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झारखंड में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं में आक्रोश, कैंडल जलाकर मार्च किया पास्ट। झारखंड में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं में आक्रोश, कैंडल जलाकर मार्च किया पास्ट। वीडियो देखिए।
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झारखंड में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं में आक्रोश, कैंडल जलाकर मार्च किया पास्ट। झारखंड में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं में आक्रोश, कैंडल जलाकर मार्च किया पास्ट। वीडियो देखिए।
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- जेन G का जवाब नहीं। हम जो सोचते हैं, हमसे कहीं परे हैं ये। जेन G का जवाब नहीं। हम जो सोचते हैं, हमसे कहीं परे हैं ये। इस लड़की को देख लीजिए। कमाल है।1
- Barati Row Watar Fall chunakhan kaladhungi pawalgar 2631401
- सहायक वन कर्मचारी संघ अल्मोड़ा की नई कार्यकारिणी गठित, हरेंद्र सिंह सतवाल बने अध्यक्ष अल्मोड़ा। सहायक वन कर्मचारी संघ, अल्मोड़ा शाखा का द्विवार्षिक अधिवेशन रविवार को वन चेतना केंद्र में आयोजित किया गया। अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमें हरेंद्र सिंह सतवाल को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। नई कार्यकारिणी में संजय जोशी को महामंत्री, अंकित डंगवाल को उपाध्यक्ष, इंद्रा मर्तोलिया को महिला उपाध्यक्ष, अमित सिंह भैसोड़ा को संगठन मंत्री, भास्कर नाथ महंत को कोषाध्यक्ष, शंकर सिंह बिष्ट को संरक्षक तथा सतपाल सिंह और सतेंद्र सिंह नेगी को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। चुनाव प्रक्रिया वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट और उप वन क्षेत्र अधिकारी जीत सिंह रावत की देखरेख में संपन्न हुई। अधिवेशन में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर भी चर्चा की गई तथा पांच प्रमुख प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। संघ ने सहायक वन कर्मचारियों का ग्रेड पे 2800 रुपये से बढ़ाकर 4200 रुपये किए जाने, पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने, 24 घंटे कार्य प्रणाली को देखते हुए 13 माह का वेतन दिए जाने, चंपावत में वन दरोगा पवन सिंह महरा के साथ हुई अभद्रता और मारपीट के मामले में दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करने तथा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले वन कर्मियों को जोखिम भत्ता और आत्मरक्षा के लिए शस्त्र उपलब्ध कराने की मांग उठाई। अधिवेशन में रानू कनवाल, देवेंद्र प्रसाद, कनकलता, मनीषा सुप्याल, विनोद कुमार, सत्येंद्र सिंह नेगी, कृपाल गिरी गोस्वामी, ऋषभ सेमवाल, कार्तिक मधुकर सहित बड़ी संख्या में वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।1
- plz bde dil wala ho to help kre pay ker de fir sucaid bhi ker sakta hu 7217438646 pay skener1
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- हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे शिवभक्त, कोट भ्रामरी में हुआ जलाभिषेक, अब दिवेश्वर धाम की ओर बढ़ी पावन कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे शिवभक्त, कोट भ्रामरी में हुआ जलाभिषेक, अब दिवेश्वर धाम की ओर बढ़ी पावन कांवड़ यात्रा बागेश्वर जिले के गरुड़ स्थित दिवेश्वर मंदिर से महंत भागीरथ गिरी महाराज के नेतृत्व में हरिद्वार के लिए रवाना हुई शिवभक्तों की पावन कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे सभी कांवड़ियों ने थराली होते हुए आज मां कोट भ्रामरी मंदिर में विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया और मां भ्रामरी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने लेक साइड होटल में रात्रि विश्राम किया। यात्रा के दौरान कांवड़ियों ने बताया कि वे कई वर्षों से हरिद्वार से गंगाजल लाकर मां भ्रामरी मंदिर परिसर में ही रात्रि विश्राम करते रहे हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियों के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। इसे लेकर श्रद्धालुओं ने हल्की मायूसी भी व्यक्त की, हालांकि उनकी आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। यात्रा के दौरान जिला पंचायत सदस्य दीपक खुल्बे तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष डीके जोशी ने कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के लिए लेक साइड होटल में रात्रि विश्राम, जलपान और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराईं, जिसके लिए कांवड़ियों ने उनका आभार व्यक्त किया। इस यात्रा की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि कांवड़ यात्रा में जहां एक ओर मात्र 11 वर्ष का बाल शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ शामिल है, वहीं दूसरी ओर लगभग 70 वर्ष के बुजुर्ग श्रद्धालु भी समान श्रद्धा और ऊर्जा के साथ पदयात्रा कर रहे हैं। यह दृश्य आस्था, समर्पण और सनातन परंपरा की जीवंत मिसाल बन गया। महंत भागीरथ गिरी महाराज के नेतृत्व में चल रही यह पावन यात्रा कल प्रातः बैजनाथ धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक करेगी। इसके बाद श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में भी गंगाजल अर्पित करेंगे और अंत में गरुड़ स्थित दिवेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना के साथ इस पावन कांवड़ यात्रा का विधिवत समापन करेंगे। #Garur #Bageshwar #KanwarYatra #Haridwar #Gangajal #KotBhramariTemple #BaijnathDham #DiweshwarTemple #BhagirathGiriMaharaj #LordShiva #Uttarakhand #ShivBhakt #SanatanDharma #MeraHakNews1
- कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने लगाया जनता दरबार, मौके पर सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश* प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने रविवार को हल्द्वानी स्थिति अपने कैम्प कार्यलय में जनता दरबार आयोजित कर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा सके। जनता दरबार में दूर-दराज के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, राजस्व समेत कई जनसमस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। कैबिनेट मंत्री ने 700 से अधिक कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया, जबकि शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर राम सिंह कैड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने और आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करने का आह्वान किया। बैठक मे नगर आयुक्त हल्द्वानी, ddo नैनीताल, sdm धारी, नैनीताल, ct मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, जिला विकाश प्राधिकरण सचिव, विजली, पानी, सहित सभी विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे!4
- बागेश्वर में लगातार बारिश से सात ग्रामीण मोटर मार्ग बंद बागेश्वर में लगातार बारिश से सात ग्रामीण मोटर मार्ग बंद, लोगों की आवाजाही और पेयजल व्यवस्था प्रभावित, पासतोली जाने वाली सड़क विशेष रूप से पूरी तरह जलमग्न. बागेश्वर जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सात ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं। सबसे अधिक कपकोट क्षेत्र में हुआ है, जहां छह मार्ग बंद होने से लगभग आठ हजार लोग प्रभावित हैं, जबकि गरुड़ में एक मार्ग बंद रहने से एक हजार से अधिक लोगों की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग फिलहाल मार्ग खोलने और पेयजल व्यवस्था सुचारु करने में जुटे हुए हैं। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक जोखिम न उठाने की अपील की गई है। बारिश के चलते पर्यटन गतिविधियाँ भी ठहर सी गई हैं और कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न नजर आ रही हैं। गरुड़ से पासतोली जाने वाली सड़क विशेष रूप से पूरी तरह जलमग्न है, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरे में है। विभागीय टीमें फौरन मरम्मत व निकासी कार्य कर रही हैं तथा लोगों को सुरक्षित मार्गों का उपयोग करने और आवश्यक होने पर प्रशासन से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।1