शासकीय महाविद्यालयों की दुर्दशा पर ABVP का प्रदेशव्यापी 'विद्यार्थी हुंकार अभियान' मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन शहडोल। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में व्याप्त मूलभूत सुविधाओं की कमी और जर्जर अधोसंरचना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने आज प्रदेशव्यापी 'विद्यार्थी हुंकार अभियान' के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में अभाविप कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में शहडोल जिले में भी सैकड़ों विद्यार्थियों ने शहर में मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। अभाविप द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के अधिकांश शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थी आज भी स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, व्यवस्थित कक्षाओं, पर्याप्त फर्नीचर, बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं, छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं, इंटरनेट, पार्किंग, सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना कर रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का तत्काल सर्वे कराए और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करे। जिन कार्यों के लिए बजट की आवश्यकता है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस अवसर पर अभाविप के विभाग संयोजक अमन त्रिपाठी ने कहा कि, "अत्यंत चिंताजनक विषय है कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कई शासकीय महाविद्यालय इस समय मूलभूत सुविधाओं के घोर अभाव और जर्जर अधोसंरचना से जूझ रहे हैं। अधिकांश महाविद्यालयों में बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है या गायब है, जिस कारण परिसर असामाजिक तत्वों का गढ़ बन रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण भोपाल के एम.वी.एम. महाविद्यालय में अभाविप द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान में बड़ी संख्या में मिली शराब की बोतलें हैं।" उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश महाविद्यालयों में विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल ठप पड़ी है, कैंटीन बंद है और पुस्तकालय पठन सामग्री के अभाव से जूझ रहे हैं। कई महाविद्यालयों में कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाओं में पर्याप्त संसाधनों एवं उपकरणों की कमी के कारण उनकी स्थिति दयनीय है। साथ ही विद्यार्थी सहायता केंद्र सक्रिय न होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के लिए घंटों परेशान होना पड़ता है। शहडोल जिले की स्थिति पर बोलते हुए जिला संयोजक अमन त्रिपाठी ने कहा कि गोहपारू महाविद्यालय एवं जैतपुर महाविद्यालय में महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग नहीं है, वहीं बाणसागर महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त भवन तक नहीं है। जिले के महाविद्यालयों में व्याप्त ऐसी तमाम अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थी परिषद ने आज उग्र आंदोलन किया है। अभाविप ने चेतावनी दी है कि यह विद्यार्थी हुंकार अभियान आज के इस प्रदर्शन से प्रारंभ हुआ है और आने वाले समय में मांगें पूरी होने तक विभिन्न रचनात्मक एवं आंदोलनात्मक माध्यमों से यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
शासकीय महाविद्यालयों की दुर्दशा पर ABVP का प्रदेशव्यापी 'विद्यार्थी हुंकार अभियान' मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन शहडोल। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में व्याप्त मूलभूत सुविधाओं की कमी और जर्जर अधोसंरचना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने आज प्रदेशव्यापी 'विद्यार्थी हुंकार अभियान' के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में अभाविप कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में शहडोल जिले में भी सैकड़ों विद्यार्थियों ने शहर में मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। अभाविप द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के अधिकांश शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थी आज भी स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, व्यवस्थित कक्षाओं, पर्याप्त फर्नीचर, बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं, छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं, इंटरनेट, पार्किंग, सुरक्षा
