अखिल भारतीय साहित्य परिषद की विचार गोष्ठी आयोजित, आगामी कार्यक्रमों पर मंथन धौलपुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से शनिवार शाम एबीएम कॉन्वेंट स्कूल, घंटाघर रोड स्थित परिसर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश भार्गव ने की। गोष्ठी में परिषद द्वारा गत वर्षों में आयोजित साहित्यिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी तीन वर्षों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही 30 एवं 31 मई को कोटा में होने वाले प्रांतीय अधिवेशन में जिले से आठ साहित्यकारों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश भार्गव ने साहित्यकारों से केवल कविता लेखन तक सीमित न रहकर कहानी, उपन्यास, निबंध तथा अन्य साहित्यिक विधाओं में भी सक्रिय लेखन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिषद के तीन प्रमुख कार्यक्रम—नववर्ष की पूर्व संध्या, गुरुपूर्णिमा एवं वाल्मीकि जयंती—प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने चाहिए तथा प्रत्येक आयोजन में किसी विद्वान वक्ता का उद्बोधन भी होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि साहित्यकारों की रचनाओं पर समय-समय पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आमजन उनके लेखन और विचारों से परिचित हो सकें। सदस्यता विस्तार पर उन्होंने कहा कि परिषद से ऐसे लोगों को ही जोड़ा जाए, जिनकी साहित्य में रुचि हो तथा जो संगठन की विचारधारा से सहमत हों। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब पूरे जिले में परिषद की एक ही इकाई कार्य करेगी, जिसमें सभी ब्लॉकों के सदस्य शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में वीरेंद्र कुमार त्यागी, विकल फर्रूखाबादी, राजवीर सिंह क्रांति, मनोज सिंघल ‘बेचैन’, मुन्नालाल मंगल, सत्यदेव चंसोरिया, राधेश्याम गोयल, श्योराव सिंह, अनसुईया, रजनी शर्मा ‘मृदुल’, गोविंद पटवारी, प्रेम प्रसून, राजेश कुमार शर्मा, आनंद कुमार एवं बृजवासी सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे। अंत में परिषद के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार त्यागी ने सभी अतिथियों एवं साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद की विचार गोष्ठी आयोजित, आगामी कार्यक्रमों पर मंथन धौलपुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से शनिवार शाम एबीएम कॉन्वेंट स्कूल, घंटाघर रोड स्थित परिसर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश भार्गव ने की। गोष्ठी में परिषद द्वारा गत वर्षों में आयोजित साहित्यिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी तीन वर्षों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही 30 एवं 31 मई को कोटा में होने वाले प्रांतीय अधिवेशन में जिले से आठ साहित्यकारों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश भार्गव ने साहित्यकारों से केवल कविता लेखन तक सीमित न रहकर कहानी, उपन्यास, निबंध तथा अन्य साहित्यिक विधाओं में भी सक्रिय लेखन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिषद के तीन प्रमुख कार्यक्रम—नववर्ष की पूर्व संध्या, गुरुपूर्णिमा एवं वाल्मीकि जयंती—प्रतिवर्ष आयोजित किए
जाने चाहिए तथा प्रत्येक आयोजन में किसी विद्वान वक्ता का उद्बोधन भी होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि साहित्यकारों की रचनाओं पर समय-समय पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आमजन उनके लेखन और विचारों से परिचित हो सकें। सदस्यता विस्तार पर उन्होंने कहा कि परिषद से ऐसे लोगों को ही जोड़ा जाए, जिनकी साहित्य में रुचि हो तथा जो संगठन की विचारधारा से सहमत हों। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब पूरे जिले में परिषद की एक ही इकाई कार्य करेगी, जिसमें सभी ब्लॉकों के सदस्य शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में वीरेंद्र कुमार त्यागी, विकल फर्रूखाबादी, राजवीर सिंह क्रांति, मनोज सिंघल ‘बेचैन’, मुन्नालाल मंगल, सत्यदेव चंसोरिया, राधेश्याम गोयल, श्योराव सिंह, अनसुईया, रजनी शर्मा ‘मृदुल’, गोविंद पटवारी, प्रेम प्रसून, राजेश कुमार शर्मा, आनंद कुमार एवं बृजवासी सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे। अंत में परिषद के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार त्यागी ने सभी अतिथियों एवं साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।
- धौलपुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से शनिवार शाम एबीएम कॉन्वेंट स्कूल, घंटाघर रोड स्थित परिसर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश भार्गव ने की। गोष्ठी में परिषद द्वारा गत वर्षों में आयोजित साहित्यिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी तीन वर्षों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही 30 एवं 31 मई को कोटा में होने वाले प्रांतीय अधिवेशन में जिले से आठ साहित्यकारों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। प्रांतीय अध्यक्ष ओम प्रकाश भार्गव ने साहित्यकारों से केवल कविता लेखन तक सीमित न रहकर कहानी, उपन्यास, निबंध तथा अन्य साहित्यिक विधाओं में भी सक्रिय लेखन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिषद के तीन प्रमुख कार्यक्रम—नववर्ष की पूर्व संध्या, गुरुपूर्णिमा एवं वाल्मीकि जयंती—प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने चाहिए तथा प्रत्येक आयोजन में किसी विद्वान वक्ता का उद्बोधन भी होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि साहित्यकारों की रचनाओं पर समय-समय पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आमजन उनके लेखन और विचारों से परिचित हो सकें। सदस्यता विस्तार पर उन्होंने कहा कि परिषद से ऐसे लोगों को ही जोड़ा जाए, जिनकी साहित्य में रुचि हो तथा जो संगठन की विचारधारा से सहमत हों। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब पूरे जिले में परिषद की एक ही इकाई कार्य करेगी, जिसमें सभी ब्लॉकों के सदस्य शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में वीरेंद्र कुमार त्यागी, विकल फर्रूखाबादी, राजवीर सिंह क्रांति, मनोज सिंघल ‘बेचैन’, मुन्नालाल मंगल, सत्यदेव चंसोरिया, राधेश्याम गोयल, श्योराव सिंह, अनसुईया, रजनी शर्मा ‘मृदुल’, गोविंद पटवारी, प्रेम प्रसून, राजेश कुमार शर्मा, आनंद कुमार एवं बृजवासी सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे। अंत में परिषद के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार त्यागी ने सभी अतिथियों एवं साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।2
- जगनेर की कान्हा गौशाला में गए भूखी प्यासी बिना भूसा के बंधक बनाकर रखा जा रहा था इसका वीडियो वायरल होने पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं हो पा रही1
- ‘जलदूत’ योजना के तहत अब DTC बसों में यात्रियों को मिलेगा मुफ्त पीने का पानी, सफर होगा और भी आसान, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए। अब हर सफर मे साथ होगा राहत सुविधामुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के अव नेतृत्व में शुरू हुई यह पहल सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन की मिसाल है। *अब हर सफर में साथ होगा, राहत, सुविधा और भरोसा। 💧🚌*1
- साईड विलम्ब से देने पर, मामूली नोंक-झोंक को दे दिया जातिगत रूप का विवाद, पीड़ित तीनों युवा नाबालिग व बाइक से दावत खाकर जा रहे थे अपने गांव अंबाह में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश सवर्ण, अन्य पिछड़ा वर्ग व क्षत्रिय महासभा, करणी सेना ने निष्पक्ष जांच हेतु एसडीओपी को सौंपा ज्ञापन। अंबाह। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फेमस होने के चक्कर में और अपने समाज का सबसे बड़ा शुभचिंतक व मसीहा बनने के चक्कर में आजकल लोग छोटे-मोटे रास्तों के झगड़ों को जातिगत रूप देकर पेश करते हैं जिससे आपसी भाईचारा बिगड़ सकता है, झूठे तथ्यों को आधार बनाकर के बच्चों को भी अब इसका शिकार बनाया जा रहा है । ताजा मामला विगत दो दिवस पूर्व अंबाह के लेन रोड पर घटित मामूली सी बात जिसमें बाइक सवार जा रहे की नाबालिक युवाओं को पीछे से कार में बैठे कोई बसपा नेता ने होर्न दिया तो बाइक पर जा रहा है बच्चों ने उन्हें जगह मिलने पर साईड दी लेकिन यह बात गाड़ी में बैठे अपने आप को नेता समझने वाले लोगों को नागवार गुजरी और उन्होंने आगे चलकर बाइक के आगे अपनी गाड़ी अड़ाकर तीनों लड़कों की मारपीट कर दी अपने आप को बसपा का नेता और भीम आर्मी का कार्यकर्ता बताने वाले मायाराम सखवार ने झूठा वीडियो बनाकर और उसको जातिगत रूप का मुद्दा बनाकर , हमें जातिगत गालियां दी गई है जिसको कूट रचित व षड्यंत्र से थाने में अपने 20-30लोगों को इकट्ठा कर एफआईआर दर्ज करा दी । और सोशल मीडिया पर मुद्दे को बढ़ाने और अपने