पटेरा थाना परिसर में आगामी बकरा ईद पर्व के संबंध में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पटेरा के तहसीलदार उमेश तिवारी और थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर की मौजूदगी रही, साथ ही नगर पालिका एवं राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाना, तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी ने ईद त्योहार से संबंधित चर्चा के अतिरिक्त, भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या पर भी नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ बिंदुवार बातचीत की। बैठक के दौरान, प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने और शासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर ने चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पटेरा थाना परिसर में आगामी बकरा ईद पर्व के संबंध में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पटेरा के तहसीलदार उमेश तिवारी और थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर की मौजूदगी रही, साथ ही नगर पालिका एवं राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाना, तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी ने ईद त्योहार से
संबंधित चर्चा के अतिरिक्त, भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या पर भी नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ बिंदुवार बातचीत की। बैठक के दौरान, प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने और शासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर ने चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- नौतपा के पहले ही दिन उमरियापान क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। भीषण गर्मी के बीच धूल भरी आंधी और बारिश ने दस्तक दी, जिससे चिलचिलाती धूप से कुछ राहत मिली। कल सोमवार शाम करीब 4 बजे आए इस अचानक बदलाव के बीच आंधी-तूफान के कारण उमरियापान से ढीमरखेड़ा सड़क पर बम्हनी में एक विशालकाय पुराना आम का पेड़ सड़क पर गिर गया। इसके चलते सड़क पर लगभग 3 घंटे तक आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, कई वाहन चालकों ने अन्य दूसरे रास्तों से होकर अपना आवागमन तय किया। आम के पेड़ गिरने की खबर मिलने पर बम्हनी सहित आसपास के गांवों से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान कुछ लोग आम बीनने में व्यस्त दिखे, तो कुछ पेड़ की टहनियों को जलाऊ लकड़ी के रूप में इस्तेमाल करने के लिए काटने में जुटे रहे। वहीं, कुछ पशुपालक अपने पशुओं के चारे के लिए पत्तियां भी समेटने में लगे रहे। आंधी-तूफान से क्षेत्र में कई घरों के टीन के छप्पर उड़ गए और कई घरौंदों में लगे पन्नी व तिरपाल तहस-नहस होकर फट गए, जिन्हें ग्रामीण दोबारा व्यवस्थित करने के लिए मशक्कत करते नजर आए। साथ ही, गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसान अपनी उपज को बारिश से बचाने के लिए भी जद्दोजहद करते रहे।1
- कटनी जिले की बिलहरी चौकी पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रहलाद पटेल उर्फ पला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, ग्राम बडखेरा निवासी एक फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खेत से घर लौटते समय प्रहलाद पटेल उर्फ पला ने गाली-गलौज करते हुए उस पर छुरे से हमला किया। इस हमले में बचाव के दौरान फरियादी की जांघ में चोट आई थी। घटना के दौरान राजेंद्र और संदीप पटेल ने बीच-बचाव कर फरियादी की जान बचाई, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया था। बिलहरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और देर रात ग्राम बडखेरा के जंगल में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया छुरा भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डहेरिया, नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया और थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी सुयश पाण्डेय और पुलिस स्टाफ द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई।1
- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में राम भगत सोनी और धुराम चौधरी को जिला कांग्रेस कमेटी में स्थान मिला है। इस नियुक्ति के बाद से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
- कटनी शहर के प्रसिद्ध अंजुमन स्कूल परिसर में इन दिनों एक भव्य मनोरंजन मेला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सरकारी अस्पताल के पास स्थित इस स्कूल में आयोजित इस मेले में बच्चों, युवाओं और परिवारों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मेले में विभिन्न प्रकार के झूले, खेलकूद, स्वादिष्ट खान-पान की दुकानें और आकर्षक प्रदर्शनियाँ लोगों के मनोरंजन का मुख्य स्रोत बनी हुई हैं। बच्चों के लिए ड्रैगन ट्रेन, ब्रेक डांस झूला, नाव झूला जैसी विशेष मनोरंजक गतिविधियाँ लगाई गई हैं, जिनका वे खूब आनंद ले रहे हैं। वहीं, महिलाओं और युवाओं के लिए घरेलू उपयोग की वस्तुओं, सजावटी सामान, कपड़ों और खिलौनों की दुकानों पर भी अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग इस मेले का लुत्फ उठाने पहुँच रहे हैं। आयोजकों ने मेले में सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा है। शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी और संगीत से पूरा परिसर एक अलग ही छटा बिखेरता है। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकार के आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि ये बच्चों और परिवारों को मनोरंजन का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे शहर में उत्साह का माहौल बनता है। यह मेला आगामी दिनों तक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहेगा।1