एवं प्राथमिक उपचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना कर रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का तत्काल सर्वे कराए और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करे। जिन कार्यों के लिए बजट की आवश्यकता है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस अवसर पर अभाविप के विभाग संयोजक अमन त्रिपाठी ने कहा कि, "अत्यंत चिंताजनक विषय है कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित कई शासकीय महाविद्यालय इस समय मूलभूत सुविधाओं के घोर अभाव और जर्जर अधोसंरचना से जूझ रहे हैं। अधिकांश महाविद्यालयों में बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है या गायब है, जिस कारण परिसर असामाजिक तत्वों का गढ़ बन रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण भोपाल के एम.वी.एम. महाविद्यालय में अभाविप द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान में बड़ी संख्या में मिली शराब की बोतलें हैं।" उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश महाविद्यालयों में विवेकानंद करियर
गाइडेंस सेल ठप पड़ी है, कैंटीन बंद है और पुस्तकालय पठन सामग्री के अभाव से जूझ रहे हैं। कई महाविद्यालयों में कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाओं में पर्याप्त संसाधनों एवं उपकरणों की कमी के कारण उनकी स्थिति दयनीय है। साथ ही विद्यार्थी सहायता केंद्र सक्रिय न होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के लिए घंटों परेशान होना पड़ता है। शहडोल जिले की स्थिति पर बोलते हुए जिला संयोजक अमन त्रिपाठी ने कहा कि गोहपारू महाविद्यालय एवं जैतपुर महाविद्यालय में महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग नहीं है, वहीं बाणसागर महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त भवन तक नहीं है। जिले के महाविद्यालयों में व्याप्त ऐसी तमाम अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थी परिषद ने आज उग्र आंदोलन किया है। अभाविप ने चेतावनी दी है कि यह विद्यार्थी हुंकार अभियान आज के इस प्रदर्शन से प्रारंभ हुआ है और आने वाले समय में मांगें पूरी होने तक विभिन्न रचनात्मक एवं आंदोलनात्मक माध्यमों से यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करें — कलेक्टर रत्नाकर झा अनूपपुर - खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की योजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक हुई आयोजित कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आज कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित योजनाओं तथा विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर श्री झा ने जिले में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता, सुगम वितरण व्यवस्था तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री झा ने जिले में स्थित गोदामों की भंडारण क्षमता, खाद्यान्न की उपलब्धता, उठाव एवं वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से प्रतिमाह किए जा रहे खाद्यान्न वितरण के साथ ही छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं मध्यान्ह भोजन योजना के लिए खाद्यान्न आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर श्री झा ने क्षेत्र में चावल की मांग, प्रचलन एवं वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुरूप शासन को शीघ्र मांग पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम एवं मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 20 निर्धारित सेक्टरों में वाहनों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक राशन पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्री झा ने राशन परिवहन व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के लिए निर्धारित रूट चार्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा वितरण कार्य में संलग्न वाहनों की जीपीएस आधारित सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि जिले में कुल 1 लाख 16 हजार 407 पात्र हितग्राहियों में से 81 हजार 595 हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने शेष 34 हजार 812 हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा ने पहुंच मार्ग की समस्या से परेशान उचित मूल्य दुकानों के सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा गोदामों का नियमित भौतिक निरीक्षण कर खाद्यान्न स्टॉक का सत्यापन करने के निर्देश भी दिए। बैठक में खरीफ एवं रबी उपार्जन तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज लंबित प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर श्री झा ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर बलवीर रमन सहितखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का जिलेभर में जोरदार प्रदर्शन, मोदी सरकार के खिलाफ लगाए नारे अनूपपुर। “जबसे भाजपा आई है, कमर तोड़ महंगाई है” जैसे नारों के साथ आज जिलेभर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के तत्वावधान में महंगाई के मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शक्कर, प्याज, पेट्रोल और गैस सिलेंडर समेत रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है और घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने सरकार से महंगाई पर तत्काल नियंत्रण करने और आम जनता को राहत देने की मांग की।1
- महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ABVP मुखर: उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 17 सूत्रीय ज्ञापन • पेयजल, सुरक्षा, ई-लाइब्रेरी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग • जिला संयोजक अमन त्रिपाठी बोले— विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर वातावरण मिलना जरूरी शहडोल। शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मूलभूत एवं शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव में हो रही परेशानियों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) शहडोल ने मोर्चा खोल दिया है। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है। एबीवीपी जिला संयोजक अमन त्रिपाठी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शासकीय महाविद्यालय उच्च शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास के प्रमुख केंद्र हैं, लेकिन वर्तमान में छात्र-छात्राएं मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए परिसर में सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण का होना अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन में शामिल प्रमुख 17 मांगें: शुद्ध पेयजल व्यवस्था: सभी प्रमुख स्थानों पर आरओ और वाटर कूलर की तत्काल मरम्मत कराकर पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था हो। शौचालय व स्वच्छता: छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग व डिस्पोजल मशीन की उपलब्धता। कक्षाओं का सुदृढ़ीकरण: पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, लाइट, खिड़कियां तथा खराब विद्युत उपकरणों की मरम्मत/बदलाव। पुस्तकालय व ई-लाइब्रेरी: प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, पर्याप्त बैठक व्यवस्था और ई-लाइब्रेरी की स्थापना। प्रयोगशाला उन्नयन: विषयवार आधुनिक उपकरण, सामग्री व सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना। खेल सुविधाएं: खेल मैदानों को व्यवस्थित कर खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना। हरित व स्वच्छ परिसर: नियमित साफ-सफाई, कूड़ेदान, प्लास्टिक-मुक्त परिसर और सघन पौधारोपण। विश्राम व्यवस्था: छात्रों के बैठने हेतु शेड व पर्याप्त बेंच का निर्माण। सुरक्षा व बाउंड्रीवॉल: सीसीटीवी कैमरे, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का निर्माण और असामाजिक तत्वों पर सख्त रोक। सुरक्षित पार्किंग: साइकिल और दोपहिया वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था। इंटरनेट व डिजिटल सुविधा: शैक्षणिक उपयोग हेतु परिसर में वाई-फाई (Wi-Fi) की सुविधा। दिव्यांगजन सुविधाएं: रैंप निर्माण एवं सुगम प्रवेश मार्ग की व्यवस्था। प्राथमिक उपचार (First Aid): प्राथमिक उपचार कक्ष व जरूरी दवाइयों की उपलब्धता। विद्यार्थी सहायता केंद्र: प्रवेश, छात्रवृत्ति व परीक्षा संबंधी समस्याओं के लिए जवाबदेह हेल्पडेस्क। छात्राओं हेतु कॉमन रूम: छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त कॉमन रूम की व्यवस्था। कैंटीन सुविधा: रियायती दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के लिए कैंटीन का संचालन। विवेकानंद करियर सेल: रोजगार व कौशल मार्गदर्शन देने वाली निष्क्रिय पड़ी करियर सेल को पूर्ण क्षमता से सक्रिय करना। त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान ले तथा जिन कार्यों के लिए बजट या उच्च स्तरीय स्वीकृति आवश्यक है, उनके प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजे जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों की इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो परिषद विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगी3
- कलश वंदन यात्रा का हुआ समापन संत रविदास महाराजजी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं ☑️संत रविदास जी महाराज समरसता संकल्प एवं कलश वंदन यात्रा का हुआ समापन ☑️संत रविदास जी की सोच और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं - विधायक शिवनारायण सिंह ☑️संत शिरोमणि रविदास जी महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं कलश वंदन यात्रा का गुरुवार को जिला मुख्यालय के प्रसिद्ध सागरेश्वर मंदिर में समापन एवं कलश स्थापना का कार्यक्रम किया गया। इस दौरान बांधवगढ़ क्षेत्र के विधायक शिवनारायण सिंह, मिथलेश पयासी, श्री आशुतोष अग्रवाल मुख्य रूप से मौजूद रहे। ☑️विधायक शिवनारायण सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर