हर साल 1 जुलाई को डॉ. बिधान चंद्र रॉय जयंती मनाई जाती है, जो एक महान चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बी.सी. रॉय की जन्म और पुण्यतिथि का प्रतीक है। भारत इस तिथि पर राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाकर उनके अविश्वसनीय जीवन और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करता है। डॉ. बी.सी. रॉय को एक प्रतिभाशाली चिकित्सक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण नेताओं का इलाज किया था। उनकी स्मृति में ही 1 जुलाई को भारत में सभी डॉक्टरों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित करने हेतु राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। उन्हें पश्चिम बंगाल के पहले मुख्यमंत्री के रूप में भी जाना जाता है, जिन्होंने राज्य के विभाजन के बाद आधुनिक पश्चिम बंगाल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी महान सार्वजनिक सेवाओं को देखते हुए, भारत ने उन्हें 1961 में अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया था।
हर साल 1 जुलाई को डॉ. बिधान चंद्र रॉय जयंती मनाई जाती है, जो एक महान चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बी.सी. रॉय की जन्म और पुण्यतिथि का प्रतीक है। भारत इस तिथि पर राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाकर उनके अविश्वसनीय जीवन और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करता है। डॉ. बी.सी. रॉय को एक प्रतिभाशाली चिकित्सक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण नेताओं का इलाज किया था। उनकी स्मृति में ही 1 जुलाई को भारत में सभी डॉक्टरों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित करने हेतु राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। उन्हें पश्चिम बंगाल के पहले मुख्यमंत्री के रूप में भी जाना जाता है, जिन्होंने राज्य के विभाजन के बाद आधुनिक पश्चिम बंगाल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी महान सार्वजनिक सेवाओं को देखते हुए, भारत ने उन्हें 1961 में अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया था।
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- उत्तराखण्ड के माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में, नैनीताल की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से बुधवार को आयुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुमाऊँ परिक्षेत्र के आईजी, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), परिवहन विभाग के अधिकारी और टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक अहम निर्णय लिया गया, जिसके तहत आगामी 1 अगस्त, 2026 से प्रसिद्ध मॉल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा। मंडलायुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि अनावश्यक हॉर्न से पर्यटकों के अनुभव पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नैनीताल की झील के चारों ओर यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए, तल्लीताल डांठ से हनुमानगढ़ी बैंड तक के क्षेत्र को 'नो-पार्किंग ज़ोन' घोषित कर दिया गया है। पुलिस विभाग को इस नई व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, मंडलायुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में नैनीताल की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में प्रमुख निर्णय लिया गया कि 1 अगस्त, 2026 से नैनीताल की मॉल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा, जिसके उल्लंघन पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। 1 जुलाई, 2026 को आयुक्त सभागार, नैनीताल में आयोजित इस बैठक में कुमाऊँ परिक्षेत्र के आईजी, जिलाधिकारी नैनीताल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, परिवहन विभाग के अधिकारी, टैक्सी यूनियन सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं हितधारक उपस्थित रहे। मंडलायुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि मॉल रोड नैनीताल की विशेष पहचान है, जहाँ पर्यटक शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं, और वाहनों के अनावश्यक हॉर्न से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण उनके अनुभव को प्रभावित करता है। इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शीघ्र ही आवश्यक आदेश जारी करेंगे, और इसके बारे में आमजन एवं पर्यटकों को जानकारी देने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नैनीताल झील के आसपास यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए तल्लीताल डांठ से हनुमानगढ़ी बैंड तक के क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन घोषित कर प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं। बैठक में परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए। इसके तहत, बिना वैध फिटनेस वाले किसी भी सरकारी अथवा निजी वाहन को सड़कों पर संचालित न होने दिया जाए; ऐसे वाहनों को तत्काल सीज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में एक विशेष अभियान निरंतर चलाया जाएगा। निजी वाहनों द्वारा व्यावसायिक टैक्सी संचालन को रोकने के लिए भी परिवहन एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाने और उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध चालान सहित वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, रूसी बाईपास को अधिक क्षमता वाली आधुनिक पार्किंग के रूप में विकसित करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई, जिसके लिए जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा निर्माण एजेंसी का चयन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराया जाएगा। इस प्रस्तावित पार्किंग में शौचालय, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, दुकानों और सीसीटीवी निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंडलायुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने सभी संबंधित विभागों को माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने और निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्यवाही करते हुए नैनीताल की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं पर्यटक-अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। बैठक में आई जी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्रा, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, आरटीओ गुरदेव सिंह, अरविंद पांडेय, अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा, दिग्विजय सिंह बिष्ट, वेद शाह, दीपक मटियाली, रमेश जोशी और अमर सिंह सहित अन्य अधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद थे।1
