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झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना
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झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना
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- झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना1
- झाँसी छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों ने स्वच्छता वीरों को बाँधी राखी झाँसी । सर्वहित सर्वोपरि जनकल्याणकारी संस्थान ने राज्य मिशन निदेशालय और नगर निगम झाँसी के निर्देशानुसार सीपरी बाजार क्षेत्र स्थित सनातन कन्या इण्टर कॉलेज में *"बन्धन स्वच्छता का"* अभियान के अन्तर्गत छात्राओं और महिला पुलिसकर्मी बहनों ने हमारे सामाजिक स्वच्छता हीरो भाइयों को तिलक चन्दन कर राखी बाँधी और मिष्ठान खिलाया। . बहुत ही भावनात्मक वातावरण में छात्राओं और पुलिसकर्मी बहनों ने स्वच्छता कर्मी भाइयों के प्रति स्नेह और सम्मान प्रकट करते हुए उनका सम्मान किया और स्वच्छता कर्मी भाइयों ने बहनों के पैर छूकर उन्हें उपहार दिए ! राज्य मिशन निदेशालय से आए मण्डलीय कार्यक्रम अधिकारी अमित पाण्डेय ने निजी स्वच्छता और सार्वजनिक स्वच्छता पर व्याख्यान दिया और नगर निगम झाँसी से आए डेटा एनालिस्ट देवेश सविता ने कचरा प्रथक्करण निस्तारण एवं प्रबन्धन हेतु छात्राओं को जागरूक किया । संस्थान अध्यक्ष संजय राष्ट्रवादी ने संचालन करते हुए स्वच्छता कर्मियों के अथक परिश्रम को सराहा । अन्त में उपस्थित छात्र छात्राओं शिक्षकों ने प्राचार्या श्रीमती पूनम शर्मा जी के साथ स्वच्छता संकल्प लिया ! सुनील रायकवार ने आभार व्यक्त किया ।1
- झाँसी मऊरानीपुर में सुखनई नदी के टापू पर फंसे चार मछुआरे, रेस्क्यू के लिए आर्मी-एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई, वीडियो वायरल झाँसी मऊरानीपुर में सुखनई नदी के टापू पर फंसे चार मछुआरे, रेस्क्यू के लिए आर्मी-एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई, वीडियो वायरल झाँसी। मऊरानीपुर की सुखनई नदी में अचानक तेज बहाव आने से मछली पकड़ने गए चार मछुआरे नदी के बीच बने टापू पर फंस गए। पानी का बहाव तेज होने के कारण चारों मछुआरे टापू से बाहर नहीं निकल सके। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। बताया जा रहा है कि चारों मछुआरे सुखनई नदी में मछली पकड़ने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और पानी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते चारों तरफ पानी भर गया और मछुआरे नदी के बीच टापू पर फंस गए। मछुआरों के फंसे होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम मऊरानीपुर मनोज भारती की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारियां शुरू की गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बचाव कार्य के लिए आर्मी और एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें नदी के तेज बहाव के बीच टापू पर फंसे मछुआरे नजर आ रहे हैं। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और चारों मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, झाँसी डीएम गौरांग राठी ने नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए लोगों से नदी, टापू और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। बाइट : मनोज भारती, एसडीएम मऊरानीपुर3
- बारहवीं शरीफ पर कौमी एकता की मिसाल, डॉ. संदीप सरावगी का जगह-जगह हुआ स्वागत झाँसी। बारहवीं शरीफ के अवसर पर पुलिया नंबर-9, झांसी में शेर-ए-हिंद कमेटी, कौमी एकता कमेटी, जामा मस्जिद कमेटी एवं हजरत दादा मियां कमेटी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संदीप सरावगी शामिल हुए। इस दौरान कौमी एकता कमेटी सहित जामा मस्जिद कमेटी और हजरत दादा मियां पुलिया नंबर-9 पंचदंत कमेटी द्वारा उनका जगह-जगह स्वागत किया गया। डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि बारहवीं शरीफ हमें इंसानियत, भाईचारे, प्रेम और आपसी सौहार्द का संदेश देती है। धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत सबसे बड़ी है। हमें मिल-जुलकर समाज और देश की मजबूती के लिए काम करना चाहिए। कौमी एकता कमेटी की ओर से मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद जमील, मोहम्मद अंसार और सादिक इलाहाबादी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जामा मस्जिद कमेटी की ओर से मोहम्मद खालिद, सोहिल खान, जाविद अली, अब्दुल इब्राहिम, जावेद, शाहरुख खान, मोहम्मद फरदीन, वाजिद अली, रजा अहमद, मोहम्मद शारुक, मोहम्मद ईशान, अनवर, अफसर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। वहीं हजरत दादा मियां पुलिया नंबर-9 पंचदंत कमेटी की ओर से कोषाध्यक्ष असलम, अध्यक्ष अदनान, सोनू, साबिर अली आदि ने डॉ. संदीप सरावगी का स्वागत किया। कार्यक्रम में आपसी भाईचारे और कौमी एकता का संदेश दिया गया।4
- झांसी : रानीपुर में सुखनई नदी का चैकडेम पार कर रही दो गायें बही, आखिर में बच गई जान। #jhansi1
- बारहवीं शरीफ पर कौमी एकता की मिसाल, डॉ. संदीप सरावगी का जगह-जगह हुआ स्वागत झाँसी। बारहवीं शरीफ के अवसर पर पुलिया नंबर-9, झांसी में शेर-ए-हिंद कमेटी, कौमी एकता कमेटी, जामा मस्जिद कमेटी एवं हजरत दादा मियां कमेटी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संदीप सरावगी शामिल हुए। इस दौरान कौमी एकता कमेटी सहित जामा मस्जिद कमेटी और हजरत दादा मियां पुलिया नंबर-9 पंचदंत कमेटी द्वारा उनका जगह-जगह स्वागत किया गया। डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि बारहवीं शरीफ हमें इंसानियत, भाईचारे, प्रेम और आपसी सौहार्द का संदेश देती है। धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत सबसे बड़ी है। हमें मिल-जुलकर समाज और देश की मजबूती के लिए काम करना चाहिए। कौमी एकता कमेटी की ओर से मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद जमील, मोहम्मद अंसार और सादिक इलाहाबादी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जामा मस्जिद कमेटी की ओर से मोहम्मद खालिद, सोहिल खान, जाविद अली, अब्दुल इब्राहिम, जावेद, शाहरुख खान, मोहम्मद फरदीन, वाजिद अली, रजा अहमद, मोहम्मद शारुक, मोहम्मद ईशान, अनवर, अफसर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। वहीं हजरत दादा मियां पुलिया नंबर-9 पंचदंत कमेटी की ओर से कोषाध्यक्ष असलम, अध्यक्ष अदनान, सोनू, साबिर अली आदि ने डॉ. संदीप सरावगी का स्वागत किया। कार्यक्रम में आपसी भाईचारे और कौमी एकता का संदेश दिया गया।1
- सुकवा दुकवा डेम पर हादसा: पैर फिसलने से युवक की मौत तेज बहाव के कारण नही कर पाया कोई नागरिक बचाने की कोशिश... बुंदेलखंड क्षेत्र बबीना के सुकवा दुकवा डेम से एक दुखद खबर सामने आई है। डेम पर पैर फिसलने से एक युवक तेज बहाव वाले पानी में जा गिरा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पानी का बहाव तेज होने के कारण मौके पर मौजूद आम नागरिक चाहकर भी युवक को बचाने में सफल नहीं हो सके। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना ने एक बार फिर डेम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज बहाव के दौरान पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील है कि वे पानी के बेहद नजदीक जाने से बचें और प्रशासन द्वारा लगाए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। हादसे की सूचना मिलते ही संबंधित प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- झांसी में बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बड़ागांव ब्लॉक के हाजीपुरा गांव में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी भरने की वजह से हाजीपुरा समेत तीन गांवों का संपर्क टूट गया है। करीब 7 हजार ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है और लोग गांवों में ही रहने को मजबूर हैं। हालात ये हैं कि ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए पानी से भरे रास्ते को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर बने इन हालातों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द आवागमन की व्यवस्था बहाल कर पानी की समस्या से राहत दिलाई जाए।4