एक हाईवा पकड़कर वाहवाही, बाकी अवैध खनन पर खामोश क्यों हैं खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी एक हाईवा पकड़कर वाहवाही, बाकी अवैध खनन पर खामोश क्यों हैं खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी उमरिया तपस गुप्ता जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन का खेल लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की खबरें जरूर सामने आती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। चंदिया क्षेत्र में रेत से भरे एक हाईवा वाहन को पकड़कर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया, लेकिन जिले में खुलेआम चल रहे अवैध मुरूम, मिट्टी और पत्थर उत्खनन पर विभाग की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, चंदिया क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते हुए हाईवा वाहन क्रमांक एमपी 21 जेड ई 9911 को जब्त किया गया। यह कार्रवाई खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी, सहायक खनि अधिकारी दिवाकर चतुर्वेदी, खनि निरीक्षक प्रभात कुमार पट्टा एवं प्रभारी खनि निरीक्षक एन.एस. आर्मो की टीम द्वारा की गई। वाहन पर मध्यप्रदेश खनिज अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण नियम 2022 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। लेकिन जिले के कई क्षेत्रों में ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध उत्खनन का असली खेल कहीं बड़ा है। कई नदी घाटों से रात के अंधेरे में पत्थरों का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। भारी वाहन बेखौफ होकर पत्थर और मुरूम का परिवहन कर रहे हैं, जो सीधे क्रशरों तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद खनिज विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग वास्तव में सख्त है तो फिर खुलेआम चल रहे अवैध खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? कई क्षेत्रों में बिना अनुमति मिट्टी और मुरूम का उत्खनन जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे वाहनों और एक-दो हाईवा पर कार्रवाई कर विभाग अपनी उपलब्धि दिखाने में लगा रहता है, जबकि बड़े स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार पर आंखें मूंद ली जाती हैं। सबसे बड़ा सवाल खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। आखिर जिले में इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन और परिवहन कैसे जारी है? क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है? जिले में कई जगहों पर नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है। पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और शासन को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। इसके बावजूद यदि केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर विभाग अपनी पीठ थपथपाने में लगा है, तो यह आम जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखने वाली बात होगी कि खनिज विभाग अवैध खनन के बड़े नेटवर्क पर कब कार्रवाई करता है, या फिर केवल एक हाईवा पकड़कर कार्रवाई का ढोल पीटा जाता रहेगा।
एक हाईवा पकड़कर वाहवाही, बाकी अवैध खनन पर खामोश क्यों हैं खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी एक हाईवा पकड़कर वाहवाही, बाकी अवैध खनन पर खामोश क्यों हैं खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी उमरिया तपस गुप्ता जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन का खेल लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की खबरें जरूर सामने आती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। चंदिया क्षेत्र में रेत से भरे एक हाईवा वाहन को पकड़कर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया, लेकिन जिले में खुलेआम चल रहे अवैध मुरूम, मिट्टी और पत्थर उत्खनन पर विभाग की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, चंदिया क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते हुए हाईवा वाहन क्रमांक एमपी 21 जेड ई 9911 को जब्त किया गया। यह कार्रवाई खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी, सहायक खनि अधिकारी दिवाकर चतुर्वेदी, खनि निरीक्षक प्रभात कुमार पट्टा एवं प्रभारी खनि निरीक्षक एन.एस. आर्मो की टीम द्वारा की गई। वाहन पर मध्यप्रदेश खनिज अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण नियम 2022 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। लेकिन जिले के कई क्षेत्रों में ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध उत्खनन का असली खेल कहीं बड़ा है। कई नदी घाटों से रात के अंधेरे में पत्थरों का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। भारी वाहन बेखौफ होकर पत्थर और मुरूम का परिवहन कर रहे हैं, जो सीधे क्रशरों तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद खनिज विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग वास्तव में सख्त है तो फिर खुलेआम चल रहे अवैध खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? कई क्षेत्रों में बिना अनुमति मिट्टी और मुरूम का उत्खनन जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे वाहनों और एक-दो हाईवा पर कार्रवाई कर विभाग अपनी उपलब्धि दिखाने में लगा रहता है, जबकि बड़े स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार पर आंखें मूंद ली जाती हैं। सबसे बड़ा सवाल खनिज अधिकारी डॉ. विद्याकांत तिवारी की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। आखिर जिले में इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन और परिवहन कैसे जारी है? क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है? जिले में कई जगहों पर नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है। पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और शासन को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। इसके बावजूद यदि केवल छोटी-मोटी कार्रवाई कर विभाग अपनी पीठ थपथपाने में लगा है, तो यह आम जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखने वाली बात होगी कि खनिज विभाग अवैध खनन के बड़े नेटवर्क पर कब कार्रवाई करता है, या फिर केवल एक हाईवा पकड़कर कार्रवाई का ढोल पीटा जाता रहेगा।
