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दारू पीकर गाड़ी चला रहा
Singer Ravi Tiger
दारू पीकर गाड़ी चला रहा
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- प्रयागराज फाफामऊ क्षेत्र के ग्राम चंद्रपुर में अमोनिया गैस के विस्फोट से कई लोगों की मौत स्थानीय लोगों को कहना है 100 डेढ़ सौ लोगों का स्टोर के अंदर होना मौके पर डीएम प्रयागराज कमिश्नर पुलिस भी मौजूद रहे भारी संख्या में मालवे में लोग दबे हुए हैं जेसीबी द्वारा निकाला जा रहा है3
- Post by Garibnath Sahani1
- रोहतास जिला के चेनारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम कैथी लंगर केके में किया गया भव्य चैता का आयोजन आयोजन करता ग्रामीण जनता मुख्य अतिथि के रूप में चेनारी प्रखंड के उप प्रमुख विकास कुमार ग्राम पंचायत डेहरिया के पंचायत समिति प्रतिनिधि गुड्डू शर्मा ग्राम पंचायत डेहरिया के सरपंच ललन राम के साथ-साथ कई गद्य मां व्यक्ति समाजसेवी मौजूद रहे वही चेनारी प्रखंड के उप प्रमुख विकास कुमार पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि गुड्डू शर्मा सरपंच ललन राम के द्वारा चैता प्रोग्राम के उद्घाटन कर कार्यक्रम को आरंभ किया गया1
- मेसकौर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव #दो साल बाद भी निर्णय नहीं #सिस्टम पर सवाल तो उठेंगे...!3
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- आप देख रहे हैं आज की सच्ची खबर ,यह वीडियो तेजी से वाईरल हो रहा है, जो कि आप विडियो से देख रहे हैं संजय वर्मा की खास रिपोर्ट गया जिला के टनकुप्पा प्रखंड अन्तर्गत मायापुर में शुक्रवार को सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित सभा उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब सभा में शामिल कुछ लोग अचानक सड़क किनारे स्थित एक किसान के चने के खेत में घुस गए और हरे भरे चने उखाड़ खाने लगे। सभा में दूर-दूर से आए महिला-पुरुषों की भीड़ जैसे ही सड़क किनारे हरे चने की फसल देखी, कई लोग खुद को रोक नहीं पाए और खेत में उतर गए। देखते ही देखते दर्जनों लोग खेत में फैल गए और चने तोड़-तोड़ कर खाने लगे। यह दृश्य इतना सामान्य सा बना दिया गया मानो किसी की महीनों की मेहनत की कोई कीमत ही न हो। सबसे हैरानी की बात यह रही कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी भी उसी खेत के चने खाते हुए नजर आ रहे हैं। जिस पुलिस पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, वही अगर किसी गरीब किसान की फसल को इस तरह नुकसान पहुंचाते दिखे तो यह दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को अंदर तक झकझोर देता है। जरा सोचिए उस किसान पर क्या बीत रही होगी, जिसने दिन रात मेहनत करके, धूप बरसात सहकर अपनी फसल तैयार की होगी। खेत में लहलहाता चना उसके लिए सिर्फ फसल नहीं बल्कि उसके परिवार की उम्मीद, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च का सहारा होता है। लेकिन कुछ मिनटों की लापरवाही और भीड़ की मानसिकता ने उसकी मेहनत को यूं ही रौंद डाला। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन और पुलिस चाहती तो भीड़ को खेत में जाने से रोक सकती थी। लेकिन जब सुरक्षा में तैनात लोग ही तमाशबीन बन जाएं या खुद फसल तोड़ने लगें, तो फिर किसान किससे न्याय की उम्मीद करे! यह घटना सिर्फ एक खेत के नुकसान की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की उस सोच को भी दिखाती है जहां किसी गरीब किसान की मेहनत को मामूली समझ लिया जाता है। सवाल यह भी उठता है कि जिस समृद्धि यात्रा का उद्देश्य विकास और समृद्धि का संदेश देना है, उसी यात्रा के दौरान अगर एक किसान की फसल ही उजाड़ दिए जाए तो यह कैसी समृद्धि है! स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और जिस किसान की फसल को नुकसान हुआ है उसे उचित मुआवजा दिया जाए। क्योंकि किसान की मेहनत पर चोट सिर्फ उसकी जेब पर नहीं, बल्कि उसकी उम्मीदों पर भी लगती है।1
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