समाज की झूठी वाहवाही बटोरने के चक्कर में , दोहरी रोड़ पर हूए मूर्ति विवाद से जोड़ कर ,, कूट रचित कहानी व षड्यंत्र रचते हुए कि,,,,, इस लिए हमारी गाड़ी को घेर कर हमारे साथ मारपीट की जबकि दोनों ही विषय अलग-अलग हैं और दूर दूर तक इनका कोई वास्ता नहीं है सोमवार को सवर्ण समाज , अन्य पिछड़ा वर्ग व क्षत्रिय महासभा,करणी सेना ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसडीओपी अंबाह को ज्ञापन सौंपा जहां पर सैकड़ो की संख्या में समाज के शुभ चिंतक व समाजसेवी जन मौजूद रहे। और यह संदेश दिया कि समाज में वैमनस्यता और सौहार्द बिगड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई व निष्पक्ष जांच हो1
- अंबाह शहर भर सफाई कर्मचारियों द्वारा जगह-जगह कचरा को जलाकर प्रदूषण फैलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है लोगों की स्वास्थ्य के साथ करार करने में नगर पालिका पीछे नहीं है रही चौराहे हो या गली सफाई कर्मचारियों द्वारा कचरे को एक जगह इकट्ठा कर उसमें आग लगा दी जाती है जिससे प्रदूषण फैलता है और वातावरण दूषित तो हो रहा है1
- *ब्रेकिंग* *जितेंद्र यादव पुत्र रामेश्वर यादव निवासी इंगुई थाना असवार की संदिग्ध परिस्थितियों में इलाज के दौरान हुई मौत से गुस्साए परिजनों ने असवार थाने के सामने लगाया जाम परिवार की पुलिस अधीक्षक महोदय से निष्पक्ष जांच की मांग*1
- बाड़ी। भारतीय जनता पार्टी के बाड़ी शहर मंडल की संगठनात्मक एवं मासिक बैठक शनिवार को भाजपा कार्यालय बाड़ी में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष वंदना शिवहरे ने की। मुख्य अतिथि भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री राज बहादुर मीणा रहे, जबकि प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सरवन वर्मा, जिला महामंत्री अनिल गोयल, मंडल प्रभारी बृजराज सिंह परमार और सह प्रभारी रामू शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सरवन वर्मा ने कार्यकर्ताओं से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जनता की समस्याओं को एकजुट होकर अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह बने। प्रदेश महामंत्री राज बहादुर मीणा ने कहा कि भाजपा को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने में प्रत्येक कार्यकर्ता की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है और उसे पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। जिला महामंत्री अनिल गोयल ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। मंडल प्रभारी बृजराज सिंह परमार ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। अंत में मंडल अध्यक्ष वंदना शिवहरे ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए जनता के कार्यों के प्रति संवेदनशील रहने की बात कही। बैठक में धनंजय शर्मा, रामकुमार कुशवाह, नरेश यादव, महेश कुशवाह, सुनील बंसल, नितिन शर्मा, श्रीनिवास मित्तल, सतीश प्रजापति, बीएल प्रजापति, देव परासर, शिप्रा गर्ग, नाजिया खान, अनीता सिंघल, केशर देवी, सुमन मंगल, प्रदीप भारद्वाज, दीनदयाल कोली, मनोज कोली, किशोरी भटेले, गोपाल कुशवाह, आदित्य मित्तल, दीपक गोयल, सतीश मंगल, मोहन मंगल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच संचालन धनंजय शर्मा ने किया।3
- शहर के वार्ड नंबर 1 के अंबेडकर कॉलोनी और माधव नन्द कॉलोनी में एक बार फिर टोरेंट पावर की लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां टोरेंट पावर के कार्य के दौरान जलदाय विभाग की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन टूटने से लाखों लीटर पानी सड़कों पर बह गया, जिससे न केवल पानी की भारी बर्बादी हुई बल्कि आसपास के क्षेत्रों में जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। जिससे कॉलोनी वासियों को पानी न मिलने के कारण परेशान होना पड़ा। गुस्साए कॉलोनी वासियों ने टोरंट पावर और नगर परिषद मुर्दाबाद के नारे लगाए1
- *गंगा फिर से सांस ले रही है… और इसके साथ लौट रही है जिंदगी 🐬* जब नदी साफ होती है, तो प्रकृति खुद जश्न मनाती है। गंगा डॉल्फिन्स की बढ़ती संख्या इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि नमामि गंगे सिर्फ एक योजना नहीं, एक क्रांति है। Project Dolphin और देश की पहली Dolphin Rescue Ambulance… यही है नए भारत की सोच, जहां विकास के साथ-साथ प्रकृति भी सुरक्षित है। *"टाइगर ऑफ गंगा" लौट रही हैं, और यह सिर्फ शुरुआत है।*1