देशभर में चलाये जा रहे समरसता संकल्प अभियान सामाजिक एकता और समरसता का व्यापक संदेश दिया । संत रविदास जी के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यात्राएं और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विगत दो सप्ताह से यह कलश वंदन यात्रा जिले के गांव-गांव के भ्रमण की। जहां संत रविदास की सामाजिक समरसता वाली सोच और उनकी वाणी को आम लोगों तक पहुंचाने का काम किया गया है। ☑️श्री आशुतोष अग्रवाल ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संत रविदास की 650वीं जयंती को लेकर कलश यात्रा और अन्य कार्यक्रम गुरु पूर्णिमा यानी 29 जुलाई के दिन से प्रारंभ की गई और यह कार्यक्रम लगातार 30 जनवरी 2027 तक चलता रहेगा। इस दौरान संत रविदास के सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए गए कार्य उनके विचार और उनकी वाणी को जन-जन तक पहुंचाने की सोच प्रधानमंत्री की रही है। ☑️इस अवसर पर राकेश शर्मा, धनुषधारी सिंह, सुमित गौतम, राधेलाल कोल, शैलेंद्र सिंह, दिनेश पांडे, दिलीप प्रजापति, विष्णु भारती, रामाधार चौधर, नीतू सिंह पुष्पेंद्र सिंह रघुवंशी, शैलेंद्र कुमार द्विवेदी, पुष्पेंद्र सोनी, कपूरिया बाई, पार्षद सविता सोंधिया, मनीष सिंह,सुजीत सिंह भदोरिया, राकेश बारदुवंशी दीपक गुप्ता अमन बर्मन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- उमरिया जिले रक्षाबंधन से एक दिन पहले मिठाई दुकानों पर खाद्य विभाग छापा, 54 किलो संदिग्ध मिठाई जब्त,प्रतिष्ठान तीन दिन के लिए सील ! उमरिया जिले में रक्षाबंधन से पहले मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। बुधवार को खाद्य सुरक्षा और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में मिठाई दुकानों पर अचानक कार्रवाई की। गांधी चौक के पास स्थित शिवालय होटल में जांच के दौरान करीब 54 किलो संदिग्ध सिंथेटिक मिठाई मिलने से हड़कंप मच गया। विभाग ने मिठाई को जब्त कर नष्ट कराया और अनियमितताएं मिलने पर प्रतिष्ठान को तीन दिन के लिए सील कर दिया।एसडीएम अम्बिकेश प्रताप सिंह और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिवालय होटल के दुकान परिसर और गोदाम की जांच की। टीम को वहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध सिंथेटिक मिठाई मिली। खाद्य सामग्री के निर्माण और भंडारण में अनियमितताएं पाए जाने के बाद विभाग ने करीब 54 किलो मिठाई का विनिष्टीकरण कराया।कार्रवाई के बाद शिवालय मिष्ठान भंडार को तीन दिन के लिए सील कर दिया गया। त्योहार से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से शहर के अन्य मिठाई कारोबारियों में भी हलचल देखी गई। शिवालय होटल के बाद टीम संजय मार्केट स्थित राजा स्वीट्स पहुंची। यहां मिठाइयों और मेवों की जांच की गई तथा अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। विभाग की ओर से जांच के दौरान कुछ खाद्य सामग्री का विनिष्टीकरण भी कराया गया है। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि लिए गए नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। खाद्य निरीक्षक मंजू वर्मा ने बताया कि शिवालय होटल से 54 किलो संदिग्ध मिठाई नष्ट कराई गई है और प्रतिष्ठान को तीन दिन के लिए सील किया गया है। राजा स्वीट्स से लिए गए नमूनों को जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा।रक्षाबंधन के चलते बाजार में मिठाइयों की मांग बढ़ गई है। ऐसे में विभाग ने मिलावटी खोवा, सिंथेटिक मिठाई, नकली मेवे और अन्य अमानक खाद्य सामग्री की बिक्री पर नजर रखने के लिए जांच अभियान तेज किया है। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में शहर के अन्य मिठाई प्रतिष्ठानों और खाद्य दुकानों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि त्योहार की मिठास में मिलावट करने वालों पर इस बार कार्रवाई का शिकंजा कसने वाला है।3
- पंचायत मुदरिया में भ्रष्टाचार का आरोप चौकीदार को नियम विरूद्ध 8500सौभुगतान का खुलासा पंचायत मुदरिया में भ्रष्टाचार का आरोप, चौकीदार को नियम विरुद्ध 8500 रुपये भुगतान का खुलासा बिरसिंहपुर- पाली जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुदरिया में भ्रष्टाचार धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा ग्राम चौकीदार को प्रतिमाह 8500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जो कि शासन के नियमानुसार निर्धारित मानदेय से अधिक और नियम विरुद्ध बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम चौकीदार / कोटवार के मानदेय की राशि निर्धारित की गई है। लेकिन ग्राम पंचायत मुदरिया में इस नियम को दरकिनार कर मनमाने तरीके से अधिक राशि का भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह भुगतान सांठगांठ कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने की नीयत से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत में कई विकास कार्य कागजों पर ही हो रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। अब चौकीदार को अधिक वेतन देने का मामला सामने आने के बाद पंचायत के कार्यों पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक चौकीदार को 8500 रुपये दिए जा रहे हैं तो यह पैसा किस मद से दिया जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। इस संबंध में जब ग्रामीणों से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि पंचायत में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन और 15वें वित्त आयोग की राशि का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है। वहीं इस मामले में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत मुदरिया के पिछले तीन वर्षों के आय-व्यय और भुगतान रजिस्टर की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सरपंच-सचिव के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए ताकि शासकीय धन का दुरुपयोग रोका जा सके। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर जनपद पंचायत और जिला पंचायत के अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।2
- RAW AGENT की शादी कैसे होती है इसका सच इस बात का परदा उठा।1
- थाना जैतहरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई 96 मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर रखने और कटने हेतु बाहर भेजने की तैयारी का खुलासा, 04 प्रकरण दर्ज अनूपपुर जैतहरी। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम लपटा चौधरी टोला में विभिन्न लोगों के बाड़ों में बड़ी संख्या में भैंस एवं पड़ों को बिना चारा-पानी की व्यवस्था के क्रूरता पूर्वक रस्सियों से गर्दन, सींग एवं पैरों को बांधकर रखा गया है तथा उन्हें वाहनों के माध्यम से बाहर ले जाकर कटने हेतु भेजने की तैयारी की जा रही है। मुखबिर की सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में पुलिस लाइन अनूपपुर, थाना जैतहरी एवं पुलिस सहायता केन्द्र वेंकटनगर के बल की 04 टीमों का गठन कर ग्राम लपटा में दबिश एवं जांच की कार्यवाही की गई। चार अलग-अलग स्थानों से 96 मवेशी बरामद पहली टीम द्वारा संजय चौधरी निवासी लपटा के बाड़े की जांच की गई, जहां 12 भैंस एवं 02 भैंसा (पड़ा), कुल 14 मवेशी क्रूरता पूर्वक बांधकर रखे मिले। मौके पर एक महिन्द्रा पिकअप वाहन क्रमांक MP-18-ZF-8176 भी मिला, जिसमें मवेशियों को लोड करने की तैयारी की जा रही थी। एक व्यक्ति को मवेशी को डंडे से मारकर वाहन में चढ़ाने का प्रयास करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अतुल कुमार पिता लेखनलाल चौधरी, उम्र 20 वर्ष, निवासी लपटा बताया तथा मवेशियों को फिरोज उर्फ सोनू एवं कादिर अफजल का होना बताया। दूसरी टीम द्वारा मोहित चौधरी के बाड़े की जांच में 09 भैंसा (पड़ा) एवं 18 भैंस, कुल 27 मवेशी रस्सियों से क्रूरता पूर्वक बंधे मिले। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम तीर्थशयन सिंह पिता दुर्गा सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी पड़ौर थाना भालूमाड़ा बताया तथा मवेशियों को लोड करने हेतु वाहन का इंतजार करना बताया। तीसरी टीम द्वारा दादूराम चौधरी निवासी लपटा के बाड़े की जांच में 14 भैंसा (पड़ा) एवं 06 भैंस, कुल 20 मवेशी क्रूरता पूर्वक बंधे मिले। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम संजय गुप्ता पिता हीरालाल गुप्ता, उम्र 28 वर्ष, निवासी पड़ौर थाना भालूमाड़ा बताया तथा मवेशियों को लोड करने हेतु वाहन का इंतजार करना बताया। चौथी टीम द्वारा उदल चौधरी के बाड़े की जांच में 20 भैंस एवं 15 भैंसा (पड़ा), कुल 35 मवेशी क्रूरता पूर्वक बंधे मिले। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम काशीराम पिता दादूराम चौधरी, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम लपटा चौधरी मोहल्ला बताया तथा मवेशियों को बाहर भेजने के लिए वाहन का इंतजार करना बताया। इस प्रकार चारों स्थानों से कुल 96 मवेशी बरामद किए गए। मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था नहीं थी तथा उन्हें कीचड़ में क्रूरता पूर्वक बांधकर रखा गया था। पुलिस द्वारा मवेशियों को विधिवत जप्त कर ग्राम लपटा गौशाला में सुरक्षार्थ रखवाया गया तथा उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मौके से जप्त पिकअप वाहन को थाना परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया। प्रकरण में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर रखने एवं चारा-पानी की उचित व्यवस्था नहीं करने के संबंध में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ), (ङ) तथा मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कुल 04 पृथक-पृथक प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए हैं।1