- मध्य प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच जैन समाज का गुस्सा भी चरम पर है। रीवा में एक जैन साध्वी की कथित तौर पर रोड एक्सीडेंट के बहाने की गई हत्या के मामले को लेकर पूरे राज्य में जैन समाज द्वारा जगह-जगह धरना-प्रदर्शन और रैलियां निकाली जा रही हैं। समाज के लोग इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में, बीते 4 सितंबर को कटनी जिले में भी एक विशाल रैली निकालकर घटना का विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसे क्षेत्र के विधायक संदीप जायसवाल ने लिया। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मौजूद थे। विधायक संदीप जायसवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जैन समाज की आवाज भोपाल में यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पहुंचाई जाएगी। कटनी जिले में सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले जैन समाज ने आक्रोश में यह जुलूस निकालकर अपना ज्ञापन दिया।1
- मैहर के सिविल अस्पताल में शराब के नशे में धुत एक युवक ने जमकर हंगामा किया, जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल का माहौल बिगड़ गया। हालांकि, डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों ने स्थिति को संयम और जिम्मेदारी के साथ संभाला, मरीजों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नशे की हालत में अस्पताल पहुंचे युवक ने डॉक्टरों सहित नर्सिंग स्टाफ के साथ लगातार गाली-गलौज और अभद्रता की। अस्पताल कर्मचारियों ने उसे शांत करने और नशा उतरने के बाद आने की समझाइश देने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार विवाद करता रहा। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अपनी पेशेवर जिम्मेदारी का परिचय देते हुए न केवल हंगामे को नियंत्रित किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो। इस घटना के बाद अस्पताल कर्मियों के समर्थन में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। नागरिकों का कहना है कि दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ऐसी अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अस्पताल स्टाफ द्वारा शराबी युवक के हंगामे का शालीनता और साहस के साथ जवाब देने की सराहना की है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने की मांग भी उठाई है।1
- कटनी के निमिहा मोहल्ला स्थित श्री आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदिर, विंध्याचल धाम में ज्येष्ठ स्नानदान पूर्णिमा के पावन अवसर पर माँ विंध्यवासिनी की भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। यह महाआरती 31 मई 2026, रविवार को रात्रि 7:30 बजे से शुरू होगी। मंदिर प्रबंधन ने सभी श्रद्धालु भक्तों को अपने इष्ट मित्रों और परिवार सहित इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहने के लिए सादर आमंत्रित किया है। इस दिव्य महाआरती के दौरान भक्ति संगीत, दीप प्रज्वलन और माँ के जयकारों से संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा, जिससे उपस्थित भक्त पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे। श्रद्धालुओं से माँ के अलौकिक एवं मनमोहक स्वरूप के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाने तथा माँ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया गया है। मंदिर का कहना है कि जो भी श्रद्धा भाव से माँ के दरबार में आता है, माँ विंध्यवासिनी उसकी हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।4
- छतरपुर से सामने आए एक वीडियो के माध्यम से शासन-प्रशासन और शिक्षा विभाग के बदहाल स्तर पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह वीडियो छतरपुर में सरकारी स्कूलों की शिक्षा के गिरे हुए स्तर की पोल खोलता है, जहाँ स्थानीय नेतृत्व की उदासीनता को लेकर तीखी आलोचना की गई है। वीडियो में नेताओं और सरपंचों पर कटाक्ष किया गया है कि वे केवल चुनाव के समय ही नज़र आते हैं। इस पर सवाल उठाया गया है कि अपने गाँव और शहर का ध्यान क्या 'कॉकरोच' रखेंगे, जो स्थानीय नेतृत्व की अनुपस्थिति और निष्क्रियता को दर्शाता है। जनता ने इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की है, ताकि मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं इस स्थिति को देख सकें और यह सच्चाई किसी 'बीच के चमचे' यानी बिचौलिए द्वारा रोकी न जा सके।1
- कटनी शहर में सड़क पर दबंगई और शराब के नशे में वाहन चलाने वालों की गुंडागर्दी का एक और मामला सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग फूड डिलीवरी बॉय को निशाना बनाया गया। देर रात अपने परिवार का पेट पालने के लिए काम कर रहे संदीप रजक नामक इस पीड़ित युवक से एक शराबी ऑटो चालक ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विवाद गाली-गलौज और मारपीट में बदल गया। आरोप है कि ऑटो चालक ने युवक का मोबाइल भी छीन लिया और तेज रफ्तार में वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना से सहमे युवक ने तत्काल रंगनाथ थाना के पुलिसकर्मी अजय तिवारी को फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही रंगनाथ थाना पुलिस सक्रिय हो गई और रात करीब 11:30 बजे शिकायत दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पीड़ित संदीप रजक ने मीडिया को बताया कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है, लेकिन उसे कई बार सड़क पर ऑटो चालकों की बदसलूकी का सामना करना पड़ता है; इस बार उसके साथ खुलेआम मारपीट की गई। उसने कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा और रंगनाथ थाना पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया। रंगनाथ थाना पुलिस ने तेजी दिखाते हुए फरार ऑटो चालक को कुछ ही समय में गिरफ्तार कर लिया, जिसकी शहरभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने मेहनतकश और दिव्यांग लोगों के साथ बदसलूकी करने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। इस घटना के बाद शहर में ऑटो चालकों की मनमानी और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग उठने लगी है, ताकि आम नागरिकों, विशेषकर दिव्यांग और कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।2