टिकारी और कोंच में चैत्र नवरात्रि का भव्य आगाज़, 'माँ शैलपुत्री' की आराधना के साथ वातावरण हुआ भक्तिमय टिकारी और कोंच में चैत्र नवरात्रि का भव्य आगाज़, 'माँ शैलपुत्री' की आराधना के साथ वातावरण हुआ भक्तिमय गया जिले के टिकारी अनुमंडल और कोंच प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है। वासंतिक नवरात्रि के इस अवसर पर समूचा क्षेत्र शक्ति की अधिष्ठात्री माँ दुर्गा की आराधना में डूब गया है। मंदिरों से लेकर घरों तक सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि गूँजने लगी है। नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर नौ दिनों के अखंड उपवास और अनुष्ठान का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कलश पूजन कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। श्रद्धालु विनिता भारती,मंषा देवी,रिंकी देवी सहित अन्य भक्तों ने अपने घरों और स्थानीय मंदिरों में पूजा-अर्चना कर माता का आह्वान किया।पर्व के पहले दिन देवी के प्रथम स्वरूप 'माँ शैलपुत्री' की विशेष पूजा-अर्चना आचार्य पंडित नरोत्तम द्विवेदी के मुखारविंद से कराई गई। मंदिरों में "या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता..." के मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है। स्थानीय निवासी वरुण कुमार और माधवेंद्र कुमार ,पंकज द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष हिंदी कैलेंडर के अनुसार प्रतिपदा तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। मान्यता है कि माँ शैलपुत्री की पूजा से भक्तों के जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उत्सव को लेकर टिकारी और कोंच के प्रमुख दुर्गा मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी बिजली की लड़ियों से भव्य रूप से सजाया गया है। कई स्थानों पर सामूहिक दुर्गा सप्तशती का पाठ आयोजित किया जा रहा है।चैत्र नवरात्रि का यह दिव्य अनुष्ठान आगामी 27 मार्च 2026 को महानवमी और विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र में धार्मिक मेलों और विशेष आयोजनों की रौनक और बढ़ेगी।
टिकारी और कोंच में चैत्र नवरात्रि का भव्य आगाज़, 'माँ शैलपुत्री' की आराधना के साथ वातावरण हुआ भक्तिमय टिकारी और कोंच में चैत्र नवरात्रि का भव्य आगाज़, 'माँ शैलपुत्री' की आराधना के साथ वातावरण हुआ भक्तिमय गया जिले के टिकारी अनुमंडल और कोंच प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है। वासंतिक नवरात्रि के इस अवसर पर समूचा क्षेत्र शक्ति की अधिष्ठात्री माँ दुर्गा की आराधना में डूब गया है। मंदिरों से लेकर घरों तक सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि गूँजने लगी है। नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर नौ दिनों के अखंड उपवास और अनुष्ठान का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कलश पूजन कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। श्रद्धालु विनिता भारती,मंषा देवी,रिंकी देवी सहित अन्य भक्तों ने अपने घरों और स्थानीय मंदिरों में पूजा-अर्चना कर माता का आह्वान किया।पर्व के पहले दिन देवी के प्रथम स्वरूप 'माँ शैलपुत्री' की विशेष पूजा-अर्चना आचार्य पंडित नरोत्तम द्विवेदी के मुखारविंद से कराई गई। मंदिरों में "या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता..." के मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है। स्थानीय निवासी वरुण कुमार और माधवेंद्र कुमार ,पंकज द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष हिंदी कैलेंडर के अनुसार प्रतिपदा तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। मान्यता है कि माँ शैलपुत्री की पूजा से भक्तों के जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उत्सव को लेकर टिकारी और कोंच के प्रमुख दुर्गा मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी बिजली की लड़ियों से भव्य रूप से सजाया गया है। कई स्थानों पर सामूहिक दुर्गा सप्तशती का पाठ आयोजित किया जा रहा है।चैत्र नवरात्रि का यह दिव्य अनुष्ठान आगामी 27 मार्च 2026 को महानवमी और विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र में धार्मिक मेलों और विशेष आयोजनों की रौनक और बढ़ेगी।
