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पटना हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के एक आपराधिक मामले में 9 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल महिला की छाती दबाना और सलवार उतारने का प्रयास करना, हर परिस्थिति में स्वतः ही दुष्कर्म के प्रयास (धारा 376/511) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार, किसी मामले में दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनता है या नहीं, यह पूरी तरह से उस मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर ही निर्भर करेगा। इस विशिष्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ऐसे पर्याप्त सबूत पेश करने में असमर्थ रहा, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी का उद्देश्य दुष्कर्म करना था। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि आरोपी का यह कृत्य बेहद गंभीर अपराध है और यह महिला की लज्जा भंग करने यानी आईपीसी की धारा 354 के दायरे में आता है, इसलिए आरोपी को पूरी तरह से राहत नहीं दी गई है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय केवल इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर है, न कि सभी मामलों के लिए कोई सामान्य नियम।

7 hrs ago
user_Journalist shubham
Journalist shubham
खातेगांव, देवास, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

पटना हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के एक आपराधिक मामले में 9 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल महिला की छाती दबाना और सलवार उतारने का प्रयास करना, हर परिस्थिति में स्वतः ही दुष्कर्म के प्रयास (धारा 376/511) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार, किसी मामले में दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनता है या नहीं, यह पूरी तरह से उस मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर ही निर्भर करेगा। इस विशिष्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ऐसे पर्याप्त सबूत पेश करने में असमर्थ रहा, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी का उद्देश्य दुष्कर्म करना था। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि आरोपी का यह कृत्य बेहद गंभीर अपराध है और यह महिला की लज्जा भंग करने यानी आईपीसी की धारा 354 के दायरे में आता है, इसलिए आरोपी को पूरी तरह से राहत नहीं दी गई है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय केवल इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर है, न कि सभी मामलों के लिए कोई सामान्य नियम।

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  • पटना हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के एक आपराधिक मामले में 9 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल महिला की छाती दबाना और सलवार उतारने का प्रयास करना, हर परिस्थिति में स्वतः ही दुष्कर्म के प्रयास (धारा 376/511) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार, किसी मामले में दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनता है या नहीं, यह पूरी तरह से उस मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर ही निर्भर करेगा। इस विशिष्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ऐसे पर्याप्त सबूत पेश करने में असमर्थ रहा, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी का उद्देश्य दुष्कर्म करना था। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि आरोपी का यह कृत्य बेहद गंभीर अपराध है और यह महिला की लज्जा भंग करने यानी आईपीसी की धारा 354 के दायरे में आता है, इसलिए आरोपी को पूरी तरह से राहत नहीं दी गई है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय केवल इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर है, न कि सभी मामलों के लिए कोई सामान्य नियम।
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    पटना हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के एक आपराधिक मामले में 9 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल महिला की छाती दबाना और सलवार उतारने का प्रयास करना, हर परिस्थिति में स्वतः ही दुष्कर्म के प्रयास (धारा 376/511) की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। कोर्ट के अनुसार, किसी मामले में दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनता है या नहीं, यह पूरी तरह से उस मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर ही निर्भर करेगा।

इस विशिष्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष ऐसे पर्याप्त सबूत पेश करने में असमर्थ रहा, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी का उद्देश्य दुष्कर्म करना था। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया कि आरोपी का यह कृत्य बेहद गंभीर अपराध है और यह महिला की लज्जा भंग करने यानी आईपीसी की धारा 354 के दायरे में आता है, इसलिए आरोपी को पूरी तरह से राहत नहीं दी गई है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को भी स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय केवल इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर है, न कि सभी मामलों के लिए कोई सामान्य नियम।
    user_Journalist shubham
    Journalist shubham
    खातेगांव, देवास, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • हरदा में मूंग खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान शहर के प्रमुख मार्गों पर एकत्र हुए और सरकार से मूंग खरीदी समेत अपनी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ किया कि उन्हें केवल सीमित खरीदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सभी पात्र किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।
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    हरदा में मूंग खरीदी की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर सांकेतिक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान शहर के प्रमुख मार्गों पर एकत्र हुए और सरकार से मूंग खरीदी समेत अपनी अन्य समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ किया कि उन्हें केवल सीमित खरीदी स्वीकार्य नहीं है। सरकार को सभी पात्र किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगे।
    user_Mohanlal Nagle
    Mohanlal Nagle
    संवाददाता वर्ल्ड स्वराज न्यूज़ हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सीहोर के थाना भैरूंदा पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से ₹79,510 की नकद राशि और 52 ताश के पत्ते जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। थाना भैरूंदा पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी इस प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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    सीहोर के थाना भैरूंदा पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से ₹79,510 की नकद राशि और 52 ताश के पत्ते जब्त किए हैं।

