बगोदर में अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों ने निकाला मशाल जुलूस बगोदर: बगोदर थाना क्षेत्र के दामा गांव में अज्ञात लोगों द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना 14 अगस्त की बताई जा रही है, जिसमें प्रतिमा की एक अंगुली खंडित हो गई। घटना के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बगोदर थाना पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की। देर शाम ग्रामीणों ने गांव में मशाल जुलूस निकालकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बगोदर में अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों ने निकाला मशाल जुलूस बगोदर: बगोदर थाना क्षेत्र के दामा गांव में अज्ञात लोगों द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना 14 अगस्त की बताई जा रही है, जिसमें प्रतिमा की एक अंगुली खंडित हो गई। घटना के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बगोदर थाना पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की। देर शाम ग्रामीणों ने गांव में मशाल जुलूस निकालकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- बगोदर में अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों ने निकाला मशाल जुलूस बगोदर: बगोदर थाना क्षेत्र के दामा गांव में अज्ञात लोगों द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। घटना 14 अगस्त की बताई जा रही है, जिसमें प्रतिमा की एक अंगुली खंडित हो गई। घटना के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बगोदर थाना पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की। देर शाम ग्रामीणों ने गांव में मशाल जुलूस निकालकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं, थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- 🚨 कोनार डैम में स्टंटबाजी पर प्रशासन सख्त! हवा में उड़ती बाइक कैमरे में कैद 😱 कोनार डैम में बाइक स्टंट करने वालों की अब खैर नहीं! 🚨 हवा में बाइक उठाकर स्टंट करते युवकों का वीडियो सामने आया है। मामले को लेकर प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है। 👉 बच्चों और युवाओं को ऐसे खतरनाक स्टंट से दूर रखें। 👉 पूरी खबर देखें और वीडियो को शेयर करें। सच तक झारखंड न्यूज — खबर वही, जो सच दिखाए।1
- डुमरी में हर्षोल्लास से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस डुमरी/गिरिडीह। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर डुमरी प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में देशभक्ति का माहौल रहा। सरकारी व गैर-सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, राजनीतिक कार्यालयों, वित्तीय संस्थानों और क्लबों में तिरंगा झंडा पूरे आन-बान-शान से फहराया गया।इस बार की खास बात यह रही कि सभी सरकारी संस्थानों में झंडोत्तोलन से पूर्व 'वंदे मातरम' गीत बजाया गया। विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा प्रातः काल स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई।झंडोत्तोलन कार्यक्रम में अनुमंडल कार्यालय में एसडीएम राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, झारखंड कॉलेज में विधायक जयराम महतो, प्रखंड सह अंचल कार्यालय में प्रमुख उषा देवी, इंस्पेक्टर कार्यालय में इंस्पेक्टर राजेन्द्र प्रसाद, डुमरी थाना में थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार, निमियाघाट थाना में थाना प्रभारी सुमन कुमार, क्षितिज हॉस्पिटल में प्रबंधक अशोक कुमार, वनांचल चौक में भाजपा नेता प्रशांत जायसवाल तथा झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन कार्यालय में यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो ने झंडा फहराया।2
- जेपीएससी व जेएसएससी सीजीएल में हुई धांधली पर बोकारो नया मोड़ में युवाओं का फुटा आक्रोश । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी का फूंका पुतला । सरकार के खिलाफ युवाओं ने जमकर की नारेबाजी । जेपीएससी व जेएसएससी सीजीएल में हुई धांधली पर बोकारो नया मोड़ में युवाओं का फुटा आक्रोश । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी का फूंका पुतला । सरकार के खिलाफ युवाओं ने जमकर की नारेबाजी ।1
- मित्र Acp दिल्ली का जन्मदिन मनाया मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी ने..1
- बुराई ढूंढने का इतना ही शौक है तो शुरुआत खुद से करो दूसरो से नहीं....!! बुराई ढूंढने का इतना ही शौक है तो शुरुआत खुद से करो दूसरो से नहीं....!!1
- शानो शौकत के साथ तेलो क्षेत्र के सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में राष्ट्रीयध्वजा तिरंगा झंडा फहराया गया। 80वां स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर तेलो एवं आस पास के क्षेत्रों के सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में राष्ट्रीयध्वज तिरंगा झंडा फहरा कर सलामी दी। इस दौरान तेलो पशिचमी पंचायत सचिवालय में मुखिया जितेंद्र शर्मा, तेलो मध्य पंचायत सचिवालय में मुखिया युगल महतो, तेलो पूर्वी पंचायत सचिवालय में मुखिया शंकर महतो, बंदियो पंचायत सचिवालय में मुखिया सोमरी देवी, नर्रा पंचायत सचिवालय में मुखिया निरंजन महतो, व्यवसाय संघ चैंबर ऑफ कॉमर्स तेलो कार्यालय में अध्यक्ष लीला चंद महतो, तेलो मध्य एमपीसीएस परिसर में अध्यक्ष गणेश कुमार एवं रोहनलाल महतो, एस आर इंटरनेशनल एकेडमी नर्रा, तेलो एवं चंद्रपुरा में प्राचार्य प्रतिमा वर्मा, सरस्वती शिशु विधा मंदिर तेलो में विद्यालय सचिव संतोष महतो व प्रधानाचार्य राजेश कुमार पांडेय, उच्च विद्यालय तारानारी परिसर में शानू प्रसाद महतो एवं जिप सदस्य अजय महतो, राजकीयकृत गवर्नमेंट सकेंडरी स्कूल जुनौरी परिसर में प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार रजक, शिशु निकेतन तेलो में विद्यालय अध्यक्ष सह मुखिया युगल महतो, इंडियन पब्लिक स्कूल जुनौरी में विद्यालय सचिव भगीरथ महतो व प्रधानाचार्य राजदेव प्रसाद, आकाश गंगा वेलफेयर सोसाइटी नर्रा में सचिव चुरामन ठाकुर ने राष्ट्रीयध्वज को शानो शौकत के साथ फहराया एवं झंडे को सलामी दी।1
- लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन, विकसित भारत के संकल्प पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर जोर दिया। पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वतंत्रता दिवस 2026, लाल किला, पीएम मोदी भाषण, 80वां स्वतंत्रता दिवस, विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को दोहराया; युवा, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और स्वदेशी उत्पादन को बताया विकास की प्रमुख ताकत नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महानायकों को नमन करते हुए भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र और घरेलू उत्पादन को भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष पहल भी देखने को मिली। लाल किले पर पहली बार समारोह के दौरान राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी समारोह को विशेष महत्व दिया गया। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कहा कि देश को विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता को समय की आवश्यकता बताया। प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। युवा शक्ति को विकास का केंद्र बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कौशल और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसके साथ ही युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में बड़े लक्ष्य प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती से जोड़ते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। सेमीकंडक्टर और तकनीक पर विशेष जोर प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न बने, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बने। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को अग्रणी बनाने की आवश्यकता बताई। ‘सप्तधारा’ के माध्यम से विकास की रूपरेखा प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ की अवधारणा भी सामने रखी। इसके माध्यम से उन्होंने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के लिए विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास का आह्वान प्रमुखता से दिखाई दिया। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन, विकसित भारत के संकल्प पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर जोर दिया। पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वतंत्रता दिवस 2026, लाल किला, पीएम मोदी भाषण, 80वां स्वतंत्रता दिवस, विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। लाल किले से पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के संकल्प के साथ आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को दोहराया; युवा, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और स्वदेशी उत्पादन को बताया विकास की प्रमुख ताकत नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले महानायकों को नमन करते हुए भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र और घरेलू उत्पादन को भारत के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक विशेष पहल भी देखने को मिली। लाल किले पर पहली बार समारोह के दौरान राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी समारोह को विशेष महत्व दिया गया। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को बड़े सपने देखने और उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए कहा कि देश को विकास की गति को और तेज करना होगा। उन्होंने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता को समय की आवश्यकता बताया। प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। युवा शक्ति को विकास का केंद्र बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनके कौशल और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसके साथ ही युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में बड़े लक्ष्य प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती से जोड़ते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। सेमीकंडक्टर और तकनीक पर विशेष जोर प्रधानमंत्री ने तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता न बने, बल्कि वैश्विक स्तर पर तकनीक और विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बने। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का आह्वान प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को अग्रणी बनाने की आवश्यकता बताई। ‘सप्तधारा’ के माध्यम से विकास की रूपरेखा प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ की अवधारणा भी सामने रखी। इसके माध्यम से उन्होंने ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता मजबूत करने पर जोर दिया। आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के लिए विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास का आह्वान प्रमुखता से दिखाई दिया।1