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काठगढ़ मंदिर में 17 जून को लाइव आरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर के साथ 'जय भोलेनाथ' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष भी किया गया।

8 hrs ago
user_इन्दौरा रिपोर्टर
इन्दौरा रिपोर्टर
Stationery Shop इंदोरा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
8 hrs ago

काठगढ़ मंदिर में 17 जून को लाइव आरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर के साथ 'जय भोलेनाथ' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष भी किया गया।

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  • काठगढ़ मंदिर में 17 जून को लाइव आरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर के साथ 'जय भोलेनाथ' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष भी किया गया।
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    काठगढ़ मंदिर में 17 जून को लाइव आरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर के साथ 'जय भोलेनाथ' और 'हर हर महादेव' का उद्घोष भी किया गया।
    user_इन्दौरा रिपोर्टर
    इन्दौरा रिपोर्टर
    Stationery Shop इंदोरा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • 17 जून बुधवार को ऊना जिले के अखबारों की प्रमुख सुर्खियां प्रकाशित हुईं। इन सुर्खियों में बंगाना, मैहतपुर और चिंतपूर्णी जैसे क्षेत्रों से जुड़ी खबरें शामिल थीं, साथ ही एक वीडियो के वायरल होने का मामला भी प्रमुखता से रहा।
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    17 जून बुधवार को ऊना जिले के अखबारों की प्रमुख सुर्खियां प्रकाशित हुईं। इन सुर्खियों में बंगाना, मैहतपुर और चिंतपूर्णी जैसे क्षेत्रों से जुड़ी खबरें शामिल थीं, साथ ही एक वीडियो के वायरल होने का मामला भी प्रमुखता से रहा।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • हमीरपुर से जारी एक बयान में, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय विधायक और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में नियमों की अनदेखी कर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और सड़क बनाई जा रही है, साथ ही सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया गया है। राजेंद्र राणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020-21 में विधायक प्राथमिकता के तहत 'पुआड़ से टिक्करी वाया दरली' सड़क को स्वीकृत करवाया था, जिसकी मूल स्वीकृत लंबाई 2 किलोमीटर 55 मीटर थी और इसके लिए नाबार्ड से लगभग ढाई करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक ने सड़क का प्रारंभिक बिंदु बदलकर इसे चिन्हित स्थल की बजाय किसी और जगह से शुरू करवा दिया, जिससे सड़क की वास्तविक लंबाई बढ़कर करीब 4 किलोमीटर हो गई। राणा ने कागजों में स्वीकृत लंबाई और धरातल पर निर्मित सड़क की लंबाई में बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि नाबार्ड की डीपीआर 2 किलोमीटर 55 मीटर की थी, तो सड़क 4 किलोमीटर कैसे बन गई और इसकी अनुमति किस स्तर पर ली गई। पूर्व विधायक ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि आर.के. शर्मा और उनके परिवार की लगभग 3 कनाल 4 मरले भूमि को बिना गिफ्ट डीड, बिना सहमति और बिना किसी मुआवजे के सड़क निर्माण में शामिल कर लिया गया, जिसे उन्होंने किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में लोग स्टे ले आए हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। राणा ने जोर दिया कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता और यदि भूमि की आवश्यकता है तो नियमानुसार सहमति और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। राणा ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सुजानपुर मंडल में कनिष्ठ अभियंता का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी परीक्षण किसके माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से इस बात की जांच बिठाने की मांग की कि अधिकारियों ने किसके दबाव में आकर ऐसी अनियमितता की और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया। राणा ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने दबाव में ऐसी अनियमितता की है, उनकी सैलरी से इसकी वसूली होनी चाहिए। राजेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है और प्रत्येक गांव व घर तक सड़क पहुंचना आवश्यक है, लेकिन विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ना और कानूनों को ताक पर रखना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने और जांच में किसी भी विधायक, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने प्रभावित किसानों की भूमि और सरकारी धन के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की। राणा ने विश्वास जताया कि सुजानपुर की जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंततः सत्य सामने आकर रहेगा, तथा सरकार निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।
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    हमीरपुर से जारी एक बयान में, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय विधायक और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राणा ने दावा किया कि राजनीतिक दबाव में नियमों की अनदेखी कर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और सड़क बनाई जा रही है, साथ ही सरकारी धन का भी दुरुपयोग किया गया है।

राजेंद्र राणा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020-21 में विधायक प्राथमिकता के तहत 'पुआड़ से टिक्करी वाया दरली' सड़क को स्वीकृत करवाया था, जिसकी मूल स्वीकृत लंबाई 2 किलोमीटर 55 मीटर थी और इसके लिए नाबार्ड से लगभग ढाई करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक ने सड़क का प्रारंभिक बिंदु बदलकर इसे चिन्हित स्थल की बजाय किसी और जगह से शुरू करवा दिया, जिससे सड़क की वास्तविक लंबाई बढ़कर करीब 4 किलोमीटर हो गई। राणा ने कागजों में स्वीकृत लंबाई और धरातल पर निर्मित सड़क की लंबाई में बड़े अंतर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया कि यदि नाबार्ड की डीपीआर 2 किलोमीटर 55 मीटर की थी, तो सड़क 4 किलोमीटर कैसे बन गई और इसकी अनुमति किस स्तर पर ली गई।