इस मामले में पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। थाना भैरूंदा पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी इस प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_MRDKbairagi
    MRDKbairagi
    Local News Reporter आष्टा, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा नगर में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन का तहसील कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एक भैंस को सौंप दिया। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से यह कदम उठाया है। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि नर्मदापुरम और प्रदेश के कई अन्य जिलों के किसानों ने भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती की थी। इसके बावजूद, सरकार ने केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उचित मूल्य न मिलने से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि किसानों द्वारा उत्पादित ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाए। यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान अपने-अपने ट्रैक्टर तहसील कार्यालय परिसर में खड़े कर उनकी चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे और इसके बाद अपनी मांगों के समर्थन में पैदल ही भोपाल कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद वितरण की वर्तमान ई-टोकन (ई-विकास) प्रणाली पर भी गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि इस प्रणाली के कारण उन्हें समय पर डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है और घंटों इंतजार करना पड़ता है। किसानों ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी इस ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद कर खाद वितरण की सरल और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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    मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा नगर में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन का तहसील कार्यालय के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एक भैंस को सौंप दिया। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से यह कदम उठाया है।

ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि नर्मदापुरम और प्रदेश के कई अन्य जिलों के किसानों ने भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती की थी। इसके बावजूद, सरकार ने केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उचित मूल्य न मिलने से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि किसानों द्वारा उत्पादित ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाए।

यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान अपने-अपने ट्रैक्टर तहसील कार्यालय परिसर में खड़े कर उनकी चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे और इसके बाद अपनी मांगों के समर्थन में पैदल ही भोपाल कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद वितरण की वर्तमान ई-टोकन (ई-विकास) प्रणाली पर भी गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि इस प्रणाली के कारण उन्हें समय पर डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है और घंटों इंतजार करना पड़ता है। किसानों ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी इस ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद कर खाद वितरण की सरल और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    पत्रकार सिवनी-मालवा, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • खंडवा जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में पुनासा के मुंदी थाना क्षेत्र में मुंदी थाना प्रभारी और तहसीलदार श्रीमती वंदना चौहान की उपस्थिति में संयुक्त शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों के आवेदकों और अनावेदकों को बुलाकर दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा और आवश्यक राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष बचे मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त शिविरों का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण करके आम जनता को राहत प्रदान करना है, जिससे अनावश्यक न्यायिक एवं पुलिस विवादों को कम किया जा सके।
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    खंडवा जिला कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देशानुसार जिलेभर में भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यालयों में प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर सभी राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कर मौके पर ही निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे।

