न्याय के मंदिर से सड़क के 'संग्राम' तक: मनेन्द्रगढ़ में वकीलों की गुंडागर्दी, अब बार काउंसिल के पाले में गेंद। वकील, नेता और कर्मचारी का 'खूनी' गठजोड़: बीच सड़क पर सरेआम मॉब लिंचिंग, वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस मौन क्यों? मनेन्द्रगढ़ में 'रसूख' का बोल बाला : वकील और नेताओं ने मिलकर की बेरहमी से पिटाई, क्या बार काउंसिल रद्द करेगा लाइसेंस? मनेन्द्रगढ़ (MCB): जिला मुख्यालय में कानून और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक रसूखदार गुट द्वारा सरेआम 'मॉब लिंचिंग' जैसी घटना को अंजाम देने का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह वकील राजकुमार गुप्ता और आनंद अग्रवाल अपने साथियों—शासकीय कर्मचारी विवेक गुप्ता, दुकान संचालक अक्षत सोनी और भाजपा नेता अर्जुन सोनी उर्फ पोकन के साथ मिलकर एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। कानून के रखवाले बने भक्षक? सबसे बड़ा सवाल उन वकीलों पर खड़ा हो रहा है जिनका काम अदालत में न्याय दिलाना है, लेकिन वे स्वयं सड़क पर हिंसा करते नज़र आ रहे हैं। इस कृत्य ने जिला अधिवक्ता संघ और बार काउंसिल की छवि को धूमिल किया है। बार काउंसिल की संभावित कार्रवाई: कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, 'द एडवोकेट्स एक्ट, 1961' के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और स्टेट बार काउंसिल ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं: कदाचार (Professional Misconduct): यदि कोई वकील आपराधिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो बार काउंसिल उसे नोटिस जारी कर जवाब तलब करती है। लाइसेंस निलंबन: दोषी पाए जाने पर वकील का 'सनद' (Practice License) अस्थायी या स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। अनुशासनात्मक कार्रवाई: बार काउंसिल स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेकर मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर सकती है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल: इतने स्पष्ट साक्ष्य (वीडियो) होने के बावजूद अब तक FIR न होना प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्या सत्ता और रसूख के दबाव में पुलिस अपने हाथ बांधे खड़ी है?
न्याय के मंदिर से सड़क के 'संग्राम' तक: मनेन्द्रगढ़ में वकीलों की गुंडागर्दी, अब बार काउंसिल के पाले में गेंद। वकील, नेता और कर्मचारी का 'खूनी' गठजोड़: बीच सड़क पर सरेआम मॉब लिंचिंग, वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस मौन क्यों? मनेन्द्रगढ़ में 'रसूख' का बोल बाला : वकील और नेताओं ने मिलकर की बेरहमी से पिटाई, क्या बार काउंसिल रद्द करेगा लाइसेंस? मनेन्द्रगढ़ (MCB): जिला मुख्यालय में कानून और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक रसूखदार गुट द्वारा सरेआम 'मॉब लिंचिंग' जैसी घटना को अंजाम देने का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह वकील राजकुमार गुप्ता और आनंद अग्रवाल अपने साथियों—शासकीय कर्मचारी विवेक गुप्ता, दुकान संचालक अक्षत सोनी और भाजपा नेता अर्जुन सोनी उर्फ पोकन के साथ मिलकर एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। कानून के रखवाले बने भक्षक? सबसे बड़ा सवाल उन वकीलों पर खड़ा हो रहा है जिनका काम अदालत में न्याय दिलाना है, लेकिन वे स्वयं सड़क पर हिंसा करते नज़र आ रहे हैं। इस कृत्य ने जिला अधिवक्ता संघ और बार काउंसिल की छवि को धूमिल किया है। बार काउंसिल की संभावित कार्रवाई: कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, 'द एडवोकेट्स एक्ट, 1961' के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और स्टेट बार काउंसिल ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं: कदाचार (Professional Misconduct): यदि कोई वकील आपराधिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो बार काउंसिल उसे नोटिस जारी कर जवाब तलब करती है। लाइसेंस निलंबन: दोषी पाए जाने पर वकील का 'सनद' (Practice License) अस्थायी या स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। अनुशासनात्मक कार्रवाई: बार काउंसिल स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेकर मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर सकती है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल: इतने स्पष्ट साक्ष्य (वीडियो) होने के बावजूद अब तक FIR न होना प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्या सत्ता और रसूख के दबाव में पुलिस अपने हाथ बांधे खड़ी है?
