logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बिजली विभाग से संपर्क करने के बावजूद, एक युवक खुद ही बिजली के खंभे पर लाइनमैन बनकर चढ़ गया। इस दौरान उसकी एक छोटी सी गलती एक बड़े हादसे का कारण बन गई, जिसने ज़िंदगी में हमेशा सतर्क रहने की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है।

16 hrs ago
user_Sumit Yadav
Sumit Yadav
हसेरन, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

बिजली विभाग से संपर्क करने के बावजूद, एक युवक खुद ही बिजली के खंभे पर लाइनमैन बनकर चढ़ गया। इस दौरान उसकी एक छोटी सी गलती एक बड़े हादसे का कारण बन गई, जिसने ज़िंदगी में हमेशा सतर्क रहने की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • छिबरामऊ के रहने वाले एक वीर जवान ने सीमा पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए। इस वीर जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे छिबरामऊ में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस हृदय विदारक क्षण में शहीद जवान की मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
    1
    छिबरामऊ के रहने वाले एक वीर जवान ने सीमा पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए। इस वीर जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे छिबरामऊ में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस हृदय विदारक क्षण में शहीद जवान की मां का रो-रोकर बुरा हाल था।
    user_Sumit Yadav
    Sumit Yadav
    हसेरन, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर जनपद में बाल श्रम उन्मूलन और समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के परिणामस्वरूप, बाल श्रम में संलिप्त एक 11 वर्षीय किशोर को मुक्त कराया गया और उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। किशोर का नामांकन प्राथमिक विद्यालय याकूबपुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा पांच में सफलतापूर्वक कराया गया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार स्वयं विद्यालय पहुँचे और उन्होंने नामांकन की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण कराईं। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को बालक को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। विद्यालय में प्रवेश के साथ ही, किशोर को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएँ, जिनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियाँ, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस शामिल हैं, उपलब्ध कराई गईं, ताकि उसकी शिक्षा में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। साथ ही, विद्यालय प्रशासन को उसकी नियमित उपस्थिति, शैक्षिक प्रगति और समुचित मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पहल पर, जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। जिलाधिकारी ने गुरुवार की शाम 5 बजे जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालय से बाहर रहने वाले और बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में नामांकित कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
    1
    जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर जनपद में बाल श्रम उन्मूलन और समग्र शिक्षा अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के परिणामस्वरूप, बाल श्रम में संलिप्त एक 11 वर्षीय किशोर को मुक्त कराया गया और उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। किशोर का नामांकन प्राथमिक विद्यालय याकूबपुर, विकासखंड भाग्यनगर में कक्षा पांच में सफलतापूर्वक कराया गया।

जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार स्वयं विद्यालय पहुँचे और उन्होंने नामांकन की सभी औपचारिकताएँ पूर्ण कराईं। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को बालक को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। विद्यालय में प्रवेश के साथ ही, किशोर को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएँ, जिनमें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियाँ, पेन-पेंसिल और विद्यालयी ड्रेस शामिल हैं, उपलब्ध कराई गईं, ताकि उसकी शिक्षा में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। साथ ही, विद्यालय प्रशासन को उसकी नियमित उपस्थिति, शैक्षिक प्रगति और समुचित मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस पहल पर, जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करना उसका मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। जिलाधिकारी ने गुरुवार की शाम 5 बजे जनपदवासियों से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए, ताकि ऐसे बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालय से बाहर रहने वाले और बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में नामांकित कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
    user_Rohit Awsthi
    Rohit Awsthi
    Local News Reporter बिधूना, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। कथावाचक ब्रजनेश माधव शास्त्री ने इस दौरान सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोताओं की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। पूज्य व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन में उज्जैन स्थित सांदीपनि मुनि के आश्रम में साथ पढ़ते थे और उनमें गहरा स्नेह था। बड़े होने पर सुदामा अत्यंत निर्धन ब्राह्मण बन गए, जिनके पास परिवार के लिए पर्याप्त अन्न भी नहीं था, फिर भी वे संतोषी स्वभाव के थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर, सुदामा अपने बालसखा कृष्ण से मिलने खाली हाथ द्वारका पहुँचे, जहाँ वे फटेहाल अवस्था में थे। संकोचवश सुदामा अपनी पत्नी द्वारा दिए गए मामूली चावल (तंदुल) छिपा रहे थे, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें छीनकर बड़े चाव से खाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा के बिना कुछ माँगे ही उनकी दरिद्रता दूर कर दी, जिसका परिणाम यह हुआ कि जब सुदामा अपने गाँव लौटे, तो उनकी झोपड़ी की जगह एक आलीशान महल बन चुका था। इससे यह सिद्ध होता है कि भगवान अपने भक्त की निस्वार्थ भावना और प्रेम के भूखे होते हैं। परीक्षित मोक्ष पर प्रकाश डालते हुए व्यास जी ने बताया कि शुकदेव जी ने लगातार सात दिनों तक राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया। इन सात दिनों में परीक्षित के मन से संसार का मोह और मृत्यु का भय पूरी तरह समाप्त हो गया। सातवें दिन, शाप के अनुसार तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, लेकिन कथा के प्रभाव और हरि स्मरण के कारण डसते ही उनका शरीर भस्म हो गया। उसी क्षण भगवान विष्णु के पार्षद उन्हें विमान में बिठाकर वैकुण्ठ धाम ले गए। इस समापन अवसर पर मूलचंद्र शर्मा, अर्पित, आदित्य, संजेश, घनश्याम, मानसिंह, महेश, रॉबिन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्रजनेश शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि हरि नाम संकीर्तन और भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।
    1
    कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। कथावाचक ब्रजनेश माधव शास्त्री ने इस दौरान सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोताओं की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। पूज्य व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन में उज्जैन स्थित सांदीपनि मुनि के आश्रम में साथ पढ़ते थे और उनमें गहरा स्नेह था। बड़े होने पर सुदामा अत्यंत निर्धन ब्राह्मण बन गए, जिनके पास परिवार के लिए पर्याप्त अन्न भी नहीं था, फिर भी वे संतोषी स्वभाव के थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर, सुदामा अपने बालसखा कृष्ण से मिलने खाली हाथ द्वारका पहुँचे, जहाँ वे फटेहाल अवस्था में थे। संकोचवश सुदामा अपनी पत्नी द्वारा दिए गए मामूली चावल (तंदुल) छिपा रहे थे, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें छीनकर बड़े चाव से खाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा के बिना कुछ माँगे ही उनकी दरिद्रता दूर कर दी, जिसका परिणाम यह हुआ कि जब सुदामा अपने गाँव लौटे, तो उनकी झोपड़ी की जगह एक आलीशान महल बन चुका था। इससे यह सिद्ध होता है कि भगवान अपने भक्त की निस्वार्थ भावना और प्रेम के भूखे होते हैं।

परीक्षित मोक्ष पर प्रकाश डालते हुए व्यास जी ने बताया कि शुकदेव जी ने लगातार सात दिनों तक राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया। इन सात दिनों में परीक्षित के मन से संसार का मोह और मृत्यु का भय पूरी तरह समाप्त हो गया। सातवें दिन, शाप के अनुसार तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, लेकिन कथा के प्रभाव और हरि स्मरण के कारण डसते ही उनका शरीर भस्म हो गया। उसी क्षण भगवान विष्णु के पार्षद उन्हें विमान में बिठाकर वैकुण्ठ धाम ले गए।

इस समापन अवसर पर मूलचंद्र शर्मा, अर्पित, आदित्य, संजेश, घनश्याम, मानसिंह, महेश, रॉबिन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्रजनेश शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि हरि नाम संकीर्तन और भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।
    user_पत्रकार विकास दीक्षित
    पत्रकार विकास दीक्षित
    Local News Reporter छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ बेहतर रोजगार और ₹12 हजार मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए मजदूरों को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। एक पीड़ित मजदूर ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर लोगों का दिल दहल गया। पीड़ित मजदूर का आरोप है कि उसे और अन्य मजदूरों को दिन में तीन बार चाय और भरपेट भोजन देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी और खाने के नाम पर दिन में केवल एक बार नमक के साथ चोकर की रोटी दी जाती थी। मजदूर ने बताया कि मालिक और उसके सहयोगी उनके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार करते थे, और विरोध करने या काम में थोड़ी भी कमी होने पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी। पीड़ित का आरोप है कि एक बार मालिक ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका कान तक कट गया। मजदूरों को भागने से रोकने के लिए उन पर कुत्तों से निगरानी कराई जाती थी, जिससे डर और यातना के माहौल में वे बंधक बने रहते थे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पीड़ित के अनुसार, एक दिन मालिक किसी शादी समारोह में गया था, तभी मौका देखकर वह किसी तरह वहाँ से भागने में सफल रहा। सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के बाद उसने अपनी दर्दनाक कहानी लोगों को बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मजदूर की दर्दनाक कहानी सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है, और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में मजदूर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
    1
    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ बेहतर रोजगार और ₹12 हजार मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए मजदूरों को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। एक पीड़ित मजदूर ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर लोगों का दिल दहल गया।