इसी कड़ी में पुनासा के मुंदी थाना क्षेत्र में मुंदी थाना प्रभारी और तहसीलदार श्रीमती वंदना चौहान की उपस्थिति में संयुक्त शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भूमि विवाद से जुड़े मामलों के आवेदकों और अनावेदकों को बुलाकर दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई की गई। अधिकारियों ने आपसी चर्चा और आवश्यक राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष बचे मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के संयुक्त शिविरों का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण करके आम जनता को राहत प्रदान करना है, जिससे अनावश्यक न्यायिक एवं पुलिस विवादों को कम किया जा सके।
    user_Shahrukh mansuri333
    Shahrukh mansuri333
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • देवास जिले के हाटपीपल्या में निलंबित उपयंत्री सतीश समेले का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मीडिया के सामने विकास कार्यों में जनपद से लेकर भोपाल तक चलने वाले कमीशन के खेल का बड़ा पर्दाफाश किया है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि "कौन माई का लाल है जो जनपद से लेकर भोपाल तक पैसे नहीं ले रहा हो।" उनके आरोपों के अनुसार, किसी भी कार्य की शुरुआत होते ही सरपंच को 10%, सचिव को 5%, जीआरएस को 3%, सब इंजीनियर को 5%, सहायक यंत्री को 2%, और जनपद सीईओ को 2-3% का कमीशन सीधे तौर पर जाता है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारी भी "सूटकेस" लेते हैं, चाहे वे कमिश्नरी से आएं, भोपाल से आएं या फिर जिले से। निलंबित उपयंत्री ने सब इंजीनियरों को महज "वसूली एजेंट" बताया है और दावा किया है कि जिला पंचायत के कामों में डंके की चोट पर 10 से 15% का कमीशन फिक्स रहता है। उन्होंने खुद को भी इस भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बताते हुए स्वीकार किया कि उनसे भी यह काम करवाया गया। इन गंभीर आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोर्ट के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग और वीडियो जैसे पुख्ता सबूत होने का दावा किया है।
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    देवास जिले के हाटपीपल्या में निलंबित उपयंत्री सतीश समेले का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मीडिया के सामने विकास कार्यों में जनपद से लेकर भोपाल तक चलने वाले कमीशन के खेल का बड़ा पर्दाफाश किया है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि "कौन माई का लाल है जो जनपद से लेकर भोपाल तक पैसे नहीं ले रहा हो।" उनके आरोपों के अनुसार, किसी भी कार्य की शुरुआत होते ही सरपंच को 10%, सचिव को 5%, जीआरएस को 3%, सब इंजीनियर को 5%, सहायक यंत्री को 2%, और जनपद सीईओ को 2-3% का कमीशन सीधे तौर पर जाता है।

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारी भी "सूटकेस" लेते हैं, चाहे वे कमिश्नरी से आएं, भोपाल से आएं या फिर जिले से। निलंबित उपयंत्री ने सब इंजीनियरों को महज "वसूली एजेंट" बताया है और दावा किया है कि जिला पंचायत के कामों में डंके की चोट पर 10 से 15% का कमीशन फिक्स रहता है। उन्होंने खुद को भी इस भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बताते हुए स्वीकार किया कि उनसे भी यह काम करवाया गया। इन गंभीर आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोर्ट के लिए वॉइस रिकॉर्डिंग और वीडियो जैसे पुख्ता सबूत होने का दावा किया है।
    user_पत्रकार करीम खान H. p
    पत्रकार करीम खान H. p
    हाटपीपल्या, देवास, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • देवास में आबकारी विभाग ने कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र में दबिश देकर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने ₹4.83 लाख रुपये की अवैध शराब और महुआ लाहन जब्त किया है।
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    देवास में आबकारी विभाग ने कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र में दबिश देकर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने ₹4.83 लाख रुपये की अवैध शराब और महुआ लाहन जब्त किया है।
    user_Sajid Pathan
    Sajid Pathan
    सोनकच्छ, देवास, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सीहोर के थाना कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 06 वर्षों से फरार चल रहे ₹5,000 के इनामी डबल हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस लंबे समय से इस आरोपी की तलाश कर रही थी। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई, जिसके बाद उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इस संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी है।
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    सीहोर के थाना कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 06 वर्षों से फरार चल रहे ₹5,000 के इनामी डबल हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस लंबे समय से इस आरोपी की तलाश कर रही थी। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई, जिसके बाद उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इस संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी है।
    user_MRDKbairagi
    MRDKbairagi
    Local News Reporter आष्टा, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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