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सीमा क्षेत्र में SSB की बड़ी कार्रवाई 7.705 किलो की पीली धातु से बनी भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा बरामद नरकटियागंज की आवाज़ आपना नरकटियागंज बिहार विद्यालय
Niraj Raj
सीमा क्षेत्र में SSB की बड़ी कार्रवाई 7.705 किलो की पीली धातु से बनी भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा बरामद नरकटियागंज की आवाज़ आपना नरकटियागंज बिहार विद्यालय
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आपका जन्मदिन तो सरकारी अस्पतालों में मन गया लेकिन आपके वोट देने वाले लोगों का अच्छा से इलाज कब होगा1
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- manish Kashyap ke sath Kuchh bite huwe lamhe apske sath Manish Kashyap ke sath kuchh bite huwe lamhe1
- “बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा का ये बयान सुनिए… पूरा मामला क्या है? वीडियो अंत तक जरूर देखिए!” #️⃣ Hashtags #BiharNews #RatneshSada #AapdaPrabandhan #BiharPolitics #BiharGovernment #BiharNewsToday #BiharUpdate #BiharSamachar #BreakingNews #ViralNews #PremchandraKumar #BiharViral #NewsUpdate 📝 Description बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सदा का यह बयान इन दिनों चर्चा में है। इस वीडियो में सुनिए मंत्री जी ने क्या कहा और पूरा मामला क्या है। वीडियो को पूरा देखें, अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और ऐसे ही बिहार की महत्वपूर्ण खबरों के लिए Premchandra Kumar को फॉलो/सब्सक्राइब करें। नोट: वीडियो में कही गई बातों को संदर्भ सहित देखें और अपनी राय स्वयं बनाएं। “बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा का ये बयान सुनिए… पूरा मामला क्या है? वीडियो अंत तक जरूर देखिए!” #️⃣ Hashtags #BiharNews #RatneshSada #AapdaPrabandhan #BiharPolitics #BiharGovernment #BiharNewsToday #BiharUpdate #BiharSamachar #BreakingNews #ViralNews #PremchandraKumar #BiharViral #NewsUpdate 📝 Description बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सदा का यह बयान इन दिनों चर्चा में है। इस वीडियो में सुनिए मंत्री जी ने क्या कहा और पूरा मामला क्या है। वीडियो को पूरा देखें, अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और ऐसे ही बिहार की महत्वपूर्ण खबरों के लिए Premchandra Kumar को फॉलो/सब्सक्राइब करें। नोट: वीडियो में कही गई बातों को संदर्भ सहित देखें और अपनी राय स्वयं बनाएं।1
- गर्भवती महिला की मौत पर बवाल, निजी क्लीनिक में ऑपरेशन के बाद गई जान! पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत के बाद शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतका की पहचान इनरवा थाना क्षेत्र के घोड़पकड़ी गांव निवासी रेयाज अंसारी की 30 वर्षीय पत्नी शालमा खातून के रूप में हुई है। परिजनों ने निजी क्लीनिक के चिकित्सक पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने और गलत तरीके से ऑपरेशन करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, शालमा खातून करीब पांच माह की गर्भवती थी। किसी कारणवश गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी। परिजन महिला को इलाज के लिए नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान एक दलाल ने परिजनों को बहला-फुसलाकर महिला को अनुमंडलीय अस्पताल से कुछ दूरी पर स्थित एक निजी क्लीनिक में पहुंचा दिया। परिजनों का कहना है कि क्लीनिक में डॉक्टर ने पहले सामान्य तरीके से डिलीवरी होने की बात कही। बाद में महिला की स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन करने की बात कही गई। परिजनों की सहमति के बाद महिला का ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई और महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने शव को क्लीनिक के बाहर रखकर जमकर हंगामा किया और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर महिला की हालत पहले से गंभीर थी तो उसका इलाज और ऑपरेशन करने का फैसला किस आधार पर लिया गया? वहीं, क्लीनिक की चिकित्सकीय व्यवस्था और वहां इलाज करने वाले डॉक्टर की योग्यता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इधर, क्लीनिक पक्ष की ओर से भी सफाई सामने आई है। डॉक्टर का कहना है कि जब महिला को उनके पास लाया गया था, तब उसकी हालत काफी गंभीर थी। हालांकि, जब डॉक्टर से यह सवाल किया गया कि ऐसी स्थिति में क्या वह महिला का ऑपरेशन करने के लिए अधिकृत थे और क्या ऑपरेशन करना उचित था, तो उन्होंने क्या जवाब दिया—यह भी इस मामले में अहम है। सबसे बड़ा सवाल अब स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर है। नरकटियागंज में निजी क्लीनिकों में मरीजों की मौत के आरोप सामने आने के बावजूद अगर जांच और कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रही, तो ऐसे मामलों पर रोक कैसे लगेगी? फिलहाल महिला की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या निजी क्लीनिक की व्यवस्था व चिकित्सकीय योग्यता की जांच होती है या मामला भी जांच के नाम पर फाइलों में सिमटकर रह जाता है।1
- जलजमाव से जगीराहा के ग्रामीण परेशान, विरोध जताकर समाधान की मांग मझौलिया। प्रखंड के अहवर कुड़िया पंचायत के वार्ड संख्या-02 स्थित जगीराहा में जलजमाव से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़क पर पानी और कीचड़ जमा रहने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है, जबकि स्कूली बच्चों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी स्कूल ड्रेस भी खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क जगदीशपुर मुख्य मार्ग को जोड़ती है और अमवा मझार पंचायत आने-जाने का भी प्रमुख रास्ता है। लंबे समय से जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। पानी जमा रहने से मच्छरों व कीटाणुओं के पनपने से बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है। समस्या से नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। विरोध जताने वालों में वार्ड सदस्य मंजू देवी, उनके पति ओमप्रकाश, रामनाथ, शंकर गुप्ता, विनोद महतो, विकास कुमार, राजन कुमार और मुंशी शामिल रहे।1
- बाबा विश्वकर्मा पूजा के बाद आज शाम 6 बजे लाल बाजार चौक से होते हुए बाबा विश्वकर्मा भगवान की मूर्ति को ले गए। 19 September. भगवान विश्वकर्मा जी की प्रतिमा को लाल बाजार चौक से होते हुए विसर्जन करने के लिए बेतिया स्वर्ण व्यवसाई महासंघ के सभी सदस्य बड़े ही हषोल्लास के साथ शान्ति पूर्ण ढंग से गये। 19.09.2026.1
- योजनाओं पर चर्चा के दौरान बीडीसी बैठक में हंगामा, अधिकारियों पर बरसे जनप्रतिनिधि मझौलिया। प्रखंड सभागार में आयोजित पंचायत समिति (बीडीसी) की बैठक में योजनाओं की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विभिन्न पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, लंबित मामलों और विभागीय कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जवाब मांगा। बैठक के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों ने अंचलाधिकारी डॉली कुमारी को लेकर भी टिप्पणी की। उनका आरोप था कि “हमलोग सीओ की मांग किए थे, लेकिन यहां भेजा गया है मॉडल।” यह टिप्पणी बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों की ओर से कही गई, जिसके बाद कुछ देर के लिए माहौल और अधिक गर्म हो गया। कई सदस्यों ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। हंगामे के कारण बैठक की कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित रही। हालांकि बाद में माहौल शांत होने पर बैठक आगे बढ़ी। इस घटना की पूरे प्रखंड क्षेत्र में दिनभर चर्चा होती रही।1