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नगर पंचायत सौर बाजार के वार्ड नंबर 4 में पहली बारिश का पानी लोगों के घरों में घुसा जीना हुआ मुश्किल
मिथिलेश कुमार
नगर पंचायत सौर बाजार के वार्ड नंबर 4 में पहली बारिश का पानी लोगों के घरों में घुसा जीना हुआ मुश्किल
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- Post by मिथिलेश कुमार1
- बिहार के मधेपुरा से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है... जहां स्मैक तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ही सवालों के घेरे में आ गई है। पुरैनी थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया और पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दरअसल मामला मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना क्षेत्र का है जहां रविवार की शाम उस वक्त बवाल मच गया, जब कमांडो दस्ते की कार्रवाई पर ही ग्रामीणों ने सवाल खड़े कर दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने स्मैक के साथ पकड़ी गई महिला को कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पूर्वी औराय वार्ड 07 निवासी प्रीतम उर्फ पुतन की पत्नी शालू कुमारी को कमांडो दस्ते ने स्मैक के साथ पकड़ा था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे छोड़ दिया गया। इसी बात से नाराज़ ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया और जमकर हंगामा किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इससे पहले भी इसी घर पर छापेमारी हुई थी, लेकिन हर बार पैसे लेकर मामला दबा दिया जाता है। लोगों का कहना है कि पुलिस की इस कथित ढिलाई से इलाके में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है और अपराध भी बढ़ रहे हैं। बाइट -ग्रामीण अगर पुलिस ही तस्करों को बचाएगी तो गांव कैसे सुरक्षित रहेगा... हम लोग अब चुप नहीं बैठेंगे। मामले की सूचना मिलते ही पुरैनी थाना अध्यक्ष चंद्रजीत प्रभाकर मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद महिला को दोबारा थाना लाया गया और विधि सम्मत कार्रवाई की बात कही जा रही है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाएंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो और आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।4
- सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के मालगोदाम रोड पर नाला निर्माण के लिए एक माह पहले जेसीबी से सड़क किनारे गहरा गड्ढा खोद दिया गया, लेकिन रेलवे से एनओसी नहीं लिए जाने के कारण रेलवे ने काम रुकवा दिया.उसके बाद न तो निर्माण कार्य आगे बढ़ा और न ही खोदे गए गड्ढे की भरने की कोई व्यवस्था की गई.अब स्थिति यह है कि सड़क किनारे बना यह लंबा गड्ढा लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है, जबकि संवेदक दिखाई नहीं दे रहा और प्रशासन की ओर से भी कोई स्पष्ट पहल नहीं दिख रही है.बताया जा रहा है कि यह कार्य बिहार शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बुडको) के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन जिस तेजी से खुदाई की गई, उसी तेजी से काम भी ठप हो गया. बिना एनओसी शुरू हुआ काम, अब ठप इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब रेलवे की अनापत्ति प्रमाण पत्र ही नहीं थी, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू कैसे कर दिया गया.शिकायत के बाद रेलवे अधिकारियों ने कार्य पर रोक लगा दी.सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में भी यह साफ हो गया कि इस कार्य के लिए रेलवे की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी.अब सवाल यह उठता है कि जब रेलवे की अनुमति ही नहीं थी तो आखिर जेसीबी किसके भरोसे चलवाई गई और जब रेलवे ने काम रुकवा दिया तो गड्ढा भरने की जिम्मेदारी किसकी है. नहीं लगा बोर्ड, दुकानदार भी बेफिक्र कार्यस्थल पर योजना का कोई बोर्ड तक नहीं लगाया गया है.यानी नाला किस योजना का है, कितने पैसे की योजना है और कब तक बनना था.. यह सब अब तक बोर्ड के बजाय फाइलों के अंदर ही है.इस पूरे मामले में नाला किनारे के दुकानदार भी कम दिलचस्प किरदार नहीं हैं.जिन दुकानों के सामने यह गहरा गड्ढा खुला पड़ा है, वहां रोज ग्राहक आते - जाते हैं.लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा के लिए न कोई घेरा और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाई गई है.स्थानीय लोग कहते हैं कि ग्राहकों की सुरक्षा से ज्यादा चिंता कई दुकानदारों को सिर्फ अपनी बिक्री की होती है.जब तक कोई ग्राहक गड्ढे में गिरकर घायल न हो जाए, तब तक खतरा भी शायद खतरा नहीं माना जाता. जब तक हादसा नहीं होगा, तब तो अब सोएंगे हम आपको बता दे कि मालगोदाम रोड नगर क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है.इस रास्ते हजारों लोग रोज गुजरते हैं.इसके बावजूद सड़क किनारे खुला यह गड्ढा ऐसे पड़ा है जैसे यह किसी को दिखाई ही नहीं दे रहा.स्थानीय लोग कटाक्ष करते हुए कहते हैं कि देश में व्यवस्था का एक पुराना नियम है कि जब तक कोई हादसा नहीं होता, तब तक कोई जिम्मेदार नहीं जागते है.जिस दिन कोई बाइक सवार इस गड्ढे में गिर जाएगा, कोई राहगीर घायल हो जाएगा या कोई बड़ी दुर्घटना हो जाएगी, उसी दिन अचानक सब सक्रिय हो जाएंगे.फिर वही पुराना नजारा दिखेगा कि सड़क जाम होगी, अधिकारी दौड़ते नजर आएंगे, मान - मनौव्वल होगा, आश्वासन मिलेगा और अंत में मुआवजे की घोषणा भी हो जाएगी.इधर बुडको के कार्यपालक अभियंता हेमंत कुमार का कहना है कि नाला निर्माण की जमीन रेलवे की बताई जा रही है.रेलवे को एनओसी के लिए लिखा गया था.जेई को भेजकर रेलवे से जानकारी ली जा रही है.जल्द नाला का निर्माण हो इसके लिए प्रयास जारी हैं.1
- गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में आज दिन सोमवार को मातृ सुरक्षा योजना के तहत एएनसी जांच शिविर का किया गया आयोजन। यह शिविर सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 तक चला इस शिविर में कुल 76 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत जांच की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र प्रकाश एवं महिला डॉक्टर गुंजन कुमारी की देखरेख में आयोजित की गई। इस शिविर में महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी टेस्ट किया गया इसके अतिरिक्त उनका वजन और लंबाई भी मापी गई। यह शिविर अस्पताल के डॉक्टर गुंजन कुमारी की देखरेख में संपन्न हुआ। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित महत्वपूर्ण सलाह दी। इसमें गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उन्हें फल और चुकंदर जैसे आहार के सेवन की सलाह दी गई। जांच कार्यों में डॉक्टर दीपक कुमार, महिला डॉक्टर गुंजन कुमारी, टेक्नीशियन सुधीर पाठक, मोहम्मद साबिर और आशीष रंजन ने सहयोग किया। एएनएम संगीता कुमारी, रीता कुमारी, रजनी कुमारी, रंजू कुमारी, रिंकू कुमारी, सहित कई आशा कार्यकर्ता और ममता भी शिविर में उपस्थिति रही।1
- सहरसा मौसम दुःख न्यूज🥹✅1
- सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर पंचायत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध गैस रिफिलिंग के काले खेल का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध गैस सिलेंडर जप्त किए हैं। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार, पुलिस को काफी समय से शाहपुर पंचायत में अवैध रूप से गैस के भंडारण और ऊंचे दामों पर रिफिलिंग की सूचना मिल रही थी। नवहट्टा थाना पुलिस ने एक टीम गठित कर संदिग्ध ठिकाने पर अचानक दबिश दी। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद लोग पुलिस को देखते ही भागने लगे, हालांकि पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मौके से अवैध खेप को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जप्त किए गए सिलेंडरों में कई घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर शामिल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में इस तरह अवैध गैस का धंधा किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा था। नवहट्टा पुलिस अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार के अनुसार, जप्त किए गए सिलेंडरों की गिनती और कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध धंधे के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इसका मुख्य सरगना कौन है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई है।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत साहपुर पंचायत से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने अवैध एलपीजी गैस सिलेंडर के कारोबार का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त किए हैं। दरअसल, नवहट्टा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहपुर गांव में एक घर के अंदर अवैध तरीके से घरेलू गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा है और उन्हें ऊंचे दामों पर बाजार में बेचा जा रहा है। सूचना मिलते ही अपर थानाध्यक्ष रोशन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देर रात छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दौरान जो तस्वीर सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली थी। पुलिस ने मौके से कुल 135 एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए, जिनमें 73 खाली और 62 भरे हुए HP गैस सिलेंडर शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का एक ही स्थान पर मिलना इस बात की ओर साफ इशारा करता है कि यहां लंबे समय से अवैध कारोबार चल रहा था। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए आरोपी संजय कुमार दास से जब पूछताछ की गई, तो उसने इस पूरे नेटवर्क में अपने भाई संतोष कुमार दास की संलिप्तता भी बताई। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग घरेलू गैस सिलेंडरों को अवैध तरीके से इकट्ठा कर ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचते थे।1
- Post by मिथिलेश कुमार1