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झारखंड में दो मासूमों के हत्यारे को 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया है। पुलिस की कार्रवाई इतनी सख्त थी कि आरोपी को 'पैरों पर चलने लायक नहीं छोड़ा गया'। इस घटना के बाद से, आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग और भी तेज़ हो गई है।
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झारखंड में दो मासूमों के हत्यारे को 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया है। पुलिस की कार्रवाई इतनी सख्त थी कि आरोपी को 'पैरों पर चलने लायक नहीं छोड़ा गया'। इस घटना के बाद से, आरोपी को फांसी दिए जाने की मांग और भी तेज़ हो गई है।
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- हजारीबाग के विभिन्न थाना परिसर में एसआईएस लिमिटेड कंपनी द्वारा सुरक्षा जवान के पद पर सीधी और स्थाई नियुक्तियां की जा रही हैं। इस अवसर पर युवाओं को 65 वर्षों तक स्थाई नौकरी का लाभ मिलेगा, जिसके साथ सरकारी सुविधाओं जैसी कई अन्य लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। इन सुविधाओं में भविष्य निधि (PF), चिकित्सा (MEDICAL), ग्रेच्युटी (GRATUITY), पेंशन (PENSION), बीमा (INSURANCE), बोनस (BONUS), सेवा और स्कूल सुविधा (SCHOOL FECILITY) शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए 9800089697 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद, एक महत्वपूर्ण फैसले पर अब सोमवार को सुनवाई या निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, लोगों में यह आशंका भी बनी हुई है कि कहीं इस बार भी कोई नया बहाना सामने न आ जाए, जिससे इंतजार और बढ़ जाए।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर में नियमों की घोर अनदेखी और स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से चल रहे एक अवैध अस्पताल में भीषण आग लगने से कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अनेक लोग झुलसकर घायल हुए हैं। इस दुखद और गंभीर घटना के बावजूद, स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने अपनी जवाबदेही से मुँह मोड़ते हुए, बिना कोई संवेदना व्यक्त किए, दोषियों पर कार्रवाई की बात किए बिना और घटना स्थल का दौरा किए बिना ही, हाथ जोड़कर और मुस्कुराते हुए गर्मी में दिल्ली घूमने निकल गए। जनता का आरोप है कि मंत्री का यह आचरण और व्यवहार बेहद शर्मनाक है। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या बिहार को ऐसे असंवेदनशील स्वास्थ्य मंत्री की आवश्यकता है, और क्या ऐसा मंत्री वास्तव में राज्य का नेतृत्व कर सकता है?1
- कोडरमा में जमीनी विवाद के चलते विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी चालक राजकुमार यादव की हत्या हो जाने के बाद क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। इस घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को कोडरमा थाना के सामने मुख्य सड़क को लगभग दो घंटे तक जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने हत्या में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों तथा ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सड़क जाम खत्म किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इधर, परिजनों और ग्रामीणों ने कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं और उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि यदि पहले की शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो इस घटना को टाला जा सकता था। सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरीय अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है और परिजनों को यह आश्वासन दिया गया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- कोडरमा में भाजपा विधायक नीरा यादव के निजी चालक श्री राजकुमार यादव की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बीती रात करीब 9:30 बजे चितरपुर निवासी राजकुमार यादव, जो विधायक के निजी सहायक और निजी चालक के रूप में कार्यरत थे, की हत्या कर दी गई। इस जघन्य घटना में उनके पिताजी, मां और पुत्री भी घायल हो गए हैं, जिनमें पिताजी की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। विधायक के अनुसार, शाम को भी आरोपियों ने राजकुमार की मां को एक गड्ढे में डालकर मिट्टी से भरकर दफनाने का प्रयास किया था। विधायक नीरा यादव ने बताया कि उन्होंने शाम को ही कोडरमा थाना प्रभारी को फोन कर मामले में तुरंत कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और इसी के परिणामस्वरूप इस घटना को अंजाम दे दिया गया। उन्होंने पूरे मामले में कोडरमा थाना प्रभारी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए पुलिस प्रशासन के रवैये को अत्यंत निराशाजनक करार दिया है। यह घटना राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर करती है।1
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