- रामपुर जिले की बिलासपुर तहसील के डोहरिया गांव में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित एक ओवरहेड पेयजल टैंक ग्रामीणों के लिए राहत का कारण बनने के बजाय केवल एक शोपीस बनकर रह गया है। जहां केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही हैं, वहीं डोहरिया के लोग आज भी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यह टैंक करीब चार वर्ष पहले बनाया गया था, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद सिर्फ एक-दो दिन ही इससे पेयजल की आपूर्ति हो पाई। इसके बाद पाइपलाइन में लीकेज और अन्य तकनीकी खामियों का हवाला देकर जलापूर्ति बंद कर दी गई, जो आज तक बहाल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायतें दीं और ग्राम प्रधान को भी अवगत कराया, लेकिन इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। गांव में टंकी के संचालन की प्रस्तावित तिथि दर्शाने वाला एक बोर्ड भी लगाया गया था, जिसे बाद में हटा दिया गया, यहां तक कि उस पर लिखी तारीख भी मिटा दी गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, ओवरहेड टैंक पूरी तरह से अनुपयोगी पड़ा है और ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जल्द से जल्द ओवरहेड टैंक को चालू कराकर गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।1
- चम्पावत में, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बुधवार, 01 जुलाई 2026 को जिला कार्यालय सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचे, साथ ही क्रियान्वयन में गुणवत्ता, जवाबदेही और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सके। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), एनआरएलएम, रीप परियोजना, अल्ट्रा पुअर योजना, सीएलएफ और अन्य ग्रामीण विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने ज्ञानसेतु कार्यक्रम, विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु निर्मित टैंकों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पशुबाड़ों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, जिससे योजनाओं का अधिकतम लाभ जनमानस तक पहुँच सके। 'मेरी गाँव–मेरी सड़क' योजना के अंतर्गत, जिलाधिकारी ने दूरस्थ गांवों की सड़क संपर्क सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्थापित ग्रोथ सेंटरों को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। जल संरक्षण हेतु संचालित चाल-खाल एवं खंती निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से सारा के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि इन प्रयासों का व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। इसके अतिरिक्त, कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत विकास कार्य संचालित हों और सभी जॉब कार्ड धारकों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए, जिसमें कृषि एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। समीक्षा बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं। साथ ही, प्रत्येक ग्राम सभा में नियमित बैठकें सुनिश्चित कर विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, परियोजना निदेशक अजय सिंह, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, सभी खंड विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।3
- चम्पावत में मानसून के मद्देनजर निरंतर कार्य जारी हैं, जिसके तहत सड़कों और नालियों की सफाई की जा रही है। यह कवायद मुख्य रूप से क्षेत्र में सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।1
- भारतीय सेना के असाधारण और बहादुर सैनिक वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अपनी अदम्य वीरता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के कई पैटन टैंकों को ध्वस्त कर दिया था। इस अद्वितीय साहस और बलिदान के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च वीरता सम्मान 'परमवीर चक्र' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया था। वीर अब्दुल हमीद का जन्म 1 जुलाई 1933 को उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले के धामूपुर गाँव में हुआ था। वे 1954 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 'ग्रेनेडियर्स' रेजिमेंट में शामिल हुए। सितंबर 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान, पाकिस्तान ने पंजाब के खेमकरण सेक्टर पर हमला किया। इस हमले में पाकिस्तान के पास अत्यधिक आधुनिक और शक्तिशाली 'पैटन' टैंक थे, जिन्हें उस समय लगभग अभेद्य माना जाता था। हालांकि, वीर अब्दुल हमीद ने अपनी छोटी सी जीप, जिस पर 106 मिमी की रिकोलेस (RCL) गन लगी थी, का उपयोग करते हुए दुश्मन का मुकाबला किया। उन्होंने अपनी जीप को चतुराई से गन्ने के खेतों में छिपाया और दुश्मन के टैंकों के करीब आने पर बेहद सटीक निशाना लगाकर पाकिस्तान के 7 या 8 टैंकों को एक के बाद एक नष्ट कर दिया। इसी भीषण लड़ाई में, 10 सितंबर 1965 को देश की सेवा करते हुए, दुश्मन का एक गोला उनकी जीप पर आ गिरा और वे शहीद हो गए।1
- चम्पावत जिले में जिलाधिकारी ने फर्नील ट्रेंचिंग ग्राउंड का दौरा किया। यह निरीक्षण लीगेसी वेस्ट यानी पुराने कचरे के समयबद्ध निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था।1
- चम्पावत जनपद के लोहाघाट में 01 जुलाई 2026 को पशु चिकित्सा एवं पशु संरक्षण को नई मजबूती देते हुए डॉ. एल. डी. भट्ट मेमोरियल वेटरनरी फाउंडेशन का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इसका उद्घाटन करते हुए इसे पशु कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल बताया। यह फाउंडेशन निष्काम एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रयासों और राज भट्ट के सहयोग से स्थापित किया गया है, जहाँ अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से पालतू, घायल, बीमार और बेसहारा (स्ट्रीट) पशुओं को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस अवसर पर कहा कि समाज और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय सहभागिता से पशु संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए जोर दिया कि यह पहल पशुओं के प्रति एक संवेदनशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फाउंडेशन का संचालन गिरीश चंद भट्ट, किशोर सिंह बिष्ट और अनीता बिष्ट द्वारा किया जाएगा, जबकि पशुओं के उपचार की मुख्य जिम्मेदारी डॉ. जतिन खर्कवाल संभालेंगे। संस्था के प्रतिनिधि किशोर सिंह बिष्ट ने बताया कि उनका एनजीओ पहले से ही एक एनिमल रेस्क्यू सेंटर चला रहा है, जो घायल और बेसहारा पशुओं का रेस्क्यू, उपचार और देखभाल करता है। भविष्य में इस पशु कल्याण अभियान को और भी व्यापक स्तर पर संचालित करने की योजना है, जिसे जनपद में पशु चिकित्सा सेवाओं और संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।1