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गुना जिले के कुंभराज थाना क्षेत्र में ढाई वर्षीय मासूम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि जिस पिता ने अपने बेटे की मौत पर शोक व्यक्त किया था, उसी ने पारिवारिक रंजिश के चलते अपने मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। आरोपी पिता ने यह साजिश अपने भाइयों और माता-पिता को झूठे हत्या प्रकरण में फंसाने के लिए रची थी। पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को ढाई वर्षीय बालक को कुंभराज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मृत अवस्था में लाया गया था। मौत संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले की गहन विवेचना की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने मृतक के परिजनों और संबंधित लोगों से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें बालक के पिता मनोज साहू के बयानों में लगातार विरोधाभास पाए गए। वैज्ञानिक और तथ्यात्मक आधार पर गहन पूछताछ में मनोज साहू टूट गया और उसने अपने पुत्र की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी मनोज साहू ने बताया कि उसका अपने भाइयों और माता-पिता से मकान के हिस्से और किराए को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। साथ ही, पत्नी के छोड़कर चले जाने के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने मासूम बेटे की हत्या कर परिवार के अन्य सदस्यों को हत्या के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी मनोज पुत्र रामविलास साहू (33 वर्ष), निवासी गीतानगर कॉलोनी, कुंभराज के खिलाफ अपराध क्रमांक 103/26 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, भमावद चौकी प्रभारी राजीव गौर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने अथवा अपराध छिपाने का कोई भी प्रयास कानून से बच नहीं सकता है और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाएगी।

4 hrs ago
user_Deepak ojha
Deepak ojha
Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

गुना जिले के कुंभराज थाना क्षेत्र में ढाई वर्षीय मासूम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि जिस पिता ने अपने बेटे की मौत पर शोक व्यक्त किया था, उसी ने पारिवारिक रंजिश के चलते अपने मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। आरोपी पिता ने यह साजिश अपने भाइयों और माता-पिता को झूठे हत्या प्रकरण में फंसाने के लिए रची थी। पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को ढाई वर्षीय बालक को कुंभराज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मृत अवस्था में लाया गया था। मौत संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले की गहन विवेचना की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने मृतक के परिजनों और संबंधित लोगों से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें बालक के पिता मनोज साहू के बयानों में लगातार विरोधाभास पाए गए। वैज्ञानिक और तथ्यात्मक आधार पर गहन पूछताछ में मनोज साहू टूट गया और उसने अपने पुत्र की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी मनोज साहू ने बताया कि उसका अपने भाइयों और माता-पिता से मकान के हिस्से और किराए को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। साथ ही, पत्नी के छोड़कर चले जाने के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने मासूम बेटे की हत्या कर परिवार के अन्य सदस्यों को हत्या के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी मनोज पुत्र रामविलास साहू (33 वर्ष), निवासी गीतानगर कॉलोनी, कुंभराज के खिलाफ अपराध क्रमांक 103/26 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, भमावद चौकी प्रभारी राजीव गौर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने अथवा अपराध छिपाने का कोई भी प्रयास कानून से बच नहीं सकता है और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाएगी।

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  • गुना जिले के कुंभराज थाना क्षेत्र में ढाई वर्षीय मासूम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि जिस पिता ने अपने बेटे की मौत पर शोक व्यक्त किया था, उसी ने पारिवारिक रंजिश के चलते अपने मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। आरोपी पिता ने यह साजिश अपने भाइयों और माता-पिता को झूठे हत्या प्रकरण में फंसाने के लिए रची थी। पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को ढाई वर्षीय बालक को कुंभराज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मृत अवस्था में लाया गया था। मौत संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले की गहन विवेचना की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने मृतक के परिजनों और संबंधित लोगों से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें बालक के पिता मनोज साहू के बयानों में लगातार विरोधाभास पाए गए। वैज्ञानिक और तथ्यात्मक आधार पर गहन पूछताछ में मनोज साहू टूट गया और उसने अपने पुत्र की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी मनोज साहू ने बताया कि उसका अपने भाइयों और माता-पिता से मकान के हिस्से और किराए को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। साथ ही, पत्नी के छोड़कर चले जाने के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने मासूम बेटे की हत्या कर परिवार के अन्य सदस्यों को हत्या के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी मनोज पुत्र रामविलास साहू (33 वर्ष), निवासी गीतानगर कॉलोनी, कुंभराज के खिलाफ अपराध क्रमांक 103/26 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, भमावद चौकी प्रभारी राजीव गौर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने अथवा अपराध छिपाने का कोई भी प्रयास कानून से बच नहीं सकता है और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाएगी।
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    गुना जिले के कुंभराज थाना क्षेत्र में ढाई वर्षीय मासूम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि जिस पिता ने अपने बेटे की मौत पर शोक व्यक्त किया था, उसी ने पारिवारिक रंजिश के चलते अपने मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। आरोपी पिता ने यह साजिश अपने भाइयों और माता-पिता को झूठे हत्या प्रकरण में फंसाने के लिए रची थी।

पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को ढाई वर्षीय बालक को कुंभराज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मृत अवस्था में लाया गया था। मौत संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले की गहन विवेचना की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने मृतक के परिजनों और संबंधित लोगों से अलग-अलग पूछताछ की, जिसमें बालक के पिता मनोज साहू के बयानों में लगातार विरोधाभास पाए गए। वैज्ञानिक और तथ्यात्मक आधार पर गहन पूछताछ में मनोज साहू टूट गया और उसने अपने पुत्र की हत्या करना स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी मनोज साहू ने बताया कि उसका अपने भाइयों और माता-पिता से मकान के हिस्से और किराए को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। साथ ही, पत्नी के छोड़कर चले जाने के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने मासूम बेटे की हत्या कर परिवार के अन्य सदस्यों को हत्या के झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी मनोज पुत्र रामविलास साहू (33 वर्ष), निवासी गीतानगर कॉलोनी, कुंभराज के खिलाफ अपराध क्रमांक 103/26 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, भमावद चौकी प्रभारी राजीव गौर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने अथवा अपराध छिपाने का कोई भी प्रयास कानून से बच नहीं सकता है और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से सच्चाई सामने लाई जाएगी।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गुना जिले की कुम्भराज थाना पुलिस ने एक ढाई वर्षीय मासूम बालक की संदिग्ध मृत्यु के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसमें पिता ने ही अपने बच्चे की हत्या कर परिवार के अन्य सदस्यों को झूठे हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची थी। दिनांक 25 जून 2026 को कुम्भराज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक ढाई वर्षीय बालक को मृत अवस्था में लाया गया था। बालक की मृत्यु संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की मृत्यु गला दबाकर किए जाने से होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने गहन विवेचना प्रारंभ की। जांच के दौरान, पुलिस ने मृतक बालक के परिजनों और संबंधित व्यक्तियों से अलग-अलग पूछताछ की। विवेचना में बालक के पिता मनोज साहू के कथनों में लगातार विरोधाभास पाए गए, जिसके बाद उससे वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक आधार पर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी मनोज साहू टूट गया और उसने अपने पुत्र की गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि उसका अपने भाइयों एवं माता-पिता से मकान के हिस्से और किराये को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। साथ ही, उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी कारण उसने अपने मासूम पुत्र की हत्या कर अपने भाइयों और माता-पिता को झूठे हत्या के प्रकरण में फंसाने की साजिश रची थी। जांच में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर कुम्भराज थाना पुलिस ने आरोपी मनोज पुत्र रामविलास साहू (उम्र 33 वर्ष), निवासी गीतानगर कॉलोनी, कुम्भराज, जिला गुना के विरुद्ध अपराध क्रमांक 103/26 अंतर्गत धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस गंभीर और संवेदनशील प्रकरण के सफल खुलासे में कुम्भराज थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, भमावद चौकी प्रभारी सउनि राजीव गौर, सउनि तुलाराम जाटव, प्रधान आरक्षक शिवशंकर तथा आरक्षक सत्येन्द्र गुर्जर, सुनील धाकड़, अवनीश जाट, दिलीप धाकड़, सत्येन्द्र रावत, धर्मवीर रावत एवं जालम डाबर की सराहनीय भूमिका रही है। गुना पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी जघन्य अपराध को छिपाने अथवा निर्दोष व्यक्तियों को झूठे प्रकरण में फंसाने का कोई भी प्रयास कानून से नहीं बच सकता। पुलिस ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, गुना पुलिस निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना के माध्यम से सत्य को सामने लाकर दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
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    गुना जिले की कुम्भराज थाना पुलिस ने एक ढाई वर्षीय मासूम बालक की संदिग्ध मृत्यु के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसमें पिता ने ही अपने बच्चे की हत्या कर परिवार के अन्य सदस्यों को झूठे हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची थी। दिनांक 25 जून 2026 को कुम्भराज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक ढाई वर्षीय बालक को मृत अवस्था में लाया गया था। बालक की मृत्यु संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की मृत्यु गला दबाकर किए जाने से होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने गहन विवेचना प्रारंभ की।

