खेसरहा पुलिस एक्शन 24 घंटे में दुष्कर्म आरोपी गिरफ्तार, खेसरहा पुलिस की तेज कार्रवाई नाबालिग से घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस, आरोपी को पकड़कर भेजा जेल सिद्धार्थनगर। नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में खेसरहा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना 29 मार्च की शाम करीब 3 बजे की है। सोरवामाफी गांव की एक नाबालिग लड़की ग्राम बरनवार में मजदूरी करने गई थी। इसी दौरान गांव का ही रोहन पुत्र जीवन निषाद उसे जबरन खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की तहरीर पर थाना खेसरहा में आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 40/2026 के तहत धारा 64(2) बीएनएस एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में टीम ने 30 मार्च को बांसी-बेलौहा मार्ग स्थित सोरवामाफी मोड़ से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम में शामिल: थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर एवं कांस्टेबल जितेंद्र साहनी।
खेसरहा पुलिस एक्शन 24 घंटे में दुष्कर्म आरोपी गिरफ्तार, खेसरहा पुलिस की तेज कार्रवाई नाबालिग से घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस, आरोपी को पकड़कर भेजा जेल सिद्धार्थनगर। नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में खेसरहा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना 29 मार्च की शाम करीब 3 बजे की है। सोरवामाफी गांव की एक नाबालिग लड़की ग्राम बरनवार में मजदूरी करने गई थी। इसी दौरान गांव का ही रोहन पुत्र जीवन निषाद उसे जबरन खेत
में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की तहरीर पर थाना खेसरहा में आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 40/2026 के तहत धारा 64(2) बीएनएस एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में टीम ने 30 मार्च को बांसी-बेलौहा मार्ग स्थित सोरवामाफी मोड़ से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम में शामिल: थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर एवं कांस्टेबल जितेंद्र साहनी।
- सिद्धार्थनगर: शादी की जिद में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, 112 पर कॉल कर दी लोकेशन – घंटों चला ड्रामा सिद्धार्थनगर के इटवा क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक अपनी प्रेमिका से शादी की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सुबह 5 बजे शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा तब और बढ़ गया जब युवक ने खुद ही कई बार 112 नंबर पर कॉल कर अपनी लोकेशन बताई, और प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग करने लगा। सूचना मिलते ही पीआरवी टीम और इटवा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस व ग्रामीणों ने काफी देर तक समझाने की कोशिश की, लेकिन युवक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले युवक अपनी प्रेमिका के साथ फरार हो गया था, लेकिन परिजनों ने पकड़कर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। एक महीने बाद युवक फिर से शादी की मांग को लेकर टावर पर चढ़ गया और धमकी देने लगा कि शादी नहीं कराई तो वह कूद जाएगा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में जुटी है। मामला प्रेम-प्रसंग का बताया जा रहा है।1
- सिद्धार्थनगर। नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में खेसरहा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना 29 मार्च की शाम करीब 3 बजे की है। सोरवामाफी गांव की एक नाबालिग लड़की ग्राम बरनवार में मजदूरी करने गई थी। इसी दौरान गांव का ही रोहन पुत्र जीवन निषाद उसे जबरन खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की तहरीर पर थाना खेसरहा में आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 40/2026 के तहत धारा 64(2) बीएनएस एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में टीम ने 30 मार्च को बांसी-बेलौहा मार्ग स्थित सोरवामाफी मोड़ से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम में शामिल: थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक रवि प्रताप सिंह सेंगर एवं कांस्टेबल जितेंद्र साहनी।2
- Post by Pramatma Prasad1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया आँख के मरीजों के लिए निःशुल्क आँख का इलाज एवं चश्मा दिए जाने के लिए वार्ड निश्चित है! गरीब मजदूर किसानो को चश्मा नही दिया जाता है मरीज के मुताबिक जाँच के बाद चिकित्सक द्वारा बताया गया 400 रूपये लाइए चश्मा मिल जायेगा लेकिन ज़ब पैसा लेकर आँख का मरीज पंहुचा तो चिकित्सक यह कहकर भगा दिया कि जाइए चश्मा कही और बनवाइये यहां नही मिलेगा! सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया मे निःशुल्क मिलने वाली चश्मा का करना पड़ता है भुगतान ऐसे मे देखा जाए तो सरकारी अस्पताल मे भी करना होता है मरीजों को भुगतान!1
- महराजगंज:बाइक चोरी का आरोप, थाने में दी तहरीर, कार्रवाई की मांग?1
