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शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को एक महिला के साथ जेवर ठगी की घटना सामने आई है। ग्राम खेड़ा पहाड़ की निवासी कैलाशबाई बंजारा साप्ताहिक हाट बाजार आई थीं, तभी दो अज्ञात युवकों ने उन पर स्प्रे छिड़क दिया। पीड़िता कैलाशबाई बंजारा के अनुसार, स्प्रे के प्रभाव से उन्हें चक्कर आने लगे, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने बातों में उलझाकर उनकी सोने की नथ और मंगलसूत्र लेकर फरार हो गए। होश में आने पर महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मामले की जांच में जुट गई है।
सत्य एक्सप्रेस न्यूज
शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को एक महिला के साथ जेवर ठगी की घटना सामने आई है। ग्राम खेड़ा पहाड़ की निवासी कैलाशबाई बंजारा साप्ताहिक हाट बाजार आई थीं, तभी दो अज्ञात युवकों ने उन पर स्प्रे छिड़क दिया। पीड़िता कैलाशबाई बंजारा के अनुसार, स्प्रे के प्रभाव से उन्हें चक्कर आने लगे, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने बातों में उलझाकर उनकी सोने की नथ और मंगलसूत्र लेकर फरार हो गए। होश में आने पर महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मामले की जांच में जुट गई है।
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- मोहन बड़ोदिया और मोहना सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस मानसून की पहली अच्छी बारिश होने से किसानों तथा ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को आखिरकार राहत मिली। क्षेत्र में हुई इस झमाझम वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुँच गई है, जिससे खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद क्षेत्र के नदी-नालों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी की आवक शुरू हो गई है। हालांकि नदी-नाले अभी पूरी तरह भरे नहीं हैं, लेकिन उनमें पानी आने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। लंबे समय बाद प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी दिखाई देने से लोगों में उत्साह का माहौल है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों द्वारा सोयाबीन, मक्का, उड़द एवं अन्य खरीफ फसलों की बुआई पहले ही पूरी कर ली गई थी। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलने के साथ ही उनकी बढ़वार में तेजी आने की संभावना है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित अंतराल पर अच्छी बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। बारिश के कारण मौसम भी सुहावना हो गया है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली है। वहीं, खेतों में हरियाली बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीण अंचल का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है। कृषि से जुड़े लोगों का मानना है कि मानसून की यह शुरुआत खेती के लिए शुभ संकेत है। यदि आगे भी इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो किसानों की मेहनत रंग लाएगी और खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।1
- संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज और नवदीक्षित मुनि श्री सहजानंद सागर जी महाराज ससंघ का शनिवार प्रातः तेज बारिश के बीच आष्टा नगर में मंगल प्रवेश हुआ। कन्नौद रोड स्थित कृषि उपज मंडी गेट से शुरू हुए इस भव्य प्रवेश में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। झमाझम वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय और भक्तिमय हो उठा। मंगल प्रवेश के बाद पूज्य मुनि संघ की आहारचर्या किला मंदिर से संपन्न हुई। इसके बाद श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, गंज में आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री मार्दव सागर जी महाराज ने प्रेरणादायी आशीर्वचन प्रदान किए। समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने यह जानकारी दी। मुनि श्री ने धर्म, संस्कार, स्वाध्याय, संयम और बच्चों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए, विशेष रूप से माता-पिता को बाल्यकाल से ही बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने आशीर्वचनों में मुनि श्री ने कहा कि बच्चों को संस्कार, धर्म और अध्ययन की ओर प्रेरित करना चाहिए, न कि छोटी उम्र में मोबाइल फोन देकर उनके जीवन और भविष्य को खराब करना। उन्होंने बताया कि मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक विकास में बाधा बन रही है। मुनि श्री ने नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़कर समाज का भविष्य उज्ज्वल करने, धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन, गुरुओं का सान्निध्य और श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने मानव मात्र के प्रति दया, प्रेम