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सक्ति जिले की डभरा पुलिस ने पॉकेटमारी की वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से ₹5,000 और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की है। यह कार्रवाई खुरघट्टी निवासी कमलेश अजगल्ले की रिपोर्ट पर की गई, जिन्होंने 27 जून की रात डभरा शराब दुकान में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके पर्स से ₹10,000 चोरी कर लेने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अजीत सहिस (20), राहुल सहिस (22) और इरफान सहिस (22) को गिरफ्तार किया। ये तीनों आरोपी खरसिया, जिला रायगढ़ के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई है, और मामले की आगे की विवेचना जारी है।
Lala upadhyay
सक्ति जिले की डभरा पुलिस ने पॉकेटमारी की वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से ₹5,000 और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की है। यह कार्रवाई खुरघट्टी निवासी कमलेश अजगल्ले की रिपोर्ट पर की गई, जिन्होंने 27 जून की रात डभरा शराब दुकान में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके पर्स से ₹10,000 चोरी कर लेने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अजीत सहिस (20), राहुल सहिस (22) और इरफान सहिस (22) को गिरफ्तार किया। ये तीनों आरोपी खरसिया, जिला रायगढ़ के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई है, और मामले की आगे की विवेचना जारी है।
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- सक्ति जिले की डभरा पुलिस ने पॉकेटमारी की वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से ₹5,000 और वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की है। यह कार्रवाई खुरघट्टी निवासी कमलेश अजगल्ले की रिपोर्ट पर की गई, जिन्होंने 27 जून की रात डभरा शराब दुकान में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके पर्स से ₹10,000 चोरी कर लेने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अजीत सहिस (20), राहुल सहिस (22) और इरफान सहिस (22) को गिरफ्तार किया। ये तीनों आरोपी खरसिया, जिला रायगढ़ के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई है, और मामले की आगे की विवेचना जारी है।1
- जांजगीर में बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन तब किया गया जब ग्रामीणों की शिकायतें अधिकारियों तक पहुँचाने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। इस चक्काजाम के कारण पामगढ़-जांजगीर मुख्य मार्ग प्रभावित हुआ।1
- कोरबा जिले में कुछ गांवों के करीब हाथियों का एक दल पहुंच गया है। विभाग द्वारा इस हाथियों के दल की निगरानी की जा रही है।1
- खरसिया से लौट रहे रिकवरी एजेंट कौशल कुमार कुम्हार के साथ लूट की वारदात हुई है। यह घटना बंदोरा नहर पुल के पास हुई, जहाँ बाइक सवार कुछ बदमाशों ने उनका रास्ता रोककर इस वारदात को अंजाम दिया।1
- कोरबा शहर में सोमवार दोपहर ओवरब्रिज रेलवे क्रॉसिंग के नीचे एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई है। यहां चबूतरे पर रहने वाले हमाल राजेश महाराज की एक अज्ञात आरोपी ने लाठी से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर निर्मम हत्या कर दी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक राजेश महाराज का सुबह उसी के साथ रहने वाले एक अन्य हमाल से किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत करा दिया था। लेकिन दोपहर के समय आरोपी ने मौका पाकर राजेश पर, जो उस वक्त सो रहा था, लाठी से हमला कर दिया। सिर पर लगातार किए गए वार के कारण राजेश की मौके पर ही मौत हो गई, और वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। कोतवाली थाना प्रभारी टी.आई. एम.बी. पटेल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है, और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जांच में यह मामला आपसी विवाद का बताया जा रहा है।1
- रायगढ़ जिले में महिला संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कापू पुलिस ने अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी पति को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई कापू थाना क्षेत्र के ग्राम पारेमेर में 28 जून की सुबह एक महिला की हत्या की सूचना मिलने के बाद की गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहाँ जीतो बाई मंझवार (43 वर्ष) का शव उसके घर में मिला। पुलिस ने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त की। मर्ग जाँच और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर मृतिका के पति रामनाथ मंझवार द्वारा हत्या किया जाना पाया गया, जिस पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी गाँव से फरार होने की तैयारी में है, जिस पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी रामनाथ मंझवार (50 वर्ष), पिता सेलठू राम मंझवार, निवासी ग्राम पारेमेर, थाना कापू को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि घटना की रात पत्नी के साथ उसका मामूली विवाद हुआ था। खाना खाने के बाद जीतो बाई आँगन में सो गई थी, जिसे रामनाथ ने घर के अंदर सोने को कहा। जब जीतो बाई नहीं मानी, तो उनमें झगड़ा हुआ। रामनाथ ने पहले हाथ-मुक्कों से मारपीट की, फिर लकड़ी के डंडे से हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का डंडा और घटना के समय पहने हुए कपड़े ई-साक्ष्य और वीडियोग्राफी के साथ जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस अवसर पर संदेश दिया कि क्षणिक आवेश में किया गया अपराध केवल एक व्यक्ति का जीवन नहीं छीनता, बल्कि पूरे परिवार को बिखेर देता है। उन्होंने छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय संवाद और संयम रखने की सलाह दी, और चेतावनी दी कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के लिए जेल ही अंतिम परिणाम होता है।1
