जनजातीय क्षेत्र पांगी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ ग्राम पंचायत करयास के धनवास में स्थापित 1.2 मेगावाट क्षमता वाले सोलर बैटरी बैकअप पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन आरंभ हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने सोमवार से इस प्लांट का ट्रायल शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि यदि ट्रायल सफल रहता है, तो क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार, ट्रायल के पहले दिन प्लांट से लगभग 500 किलोवाट और मंगलवार को 700 किलोवाट बिजली आपूर्ति की गई। विद्युत बोर्ड आगामी एक सप्ताह तक प्लांट के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की गहनता से जांच करेगा। यदि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है, तो प्लांट को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। पांगी क्षेत्र के निवासी लंबे समय से बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे थे, क्योंकि वर्तमान में साच, घराट, किलाड़, पुर्थी और सुराल स्थित मिनी हाइडल परियोजनाओं से बिजली उत्पादन होता है, लेकिन यह उत्पादन मांग के अनुरूप न होने के कारण अक्सर कटौती करनी पड़ती थी। इस नई परियोजना से लोगों में बेहतर बिजली व्यवस्था की उम्मीद जगी है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता शिव कुमार शर्मा के नेतृत्व में बोर्ड के कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और ठेकेदार की टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस परियोजना को तैयार किया है। विभाग का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड सुनील कुमार ने बताया कि धनवास सोलर पावर प्लांट में विद्युत उत्पादन का ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू हो गया है और वर्तमान में बैटरियों की चार्जिंग-डिस्चार्जिंग प्रक्रिया जारी है, जो एक दिन और चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय सौर ऊर्जा से बैटरियां चार्ज होंगी और साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा, जबकि शाम के समय बैटरियां बैकअप मोड में काम करेंगी। अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग सुरेश चंदेल ने जानकारी दी कि प्लांट को अभी ट्रायल आधार पर चलाया जा रहा है। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद आने वाले दिनों में इसे नियमित रूप से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण संचालन से पांगी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा बिजली कटौती की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
जनजातीय क्षेत्र पांगी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ ग्राम पंचायत करयास के धनवास में स्थापित 1.2 मेगावाट क्षमता वाले सोलर बैटरी बैकअप पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन आरंभ हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने सोमवार से इस प्लांट का ट्रायल शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि यदि ट्रायल सफल रहता है, तो क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार, ट्रायल के पहले दिन प्लांट से लगभग 500 किलोवाट और मंगलवार को 700 किलोवाट बिजली आपूर्ति की गई। विद्युत बोर्ड आगामी एक सप्ताह तक प्लांट के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की गहनता से जांच करेगा। यदि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है, तो प्लांट को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। पांगी क्षेत्र के निवासी लंबे समय से बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे थे, क्योंकि वर्तमान में साच, घराट, किलाड़, पुर्थी और सुराल स्थित मिनी हाइडल परियोजनाओं से बिजली उत्पादन होता है, लेकिन यह उत्पादन मांग के अनुरूप न होने के कारण अक्सर कटौती करनी पड़ती थी। इस नई परियोजना से लोगों में बेहतर बिजली व्यवस्था की उम्मीद जगी है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता शिव कुमार शर्मा के नेतृत्व में बोर्ड के कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और ठेकेदार की टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस परियोजना को तैयार किया है। विभाग का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड सुनील कुमार ने बताया कि धनवास सोलर पावर प्लांट में विद्युत उत्पादन का ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू हो गया है और वर्तमान में बैटरियों की चार्जिंग-डिस्चार्जिंग प्रक्रिया जारी है, जो एक दिन और चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय सौर ऊर्जा से बैटरियां चार्ज होंगी और साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा, जबकि शाम के समय बैटरियां बैकअप मोड में काम करेंगी। अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग सुरेश चंदेल ने जानकारी दी कि प्लांट को अभी ट्रायल आधार पर चलाया जा रहा है। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद आने वाले दिनों में इसे नियमित रूप से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण संचालन से पांगी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा बिजली कटौती की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