- संतकबीरनगर। जनपद के खलीलाबाद स्थित सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विद्यालय परिसर में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया को लेकर अभिभावकों और छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह से ही अभिभावकों की लंबी कतारें लग रही हैं, जहां वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। विद्यालय प्रशासन के अनुसार आगामी 2 अप्रैल से नए सत्र की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, जिससे सत्र का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जा सके। उन्होंने पुराने छात्रों से समय रहते नवीनीकरण कराने तथा नए अभ्यर्थियों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है। विद्यालय में आधुनिक शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देते हुए डिजिटल लाइब्रेरी, प्रोजेक्टर आधारित कक्षाएं और तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है। विद्यालय प्रबंधन ने इस वर्ष भी छात्रों के लिए प्रोत्साहन योजना जारी रखते हुए घोषणा की है कि 10वीं उत्तीर्ण कर 11वीं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क टैबलेट प्रदान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों में डिजिटल शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता में शामिल है। विद्यालय परिवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।1
- सिद्धार्थ गैस एजेंसी की मनमानी: महिला उपभोक्ताओं से बदसलूकी और नियम ताक पर सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार एक ओर जीरो टॉलरेंस और सुशासन का दावा करती है, वहीं जनपद के डुमरियागंज क्षेत्र स्थित चौधरी HP गैस ग्रामीण वितरक, चेतिया में उपभोक्ताओं का उत्पीड़न चरम पर है। ताज़ा मामला एक महिला उपभोक्ता के साथ हुई अभद्रता का है, जिसने गैस एजेंसी के संचालन और वहां मौजूद रसूखदार लोगों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय छोड़ एजेंसी पर 'ड्यूटी' दे रहे शिक्षक एजेंसी की कार्यप्रणाली में सबसे चौंकाने वाला पहलू मालिक के पुत्र हरिश्चंद्र की भूमिका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिश्चंद्र शिक्षा विभाग में सरकारी अध्यापक के पद पर होरिलापुरा, खुनियांव में तैनात हैं। लेकिन विडंबना देखिए, जिस वक्त उन्हें विद्यालय में बच्चों का भविष्य संवारना चाहिए, उस वक्त वे गैस एजेंसी पर मौजूद रहकर उपभोक्ताओं को धमकाते नजर आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 'गुरुजी' आए दिन विद्यालय से नदारद रहकर एजेंसी का कामकाज संभालते हैं और विरोध करने वाले सीधे-सादे उपभोक्ताओं, खासकर महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार और दबंगई करने से बाज नहीं आते। क्या रसूख के आगे बौना है प्रशासन? गैस एजेंसी पर होने वाली इस मनमानी और सरकारी कर्मचारी की अवैध मौजूदगी ने विभाग की मिलीभगत की ओर भी इशारा किया है। एक सरकारी सेवक का अपने कार्यस्थल से गायब रहकर व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर बैठकर जनता को प्रताड़ित करना न केवल सेवा नियमावली का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक शिथिलता का प्रमाण भी है। मुख्य बिंदु जो जांच का विषय हैं: ड्यूटी से गायब: क्या शिक्षा विभाग को अपने शिक्षक के विद्यालय से गायब रहने की जानकारी है? उपभोक्ता उत्पीड़न: महिला उपभोक्ता के साथ हुई बदसलूकी पर पुलिस और रसद विभाग मौन क्यों है? अवैध हस्तक्षेप: एक सरकारी शिक्षक किस हैसियत से गैस एजेंसी के विवादों में हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं को धमका रहा है? क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि ऐसे 'लापरवाह' शिक्षक और 'बेलगाम' गैस एजेंसी पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को इस मानसिक और आर्थिक शोषण से निजात मिल सके। रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो चीफ, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)2
- सिद्धार्थनगर में जल जीवन मिशन के 'हर घर नल, हर घर जल' योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच जांच प्रक्रिया भी विवादों में घिर गई है। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम सोमवार, 30 मार्च को जांच के लिए पहुंची, लेकिन मौके पर हुई कार्रवाई ने पूरे प्रकरण को संदेह के घेरे में ला दिया। यह शिकायत मुख्य रूप से विकासखंड नौगढ़ के बेलवा सिरवत, बरगदवा पकड़ी, विकासखंड जोगिया के सेहुड़ा तथा विकासखंड शोहरतगढ़ के टेडिया कौवा, कपिया ग्रांट और अलिदापुर गांवों से संबंधित थी। इन गांवों में पाइपलाइन बिछाने और सड़क तोड़ने के कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। जांच टीम में जल निगम विभाग के अपर अभियंता अवधेश कुमार, डीपीएमयू राजेश कुमार मिश्रा और डीपीएम अभिषेक शामिल थे। टीम सबसे पहले बेलवा गांव पहुंची, जहां इंटरलॉकिंग सड़क को खुदवाकर एचडीपीई पाइप की गहराई की जांच की गई। मौके पर पाइप की गहराई लगभग 33 इंच पाई गई, जबकि मानक के अनुसार इसे 40 इंच होना चाहिए था। इससे निर्माण कार्य में स्पष्ट लापरवाही सामने आई।1