- दुनिया की अग्रणी प्राकृतिक संसाधन, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक, वेदांता समूह को ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया द्वारा वर्ष 2026 के लिए भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों की सूची में शामिल किया गया है। नई दिल्ली में 29 जून 2026 को की गई इस घोषणा के अनुसार, यह सम्मान कंपनी की विश्वास, उत्कृष्ट प्रदर्शन और समावेशिता पर आधारित कार्यस्थल निर्माण की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहाँ कर्मचारियों को आगे बढ़ने, नवाचार करने और सार्थक योगदान देने के अवसर मिलते हैं। कंपनी ने पिछले पाँच वर्षों में अपने व्यापक कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना (ESOP) कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति का सृजन किया है। वेदांता ने भारत के सबसे युवा और लगातार अधिक विविध होते कार्यबल का भी निर्माण किया है, जिसमें 40% कर्मचारी 30 वर्ष से कम आयु के हैं। इसके कुल कार्यबल में 23% महिलाएं शामिल हैं, और विभिन्न व्यवसायों में लगभग 100 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, जो औद्योगिक क्षेत्र में कार्यबल की संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। ग्रेट प्लेस टू वर्क® कार्यस्थल संस्कृति के क्षेत्र में एक वैश्विक संस्था है, जो कर्मचारियों के विश्वास, कार्यस्थल के अनुभव और मानव संसाधन से जुड़ी कार्यप्रणालियों के आधार पर कंपनियों का मूल्यांकन करती है, और इसने अब तक दुनिया भर में 10 करोड़ से अधिक कर्मचारियों का सर्वेक्षण किया है। इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वेदांता समूह की सीएचआरओ नेहा शर्मा ने कहा कि यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि कंपनी भविष्य के लिए वेदांता का निर्माण किस सोच के साथ कर रही है, जहाँ प्रदर्शन, समावेशिता और स्वामित्व की भावना साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने जोर दिया कि कंपनी युवा कार्यबल को सशक्त करके, महिलाओं और अन्य कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के लिए अवसर बढ़ाकर, तथा कर्मचारियों को सीधे मूल्य सृजन में भागीदार बनाकर कार्यस्थल की नई परिकल्पना कर रही है। उनका लक्ष्य केवल प्रतिभाओं को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ लोग व्यवसाय के साथ आगे बढ़ें और भारत के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण को आकार देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ। वेदांता के व्यवसाय भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो धातु, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे देश के भविष्य के लिए अहम क्षेत्रों में कार्य करते हैं। अपने बड़े पैमाने और जटिल परिचालनों के साथ, वेदांता कर्मचारियों को ऐसे उच्च-विकास वाले व्यवसायों का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करता है, जो अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें तेज़ करियर विकास और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलते हैं। कंपनी का परिचालन नवाचार और प्रौद्योगिकी पर आधारित है, जिसमें डिजिटल तकनीकों, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा-आधारित समाधानों का उपयोग किया जाता है, जिससे कर्मचारियों को उद्योग, तकनीक और नवाचार के संगम पर काम करने का अवसर मिलता है। वेदांता एक वैश्विक समूह के अनुभव और मजबूती को स्टार्टअप जैसी तेज़ी और नवाचार की संस्कृति के साथ जोड़ता है, जिससे कर्मचारियों को जिम्मेदारी लेने, नए विचारों पर काम करने और प्रभावशाली योगदान देने का अवसर मिलता है। कंपनी ने कॉर्पोरेट भारत के सबसे व्यापक और समावेशी ईएसओपी कार्यक्रमों में से एक विकसित किया है, जिसके तहत एंट्री-लेवल कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ नेतृत्व तक सभी को स्वामित्व का अवसर दिया जाता है, जो साझा विकास और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देता है। करियर के अवसरों के साथ-साथ, वेदांता अपने कर्मचारियों को विश्वस्तरीय एकीकृत टाउनशिप के माध्यम से बेहतर जीवन-स्तर भी प्रदान करता है, जिनमें गुणवत्तापूर्ण आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। विविधता, समान अवसर और समावेशिता (DEI) वेदांता की मानव संसाधन रणनीति का प्रमुख आधार हैं। कंपनी मातृत्व अवकाश के बाद महिलाओं को उनके करियर में दोबारा सहज रूप से लौटने में सहयोग करती है, और एक लचीला व प्रगतिशील कार्यस्थल उपलब्ध कराती है, जिसमें समावेशी शिफ्ट नीतियां शामिल हैं, जिनके तहत मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ महिलाओं को रात्रि पाली में भी काम करने का अवसर दिया जाता है। ग्रेट प्लेस टू वर्क® से मिला यह सम्मान वेदांता के एक उच्च प्रदर्शन करने वाले और कर्मचारी-केंद्रित संगठन के रूप में निरंतर हो रहे बदलाव को और मजबूत करता है, जो समावेशी विकास, कर्मचारियों की भागीदारी और बेहतर मानव संसाधन नीतियों के क्षेत्र में भारत के औद्योगिक क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।1
- एक प्रीस्कूल में शिक्षकों की घोर लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चे पर दूसरे बच्चे ने लगातार 10 मिनट तक हमला किया। यह चौंकाने वाली घटना तब सामने आई जब बच्चों को एक कमरे में लापरवाही से बंद कर दिया गया था, और इस हमले के दौरान किसी ने भी बीच-बचाव नहीं किया। इस गंभीर मामले के बाद, 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। यह घटना प्रीस्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है और माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे इस जानकारी को साझा करें ताकि अन्य बच्चे ऐसी लापरवाही से सुरक्षित रह सकें।1