खंडवा जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में पुनासा के मुंदी थाना क्षेत्र में मुंदी थाना प्रभारी और तहसीलदार श्रीमती वंदना चौहान की उपस्थिति में संयुक्त शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों के आवेदकों और अनावेदकों को बुलाकर दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा और आवश्यक राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष बचे मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त शिविरों का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण करके आम जनता को राहत प्रदान करना है, जिससे अनावश्यक न्यायिक एवं पुलिस विवादों को कम किया जा सके।
खंडवा जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में पुनासा के मुंदी थाना क्षेत्र में मुंदी थाना प्रभारी और तहसीलदार श्रीमती वंदना चौहान की उपस्थिति में संयुक्त शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों के आवेदकों और अनावेदकों को बुलाकर दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा और आवश्यक राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष बचे मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त शिविरों का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण करके आम जनता को राहत प्रदान करना है, जिससे अनावश्यक न्यायिक एवं पुलिस विवादों को कम किया जा सके।
- खंडवा जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में पुनासा के मुंदी थाना क्षेत्र में मुंदी थाना प्रभारी और तहसीलदार श्रीमती वंदना चौहान की उपस्थिति में संयुक्त शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों के आवेदकों और अनावेदकों को बुलाकर दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा और आवश्यक राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष बचे मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त शिविरों का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण करके आम जनता को राहत प्रदान करना है, जिससे अनावश्यक न्यायिक एवं पुलिस विवादों को कम किया जा सके।1
- खरगोन जिले के बड़वाह में नर्मदा घाट पर श्रीराम भक्त प्रभातफेरी मंडल द्वारा दो घंटे का सफाई अभियान चलाया गया। इस सफाई अभियान के दौरान घाट से बड़ी मात्रा में कचरा एकत्रित किया गया। इसके साथ ही, मां नर्मदा को प्रदूषण मुक्त बनाने की अपील भी की गई है।1
- पूर्वी निमाड़ के खंडवा के लोगों के लिए 'ANT आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क' और 'आल न्यूज़ टाइम्स' अखबार से जुड़कर काम करने का सुनहरा अवसर है। इस न्यूज़ नेटवर्क को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सौगात मिली है, जिससे अब आपकी खबरें पूरी दुनिया में गूंजेंगी। इन दोनों ही मीडिया माध्यमों के लिए रिपोर्टर बनने का खुला आमंत्रण दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति सीधे एडिटर इन चीफ Masood javed Qadri से उनके मोबाइल नंबर 9424550560 पर संपर्क कर जुड़ सकते हैं।1
- पटना हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के एक आपराधिक मामले में 9 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल महिला की छाती दबाना और सलवार उतारने का प्रयास करना, हर परिस्थिति में स्वतः ही दुष्कर्म के प्रयास (धारा 376/511) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार, किसी मामले में दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनता है या नहीं, यह पूरी तरह से उस मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर ही निर्भर करेगा। इस विशिष्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ऐसे पर्याप्त सबूत पेश करने में असमर्थ रहा, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी का उद्देश्य दुष्कर्म करना था। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि आरोपी का यह कृत्य बेहद गंभीर अपराध है और यह महिला की लज्जा भंग करने यानी आईपीसी की धारा 354 के दायरे में आता है, इसलिए आरोपी को पूरी तरह से राहत नहीं दी गई है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय केवल इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर है, न कि सभी मामलों के लिए कोई सामान्य नियम।1
- खरगोन जिले के भीकनगांव अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बोरगांव में मुख्य सड़क की बदहाली से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। यहाँ की मुख्य सड़क पर सीसी रोड का नामोनिशान नहीं है, जिसके कारण हालात अत्यंत खराब हो चुके हैं। सड़क पर फैले कीचड़ और फिसलती मिट्टी की वजह से हर रोज राहगीर, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल एक सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के साथ पूरी तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है और यहाँ आए दिन छोटे-मोटे हादसों का डर बना रहता है। इस बदहाली को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि ऐसा महसूस होता है जैसे विकास की रफ्तार सिर्फ शहरों की चमचमाती सड़कों तक ही सीमित रह गई है और गाँवों की अनदेखी करना ही नियति बन चुकी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर अपील की गई है कि वे केवल कागजी कार्रवाई से बाहर निकलें और जमीनी हकीकत को देखें, क्योंकि बोरगांव को जल्द से जल्द पक्की सड़क की सख्त जरूरत है। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने की मांग की गई है।1
- देवास जिले के हाटपीपल्या में निलंबित उपयंत्री सतीश समेले का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मीडिया के सामने विकास कार्यों में जनपद से लेकर भोपाल तक चलने वाले कमीशन के खेल का बड़ा पर्दाफाश किया है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि "कौन माई का लाल है जो जनपद से लेकर भोपाल तक पैसे नहीं ले रहा हो।" उनके आरोपों के अनुसार, किसी भी कार्य की शुरुआत होते ही सरपंच को 10%, सचिव को 5%, जीआरएस को 3%, सब इंजीनियर को 5%, सहायक यंत्री को 2%, और जनपद सीईओ को 2-3% का कमीशन सीधे तौर पर जाता है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारी भी "सूटकेस" लेते हैं, चाहे वे कमिश्नरी से आएं, भोपाल से आएं या फिर जिले से। निलंबित उपयंत्री ने सब इंजीनियरों को महज "वसूली एजेंट" बताया है और दावा किया है कि जिला पंचायत के कामों में डंके की चोट पर 10 से 15% का कमीशन फिक्स रहता है। उन्होंने खुद को भी इस भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बताते हुए स्वीकार किया कि उनसे भी यह काम करवाया गया। इन गंभीर आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोर्ट के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग और वीडियो जैसे पुख्ता सबूत होने का दावा किया है।1
- इंदौर में नाना पटवारी मामले की जांच लगातार जारी है। इसी सिलसिले में एक युवती जोन-1 के डीसीपी कार्यालय पहुंची, जहां उसने पुलिस अधिकारियों के सामने अपने बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- पुनासा के मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित एक बंद पड़े खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार दोपहर को एक नवजात शिशु मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर देखा तो नवजात वहां पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पाकर बीएमओ डॉ. आनंद ओनकर अस्पताल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में पुलिस भी वहां आ गई। नवजात को तत्काल अस्पताल के लेबर रूम में ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, नवजात बालक पूरी तरह से स्वस्थ है और उसका जन्म करीब 2 से 3 घंटे पहले ही हुआ था। नवजात के गले में हरे रंग के कपड़े की चिंदी बंधी हुई थी। करीब दो घंटे तक मुंदी अस्पताल में रखने के बाद नवजात को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल खंडवा भिजवाया गया, जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान मुंदी अस्पताल में कोई प्रसव नहीं हुआ है, जिसके चलते पुलिस अब इस बात की गहन जांच में जुट गई है कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया है।1