और सौहार्द रखने, आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ाने तथा धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर व्यवहार में भी उतारने का आह्वान किया। त्याग, तपस्या और संयम को आत्मकल्याण का मार्ग बताते हुए, उन्होंने इंद्रियों को वश में कर संयमपूर्वक जीवन जीने की बात कही। मुनि श्री ने जैन समाज द्वारा अपने महत्वपूर्ण तीर्थ क्षेत्रों पर अपेक्षित ध्यान न दिए जाने पर चिंता व्यक्त की, जिससे कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल समाज के हाथों से निकलते जा रहे हैं। उन्होंने तीर्थों, मंदिरों और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वाध्याय के महत्व को पूजा-पाठ से भी अधिक बताते हुए, उन्होंने कहा कि धर्मग्रंथों के अध्ययन से ही धर्म का वास्तविक स्वरूप समझ आता है और बिना ज्ञान के श्रद्धा अधूरी रहती है। उन्होंने महापुराण सहित अन्य जैन ग्रंथों के नियमित अध्ययन और जिनवाणी के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी। णमोकार महामंत्र को अनंत शक्तियों का स्रोत बताते हुए, मुनि श्री ने इसके नियमित जाप पर जोर दिया और कई लोगों को इसके सही उच्चारण का ज्ञान न होने पर चिंता जताई। उन्होंने समाज से बच्चों और युवाओं को धर्म की मूल शिक्षाओं से जोड़ने का आग्रह किया। मुनि श्री ने कहा कि जैन धर्म प्राप्त होना अत्यंत दुर्लभ है और इस मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए निरंतर श्रवण, स्वाध्याय, साधना और धर्मचिंतन करते रहना चाहिए। तीर्थंकर भगवान के जीवन से प्रेरणा लेने और आत्मा की पहचान करने का प्रयास करने का संदेश देते हुए, उन्होंने गुरु, शास्त्र और देव के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखने की बात कही। अंत में, मुनि श्री ने समाजजनों से भगवान की यात्रा, रथयात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों और साधु-संतों के आगमन पर सभी कार्य छोड़कर सहभागिता करने का आह्वान किया, क्योंकि जैन धर्म की प्रभावना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। मुनि संघ के मंगल प्रवेश और आशीर्वचनों से संपूर्ण नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया।1
- दतिया में जनसंपर्क के दौरान, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक गंभीर सड़क दुर्घटना होते देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाया। उन्होंने बिना देर किए घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, ताकि उन्हें शीघ्र उपचार मिल सके। डॉ. मिश्रा ने अपने एक कार्यकर्ता को मौके पर ही रहकर उपचार के समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उनकी इस त्वरित संवेदनशीलता और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।2
- शाजापुर में गौरक्षा सेना के युवाओं ने सच्ची सेवा और इंसानियत का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए एक ही दिन में शहर के पाँच अलग-अलग स्थानों पर घायल और गंभीर रूप से बीमार गोवंशों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया। संस्था के इस मैराथन सेवा अभियान की शुरुआत रविवार सुबह लगभग 9 बजे विजय नगर क्षेत्र से हुई, जहाँ सांदीपनि ज्ञानपीठ स्कूल के सामने आवारा कुत्तों द्वारा घायल किए गए एक गोवंश की सूचना पर नगर महासचिव हर्षित परमार की टीम ने तुरंत उपचार कर उसकी जान बचाई। इसके बाद, टावर के सामने काशी विश्वनाथ मंदिर के पास एक नंदी महाराज टाइल्स पर फिसलने से चोटिल होकर रात भर से उठ नहीं पा रहे थे; भूपेंद्र सहगल की सूचना पर धर्मेंद्र शर्मा, हर्षित परमार, अक्षय गुर्जर, प्रतीक सक्सेना, शिवम बिरथरे और प्रीतम चौहान की टीम ने रस्सियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के बाद पैरों पर खड़ा किया। सेवा का यह सिलसिला आदित्य नगर में भी जारी रहा, जहाँ काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने वाली गली में दो दिन से बीमार पड़ी एक गाय का प्रतीक सक्सेना और उनकी टीम ने इलाज किया। चौथी घटना लालघाटी स्थित होंडा शोरूम के पास चित्तौड़ मार्बल एवं टाइल्स गोदाम पर सामने आई, जहाँ पिछले दिन सुबह से उठने में असमर्थ बैठे एक नंदी को धर्मेंद्र शर्मा की टीम ने अथक प्रयासों से खड़ा किया। इसी क्रम में, पाँचवें मामले में नीमवाड़ी स्थित भैरू महाराज मंदिर के सामने शरीर से लगातार खून बहने वाली एक गाय को अंकित शर्मा की टीम ने तत्काल उपचार देकर दर्द से राहत दिलाई। गौरक्षा सेना शाजापुर ने एक ही दिन में पाँच गोवंशों की जान बचाकर अपने सेवा संकल्प के प्रति दृढ़ता साबित की है। संस्था के सदस्यों ने बताया कि वे साल के 365 दिन और 24 घंटे गोवंश सहित अन्य मूक प्राणियों की रक्षा व सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई गोवंश या बेजुबान जानवर घायल, बीमार या संकट में दिखे तो तुरंत गौरक्षा सेना को सूचित करें, ताकि समय रहते उनका उपचार कर प्राण बचाए जा सकें।10
