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बढ़ती महंगाई को लेकर 21 सूत्री मांगों के समर्थन में सीपीआई ने गोगरी प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना प्रदर्शन। बढ़ती महंगाई सहित 21सूत्री मांगों के समर्थन में सीपीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दिन के तीन बजे तक गोगरी प्रखंड मुख्यालय पर धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए सीपीआई के पूर्व जिला सचिव सह पूर्व प्रखंड प्रमुख प्रभाकर प्रसाद सिंह ने कहा कि देश में महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है। केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों से आमजन परेशान है। वर्षों से भूमिहीनों को बासगीत का पर्चा नहीं दिया जा रहा है। महेशखूंट में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो रहा है। इसके अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा किया गया। वहीं धरना की अध्यक्षता बटेश्वर मुनि ने किया। इस अवसर पर कई नेताओं ने धरना को सम्बोधित किया।
Md Javed
बढ़ती महंगाई को लेकर 21 सूत्री मांगों के समर्थन में सीपीआई ने गोगरी प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना प्रदर्शन। बढ़ती महंगाई सहित 21सूत्री मांगों के समर्थन में सीपीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दिन के तीन बजे तक गोगरी प्रखंड मुख्यालय पर धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए सीपीआई के पूर्व जिला सचिव सह पूर्व प्रखंड प्रमुख प्रभाकर प्रसाद सिंह ने कहा कि देश में महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है। केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों से आमजन परेशान है। वर्षों से भूमिहीनों को बासगीत का पर्चा नहीं दिया जा रहा है। महेशखूंट में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो रहा है। इसके अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा किया गया। वहीं धरना की अध्यक्षता बटेश्वर मुनि ने किया। इस अवसर पर कई नेताओं ने धरना को सम्बोधित किया।
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- गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में आज दिन सोमवार को मातृ सुरक्षा योजना के तहत एएनसी जांच शिविर का किया गया आयोजन। यह शिविर सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 तक चला इस शिविर में कुल 76 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत जांच की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र प्रकाश एवं महिला डॉक्टर गुंजन कुमारी की देखरेख में आयोजित की गई। इस शिविर में महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी टेस्ट किया गया इसके अतिरिक्त उनका वजन और लंबाई भी मापी गई। यह शिविर अस्पताल के डॉक्टर गुंजन कुमारी की देखरेख में संपन्न हुआ। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित महत्वपूर्ण सलाह दी। इसमें गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उन्हें फल और चुकंदर जैसे आहार के सेवन की सलाह दी गई। जांच कार्यों में डॉक्टर दीपक कुमार, महिला डॉक्टर गुंजन कुमारी, टेक्नीशियन सुधीर पाठक, मोहम्मद साबिर और आशीष रंजन ने सहयोग किया। एएनएम संगीता कुमारी, रीता कुमारी, रजनी कुमारी, रंजू कुमारी, रिंकू कुमारी, सहित कई आशा कार्यकर्ता और ममता भी शिविर में उपस्थिति रही।1
- आलमनगर बड़ी बगीचा1
- खगड़िया के शहरबनी स्थित अपने पैतृक आवास पहुंचे लोजपा (रा.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान हाल ही में दिवंगत हुए अपने चाचा अर्जुन पासवान जी को पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही खगरिया सांसद राजेश वर्मा ने भी अर्जुन पासवान जी के तैलचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया,।1
- डॉ.लोहिया के समाजवादी विचार और उनकी कृति आज भी प्रासंगिक- सदर विधायक बबलू मंडल विधायक कार्यालय में डॉ राममनोहर लोहिया की 116 वीं जयंती हर्षोल्लासपूर्ण मनायी गई Bablu Kumar Mandal1
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- सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के मालगोदाम रोड पर नाला निर्माण के लिए एक माह पहले जेसीबी से सड़क किनारे गहरा गड्ढा खोद दिया गया, लेकिन रेलवे से एनओसी नहीं लिए जाने के कारण रेलवे ने काम रुकवा दिया.उसके बाद न तो निर्माण कार्य आगे बढ़ा और न ही खोदे गए गड्ढे की भरने की कोई व्यवस्था की गई.अब स्थिति यह है कि सड़क किनारे बना यह लंबा गड्ढा लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है, जबकि संवेदक दिखाई नहीं दे रहा और प्रशासन की ओर से भी कोई स्पष्ट पहल नहीं दिख रही है.बताया जा रहा है कि यह कार्य बिहार शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बुडको) के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन जिस तेजी से खुदाई की गई, उसी तेजी से काम भी ठप हो गया. बिना एनओसी शुरू हुआ काम, अब ठप इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब रेलवे की अनापत्ति प्रमाण पत्र ही नहीं थी, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू कैसे कर दिया गया.शिकायत के बाद रेलवे अधिकारियों ने कार्य पर रोक लगा दी.सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में भी यह साफ हो गया कि इस कार्य के लिए रेलवे की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी.अब सवाल यह उठता है कि जब रेलवे की अनुमति ही नहीं थी तो आखिर जेसीबी किसके भरोसे चलवाई गई और जब रेलवे ने काम रुकवा दिया तो गड्ढा भरने की जिम्मेदारी किसकी है. नहीं लगा बोर्ड, दुकानदार भी बेफिक्र कार्यस्थल पर योजना का कोई बोर्ड तक नहीं लगाया गया है.यानी नाला किस योजना का है, कितने पैसे की योजना है और कब तक बनना था.. यह सब अब तक बोर्ड के बजाय फाइलों के अंदर ही है.इस पूरे मामले में नाला किनारे के दुकानदार भी कम दिलचस्प किरदार नहीं हैं.जिन दुकानों के सामने यह गहरा गड्ढा खुला पड़ा है, वहां रोज ग्राहक आते - जाते हैं.लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा के लिए न कोई घेरा और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाई गई है.स्थानीय लोग कहते हैं कि ग्राहकों की सुरक्षा से ज्यादा चिंता कई दुकानदारों को सिर्फ अपनी बिक्री की होती है.जब तक कोई ग्राहक गड्ढे में गिरकर घायल न हो जाए, तब तक खतरा भी शायद खतरा नहीं माना जाता. जब तक हादसा नहीं होगा, तब तो अब सोएंगे हम आपको बता दे कि मालगोदाम रोड नगर क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है.इस रास्ते हजारों लोग रोज गुजरते हैं.इसके बावजूद सड़क किनारे खुला यह गड्ढा ऐसे पड़ा है जैसे यह किसी को दिखाई ही नहीं दे रहा.स्थानीय लोग कटाक्ष करते हुए कहते हैं कि देश में व्यवस्था का एक पुराना नियम है कि जब तक कोई हादसा नहीं होता, तब तक कोई जिम्मेदार नहीं जागते है.जिस दिन कोई बाइक सवार इस गड्ढे में गिर जाएगा, कोई राहगीर घायल हो जाएगा या कोई बड़ी दुर्घटना हो जाएगी, उसी दिन अचानक सब सक्रिय हो जाएंगे.फिर वही पुराना नजारा दिखेगा कि सड़क जाम होगी, अधिकारी दौड़ते नजर आएंगे, मान - मनौव्वल होगा, आश्वासन मिलेगा और अंत में मुआवजे की घोषणा भी हो जाएगी.इधर बुडको के कार्यपालक अभियंता हेमंत कुमार का कहना है कि नाला निर्माण की जमीन रेलवे की बताई जा रही है.रेलवे को एनओसी के लिए लिखा गया था.जेई को भेजकर रेलवे से जानकारी ली जा रही है.जल्द नाला का निर्माण हो इसके लिए प्रयास जारी हैं.1
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