मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि कॉपी जांच प्रक्रिया में गड़बड़ी है, जहाँ कभी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग की बात सामने आती है, तो कभी मूल्यांकन में इतना बड़ा अंतर देखा जाता है कि कुछ छात्रों के अंक अपेक्षा से बहुत कम और कुछ के बहुत अधिक आ जाते हैं। छात्रों का दावा है कि इस स्थिति का सीधा असर उनकी उच्च शिक्षा में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदर्शन और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है। इसी धरने के दौरान, विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर छात्रों को समझाने पहुँचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। छात्रों का आरोप है कि प्रोफेसर ने उन्हें बार-बार यह कहकर धरना समाप्त करने को कहा कि वे हर बार विश्वविद्यालय का माहौल खराब करते हैं। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और उनके भविष्य को प्रभावित करने की चेतावनी भी दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहा। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय का माहौल खराब करना नहीं, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है। उनकी मांग है कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में किसी तकनीक या अन्य व्यवस्था का प्रयोग किया जा रहा है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष समाधान किया जाए। फिलहाल, यह मामला छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद के अभाव का प्रतीक लग रहा है, जहाँ छात्र अपनी मांगों का समाधान मिलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि कॉपी जांच प्रक्रिया में गड़बड़ी है, जहाँ कभी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग की बात सामने आती है, तो कभी मूल्यांकन में इतना बड़ा अंतर देखा जाता है कि कुछ छात्रों के अंक अपेक्षा से बहुत कम और कुछ के बहुत अधिक आ जाते हैं। छात्रों का दावा है कि इस स्थिति का सीधा असर उनकी उच्च शिक्षा में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदर्शन और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है। इसी धरने के दौरान, विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर छात्रों को समझाने पहुँचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। छात्रों का आरोप है कि प्रोफेसर ने उन्हें बार-बार यह कहकर धरना समाप्त करने को कहा कि वे हर बार विश्वविद्यालय का माहौल खराब करते हैं। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और उनके भविष्य को प्रभावित करने की चेतावनी भी दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहा। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय का माहौल खराब करना नहीं, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है। उनकी मांग है कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में किसी तकनीक या अन्य व्यवस्था का प्रयोग किया जा रहा है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष समाधान किया जाए। फिलहाल, यह मामला छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद के अभाव का प्रतीक लग रहा है, जहाँ छात्र अपनी मांगों का समाधान मिलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- चंद्रशेखर आजाद ने एक खुला चैलेंज दिया है, जिसमें उन्होंने लोगों से अपनी लाठी को तेल लगाकर तैयार रखने का आह्वान किया है।1
- मेरठ में कल ललित गौतम हत्याकांड की सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर सड़कों पर भारी भीड़ जमा थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ललित गौतम इस मामले में एक बीए की छात्रा थी। सुनवाई के बीच, सड़क पर एक व्यक्ति भीड़ को बयानबाजी कर भड़काने का प्रयास कर रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उस व्यक्ति को भीड़ को उकसाते हुए देखा, जिससे माहौल बिगड़ने की पूरी संभावना थी। एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर बंदी वाहन में डाल दिया। बताया गया है कि वह व्यक्ति नोएडा का रहने वाला था और दलित समाज से संबंधित था, तथा दलित समाज को भड़काकर स्थिति बिगाड़ने के भरसक प्रयास में लगा हुआ था। बंदी वाहन में बैठने के बाद भी जब वह व्यक्ति लगातार शोर मचा रहा था, तो एसएसपी अविनाश पांडे ने उसे थप्पड़ जड़े। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि अन्यथा सड़कों पर बड़े पैमाने पर बवाल होने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी।1
- जनपद हापुड़ में समय पर हुई बरसात किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जिससे खेतों में बारिश होने पर वे बेहद खुश नजर आ रहे हैं। किसान ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इस बारिश से किसी भी फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि धान और गन्ने सहित लगभग सभी फसलों को इसका फायदा पहुंचा है। उन्होंने आगे कहा कि इस बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दिलाने के साथ-साथ फसलों को पर्याप्त पानी भी उपलब्ध कराया है, जिससे क्षेत्र के किसान संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। हालांकि, ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार, अधिक पानी भरने की स्थिति में भिलिया की फसल को संभावित नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद, फिलहाल अधिकांश किसान इस समय पर हुई बारिश से खुशहाली और संतोष महसूस कर रहे हैं, जिसने उनके चेहरे पर रौनक ला दी है।1
- मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि कॉपी जांच प्रक्रिया में गड़बड़ी है, जहाँ कभी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग की बात सामने आती है, तो कभी मूल्यांकन में इतना बड़ा अंतर देखा जाता है कि कुछ छात्रों के अंक अपेक्षा से बहुत कम और कुछ के बहुत अधिक आ जाते हैं। छात्रों का दावा है कि इस स्थिति का सीधा असर उनकी उच्च शिक्षा में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदर्शन और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है। इसी धरने के दौरान, विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर छात्रों को समझाने पहुँचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। छात्रों का आरोप है कि प्रोफेसर ने उन्हें बार-बार यह कहकर धरना समाप्त करने को कहा कि वे हर बार विश्वविद्यालय का माहौल खराब करते हैं। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और उनके भविष्य को प्रभावित करने की चेतावनी भी दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहा। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय का माहौल खराब करना नहीं, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है। उनकी मांग है कि यदि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में किसी तकनीक या अन्य व्यवस्था का प्रयोग किया जा रहा है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष समाधान किया जाए। फिलहाल, यह मामला छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद के अभाव का प्रतीक लग रहा है, जहाँ छात्र अपनी मांगों का समाधान मिलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं और बधाई दी हैं। उन्होंने 'मेरा नहीं, हमारा' विकसित भारत राष्ट्र के संकल्प को सराहा, जो विश्व पटल पर हिन्दुत्व अखंड भारत धर्म संत के रूप में आगे बढ़ रहा है। वशिष्ठ ने प्रधानमंत्री मोदी को 'गौरवान्वित इतिहास का सिंहावलोकन पृष्ठ' बताते हुए देश को उनकी अगुवाई में मिली उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एसएसपी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद, ललिता हत्याकांड में प्रदर्शन कर रहे एक युवक ने, जिसने खुद को वकील बताया, पुलिस की गाड़ी में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे बचा लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है।1