- मध्य प्रदेश के कचारगढ़ में गोंडवाना पार्टी की एकजुटता देखने को मिली। इस अवसर पर गोंडवाना भाइयों से जल, जंगल और जमीन बचाने का आह्वान किया गया। यह एकता समुदाय के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर केंद्रित है।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- शहडोल के अमेज़न डिलीवरी बॉयज़ ने अपनी परेशानियों को उजागर किया है। उनका कहना है कि उन्हें न तो पेट्रोल भत्ता मिलता है और न ही ई-पीएफ का लाभ, जबकि वे वेंडर के माध्यम से कंपनी के लिए काम करते हैं।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में बुढ़ार थाना प्रभारी पर एक ग्रामीण का गला दबाने और पत्रकारों से अभद्रता करने का आरोप लगा है। यह घटना एक सड़क दुर्घटना स्थल पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद के दौरान हुई।1
- तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर भालू ने किया हमला-साहस और सूझबूझ से खूंखार वन्य प्राणी को के कर बहादुर लड़की ने बचाई जान। 💥*ग्रामीणों के साहस से बड़ा हादसा टला,भालू के हमले में महिला घायल* बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर क्षेत्र में रविवार सुबह ग्रामीणों की बहादुरी और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान भालू के अचानक हमले का शिकार हुई महिला की जान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बचा ली।जानकारी के अनुसार ग्राम गौरैया निवासी मीरा सिंह पिता गजराज सिंह अपने परिवार एवं अन्य ग्रामीणों के साथ सुबह करीब 8 बजे तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थीं।यह घटना गौरैया बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ-160 की बताई जा रही है।इसी दौरान जंगल में विचरण कर रहे भालू ने अचानक मीरा सिंह पर हमला कर दिया और उनके दाहिने पैर में दांत गड़ा दिए।हमले के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घबराने के बजाय साहस का परिचय दिया।ग्रामीणों ने तेज आवाज और शोर मचाकर भालू को वहां से खदेड़ दिया,जिससे महिला की जान बच सकी।घटना के बाद जानकारी उपरांत वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां महिला उपचारार्थ है।फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।विभाग ने अपील की है कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए लोग समूह में ही जंगल जाएं तथा सुबह 8 बजे के बाद ही जंगल में प्रवेश करें।बीटीआर क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने घटना को दुखद बताया,और कहा कि क्षेत्र में मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।1
- पुश्तैनी हुनर से आजीविका, मधुमक्खी संरक्षण के साथ शहद विक्रय कर रहा बिहार का समूह डिंडोरी जिला मुख्यालय में इन दिनों बिहार से आया एक विशेष समूह अपने पारंपरिक हुनर के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह समूह शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाकर शहद संग्रहण एवं विक्रय का कार्य कर रहा है। खास बात यह है कि समूह वर्षों पुराने अनुभव और सावधानी के साथ यह कार्य करता है, जिससे मधुमक्खियों के आक्रामक होने और किसी प्रकार की जनहानि की संभावना कम हो जाती है। समूह के सदस्यों ने बताया कि छत्ता हटाने से पहले विशेष मंत्र पढ़ा जाता है। उनका मानना है कि इससे मधुमक्खियां शांत रहती हैं और कार्य सुरक्षित ढंग से पूरा हो जाता है। वर्तमान में समूह को डिंडोरी की न्यू पुलिस लाइन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मधुमक्खियों के छत्ते होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा उपायों के साथ वहां छत्ते हटाने का कार्य किया गया। समूह के सदस्य मनोज मंडल, राजू कुमार मंडल, चंदन कुमार मंडल और सुरेश मंडल ने बताया कि शहद संग्रहण और विक्रय उनका पुश्तैनी व्यवसाय है। वे बिहार से निकलकर मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में पहुंचते हैं और प्राकृतिक शहद का संग्रहण कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि इस कार्य में अनुभव, धैर्य और प्रकृति के प्रति सम्मान बेहद जरूरी होता है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस समूह के कार्य को लेकर उत्सुकता देखने को मिल रही है। प्राकृतिक तरीके से शहद संग्रहण और वर्षों पुराने पारंपरिक ज्ञान को जीवित रखे यह समूह आत्मनिर्भरता और मेहनत की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश में गोंडवाना पार्टी की एकता के लिए सभी जिलों से आदिवासी भाई एक साथ आए हैं। यह जुटान राज्य की राजनीति में आदिवासी समाज की बढ़ती एकजुटता और प्रभाव का संकेत है।1
- टिहकी निवासी राहुल द्विवेदी और अतुल तिवारी जी का एक्सीडेंट है या और कुछ ये है अभी जांच का विषय है मै पुलिस प्रशासन से मांग करूंगा उसमें सही जांच होनी चाहिए सच सामने आना चाहिए1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में पिछले लगभग 6 माह से लगातार संचालित हो रहा “मैया अभियान” अब केवल एक स्वच्छता कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। नर्मदा तट स्थित घाटों पर आयोजित इस अभियान में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन एक साथ श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। हर सप्ताह आयोजित होने वाले इस अभियान में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर न केवल घाटों की साफ-सफाई करते हैं, बल्कि समाज को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का कार्य भी कर रहे हैं। कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया स्वयं अभियान में शामिल होकर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ श्रमदान करती नजर आती हैं। नगरीय प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी नियमित रूप से अपनी सहभागिता दर्ज कर रहे हैं। कलेक्टर डिंडोरी द्वारा लगातार लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और “स्वच्छ डिंडोरी, सुंदर डिंडोरी” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की जा रही है। मैया अभियान ने जिले में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया है, जिससे आमजन भी प्रेरित होकर बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। सफाई अभियान में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया, एसडीएम रामबाबू देवगंज, नगर पालिका अधिकारी श्री अमित तिवारी, जनसंपर्क अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।1