पाली की जगदंबा कॉलोनी में पानी की निकासी को लेकर हुए एक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रार्थी नेनु/हैमाराम बावरी ने आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने मिट्टी डाली गई है, जिससे पानी की निकासी रुक गई है। यह विवाद कथित तौर पर बावरी और भाट समुदाय के लोगों के बीच है। जब शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताई, तो 13 जून 2026 को शाम 5 से 6 बजे के बीच उनके और महेंद्र के परिवार के बीच गाली-गलौज, हाथापाई और मारपीट हुई। इस दौरान, शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 'नीच जाति' का बताकर अपमानित किया गया और यह कहकर अपशब्द कहे गए कि 'नीच जाति की शादी का पानी हमारी तरफ नहीं आएगा'। इस मारपीट में नेनु के साथ मारपीट की गई और ज्ञान के शरीर पर भी काटने के निशान बताए गए हैं। मामले को लेकर जब शिकायतकर्ता स्थानीय पुलिस थाने पहुँचे, तो उनकी सीधे मुँह बात तक नहीं सुनी गई और मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। न्याय न मिलने से मजबूर होकर प्रार्थी नेनु/भैयाराम बावरी ने पाली पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन के समक्ष लिखित में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मुकदमा दर्ज कर न्याय प्रदान करने का आदेश देने की माँग की गई है। वरिष्ठ पत्रकार छगनलाल भारद्वाज ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब देखना है कि ऊँट किस करवट बैठता है।
पाली की जगदंबा कॉलोनी में पानी की निकासी को लेकर हुए एक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रार्थी नेनु/हैमाराम बावरी ने आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने मिट्टी डाली गई है, जिससे पानी की निकासी रुक गई है। यह विवाद कथित तौर पर बावरी और भाट समुदाय के लोगों के बीच है।
जब शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताई, तो 13 जून 2026 को शाम 5 से 6 बजे के बीच उनके और महेंद्र के परिवार के बीच गाली-गलौज, हाथापाई और मारपीट हुई। इस दौरान, शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 'नीच जाति' का बताकर अपमानित किया गया और यह कहकर अपशब्द कहे गए कि 'नीच जाति की शादी का
पानी हमारी तरफ नहीं आएगा'। इस मारपीट में नेनु के साथ मारपीट की गई और ज्ञान के शरीर पर भी काटने के निशान बताए गए हैं। मामले को लेकर जब शिकायतकर्ता स्थानीय पुलिस थाने पहुँचे, तो उनकी सीधे मुँह बात तक नहीं सुनी गई और मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। न्याय न मिलने से मजबूर होकर प्रार्थी
नेनु/भैयाराम बावरी ने पाली पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन के समक्ष लिखित में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मुकदमा दर्ज कर न्याय प्रदान करने का आदेश देने की माँग की गई है। वरिष्ठ पत्रकार छगनलाल भारद्वाज ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब देखना है कि ऊँट किस करवट बैठता है।
- पाली की जगदंबा कॉलोनी में पानी की निकासी को लेकर हुए एक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रार्थी नेनु/हैमाराम बावरी ने आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने मिट्टी डाली गई है, जिससे पानी की निकासी रुक गई है। यह विवाद कथित तौर पर बावरी और भाट समुदाय के लोगों के बीच है। जब शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताई, तो 13 जून 2026 को शाम 5 से 6 बजे के बीच उनके और महेंद्र के परिवार के बीच गाली-गलौज, हाथापाई और मारपीट हुई। इस दौरान, शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 'नीच जाति' का बताकर अपमानित किया गया और यह कहकर अपशब्द कहे गए कि 'नीच जाति की शादी का पानी हमारी तरफ नहीं आएगा'। इस मारपीट में नेनु के साथ मारपीट की गई और ज्ञान के शरीर पर भी काटने के निशान बताए गए हैं। मामले को लेकर जब शिकायतकर्ता स्थानीय पुलिस थाने पहुँचे, तो उनकी सीधे मुँह बात तक नहीं सुनी गई और मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। न्याय न मिलने से मजबूर होकर प्रार्थी नेनु/भैयाराम बावरी ने पाली पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन के समक्ष लिखित में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मुकदमा दर्ज कर न्याय प्रदान करने का आदेश देने की माँग की गई है। वरिष्ठ पत्रकार छगनलाल भारद्वाज ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब देखना है कि ऊँट किस करवट बैठता है।4
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- राजस्थान के पाली शहर/क्षेत्र में राशन वितरण प्रणाली में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर जागरूक नागरिकों तथा उपभोक्ता समूह ने उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय में अपना विरोध दर्ज कराया। आक्रोशित ग्रामीणों ने राशन डीलर की मनमानी और उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनाज में कटौती से परेशान होकर SDM को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उचित मूल्य की दुकान पर उपभोक्ताओं को पूरा राशन नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन में विशेष रूप से अनाज तौलने में गड़बड़ी, कार्डधारकों को पात्रता के अनुसार पूरा राशन उपलब्ध न कराने, दुकान समय पर न खोलने और लाभार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसी शिकायतें शामिल हैं। नागरिकों ने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी, जिसके कारण उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाना पड़ा। ज्ञापन सौंपने वाले ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और धांधली में लिप्त लोगों पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थानीय स्तर पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। SDM कार्यालय में अधिकारियों ने ज्ञापन लेने के बाद जांच का आश्वासन दिया है। मौके पर मौजूद लोगों ने संबंधित राशन दुकान की स्टॉक रिपोर्ट और वितरण रजिस्टर की तत्काल जांच की मांग की है।4
- पारी जिले के कीरवा में 15 जून को बालराई ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि इसमें अधिकारियों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। शिविर में रानी उपखंड अधिकारी शिवा जोशी और विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों को मिल रहे लाभ की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही हो। शिविर में ग्रामीणों ने पेंशन, खाद्य सुरक्षा, पट्टा, पालनहार योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, तथा जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर तत्काल मौके पर ही कार्रवाई की गई। शिविर प्रभारी तहसीलदार मोहनलाल राठौड़ की निगरानी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी फीडबैक लिया और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।2
- रोहट उपखंड क्षेत्र के भाकरी वाला गांव में भीषण पेयजल संकट के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। गांव के रूपनाथ और बावरियों के वास में पिछले कई महीनों से पानी की भारी किल्लत है, जिसके चलते ग्रामीण नाडी किनारे बनी बेरी से पानी लाने को मजबूर हैं। इसी मजबूरी के चलते एक स्थानीय युवक ट्रैक्टर सहित बेरी में फंस गया। जानकारी के अनुसार, स्थानीय युवक मुकेश बावरी ट्रैक्टर लेकर बेरी से पानी भरने गया था। पानी भरते समय अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर बेरी में जा फंसा। हादसे के दौरान चालक मुकेश बावरी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रैक्टर से कूदकर अपनी जान बचा ली। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बाद में, कड़ी मशक्कत के बाद हाइड्रो मशीन की सहायता से ट्रैक्टर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा यह एक बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि भाकरी वाला गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है, जिसके कारण वे खारा और असुरक्षित पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी के लिए उन्हें अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। इस घटना ने एक बार फिर रोहट के भाकरी वाला गांव में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, और ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी पेयजल व्यवस्था करने की जोरदार मांग की है।2