- श्री हिन्दू उत्सव समिति (63) की एक बैठक संपन्न हुई है, जिसमें समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मूर्तिकारों को कड़ी चेतावनी दी है। समिति ने स्पष्ट कहा है कि यदि गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव से पहले AI पैटर्न की प्रतिमाओं का निर्माण किया जाता है, तो संबंधित मूर्तिकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। समिति ने सभी गणेश उत्सव एवं दुर्गा उत्सव समितियों से यह अपील भी की है कि वे केवल पौराणिक स्वरूप की प्रतिमाएं ही विराजमान करें और AI आधारित प्रतिमाओं से बचें, ताकि धार्मिक भावनाओं एवं परंपराओं का सम्मान बना रहे।1
- शाजापुर में गौरक्षा सेना के सदस्यों ने एक ही दिन में शहर के पाँच अलग-अलग स्थानों पर घायल और बीमार गोवंशों का उपचार कर सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्था के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए कई गोवंशों को नया जीवन प्रदान किया। पहली घटना विजय नगर स्थित सांदीपनि ज्ञानपीठ स्कूल के सामने गली में हुई, जहाँ सुबह लगभग 9 बजे नगर महासचिव हर्षित परमार को आवारा कुत्तों द्वारा एक गोवंश को घायल करने की सूचना मिली। गौरक्षा सेना के सदस्यों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर गोवंश का उचित उपचार किया। दूसरी घटना में, भूपेंद्र जी सहगल ने धर्मेन्द्र शर्मा को टावर के सामने काशी विश्वनाथ मंदिर के पास एक घर में नंदी महाराज के रात से बैठे होने और टाइल्स पर फिसलने से पैर में चोट लगने के कारण खड़े न हो पाने की जानकारी दी। हर्षित परमार, अक्षय गुर्जर, प्रतीक सक्सेना, शिवम बिरथरे और प्रीतम चौहान ने मौके पर पहुंचकर रस्सी की सहायता से नंदी महाराज को सुरक्षित बाहर निकाला, उपचार किया और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पुनः खड़ा करने में सफलता पाई। तीसरी घटना आदित्य नगर, काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने वाली गली में सामने आई, जहाँ प्रतीक सक्सेना को दो दिन से बीमार पड़ी एक गाय की सूचना मिली, जिस पर सभी सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर उपचार किया। चौथी घटना लालघाटी स्थित होंडा शोरूम के पास चित्तौड़ मार्बल एवं टाइल्स गोदाम की है, जहाँ एक नंदी पिछले दिन सुबह से बैठा हुआ था। धर्मेन्द्र शर्मा को सूचना मिलने पर रविवार दोपहर 1 बजे के करीब गौरक्षा सेना के सदस्य मौके पर पहुंचे और अथक प्रयास व उपचार के बाद नंदी को सफलतापूर्वक खड़ा किया। पाँचवीं घटना निमवाड़ी में भैरू महाराज मंदिर के सामने की थी, जहाँ अंकित शर्मा को एक गाय के शरीर से खून निकलने की सूचना मिली। सदस्यों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर गाय का तत्काल उपचार कर उसे राहत प्रदान की। गौरक्षा सेना शाजापुर ने कहा है कि संस्था के सदस्य 365 दिन, 24 घंटे गोवंश और अन्य मूक प्राणियों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। संस्था ने आमजन से भी अपील की है कि कहीं भी कोई गोवंश घायल, बीमार अथवा संकट में दिखाई दे तो तत्काल गौरक्षा सेना को सूचना दें, ताकि समय रहते उसकी सेवा और उपचार किया जा सके।1
- ब्राज़ील को मिली हार के बाद, फुटबॉलर नेमार ने एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। यह महत्वपूर्ण फैसला आगामी वर्ल्ड कप 2026 के संबंध में लिया गया है, और इससे जुड़ी नवीनतम जानकारी अब सामने आई है।1
- ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 विश्व कप 2026 का खिताब रिकॉर्ड सातवीं बार अपने नाम कर लिया है। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 150 रन पर 4 विकेट बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17.1 ओवर में ही 153 रन पर 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 17 गेंदें शेष रहते आसान जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया की ओर से बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रन की मैच विजेता पारी खेली, जबकि फोएबे लिचफील्ड ने भी 48 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। बेथ मूनी को उनकी इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और पूरे टूर्नामेंट में कुल 238 रन बनाने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी मिला। इस जीत के साथ, एलिसे पेरी ने अपने करियर का नौवां आईसीसी खिताब जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। यह महिला टी20 विश्व कप के कुल 10 संस्करणों में ऑस्ट्रेलिया का सातवां खिताब है, जिसने एक बार फिर महिला क्रिकेट में अपनी बादशाहत और असाधारण प्रभुत्व को साबित किया है।1
- मुंबई में हुई भारी बारिश ने कहर बरपाया है, जिसके कारण एक तीन मंजिला चॉल ढह गई। इस हृदयविदारक घटना में एक ही परिवार के सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।1