पीड़ित मजदूर का आरोप है कि उसे और अन्य मजदूरों को दिन में तीन बार चाय और भरपेट भोजन देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी और खाने के नाम पर दिन में केवल एक बार नमक के साथ चोकर की रोटी दी जाती थी। मजदूर ने बताया कि मालिक और उसके सहयोगी उनके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार करते थे, और विरोध करने या काम में थोड़ी भी कमी होने पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी। पीड़ित का आरोप है कि एक बार मालिक ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका कान तक कट गया।

मजदूरों को भागने से रोकने के लिए उन पर कुत्तों से निगरानी कराई जाती थी, जिससे डर और यातना के माहौल में वे बंधक बने रहते थे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पीड़ित के अनुसार, एक दिन मालिक किसी शादी समारोह में गया था, तभी मौका देखकर वह किसी तरह वहाँ से भागने में सफल रहा। सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के बाद उसने अपनी दर्दनाक कहानी लोगों को बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मजदूर की दर्दनाक कहानी सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है, और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में मजदूर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
    user_राजेन्द्र सिंह धुआँधार
    राजेन्द्र सिंह धुआँधार
    Reporter Kannauj, Uttar Pradesh•
    15 hrs ago
  • औरैया जिले के सदर ब्लॉक क्षेत्र के दासपुर गांव स्थित सरकारी ट्यूबवेल संख्या-172 पर अवैध रूप से लकड़ी काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान अखिलेश ने प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ दबंग लोग बिना किसी अनुमति या नीलामी प्रक्रिया के सरकारी पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रधान ने अयाना थाना प्रभारी जयप्रकाश पाल को दिए शिकायती पत्र में विशेष रूप से शिवकुमार पुत्र श्रीराम और व्यास नारायण पुत्र बाबूराम पर ट्यूबवेल परिसर में खड़े पेड़ों की लकड़ी जबरन कटवाने का आरोप लगाया है। शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान अखिलेश का कहना है कि खुलेआम सरकारी संपत्ति की लूट हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी पेड़ों की कटान के लिए नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, मगर इस मामले में सभी नियमों को ताक पर रखकर तेजी से लकड़ी हटाई जा रही है। प्रधान अखिलेश ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी संसाधनों की यह लूट जारी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए सरकारी संपत्ति की रक्षा को प्रशासन की जिम्मेदारी बताया है, इस मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।
    1
    औरैया जिले के सदर ब्लॉक क्षेत्र के दासपुर गांव स्थित सरकारी ट्यूबवेल संख्या-172 पर अवैध रूप से लकड़ी काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान अखिलेश ने प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ दबंग लोग बिना किसी अनुमति या नीलामी प्रक्रिया के सरकारी पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रधान ने अयाना थाना प्रभारी जयप्रकाश पाल को दिए शिकायती पत्र में विशेष रूप से शिवकुमार पुत्र श्रीराम और व्यास नारायण पुत्र बाबूराम पर ट्यूबवेल परिसर में खड़े पेड़ों की लकड़ी जबरन कटवाने का आरोप लगाया है।

शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्राम प्रधान अखिलेश का कहना है कि खुलेआम सरकारी संपत्ति की लूट हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी पेड़ों की कटान के लिए नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, मगर इस मामले में सभी नियमों को ताक पर रखकर तेजी से लकड़ी हटाई जा रही है। प्रधान अखिलेश ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी संसाधनों की यह लूट जारी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए सरकारी संपत्ति की रक्षा को प्रशासन की जिम्मेदारी बताया है, इस मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है।
    user_कुमार सुनील
    कुमार सुनील
    पत्रकारिता अजीतमाल, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • यह संदेश दिया गया है कि यदि मन में श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो भगवान को मात्र एक रुपये में भी पाया जा सकता है। इस भाव को दर्शाने वाला एक भावुक वीडियो देखने का आह्वान किया गया है।
    1
    यह संदेश दिया गया है कि यदि मन में श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो भगवान को मात्र एक रुपये में भी पाया जा सकता है। इस भाव को दर्शाने वाला एक भावुक वीडियो देखने का आह्वान किया गया है।
    user_Kanhaiya lal
    Kanhaiya lal
    Doctor भरथना, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक बड़ा अग्निकांड सामने आया है। लाला मोटर्स के शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसके चलते पूरा शोरूम जलकर राख हो गया।
    1
    कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक बड़ा अग्निकांड सामने आया है। लाला मोटर्स के शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसके चलते पूरा शोरूम जलकर राख हो गया।
    user_Sahil kumar
    Sahil kumar
    छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.