- मनेन्द्रगढ़ में 'रसूख' का बोल बाला : वकील और नेताओं ने मिलकर की बेरहमी से पिटाई, क्या बार काउंसिल रद्द करेगा लाइसेंस? मनेन्द्रगढ़ (MCB): जिला मुख्यालय में कानून और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक रसूखदार गुट द्वारा सरेआम 'मॉब लिंचिंग' जैसी घटना को अंजाम देने का मामला गरमा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह वकील राजकुमार गुप्ता और आनंद अग्रवाल अपने साथियों—शासकीय कर्मचारी विवेक गुप्ता, दुकान संचालक अक्षत सोनी और भाजपा नेता अर्जुन सोनी उर्फ पोकन के साथ मिलकर एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं। कानून के रखवाले बने भक्षक? सबसे बड़ा सवाल उन वकीलों पर खड़ा हो रहा है जिनका काम अदालत में न्याय दिलाना है, लेकिन वे स्वयं सड़क पर हिंसा करते नज़र आ रहे हैं। इस कृत्य ने जिला अधिवक्ता संघ और बार काउंसिल की छवि को धूमिल किया है। बार काउंसिल की संभावित कार्रवाई: कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, 'द एडवोकेट्स एक्ट, 1961' के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और स्टेट बार काउंसिल ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं: कदाचार (Professional Misconduct): यदि कोई वकील आपराधिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो बार काउंसिल उसे नोटिस जारी कर जवाब तलब करती है। लाइसेंस निलंबन: दोषी पाए जाने पर वकील का 'सनद' (Practice License) अस्थायी या स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। अनुशासनात्मक कार्रवाई: बार काउंसिल स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेकर मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर सकती है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल: इतने स्पष्ट साक्ष्य (वीडियो) होने के बावजूद अब तक FIR न होना प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। क्या सत्ता और रसूख के दबाव में पुलिस अपने हाथ बांधे खड़ी है?1
- चिरमिरी हल्दीबाड़ी वार्ड क्रमांक 14 स्थिति SECL पानी टंकी की स्थिति जर्जर नहीं दे रहा विभाग ध्यान स्वास्थ के साथ खिलवाड़1
- प्रति निवेदन है कि आपसे मेरा राशन कार्ड पूना फिर से चालू करवा मेरी तबीयत खराब होने की कार केवाईसी नहीं कारण पाया मैं2
- अद्धभुत सांप है साथियो1
- Post by Manish Panndey1
- लोकेशन, सूरजपुर छत्तीसगढ़,, दिनांक, 14/03/2026, शिव नाथ बघेल मो.बा. 9977901194 एंकर - सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के ग्राम खैरा की एक आदिवासी नाबालिग बेटी के साथ बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार ग्राम ठाड़पाथर निवासी युवक शुभांश गुर्जर ने उसे भांग खिलाकर नशे की हालत में पहुंचा दिया,,,,, जिससे उसकी स्थिति बेहद खराब हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उस मासूम बच्ची की हालत कितनी दयनीय है,,,, जब कुछ जागरूक युवा उस आदिवासी बेटी के पक्ष में खड़े हुए, तो आरोपी ने उल्टा उन्हीं पर हमला कर दिया,,,, युवाओं ने आत्मरक्षा में जवाब दिया, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद आरोपी शुभांश गुर्जर आज भी खुलेआम घूम रहा है,,,, *आखिर क्यों नहीं हुई अब तक सख्त कार्रवाई?* किसके संरक्षण में यह आरोपी बेखौफ घूम रहा है,क्या आदिवासी बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी की नहीं है,,,, कांग्रेस नेता सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग है कि तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए,,,, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे,,, वही स्थानीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कहा कि भाजपा कि सरकार में आखिर हो क्या रहा है। गांजा, अफीम,शराब कि सरकार को आने वाले समय जनता मुंहतोड़ जवाब देगी,,,1
- घर से घसीट कर युवती का अपहरण, एक तरफा प्रेम में युवक ने दिया घटना को अंजाम, आरोपी धराएं1
- Post by Mahendra Shukla1