पूर्व विधायक ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि आर.के. शर्मा और उनके परिवार की लगभग 3 कनाल 4 मरले भूमि को बिना गिफ्ट डीड, बिना सहमति और बिना किसी मुआवजे के सड़क निर्माण में शामिल कर लिया गया, जिसे उन्होंने किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में लोग स्टे ले आए हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। राणा ने जोर दिया कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता और यदि भूमि की आवश्यकता है तो नियमानुसार सहमति और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

राणा ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि सुजानपुर मंडल में कनिष्ठ अभियंता का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी परीक्षण किसके माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से इस बात की जांच बिठाने की मांग की कि अधिकारियों ने किसके दबाव में आकर ऐसी अनियमितता की और सरकारी फंड का दुरुपयोग किया। राणा ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने दबाव में ऐसी अनियमितता की है, उनकी सैलरी से इसकी वसूली होनी चाहिए।

राजेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है और प्रत्येक गांव व घर तक सड़क पहुंचना आवश्यक है, लेकिन विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ना और कानूनों को ताक पर रखना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने और जांच में किसी भी विधायक, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने प्रभावित किसानों की भूमि और सरकारी धन के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की। राणा ने विश्वास जताया कि सुजानपुर की जनता सब कुछ देख रही है और लोकतंत्र में अंततः सत्य सामने आकर रहेगा, तथा सरकार निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।
    user_हमीरपुरी पत्रकार
    हमीरपुरी पत्रकार
    लम्बलू, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने घोषणा की है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के नाल्टी क्षेत्र की सात पंचायतों को नाबार्ड के माध्यम से 19 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जिसका उपयोग विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है, जिससे इन पंचायतों में विकास की नई राह खुलेगी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान, विधायक आशीष शर्मा ने आयुष एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा के बयानों पर भी पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में शॉल और टोपी पहनाना यहाँ की संस्कृति का अभिन्न अंग है। विधायक ने कहा कि यदि भाजपा जीते हुए प्रधानों को शॉल और टोपी भेंट कर रही है, तो यह उन्हें सम्मान देने का एक तरीका है। उन्होंने मंत्री के इस संबंध में दिए गए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आशीष शर्मा ने हमीरपुर जिला परिषद चुनावों के परिणामों का भी उल्लेख किया, जिसमें कुल 19 वार्डों में से भाजपा के 15 उम्मीदवारों ने शानदार जीत हासिल की है। इसके अतिरिक्त, तीन निर्दलीय विजेता भी भाजपा की विचारधारा का समर्थन करते हैं। वहीं, कांग्रेस को हमीरपुर जिला में केवल एक सीट पर ही संतोष करना पड़ा। विधायक शर्मा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में कांग्रेस की यह स्थिति है, तो प्रदेश के अन्य जिलों में उसकी क्या हालत होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
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    हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने घोषणा की है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के नाल्टी क्षेत्र की सात पंचायतों को नाबार्ड के माध्यम से 19 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, जिसका उपयोग विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है, जिससे इन पंचायतों में विकास की नई राह खुलेगी।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान, विधायक आशीष शर्मा ने आयुष एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा के बयानों पर भी पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में शॉल और टोपी पहनाना यहाँ की संस्कृति का अभिन्न अंग है। विधायक ने कहा कि यदि भाजपा जीते हुए प्रधानों को शॉल और टोपी भेंट कर रही है, तो यह उन्हें सम्मान देने का एक तरीका है। उन्होंने मंत्री के इस संबंध में दिए गए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