- गोह(औरंगाबाद) गुरुवार को गोह प्रखंड कार्यालय सभागार में फाग पंचायत में हुए पैक्स चुनाव की मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। मतगणना की प्रक्रिया सुबह 9:00 बजे शुरू हुआ जो दोपहर करीब 1:00 बजे पूरी कर ली गई। इधर चौथी बार बलिराम यादव को विजेता घोषित किया गया। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी श्रीनिवास शर्मा को 379 मतों से हरा दिया। बलिराम यादव को 744 मत प्राप्त हुआ जबकि श्रीनिवास शर्मा को 365 मत ही प्राप्त हुआ। वहीं महेश यादव को मात्र 299 मत प्राप्त हुआ, और वे तीसरे स्थान पर रहें। मतगणना संपन्न होने के बाद बीडीओ सह प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार दिनकर ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। वहीं जीत के बाद बलिराम यादव ने गोह के पूर्व विधायक स्व. रामशरण यादव के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पूरे पंचायत के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसानों से वर्ष 2006 से ही जुड़े हुए हैं, और सुख-दुःख में हमेशा साये की तरह खड़े रहते हैं, जिसका परिणाम है कि हमें चौथी बार किसानों ने स्वीकार किया है।1
- Post by Ramesh Kumar1
- Post by Sharda Kumari4
- हसपुरा ,औरंगाबाद कोइलवां महायज्ञ में पंचायती राज मंत्री पहुँचे हसपुरा प्रखंड के कोइलवां गांव में आयोजित श्री सीताराम महायज्ञ में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री पहुँचे और मंच का विधिवत उद्घाटन फीता काटकर किया1
- Post by त्रिलोकी नाथ1
- जमीनी विवाद में आपस में दो पक्षों में झड़प ,कई लोग हुए घायल1
- टिकारी और कोंच में चैत्र नवरात्रि का भव्य आगाज़, 'माँ शैलपुत्री' की आराधना के साथ वातावरण हुआ भक्तिमय गया जिले के टिकारी अनुमंडल और कोंच प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है। वासंतिक नवरात्रि के इस अवसर पर समूचा क्षेत्र शक्ति की अधिष्ठात्री माँ दुर्गा की आराधना में डूब गया है। मंदिरों से लेकर घरों तक सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि गूँजने लगी है। नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर नौ दिनों के अखंड उपवास और अनुष्ठान का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कलश पूजन कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। श्रद्धालु विनिता भारती,मंषा देवी,रिंकी देवी सहित अन्य भक्तों ने अपने घरों और स्थानीय मंदिरों में पूजा-अर्चना कर माता का आह्वान किया।पर्व के पहले दिन देवी के प्रथम स्वरूप 'माँ शैलपुत्री' की विशेष पूजा-अर्चना आचार्य पंडित नरोत्तम द्विवेदी के मुखारविंद से कराई गई। मंदिरों में "या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता..." के मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है। स्थानीय निवासी वरुण कुमार और माधवेंद्र कुमार ,पंकज द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष हिंदी कैलेंडर के अनुसार प्रतिपदा तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। मान्यता है कि माँ शैलपुत्री की पूजा से भक्तों के जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उत्सव को लेकर टिकारी और कोंच के प्रमुख दुर्गा मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी बिजली की लड़ियों से भव्य रूप से सजाया गया है। कई स्थानों पर सामूहिक दुर्गा सप्तशती का पाठ आयोजित किया जा रहा है।चैत्र नवरात्रि का यह दिव्य अनुष्ठान आगामी 27 मार्च 2026 को महानवमी और विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्र में धार्मिक मेलों और विशेष आयोजनों की रौनक और बढ़ेगी।1
- आज गया शहर के माता मंगला गौरी मंदिर में नवरात्र के प्रथम दिन माता मंगला गौरी के दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का भीड़। लोग पंक्तिबद्ध होकर माता का दर्शन कर रहे हैं। यहां का पौराणिक कथा है कि भगवान भोले शंकर जब अपनी पत्नी सती का जला हुआ शरीर लेकर आकाश में उद्मित होकर घूम रहे थे तो इस के क्रम में मां सती के शरीर का टुकड़ा देश के 51 स्थान पर गिरा। उस समय 51 स्थान पर गिरे हुए टुकड़ा में स्तन का टुकड़ा गया के भस्मकूट पर्वत पर गिरा था। जो माता मंगला गौरी शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।और मंदिर मां सती को समर्पित है। यह मंदिर 18 महाशक्ति पीठों में एक माना जाता है इसका उल्लेख वायु पुराण,अग्नि पुराण, देवी भागवत और मार्कण्डेय पुराण सहित कई शास्त्रों और तांत्रिक ग्रंथों में मिलता है। जो भक्त मंदिर में सच्चे मन से माता का पूजा अर्चना करते हैं मां उस भक्त का सभी मनोकामना पूर्ण करती है।1
- वजीरगंज में VB-G RAM G योजना में फर्जीवाड़े का आरोप1