जांच के दौरान, पुलिस ने मृतक बालक के परिजनों और संबंधित व्यक्तियों से अलग-अलग पूछताछ की। विवेचना में बालक के पिता मनोज साहू के कथनों में लगातार विरोधाभास पाए गए, जिसके बाद उससे वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक आधार पर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी मनोज साहू टूट गया और उसने अपने पुत्र की गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि उसका अपने भाइयों एवं माता-पिता से मकान के हिस्से और किराये को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। साथ ही, उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी कारण उसने अपने मासूम पुत्र की हत्या कर अपने भाइयों और माता-पिता को झूठे हत्या के प्रकरण में फंसाने की साजिश रची थी।

जांच में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर कुम्भराज थाना पुलिस ने आरोपी मनोज पुत्र रामविलास साहू (उम्र 33 वर्ष), निवासी गीतानगर कॉलोनी, कुम्भराज, जिला गुना के विरुद्ध अपराध क्रमांक 103/26 अंतर्गत धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस गंभीर और संवेदनशील प्रकरण के सफल खुलासे में कुम्भराज थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, भमावद चौकी प्रभारी सउनि राजीव गौर, सउनि तुलाराम जाटव, प्रधान आरक्षक शिवशंकर तथा आरक्षक सत्येन्द्र गुर्जर, सुनील धाकड़, अवनीश जाट, दिलीप धाकड़, सत्येन्द्र रावत, धर्मवीर रावत एवं जालम डाबर की सराहनीय भूमिका रही है।

गुना पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी जघन्य अपराध को छिपाने अथवा निर्दोष व्यक्तियों को झूठे प्रकरण में फंसाने का कोई भी प्रयास कानून से नहीं बच सकता। पुलिस ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, गुना पुलिस निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना के माध्यम से सत्य को सामने लाकर दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
    user_Idris Mansoori TNP News
    Idris Mansoori TNP News
    Tent House Supplier Guna, Madhya Pradesh•
    5 hrs ago
  • छबड़ा के भुवाखेड़ी ग्राम में दानदाताओं के सहयोग से खाटूश्याम गोशाला का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ, जिसके उपरांत खाटूश्याम पहाड़ी पर प्राचीन देवों के स्थान पर बाबा खाटूश्याम का मंदिर मात्र चार माह में बनकर तैयार हो गया। इसी क्रम में, सादली की पहाड़ी की तलहटी में नहर किनारे अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र तथा पास ही अमीरपुर खेड़ी व ओशो आशीष ध्यान केंद्र भुवाखेड़ी का निर्माण भी वर्ष 2025-26 में संपन्न हुआ। बाबा श्याम के मंदिर निर्माण के बाद 21 से 24 जून तक 51 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह कहा गया है कि जहाँ यज्ञ सृष्टि होती है, वहाँ मेघ वृष्टि अवश्य होती है। यह कहावत 27 जून, 2026 को चरितार्थ हुई, जब बाबा खाटू श्याम की कृपा से 51 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ के चौथे दिन बाद ही जोरदार वर्षा हुई। स्वामी ध्यान गगन के अनुसार, इस मेघ वृष्टि से दानी किसानों के चेहरों पर खुशी छा गई और श्याम भक्तों ने जयकारे लगाए। यह वर्षा किसानों के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है, क्योंकि फसलों की बुआई के बाद आषाढ़, सावन, भादों और क्वार में अच्छी वर्षा होने से खरीब की फसलें खेतों में लहलहा उठती हैं, और घर-घर तीज-त्योहारों के मंगल कार्य आरंभ हो जाते हैं। इस प्रकार, यज्ञ सृष्टि से मेघ वृष्टि की अवधारणा, और बाबा खाटू श्याम की कृपा से हुए 51 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ के चौथे दिन बाद हुई जोरदार वर्षा ने दानी किसानों के चेहरों पर खुशियां बिखेर दीं।
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    छबड़ा के भुवाखेड़ी ग्राम में दानदाताओं के सहयोग से खाटूश्याम गोशाला का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ, जिसके उपरांत खाटूश्याम पहाड़ी पर प्राचीन देवों के स्थान पर बाबा खाटूश्याम का मंदिर मात्र चार माह में बनकर तैयार हो गया। इसी क्रम में, सादली की पहाड़ी की तलहटी में नहर किनारे अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र तथा पास ही अमीरपुर खेड़ी व ओशो आशीष ध्यान केंद्र भुवाखेड़ी का निर्माण भी वर्ष 2025-26 में संपन्न हुआ।