- जनजातीय क्षेत्र पांगी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ ग्राम पंचायत करयास के धनवास में स्थापित 1.2 मेगावाट क्षमता वाले सोलर बैटरी बैकअप पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन आरंभ हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने सोमवार से इस प्लांट का ट्रायल शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि यदि ट्रायल सफल रहता है, तो क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार, ट्रायल के पहले दिन प्लांट से लगभग 500 किलोवाट और मंगलवार को 700 किलोवाट बिजली आपूर्ति की गई। विद्युत बोर्ड आगामी एक सप्ताह तक प्लांट के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की गहनता से जांच करेगा। यदि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है, तो प्लांट को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। पांगी क्षेत्र के निवासी लंबे समय से बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे थे, क्योंकि वर्तमान में साच, घराट, किलाड़, पुर्थी और सुराल स्थित मिनी हाइडल परियोजनाओं से बिजली उत्पादन होता है, लेकिन यह उत्पादन मांग के अनुरूप न होने के कारण अक्सर कटौती करनी पड़ती थी। इस नई परियोजना से लोगों में बेहतर बिजली व्यवस्था की उम्मीद जगी है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता शिव कुमार शर्मा के नेतृत्व में बोर्ड के कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और ठेकेदार की टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस परियोजना को तैयार किया है। विभाग का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड सुनील कुमार ने बताया कि धनवास सोलर पावर प्लांट में विद्युत उत्पादन का ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू हो गया है और वर्तमान में बैटरियों की चार्जिंग-डिस्चार्जिंग प्रक्रिया जारी है, जो एक दिन और चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय सौर ऊर्जा से बैटरियां चार्ज होंगी और साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा, जबकि शाम के समय बैटरियां बैकअप मोड में काम करेंगी। अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग सुरेश चंदेल ने जानकारी दी कि प्लांट को अभी ट्रायल आधार पर चलाया जा रहा है। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद आने वाले दिनों में इसे नियमित रूप से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण संचालन से पांगी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा बिजली कटौती की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।1
- एक मार्मिक पोस्ट के माध्यम से लोगों से जानवरों को बचाने की विनम्र अपील की गई है। इस अपील के साथ ही, अगौल बिड दोसांझ द्वारा बाबा खामणो वाले की जय-जयकार करते हुए उनके प्रति गहरी आस्था और भक्ति व्यक्त की गई है।2
- सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत पनोह के धरोल गांव में लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण भारत मजदूर किसान संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट की प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा अंजू राणा के निरंतर प्रयासों और जनहित के प्रति समर्पण का परिणाम है। गांव में पहले कभी इस प्रकार की सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण सड़क नहीं बनी थी, जिसके कारण वर्षों से ग्रामीणों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को आवागमन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अंजू राणा ने ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लगातार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष इस मांग को उठाया। विधायक कैप्टन रणजीत ने इसे प्राथमिकता दिलाई, क्षेत्र का निरीक्षण किया और सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने का विश्वास दिलाया। अब यह कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा और जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा। इस सड़क के बनने से गांव की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा व्यापार से जुड़े कार्यों को भी गति मिलेगी। ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। ग्रामवासियों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए विधायक कैप्टन रणजीत और अंजू राणा का आभार व्यक्त किया है, और विश्वास जताया है कि यह सड़क आने वाले वर्षों में गांव की प्रगति और समृद्धि की नई पहचान बनेगी।2
- काठगढ़ मंदिर में 17 जून को लाइव आरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर के साथ 'जय भोलेनाथ' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष भी किया गया।1
- 15 जून, 2026 को आयोजित हुए कमरुनाग मेले की एक झलक सामने आई है, जिसमें भारी संख्या में भक्तजन पहुँचे। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने 'जय देव कमरुनाग जी' का जयघोष किया।1
- महाराष्ट्र के मुंबई से संबंध रखने वाले एक व्यक्ति, जो इन दिनों परिवार सहित मणिकर्ण घाटी के मतेउडां गांव में अस्थाई रूप से रह रहे हैं, उन्होंने गौ सेवा के पुनीत कार्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। यह व्यक्ति गौ सेवा रक्षक दल कुल्लू के अध्यक्ष शेरा नेगी के समाज सेवा के कार्यों को एक वीडियो के माध्यम से देख उनसे मिले। शेरा नेगी के प्रयासों से प्रेरित होकर, उन्होंने गौ सेवा में अपना सहयोग देते हुए ₹10,000 की नकद राशि दान की।1
- हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जिला परिषद चमनेड वार्ड से भाजपा प्रत्याशी हैप्पी उर्फ पहलवान का नामांकन पत्र पहले सरकारी संपत्ति पर कब्जे के आरोप के चलते सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम हमीरपुर ने रद्द कर दिया था। हालांकि, बाद में तहकीकात करने पर ये आरोप गलत पाए गए और हल्का पटवारी ने एसडीएम हमीरपुर के समक्ष एक रिपोर्ट पेश की, जिसके आधार पर हैप्पी उर्फ पहलवान का नामांकन बहाल हुआ और उन्होंने भारी मतों से चुनाव जीता। विधायक आशीष शर्मा के अनुसार, सच्चाई सामने लाने की यह बड़ी कीमत हल्का पटवारी को चुकानी पड़ी है। प्रदेश सरकार ने हल्का पटवारी का तबादला किन्नौर जिले के पूह क्षेत्र में कर दिया है, जिसकी उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की है। विधायक ने कहा कि यह देखना बाकी है कि आगामी समय में सरकार और किस-किस का तबादला करेगी, लेकिन बदले की भावना से किए जा रहे इस कार्य की वह कड़ी निंदा करते हैं। आशीष शर्मा ने दावा किया कि हमीरपुर जिले की सभी पांचों सीटों पर भाजपा का कब्जा होगा और हमीरपुर की जनता कांग्रेस सरकार को वोटों के माध्यम से करारा जवाब देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चाई का साथ देने वाले पटवारी को 'ईमानदारी का इनाम' मिला है, क्योंकि उनका तबादला हमीरपुर से पूह कर दिया गया है।1
- आज मंडी में भारी बारिश हुई, जिसके कारण सड़कें नदी-नालों जैसी दिखाई दीं और उन पर पानी भर गया।1