कौशांबी में भरवारी पुलिस चौकी पर एक पीड़ित पिता ने अपनी 11 दिन से लापता बेटी को ढूंढने में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित का आरोप है कि भरवारी चौकी इंचार्ज और कोखराज थाना इंचार्ज उसकी बेटी को खोजने में असमर्थ दिख रहे हैं। घरवालों के अनुसार, बेटी 11 दिन पहले घर से लापता हुई थी और तुरंत भरवारी पुलिस चौकी को सूचना दी गई थी, लेकिन चौकी इंचार्ज और थाना इंचार्ज ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी थाने-चौकी में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और उन्हें खुद स्टेशन-स्टेशन भटकने के लिए कह रहे हैं। परिवार का कहना है कि वे रो-रोकर बेटी को खुद ढूंढ रहे हैं, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने न तो सीसीटीवी फुटेज चेक किए, न आसपास पूछताछ की, और न ही कोई टीम बनाई। इसके बजाय, पीड़ित परिवार को ही लगातार इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। परिवार के सदस्यों का दर्द है, "पता नहीं वो किस हाल में होगी। रो-रोकर घर का बुरा हाल है।" पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच और बेटी को तुरंत बरामद करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कौशांबी के एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए और बेटी को जल्द से जल्द ढूंढा जाए। गौरतलब है कि कानून के अनुसार, लापता नाबालिग या महिला की सूचना मिलते ही एफआईआर दर्ज कर 24 घंटे के अंदर जांच शुरू करना पुलिस की जिम्मेदारी है। इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कौशांबी में भरवारी पुलिस चौकी पर एक पीड़ित पिता ने अपनी 11 दिन से लापता बेटी को ढूंढने में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित का आरोप है कि भरवारी चौकी इंचार्ज और कोखराज थाना इंचार्ज उसकी बेटी को खोजने में असमर्थ दिख रहे हैं। घरवालों के अनुसार, बेटी 11 दिन पहले घर से लापता हुई थी और तुरंत भरवारी पुलिस चौकी को सूचना दी गई थी, लेकिन चौकी इंचार्ज और थाना इंचार्ज ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी थाने-चौकी में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और उन्हें खुद स्टेशन-स्टेशन भटकने के लिए कह रहे हैं। परिवार का कहना है कि वे रो-रोकर बेटी को खुद ढूंढ रहे हैं, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने न तो सीसीटीवी फुटेज चेक किए, न आसपास पूछताछ की, और न ही कोई टीम बनाई। इसके बजाय, पीड़ित परिवार को ही लगातार इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। परिवार के सदस्यों का दर्द है, "पता नहीं वो किस हाल में होगी। रो-रोकर घर का बुरा हाल है।" पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच और बेटी को तुरंत बरामद करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कौशांबी के एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए और बेटी को जल्द से जल्द ढूंढा जाए। गौरतलब है कि कानून के अनुसार, लापता नाबालिग या महिला की सूचना मिलते ही एफआईआर दर्ज कर 24 घंटे के अंदर जांच शुरू करना पुलिस की जिम्मेदारी है। इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- कौशांबी में भरवारी पुलिस चौकी पर एक पीड़ित पिता ने अपनी 11 दिन से लापता बेटी को ढूंढने में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित का आरोप है कि भरवारी चौकी इंचार्ज और कोखराज थाना इंचार्ज उसकी बेटी को खोजने में असमर्थ दिख रहे हैं। घरवालों के अनुसार, बेटी 11 दिन पहले घर से लापता हुई थी और तुरंत भरवारी पुलिस चौकी को सूचना दी गई थी, लेकिन चौकी इंचार्ज और थाना इंचार्ज ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी थाने-चौकी में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और उन्हें खुद स्टेशन-स्टेशन भटकने के लिए कह रहे हैं। परिवार का कहना है कि वे रो-रोकर बेटी को खुद ढूंढ रहे हैं, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने न तो सीसीटीवी फुटेज चेक किए, न आसपास पूछताछ की, और न ही कोई टीम बनाई। इसके बजाय, पीड़ित परिवार को ही लगातार इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। परिवार के सदस्यों का दर्द है, "पता नहीं वो किस हाल में होगी। रो-रोकर घर का बुरा हाल है।" पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच और बेटी को तुरंत बरामद करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कौशांबी के एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए और बेटी को जल्द से जल्द ढूंढा जाए। गौरतलब है कि कानून के अनुसार, लापता नाबालिग या महिला की सूचना मिलते ही एफआईआर दर्ज कर 24 घंटे के अंदर जांच शुरू करना पुलिस की जिम्मेदारी है। इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर में दबंगों ने एक परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया है। दबंगों ने घर में घुसकर पूरे परिवार को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिसमें महिलाओं के सिर फूट गए और घर का कैमरा भी तोड़ दिया गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, बबलू उर्फ अशफाक, अशफाक के पुत्र अरमान, अर्सलान और अयान, साथ ही अल्फाक और आफताब ने घर में घुसकर यह भीषण मारपीट की। पीड़ितों ने बताया कि हमलावरों में से एक, अरमान, अशफाक का पुत्र है, जिस पर पिछले साल अवैध असलहे का प्रदर्शन करने और उसके वीडियो व फोटो वायरल होने पर कार्रवाई भी हुई थी। इस घटना के बाद, पीड़ित परिवार ने औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि दबंगों को पुलिस का कोई डर नहीं है। रामपुर पुलिस पर भी आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। घायल पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचा है, लेकिन उनकी शिकायत है कि थाने पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ बिहार पुलिस ने स्वयं अपनी लापरवाही को स्वीकार किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी ने इस बात को माना कि पुलिस समय पर और सही तरीके से आरोपी को अपने नियंत्रण में नहीं ले पाई। इस गंभीर चूक के चलते, एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने दावा किया था कि भरत तिवारी ने फायरिंग की थी, लेकिन परिजनों का आरोप इसके बिल्कुल विपरीत है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। इस घटना के बाद, 'शहीद भरत तिवारी' के लिए न्याय की लगातार माँग की जा रही है, और लोग 'बगावत दिवस 17 जून' स्मरण करते हुए इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की भी उम्मीद कर रहे हैं।1
- प्रयागराज के गंगानगर में हुई एक घटना के संबंध में डीसीपी कुलदीप गुनावत ने बयान जारी किया है।1
- औरैया में आने वाले त्यौहारों के मद्देनज़र पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती पूरी तरह से सतर्क हो गए हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए उन्होंने पुलिस बल के साथ शहर में पैदल गश्त की।1
- आज दिनांक 22 जून 2026 को फाफामऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेला कछार के पास एक घटना हुई। इस घटना के संबंध में पुलिस उपायुक्त गंगानगर द्वारा एक बाइट जारी की गई है।1
- कौशाम्बी में जमीन विवाद से पीड़ित एक व्यक्ति ने एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है। इस गुहार के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।1