Shuru
Apke Nagar Ki App…
सोनभद्र जनपद के घोरावल तहसील स्थित ग्राम पंचायत भैंसवार के किसान अपनी जमीन बचाने के लिए 415 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जनपद सोनभद्र के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने इस संबंध में बताया है कि जनपद के अधिकारी पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं और उन्होंने कथित तौर पर किसानों की जमीन लूटकर भूमाफियाओं को दे दी है। कुशवाहा के अनुसार, इसी वजह से ग्राम पंचायत के किसान धरने पर बैठे हैं, क्योंकि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए स्वतंत्र हैं।
Brijesh kumar singh
सोनभद्र जनपद के घोरावल तहसील स्थित ग्राम पंचायत भैंसवार के किसान अपनी जमीन बचाने के लिए 415 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जनपद सोनभद्र के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने इस संबंध में बताया है कि जनपद के अधिकारी पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं और उन्होंने कथित तौर पर किसानों की जमीन लूटकर भूमाफियाओं को दे दी है। कुशवाहा के अनुसार, इसी वजह से ग्राम पंचायत के किसान धरने पर बैठे हैं, क्योंकि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए स्वतंत्र हैं।
More news from Sonbhadra and nearby areas
- सोनभद्र में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बुलडोजर से उन पर पुष्पवर्षा की गई, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण केंद्र बनी।1
- डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के निर्देश पर पिपरी पुलिस ने बाबूराम सिंह महाविद्यालय पर धारा 84 के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए की गई है।1
- सोनभद्र जिले में भाजपा के नेता पंकज चौधरी का भव्य स्वागत किया गया।1
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोनभद्र का दौरा किया, जहाँ चंडी तिराहे से भाजपा कार्यालय तक एक भव्य रोड शो निकाला गया। इस रोड शो में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उनके इस दौरे में स्वागत कार्यक्रम, मीडिया संवाद, संगठनात्मक बैठकें और प्रबुद्धजन संवाद जैसे कई कार्यक्रम शामिल थे, और यह दौरा पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र रहा।1
- #कृपया 1 ₹ #दान #अवश्य करें #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन1
- उत्तर प्रदेश सरकार एक ओर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार की शिकायतों से डरने का आरोप लगा है। इसी बीच, 8 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिर्जापुर जनपद में प्रशासनिक बैठक और भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं को मुख्यमंत्री से मिलने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दो दिन पहले करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बनाई थी। वे मिर्जापुर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं जैसे जर्जर सड़कें, गड्ढों में भरा पानी, नटवा ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी, और स्वास्थ्य विभाग में हुए ₹6 करोड़ 82 लाख के कथित व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायत करना चाहते थे। उनकी मांग थी कि इन मुद्दों का तत्काल निस्तारण किया जाए। हालांकि, प्रदेश सरकार पर यह आरोप लगाया गया है कि वह अपने नुमाइंदों की शिकायतें सुनने से डरती है और शिकायतकर्ताओं को अपने पास नहीं आने देना चाहती। मिर्जापुर जिला और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री से न तो कोई जनप्रतिनिधि, न पत्रकार और न ही कोई समाजसेवी अपनी समस्या या मांग को लेकर मिल पाएगा। यह सवाल उठाया गया है कि राजा से जनता अपनी दुख बयान न कर सके तो कैसा शासन और कैसा प्रशासन? इसके परिणामस्वरूप, सरकार पर मूलभूत सुविधाओं की कमी और भ्रष्टाचार को उजागर होने से बचाने, तथा जनता की शिकायतें न सुनने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश देने का आरोप लगा है। इसी के तहत, करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार को उनके निवास चंदईपुर में ही घर पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर लिया गया। उनके घर पर ही उनसे मांग पत्र लिया गया और उन्हें व उनके साथियों को तब तक हाउस अरेस्ट में रखा जाएगा जब तक मुख्यमंत्री अपने गंतव्य पर वापस नहीं चले जाते। मौके पर दिलीप सिंह गहरवार सहित अभिषेक सिंह धवल, इंस्पेक्टर सिंह (शिवम), डॉ. अवनीश सिंह गहरवार, शाश्वत सिंह, पुष्कर सिंह राठौड़, अनुराग सिंह, विनीत सिंह, उदय सिंह, प्रीतम सिंह, युवराज सिंह, अभय सिंह, मंदीप, पंचम सिंह, अतुल सिंह, संजय गुप्ता, रमाकांत सिंह, हेमंत कुमार, प्रदीप सिंह, शिवम सिंह, धीरज सिंह, राकेश सिंह, अवनीश सिंह, राकेश सिंह राणा, शिवपाल सिंह, कुश सिंह, अमित सिंह, मोहित सिंह, मंगल सिंह, फुलेल सिंह, रत्नेश सिंह, अतुल सिंह और आवेश सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस घटना को प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 'उड़ी नींद' के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री के आगमन पर जिला प्रशासन ने समाजसेवियों को भ्रष्टाचार उजागर करने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया और उनका मांग पत्र घर पर ही लिया।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा 5 सितंबर 2025 को की गई घोषणा को अंतिम रूप देते हुए, आज प्रदेशभर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड के डेमो कार्ड का समारोहपूर्वक वितरण किया गया। इसी क्रम में, सोनभद्र के ओबरा स्थित तहसील सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सेवारत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत कार्ड प्रदान किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री जी के लाइव प्रसारण के माध्यम से डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) का भी शुभारंभ किया गया, जिसके तहत प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, बैग और स्वेटर खरीदने के लिए ₹1200 की धनराशि सीधे हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एसबीआई बैंक के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए और "हरित एवं स्वच्छ विद्यालय" अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, साथ ही शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि के संबंध में भी चर्चा की गई। ओबरा तहसील सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख, विकासखंड चोपन, लीला देवी गोंड थीं, जबकि अति विशिष्ट अतिथि रूबी मिश्रा उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में तहसीलदार नरेंद्र राम, नायब तहसीलदार रजनीश यादव, खंड विकास अधिकारी (कोन) जितेंद्र नाथ दुबे, खंड शिक्षा अधिकारी (कोन) विश्वजीत और खंड शिक्षा अधिकारी (चोपन) लोकेश कुमार मिश्रा शामिल थे। कार्यक्रम में विकासखंड चोपन एवं कोन के 200 से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजन खंड शिक्षा अधिकारी चोपन लोकेश कुमार मिश्रा ने किया और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक मनीष पटेल ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। खंड शिक्षा अधिकारी कोन विश्वजीत एवं खंड शिक्षा अधिकारी चोपन लोकेश कुमार मिश्रा को संयुक्त रूप से कार्यक्रम की रूपरेखा एवं समन्वय का कार्य सौंपा गया था। कार्यक्रम का समापन खंड शिक्षा अधिकारी कोन विश्वजीत द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सफलतापूर्वक हुआ।1
- सोनभद्र जनपद के घोरावल तहसील स्थित ग्राम पंचायत भैंसवार के किसान अपनी जमीन बचाने के लिए 415 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जनपद सोनभद्र के जिला अध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने इस संबंध में बताया है कि जनपद के अधिकारी पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं और उन्होंने कथित तौर पर किसानों की जमीन लूटकर भूमाफियाओं को दे दी है। कुशवाहा के अनुसार, इसी वजह से ग्राम पंचायत के किसान धरने पर बैठे हैं, क्योंकि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए स्वतंत्र हैं।2