बाबा श्याम के मंदिर निर्माण के बाद 21 से 24 जून तक 51 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह कहा गया है कि जहाँ यज्ञ सृष्टि होती है, वहाँ मेघ वृष्टि अवश्य होती है। यह कहावत 27 जून, 2026 को चरितार्थ हुई, जब बाबा खाटू श्याम की कृपा से 51 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ के चौथे दिन बाद ही जोरदार वर्षा हुई। स्वामी ध्यान गगन के अनुसार, इस मेघ वृष्टि से दानी किसानों के चेहरों पर खुशी छा गई और श्याम भक्तों ने जयकारे लगाए।

यह वर्षा किसानों के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है, क्योंकि फसलों की बुआई के बाद आषाढ़, सावन, भादों और क्वार में अच्छी वर्षा होने से खरीब की फसलें खेतों में लहलहा उठती हैं, और घर-घर तीज-त्योहारों के मंगल कार्य आरंभ हो जाते हैं। इस प्रकार, यज्ञ सृष्टि से मेघ वृष्टि की अवधारणा, और बाबा खाटू श्याम की कृपा से हुए 51 कुण्डीय विष्णु महायज्ञ के चौथे दिन बाद हुई जोरदार वर्षा ने दानी किसानों के चेहरों पर खुशियां बिखेर दीं।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    6 hrs ago
  • अशोकनगर के शासकीय लॉ कॉलेज में जनभागीदारी समिति द्वारा विभिन्न मदों में की गई ₹6962 की फीस वृद्धि के विरोध में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन जिला कलेक्टर साहब से मिलने पर उन्हें असंवेदनशील रवैया देखने को मिला। AIDSO की नेहरू पीजी कॉलेज इकाई के सचिव शिशुपाल ने बताया कि वर्तमान में लॉ कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, और इस सत्र 2026-27 के लिए जनभागीदारी समिति ने फीस में ₹6962 की भारी वृद्धि कर दी है। सत्र 2023-24 में लॉ कॉलेज की फीस ₹5349 थी, जिसे बढ़ाकर ₹12311 कर दिया गया है। संगठन ने इस फीस वृद्धि को छात्र विरोधी और शिक्षा विरोधी कदम बताया, क्योंकि सरकारी संस्थानों का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि फीस बढ़ाकर शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुँच से दूर करना। अधिकांश छात्र निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, जिनके लिए हजारों रुपये की अतिरिक्त फीस का बोझ उठाना संभव नहीं है। संगठन ने बताया कि उन्होंने 16 जून को भी ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर साहब को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। जब प्रतिनिधिमंडल जिलाधीश महोदय से मिलने गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक समस्या है और वे इसे नहीं सुन सकते, बल्कि यदि कोई व्यक्तिगत समस्या हो तो बताएं। फीस वृद्धि को लेकर कलेक्टर साहब का कहना था कि यदि एलएलबी में फीस बढ़ी है, तो जो छात्र फीस नहीं भर सकते, वे अन्य कम फीस वाले विषय में प्रवेश लें। AIDSO ने इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कलेक्टर साहब को छात्रों के प्रति असंवेदनशील नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्र हित में पूरी जिम्मेदारी से निर्णय लेना चाहिए। AIDSO का कहना है कि एक ओर सरकार “सब पढ़ें, सब बढ़ें” जैसे लोकलुभावन नारे देती है, वहीं दूसरी ओर लगातार सरकारी कॉलेजों में फीस वृद्धि करके छात्रों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। विभिन्न मदों के नाम पर की गई ₹6962 की वृद्धि पूरी तरह अनुचित है, जिससे छात्र आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होंगे। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि फीस वृद्धि पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई, तो छात्र आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से चार प्रमुख मांगें रखी हैं: लॉ कॉलेज में की गई ₹6962 की फीस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए; छात्रों से लिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्कों की जांच कर उन्हें तुरंत रोका जाए; जनभागीदारी फंड में पारदर्शिता लाई जाए; और लॉ कॉलेज में शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ की स्थाई भर्ती की जाए।
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    अशोकनगर के शासकीय लॉ कॉलेज में जनभागीदारी समिति द्वारा विभिन्न मदों में की गई ₹6962 की फीस वृद्धि के विरोध में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन जिला कलेक्टर साहब से मिलने पर उन्हें असंवेदनशील रवैया देखने को मिला।

