहद खतरनाक हो गई थी। इसी खतरनाक सड़क पर मां शारदा के दर्शन करने दोपहिया वाहन से पहुंचे एक दर्शनार्थी का वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका पैर टूट गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है; खुदाई वाले स्थानों पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संबंधी संकेतक लगाए गए हैं। बरसात के कारण सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए और सड़क की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- सतना जिले में जिला पंचायत कार्यालय के पास स्थित शासकीय आवासों के निकट आज पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई, जिससे एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। पाइपलाइन फटने के कारण पिछले आधे घंटे से सड़क पर तेज रफ्तार में पानी लगातार बह रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पूरी सड़क जलमग्न हो गई है।1