मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर मुज़फ्फरनगर में उस वक्त माहौल गर्मा गया जब भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सैकड़ों कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पर पहुंचकर जमकर गरजे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखे नारे लगाए और हालिया बयानों को लेकर नाराज़गी जताई। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा— “कौन कह रहा था कि हम राकेश टिकैत बनना चाह रहे हैं? हम किसी की नकल नहीं, किसानों की आवाज़ हैं।” भाकियू अराजनैतिक नेताओं का कहना था कि उनके संगठन और पदाधिकारियों को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है और किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। चेतावनी भरे लहजे में कहा गया कि अगर उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मौके पर सिविल लाइन थाना पुलिस समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन भाकियू अराजनैतिक की नाराज़गी को गंभीरता से लेगा या आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा?
मुज़फ्फरनगर | बड़ी खबर मुज़फ्फरनगर में उस वक्त माहौल गर्मा गया जब भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सैकड़ों कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पर पहुंचकर जमकर गरजे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखे नारे लगाए और हालिया बयानों को लेकर नाराज़गी जताई। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा— “कौन कह रहा था कि हम राकेश टिकैत बनना चाह रहे हैं? हम किसी की नकल नहीं, किसानों की आवाज़ हैं।” भाकियू अराजनैतिक नेताओं का कहना था कि उनके संगठन और पदाधिकारियों को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है और किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। चेतावनी भरे लहजे में कहा गया कि अगर उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मौके पर सिविल लाइन थाना पुलिस समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन भाकियू अराजनैतिक की नाराज़गी को गंभीरता से लेगा या आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा?
- मुज़फ्फरनगर!शहर की नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित आबकारी पुलिस चौकी पर शीत लहर के प्रकोप के बीच पुलिस कर्मी अलाव के सहारे पूरी तरह अलर्ट दिखाई दिए। आपको बता दें कि रविवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट लेते हुए शीत लहर का विकराल रूप ले लिया है। कड़ाके की ठंड से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं पुलिस कर्मी बढ़ती सर्दी के बावजूद अपनी ड्यूटी पर मुस्तैदी से तैनात नज़र आ रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की यह सजगता प्रशंसनीय है। पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ❄️👮♂️1
- मुजफ्फरनगर के Nh 58 पुलिस चौकी रुड़की चुंगी के पास मैं लगा गंदगी का ढेर आने जाने वाले सभी व्यक्तियों को गंदगी की दुर्गंध वे स्थानीय लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है इस गंदगी से काफी परेशानियां हो रही है आने जाने वाले सभी लोगों को इस दुर्गंध को झेलना पड़ता है प्रशासन इस चीज का ध्यान नहीं रख पा रहा है नगर पालिका द्वारा की यहां खुले में कूड़ा डाल रखा है आने वाली बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है1
- Post by Ssnews UTTAR PRDESH1
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुजफ्फरनगर गांव बिहारी सादात में हर साल की तरह इस साल भी हजरत अली की पैदाइश पर केक काटकर मनाया जशन1
- रिया किन्नर ने उठाई अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच की मांग –महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ रिया किन्नर का तीखा ऐलान मुजफ्फरनगर। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशभर में उठ रही चिंताओं के बीच सामाजिक कार्यकर्ता व किन्नर समाज की चर्चित आवाज रिया किन्नर ने एक बार फिर सत्ता और सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए रिया किन्नर ने मामले की सीबीआई जांच की जोरदार मांग की है। शनिवार को मीडिया सेंटर पर राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अंकिता भंडारी जैसी बेटियों के साथ हुए जघन्य अपराध सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से डगमगा रहा है। “महिलाओं की सुरक्षा में सेंध बर्दाश्त नहीं” रिया किन्नर ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “अगर आज हम चुप रहे तो कल कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा में सेंध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है, जब तक उन कानूनों को ईमानदारी से लागू नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना अपराधों पर लगाम लगाना संभव नहीं है। सड़कों से संसद तक लड़ाई का ऐलान रिया किन्नर ने चेतावनी दी कि अगर अंकिता भंडारी केस में सीबीआई जांच नहीं हुई तो यह लड़ाई सड़कों से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। उन्होंने किन्नर समाज सहित सभी सामाजिक संगठनों और महिलाओं से एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की अपील की। सरकार से सीधा सवाल उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि “आखिर कब तक बेटियों को न्याय के लिए लड़ना पड़ेगा? क्या दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनता को हर बार सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा?” इस बयान के बाद रिया किन्नर का यह कदम सोशल मीडिया और जनआंदोलनों में चर्चा का विषय बन गया है। महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की इस लड़ाई में एक बार फिर समाज के हर वर्ग से समर्थन की उम्मीद की जा रही है।1
- स्वच्छ भारत की दोहरी तस्वीर: सधावली गांव में कूड़ा घर के बाहर गोबर के ढेर ने लगाया सवाल मुजफ्फरनगर (सदर), 4 जनवरी 2026 : सरकारी स्तर पर 'स्वच्छ भारत' के नारे को बुलंद किया जा रहा है, लेकिन मुजफ्फरनगर जनपद के सदर ब्लॉक के गांव सधावली में यह मिशन अपनी योजना के दूसरे चरण (SBM Phase 2) में भी धरातल पर कमजोर नजर आ रहा है। जिस कूड़ा घर (बिन) को साफ-सफाई का प्रतीक बनना था, उसके ही बाहर बिना किसी प्रबंधन के गोबर का बड़ा ढेर लगा हुआ है। न ही बिन पर लोहे का कोई दरवाजा लगा है, जिससे कूड़ा हवा के साथ उड़कर आसपास फैल रहा है। यह नजारा सवाल खड़ा करता है कि क्या स्वच्छता अभियान महज कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया है ग्रामीणों का कहना है कि खुले में गोबर के इस ढेर और कूड़े की अनियंत्रित अवस्था से मक्खियां-मच्छर पनप रहे हैं, जो संक्रामक बीमारियों को फैलाने का कारण बन सकते हैं। खासकर, मौसम में चल रहे बदलाव और बढ़े हुए प्रदूषण के इस दौर में, ऐसी गंदगी लोगों के स्वास्थ्य के लिए और भी ज्यादा जोखिम पैदा करती है। गांव के एक युवा ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "स्वच्छ भारत की तस्वीरें तो अखबारों में छपती हैं, लेकिन हमारे गांव में बनी इस बिन का यह हाल है। बिना दरवाजे के यह बिन खुद एक कूड़े के ढेर जैसा लगता है।"1
- मुज़फ्फरनगर | खबर मुज़फ्फरनगर में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल चौबे के निर्देशानुसार शहर के प्रमुख अटल चौक पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा रूटीन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान दोपहिया व चारपहिया वाहनों को रोककर दस्तावेज़ों की जांच, हेलमेट व सीट बेल्ट की अनिवार्यता सहित यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। अचानक हुई चेकिंग से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। आपको बता दें कि बढ़ती ठंड और घने कोहरे के चलते सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा देखने को मिल रहा है, जिसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह सतर्कता बरत रही है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। 🚦1
- मुजफ्फरनगर के ग्राम पीनना NHAI हाईवे पर किसानों ने दे रखा था 3 साल से धरना किसने की मांग थी कि यहां पर अंडर पास ना बनाएं किसने की मांग थी यहां पर पुल का निर्माण ही कराया जाए ताकि यहां से चार-पांच गांव के लिए रास्ता जाता है अंडर पास बनने पर जल भराव की समस्या ज्यादा रहती है इसी वजह से यहां पर पुल का निर्माण कराया जाएगा किसानों का 3 साल से धरना देखते हुए सरकार इस बात को मान गई है कि यहां पर अब पल का ही निर्माण कराया जाएगा फूल निर्माण के लिए जो रसूल से कम शुरू कर दिया गया1