AIDSO की नेहरू पीजी कॉलेज इकाई के सचिव शिशुपाल ने बताया कि वर्तमान में लॉ कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, और इस सत्र 2026-27 के लिए जनभागीदारी समिति ने फीस में ₹6962 की भारी वृद्धि कर दी है। सत्र 2023-24 में लॉ कॉलेज की फीस ₹5349 थी, जिसे बढ़ाकर ₹12311 कर दिया गया है। संगठन ने इस फीस वृद्धि को छात्र विरोधी और शिक्षा विरोधी कदम बताया, क्योंकि सरकारी संस्थानों का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि फीस बढ़ाकर शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुँच से दूर करना। अधिकांश छात्र निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, जिनके लिए हजारों रुपये की अतिरिक्त फीस का बोझ उठाना संभव नहीं है।

संगठन ने बताया कि उन्होंने 16 जून को भी ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर साहब को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। जब प्रतिनिधिमंडल जिलाधीश महोदय से मिलने गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक समस्या है और वे इसे नहीं सुन सकते, बल्कि यदि कोई व्यक्तिगत समस्या हो तो बताएं। फीस वृद्धि को लेकर कलेक्टर साहब का कहना था कि यदि एलएलबी में फीस बढ़ी है, तो जो छात्र फीस नहीं भर सकते, वे अन्य कम फीस वाले विषय में प्रवेश लें। AIDSO ने इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कलेक्टर साहब को छात्रों के प्रति असंवेदनशील नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्र हित में पूरी जिम्मेदारी से निर्णय लेना चाहिए।

AIDSO का कहना है कि एक ओर सरकार “सब पढ़ें, सब बढ़ें” जैसे लोकलुभावन नारे देती है, वहीं दूसरी ओर लगातार सरकारी कॉलेजों में फीस वृद्धि करके छात्रों को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। विभिन्न मदों के नाम पर की गई ₹6962 की वृद्धि पूरी तरह अनुचित है, जिससे छात्र आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होंगे। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि फीस वृद्धि पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई, तो छात्र आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से चार प्रमुख मांगें रखी हैं: लॉ कॉलेज में की गई ₹6962 की फीस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए; छात्रों से लिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्कों की जांच कर उन्हें तुरंत रोका जाए; जनभागीदारी फंड में पारदर्शिता लाई जाए; और लॉ कॉलेज में शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ की स्थाई भर्ती की जाए।
    user_रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    रीड न्यूज मीडिया एजेंसी
    पत्रकार अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित प्रेमपुरिया गांव में कुत्तों के हमले से एक बंदर घायल हो गया। इस घटना के बाद, कुछ युवाओं ने आगे बढ़कर घायल बंदर का उपचार किया। इस मानवीय कार्य के लिए इन युवाओं को आज के समय में एक मिसाल के रूप में सराहा जा रहा है।
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    बारां जिले के छीपाबड़ौद स्थित प्रेमपुरिया गांव में कुत्तों के हमले से एक बंदर घायल हो गया। इस घटना के बाद, कुछ युवाओं ने आगे बढ़कर घायल बंदर का उपचार किया। इस मानवीय कार्य के लिए इन युवाओं को आज के समय में एक मिसाल के रूप में सराहा जा रहा है।
    user_छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    छीपाबड़ौद न्यूज 🗞️
    Computer service छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • बारां जिले के नलखेड़ी गांव में ग्रामीणों ने 400 बीघा चारागाह भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। गांव वालों का आरोप है कि कुछ दबंग व्यक्तियों ने इस चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे चारागाह भूमि अतिक्रमण का शिकार हो गई है। नलखेड़ी ग्राम वासियों ने इस मामले में एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया और अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वे आगे आंदोलन कार्यवाही करने को बाध्य होंगे।
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    बारां जिले के नलखेड़ी गांव में ग्रामीणों ने 400 बीघा चारागाह भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। गांव वालों का आरोप है कि कुछ दबंग व्यक्तियों ने इस चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे चारागाह भूमि अतिक्रमण का शिकार हो गई है। नलखेड़ी ग्राम वासियों ने इस मामले में एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया और अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वे आगे आंदोलन कार्यवाही करने को बाध्य होंगे।
    user_रामनिवासनागर महामंत्रीbjp
    रामनिवासनागर महामंत्रीbjp
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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