आशीष शर्मा ने हमीरपुर जिला परिषद चुनावों के परिणामों का भी उल्लेख किया, जिसमें कुल 19 वार्डों में से भाजपा के 15 उम्मीदवारों ने शानदार जीत हासिल की है। इसके अतिरिक्त, तीन निर्दलीय विजेता भी भाजपा की विचारधारा का समर्थन करते हैं। वहीं, कांग्रेस को हमीरपुर जिला में केवल एक सीट पर ही संतोष करना पड़ा। विधायक शर्मा ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में कांग्रेस की यह स्थिति है, तो प्रदेश के अन्य जिलों में उसकी क्या हालत होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बजरंगबली की जय हो के उद्घोष के साथ परम भक्ति और श्रद्धा का भाव व्यक्त किया गया।
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    बजरंगबली की जय हो के उद्घोष के साथ परम भक्ति और श्रद्धा का भाव व्यक्त किया गया।
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 min ago
  • जनजातीय क्षेत्र पांगी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ ग्राम पंचायत करयास के धनवास में स्थापित 1.2 मेगावाट क्षमता वाले सोलर बैटरी बैकअप पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन आरंभ हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने सोमवार से इस प्लांट का ट्रायल शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि यदि ट्रायल सफल रहता है, तो क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार, ट्रायल के पहले दिन प्लांट से लगभग 500 किलोवाट और मंगलवार को 700 किलोवाट बिजली आपूर्ति की गई। विद्युत बोर्ड आगामी एक सप्ताह तक प्लांट के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की गहनता से जांच करेगा। यदि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है, तो प्लांट को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। पांगी क्षेत्र के निवासी लंबे समय से बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे थे, क्योंकि वर्तमान में साच, घराट, किलाड़, पुर्थी और सुराल स्थित मिनी हाइडल परियोजनाओं से बिजली उत्पादन होता है, लेकिन यह उत्पादन मांग के अनुरूप न होने के कारण अक्सर कटौती करनी पड़ती थी। इस नई परियोजना से लोगों में बेहतर बिजली व्यवस्था की उम्मीद जगी है। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता शिव कुमार शर्मा के नेतृत्व में बोर्ड के कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और ठेकेदार की टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस परियोजना को तैयार किया है। विभाग का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड सुनील कुमार ने बताया कि धनवास सोलर पावर प्लांट में विद्युत उत्पादन का ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू हो गया है और वर्तमान में बैटरियों की चार्जिंग-डिस्चार्जिंग प्रक्रिया जारी है, जो एक दिन और चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय सौर ऊर्जा से बैटरियां चार्ज होंगी और साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा, जबकि शाम के समय बैटरियां बैकअप मोड में काम करेंगी। अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग सुरेश चंदेल ने जानकारी दी कि प्लांट को अभी ट्रायल आधार पर चलाया जा रहा है। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद आने वाले दिनों में इसे नियमित रूप से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण संचालन से पांगी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा बिजली कटौती की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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    जनजातीय क्षेत्र पांगी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ ग्राम पंचायत करयास के धनवास में स्थापित 1.2 मेगावाट क्षमता वाले सोलर बैटरी बैकअप पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन आरंभ हो गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने सोमवार से इस प्लांट का ट्रायल शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि यदि ट्रायल सफल रहता है, तो क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सकेगी।

जानकारी के अनुसार, ट्रायल के पहले दिन प्लांट से लगभग 500 किलोवाट और मंगलवार को 700 किलोवाट बिजली आपूर्ति की गई। विद्युत बोर्ड आगामी एक सप्ताह तक प्लांट के विभिन्न तकनीकी पहलुओं की गहनता से जांच करेगा। यदि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है, तो प्लांट को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। पांगी क्षेत्र के निवासी लंबे समय से बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे थे, क्योंकि वर्तमान में साच, घराट, किलाड़, पुर्थी और सुराल स्थित मिनी हाइडल परियोजनाओं से बिजली उत्पादन होता है, लेकिन यह उत्पादन मांग के अनुरूप न होने के कारण अक्सर कटौती करनी पड़ती थी। इस नई परियोजना से लोगों में बेहतर बिजली व्यवस्था की उम्मीद जगी है।

विद्युत विभाग के सहायक अभियंता शिव कुमार शर्मा के नेतृत्व में बोर्ड के कर्मचारियों, तकनीकी स्टाफ और ठेकेदार की टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस परियोजना को तैयार किया है। विभाग का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड सुनील कुमार ने बताया कि धनवास सोलर पावर प्लांट में विद्युत उत्पादन का ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू हो गया है और वर्तमान में बैटरियों की चार्जिंग-डिस्चार्जिंग प्रक्रिया जारी है, जो एक दिन और चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय सौर ऊर्जा से बैटरियां चार्ज होंगी और साथ ही बिजली उत्पादन भी होगा, जबकि शाम के समय बैटरियां बैकअप मोड में काम करेंगी।

अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग सुरेश चंदेल ने जानकारी दी कि प्लांट को अभी ट्रायल आधार पर चलाया जा रहा है। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद आने वाले दिनों में इसे नियमित रूप से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना के पूर्ण संचालन से पांगी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा बिजली कटौती की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    किताब की दुकान पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • जिला ऊना में वर्ष 2027 की जनगणना के प्रथम चरण का कार्य शुरू हो गया है।
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    जिला ऊना में वर्ष 2027 की जनगणना के प्रथम चरण का कार्य शुरू हो गया है।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • श्री हेमकुंड साहिब में हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ एक जातीय विवाद फिर से सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में ऐसी ही पिछली तनावपूर्ण स्थितियों की याद दिला दी है।
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    श्री हेमकुंड साहिब में हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ एक जातीय विवाद फिर से सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में ऐसी ही पिछली तनावपूर्ण स्थितियों की याद दिला दी है।
    user_Harpreet Singh
    Harpreet Singh
    News Anchor जम्मू पश्चिम, जम्मू, जम्मू और कश्मीर•
    10 hrs ago
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